महिला सशक्तिकरण MCQ | UP PGT Exam Practice Questions with Answers

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महिला सशक्तिकरण - UP PGT Level MCQ

Noble Exam City | Prepared by: S.K. Kushwaha

SECTION-A : आधारभूत अवधारणाएँ | 300+ महत्वपूर्ण प्रश्न

संदर्भ स्रोत: United Nations SDG-5, UN Gender Equality, PIB, DAY-NRLM और महिला सशक्तिकरण से संबंधित प्रमाणिक सरकारी/अंतरराष्ट्रीय स्रोतों के आधार पर प्रश्न तैयार किए गए हैं।

महिला सशक्तिकरण : ऐतिहासिक विकास - UP PGT Level MCQ

Noble Exam City | Prepared by: S.K. Kushwaha

SECTION-B : वैदिक काल से आधुनिक समाज सुधार आंदोलन तक

संदर्भ स्रोत: भारतीय इतिहास के प्रमाणिक मानक स्रोत, Legislative Department, Dr. Ambedkar Foundation, सामाजिक सुधार आंदोलन और महिला अधिकारों से संबंधित विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर प्रश्न तैयार किए गए हैं।
SECTION-C : संविधान एवं संवैधानिक प्रावधान
Q96. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 किससे संबंधित है?
A. कानून के समक्ष समानता से
B. धार्मिक स्वतंत्रता से
C. संपत्ति के अधिकार से
D. नागरिक कर्तव्यों से
उत्तर: A. कानून के समक्ष समानता से
अनुच्छेद 14 राज्य को किसी भी व्यक्ति को कानून के समक्ष समानता या कानूनों के समान संरक्षण से वंचित करने से रोकता है। यह समानता के अधिकार का सबसे व्यापक आधार है। महिला सशक्तिकरण में यह संवैधानिक समानता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Q97. अनुच्छेद 14 में प्रयुक्त “Equality Before Law” की अवधारणा किस देश से ली गई है?
A. ब्रिटेन से
B. अमेरिका से
C. फ्रांस से
D. जापान से
उत्तर: A. ब्रिटेन से
Equality Before Law की अवधारणा ब्रिटिश विधि परंपरा से संबंधित है। इसका अर्थ है कि कानून के सामने सभी व्यक्ति समान हैं। महिलाओं के संदर्भ में यह सिद्धांत लिंग आधारित विशेषाधिकार या भेदभाव को अस्वीकार करता है।
Q98. “Equal Protection of Laws” की अवधारणा किस देश के संविधान से ली गई है?
A. संयुक्त राज्य अमेरिका से
B. ब्रिटेन से
C. रूस से
D. आयरलैंड से
उत्तर: A. संयुक्त राज्य अमेरिका से
Equal Protection of Laws अमेरिकी संविधान से प्रेरित अवधारणा है। इसका अर्थ है समान परिस्थितियों में समान कानूनी संरक्षण मिलना। महिला सशक्तिकरण में यह सिद्धांत राज्य को समान संरक्षण देने की दिशा में बाध्य करता है।
Q99. महिला सशक्तिकरण का मूल संवैधानिक आधार कौन-सा अनुच्छेद माना जाता है?
A. अनुच्छेद 14
B. अनुच्छेद 352
C. अनुच्छेद 360
D. अनुच्छेद 370
उत्तर: A. अनुच्छेद 14
अनुच्छेद 14 समानता का मूल संवैधानिक आधार है। महिलाओं के लिए समान अधिकार और समान संरक्षण इसी सिद्धांत से मजबूत होते हैं। इसलिए महिला सशक्तिकरण की संवैधानिक चर्चा में अनुच्छेद 14 केंद्रीय महत्व रखता है।
Q100. अनुच्छेद 14 भारतीय संविधान के किस भाग में स्थित है?
A. भाग-III में
B. भाग-IV में
C. भाग-IV A में
D. भाग-V में
उत्तर: A. भाग-III में
अनुच्छेद 14 भारतीय संविधान के भाग-III में स्थित है। भाग-III मौलिक अधिकारों से संबंधित है। इसलिए अनुच्छेद 14 न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय समानता का अधिकार प्रदान करता है।
Q101. अनुच्छेद 15 किस प्रकार के भेदभाव को निषिद्ध करता है?
A. धर्म, जाति, लिंग, जन्मस्थान आदि के आधार पर भेदभाव को
B. केवल आय के आधार पर
C. केवल भाषा के आधार पर
D. केवल शिक्षा के आधार पर
उत्तर: A. धर्म, जाति, लिंग, जन्मस्थान आदि के आधार पर भेदभाव को
अनुच्छेद 15 राज्य को धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव करने से रोकता है। लिंग के आधार पर भेदभाव निषिद्ध होने से महिलाओं को संवैधानिक सुरक्षा मिलती है। यह सामाजिक समानता का महत्वपूर्ण आधार है।
Q102. महिलाओं एवं बच्चों के हित में विशेष प्रावधान बनाने की अनुमति किस अनुच्छेद में दी गई है?
A. अनुच्छेद 15(3)
B. अनुच्छेद 19
C. अनुच्छेद 20
D. अनुच्छेद 51
उत्तर: A. अनुच्छेद 15(3)
अनुच्छेद 15(3) राज्य को महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान बनाने की अनुमति देता है। यह सकारात्मक भेदभाव का संवैधानिक आधार है। महिला आरक्षण, संरक्षण और कल्याणकारी योजनाओं को इससे वैधता मिलती है।
Q103. अनुच्छेद 15 भारतीय संविधान के किस अधिकार से संबंधित है?
A. समानता के अधिकार से
B. धार्मिक स्वतंत्रता से
C. शिक्षा के अधिकार से
D. संवैधानिक उपचार से
उत्तर: A. समानता के अधिकार से
अनुच्छेद 15 समानता के अधिकार के अंतर्गत आता है। यह विशेष रूप से भेदभाव निषेध से संबंधित है। महिलाओं के लिए यह अनुच्छेद लिंग आधारित असमानता के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करता है।
Q104. महिलाओं हेतु आरक्षण का संवैधानिक आधार कौन-सा अनुच्छेद है?
A. अनुच्छेद 15(3)
B. अनुच्छेद 18
C. अनुच्छेद 25
D. अनुच्छेद 44
उत्तर: A. अनुच्छेद 15(3)
अनुच्छेद 15(3) महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान बनाने की अनुमति देता है। इसी कारण महिलाओं के पक्ष में आरक्षण या विशेष सुविधाएं संविधान-सम्मत मानी जाती हैं। यह महिला सशक्तिकरण का मजबूत कानूनी आधार है।
Q105. अनुच्छेद 15 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. सामाजिक समानता स्थापित करना
B. आपातकाल लागू करना
C. संसद भंग करना
D. राज्यों का पुनर्गठन करना
उत्तर: A. सामाजिक समानता स्थापित करना
अनुच्छेद 15 का उद्देश्य समाज में भेदभाव को रोकना है। यह धर्म, जाति, लिंग और जन्मस्थान जैसे आधारों पर असमान व्यवहार को निषिद्ध करता है। महिलाओं के संदर्भ में यह सामाजिक समानता को मजबूत करता है।
Q106. अनुच्छेद 16 किससे संबंधित है?
A. सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर से
B. जीवन के अधिकार से
C. मातृत्व सहायता से
D. मूल कर्तव्यों से
उत्तर: A. सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर से
अनुच्छेद 16 सार्वजनिक रोजगार के मामलों में समान अवसर की गारंटी देता है। यह सरकारी नौकरियों में अवसरों की समानता से संबंधित है। महिलाओं के लिए यह रोजगार क्षेत्र में समान भागीदारी का आधार है।
Q107. सरकारी नौकरियों में महिलाओं को समान अवसर देने का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
A. अनुच्छेद 16
B. अनुच्छेद 29
C. अनुच्छेद 30
D. अनुच्छेद 51A
उत्तर: A. अनुच्छेद 16
अनुच्छेद 16 नियुक्ति और सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर प्रदान करता है। इसका उद्देश्य सरकारी रोजगार में अनुचित भेदभाव को रोकना है। महिलाएं इसी प्रावधान के आधार पर समान अवसर की संवैधानिक सुरक्षा प्राप्त करती हैं।
Q108. अनुच्छेद 16 भारतीय संविधान के किस सिद्धांत को मजबूत करता है?
A. समान अवसर के सिद्धांत को
B. वंशानुगत पद के सिद्धांत को
C. असमान वेतन के सिद्धांत को
D. धार्मिक शासन के सिद्धांत को
उत्तर: A. समान अवसर के सिद्धांत को
अनुच्छेद 16 समान अवसर की संवैधानिक भावना को मजबूत करता है। यह सार्वजनिक नियुक्तियों में निष्पक्षता और योग्यता पर बल देता है। महिलाओं की रोजगार भागीदारी के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है।
Q109. अनुच्छेद 16 का संबंध मुख्यतः किस क्षेत्र से है?
A. रोजगार क्षेत्र से
B. विवाह क्षेत्र से
C. विदेश नीति से
D. न्यायपालिका गठन से
उत्तर: A. रोजगार क्षेत्र से
अनुच्छेद 16 सार्वजनिक रोजगार और नियुक्ति से संबंधित है। यह सरकारी नौकरियों में समान अवसर की बात करता है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में रोजगार की समानता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
Q110. अनुच्छेद 16 का उद्देश्य क्या है?
A. नियुक्ति में भेदभाव समाप्त करना
B. रोजगार में असमानता बढ़ाना
C. महिलाओं को नौकरी से रोकना
D. वेतन भेदभाव लागू करना
उत्तर: A. नियुक्ति में भेदभाव समाप्त करना
अनुच्छेद 16 का उद्देश्य सार्वजनिक सेवाओं में निष्पक्ष और समान अवसर देना है। यह नियुक्ति में अनुचित भेदभाव को रोकता है। महिला सशक्तिकरण में रोजगार की समानता एक आवश्यक शर्त है।
Q111. अनुच्छेद 21 किस अधिकार से संबंधित है?
A. जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से
B. समान वेतन से
C. पंचायत आरक्षण से
D. मूल कर्तव्य से
उत्तर: A. जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से
अनुच्छेद 21 जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करता है। न्यायालयों ने इसकी व्याख्या सम्मानपूर्वक जीवन, गरिमा, सुरक्षा और निजता तक विस्तृत की है। महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Q112. महिलाओं के सम्मानपूर्वक जीवन जीने का संवैधानिक आधार कौन-सा अनुच्छेद है?
A. अनुच्छेद 21
B. अनुच्छेद 40
C. अनुच्छेद 50
D. अनुच्छेद 368
उत्तर: A. अनुच्छेद 21
अनुच्छेद 21 केवल जीवन का अधिकार नहीं, बल्कि गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार भी माना गया है। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता इसी संवैधानिक भावना से जुड़ी है। इसलिए यह महिला गरिमा का प्रमुख आधार है।
Q113. अनुच्छेद 21 का संबंध महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से है?
A. कानूनी सशक्तिकरण से
B. केवल सांस्कृतिक सशक्तिकरण से
C. केवल भाषाई सशक्तिकरण से
D. केवल भौगोलिक सशक्तिकरण से
उत्तर: A. कानूनी सशक्तिकरण से
अनुच्छेद 21 महिलाओं को जीवन, स्वतंत्रता और गरिमा की कानूनी सुरक्षा देता है। कानूनी संरक्षण के बिना सशक्तिकरण अधूरा रहता है। इसलिए यह महिला सशक्तिकरण के कानूनी आयाम से जुड़ा है।
Q114. महिला सुरक्षा एवं गरिमा की संवैधानिक रक्षा किस अनुच्छेद द्वारा होती है?
A. अनुच्छेद 21 द्वारा
B. अनुच्छेद 300 द्वारा
C. अनुच्छेद 352 द्वारा
D. अनुच्छेद 360 द्वारा
उत्तर: A. अनुच्छेद 21 द्वारा
अनुच्छेद 21 महिला के जीवन, स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा करता है। महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, अपमान या असुरक्षा इस संवैधानिक भावना के विपरीत है। इसलिए महिला सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण प्रावधान है।
Q115. “Right to Live with Dignity” किस अनुच्छेद से संबंधित है?
A. अनुच्छेद 21
B. अनुच्छेद 17
C. अनुच्छेद 31
D. अनुच्छेद 44
उत्तर: A. अनुच्छेद 21
Right to Live with Dignity अनुच्छेद 21 की विस्तृत न्यायिक व्याख्या से संबंधित है। इसका अर्थ है केवल जीवित रहना नहीं, बल्कि सम्मान और स्वतंत्रता के साथ जीवन जीना। महिलाओं की गरिमा के संदर्भ में यह बहुत महत्वपूर्ण है।
Q116. अनुच्छेद 39(a) किससे संबंधित है?
A. पुरुष एवं महिला दोनों के लिए समान आजीविका से
B. धार्मिक शिक्षा से
C. राज्यसभा गठन से
D. राष्ट्रपति चुनाव से
उत्तर: A. पुरुष एवं महिला दोनों के लिए समान आजीविका से
अनुच्छेद 39(a) राज्य को नागरिकों, पुरुष और महिला दोनों, के लिए पर्याप्त आजीविका के साधन सुनिश्चित करने की नीति अपनाने को कहता है। यह आर्थिक समानता से जुड़ा नीति निदेशक तत्व है। महिला आर्थिक सशक्तिकरण में इसका महत्व है।
Q117. “समान कार्य हेतु समान वेतन” का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
A. अनुच्छेद 39(d)
B. अनुच्छेद 14(2)
C. अनुच्छेद 51
D. अनुच्छेद 72
उत्तर: A. अनुच्छेद 39(d)
अनुच्छेद 39(d) पुरुषों और महिलाओं के लिए समान कार्य हेतु समान वेतन की बात करता है। यह आर्थिक न्याय का महत्वपूर्ण संवैधानिक सिद्धांत है। महिला श्रमिकों के अधिकारों के लिए यह आधारभूत प्रावधान है।
Q118. अनुच्छेद 39 भारतीय संविधान के किस भाग में आता है?
A. राज्य के नीति निदेशक तत्व में
B. मौलिक अधिकारों में
C. मूल कर्तव्यों में
D. प्रस्तावना में
उत्तर: A. राज्य के नीति निदेशक तत्व में
अनुच्छेद 39 संविधान के भाग-IV में आता है। भाग-IV राज्य के नीति निदेशक तत्वों से संबंधित है। ये सिद्धांत न्यायालय से सीधे प्रवर्तनीय नहीं हैं, लेकिन शासन की नीति के लिए मार्गदर्शक हैं।
Q119. महिला आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण संवैधानिक आधार कौन-सा अनुच्छेद है?
A. अनुच्छेद 39(d)
B. अनुच्छेद 356
C. अनुच्छेद 360
D. अनुच्छेद 123
उत्तर: A. अनुच्छेद 39(d)
अनुच्छेद 39(d) समान कार्य के लिए समान वेतन की बात करता है। आर्थिक सशक्तिकरण में वेतन समानता बहुत महत्वपूर्ण है। यह महिलाओं के श्रम का समान मूल्य सुनिश्चित करने की संवैधानिक दिशा देता है।
Q120. अनुच्छेद 39(a) एवं 39(d) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. आर्थिक समानता स्थापित करना
B. राजनीतिक असमानता बढ़ाना
C. शिक्षा रोकना
D. नागरिकता समाप्त करना
उत्तर: A. आर्थिक समानता स्थापित करना
अनुच्छेद 39(a) आजीविका और 39(d) समान वेतन से संबंधित है। दोनों प्रावधान आर्थिक न्याय और समानता की दिशा में राज्य को मार्गदर्शन देते हैं। महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने में इनका विशेष महत्व है।
Q121. अनुच्छेद 42 किससे संबंधित है?
A. प्रसूति सहायता एवं मानवीय कार्य दशाओं से
B. चुनाव आयोग से
C. राष्ट्रपति शासन से
D. नागरिकता से
उत्तर: A. प्रसूति सहायता एवं मानवीय कार्य दशाओं से
अनुच्छेद 42 राज्य को न्यायसंगत और मानवीय कार्य दशाएं तथा प्रसूति सहायता सुनिश्चित करने की दिशा देता है। यह महिला श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण नीति निदेशक तत्व है। मातृत्व संरक्षण महिला कल्याण का प्रमुख आयाम है।
Q122. मातृत्व लाभ संबंधी संवैधानिक आधार कौन-सा अनुच्छेद है?
A. अनुच्छेद 42
B. अनुच्छेद 25
C. अनुच्छेद 32
D. अनुच्छेद 51A
उत्तर: A. अनुच्छेद 42
अनुच्छेद 42 मातृत्व सहायता का संवैधानिक आधार देता है। यह कार्यस्थल पर महिलाओं के स्वास्थ्य और गरिमा की रक्षा से जुड़ा है। मातृत्व लाभ कानूनों की पृष्ठभूमि में यह प्रावधान महत्वपूर्ण है।
Q123. अनुच्छेद 51A(e) भारतीय संविधान के किस भाग से संबंधित है?
A. मूल कर्तव्यों से
B. मौलिक अधिकारों से
C. नीति निदेशक तत्वों से
D. संघीय कार्यपालिका से
उत्तर: A. मूल कर्तव्यों से
अनुच्छेद 51A संविधान के भाग-IV A में मूल कर्तव्यों से संबंधित है। 51A(e) नागरिकों से महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध प्रथाओं का त्याग करने की अपेक्षा करता है। यह सामाजिक सुधार और नैतिक नागरिकता से जुड़ा प्रावधान है।
Q124. महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध प्रथाओं का त्याग करना किस अनुच्छेद में नागरिकों का कर्तव्य बताया गया है?
A. अनुच्छेद 51A(e)
B. अनुच्छेद 14
C. अनुच्छेद 19
D. अनुच्छेद 40
उत्तर: A. अनुच्छेद 51A(e)
अनुच्छेद 51A(e) हर नागरिक का कर्तव्य बताता है कि वह महिलाओं की गरिमा के विरुद्ध प्रथाओं का त्याग करे। यह दहेज, हिंसा, अपमानजनक रूढ़ियों और लैंगिक पूर्वाग्रहों के विरुद्ध सामाजिक चेतना को मजबूत करता है।
Q125. महिला समानता का सबसे प्रमुख संवैधानिक आधार क्या है?
A. मौलिक अधिकार
B. आपातकालीन प्रावधान
C. वित्त आयोग
D. राज्य पुनर्गठन
उत्तर: A. मौलिक अधिकार
मौलिक अधिकार नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और संवैधानिक संरक्षण देते हैं। महिलाओं के लिए अनुच्छेद 14, 15, 16 और 21 विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। इसलिए महिला समानता का प्रमुख आधार मौलिक अधिकार हैं।
Q126. मौलिक अधिकार भारतीय संविधान के किस भाग में वर्णित हैं?
A. भाग-III में
B. भाग-II में
C. भाग-IV में
D. भाग-VI में
उत्तर: A. भाग-III में
मौलिक अधिकार संविधान के भाग-III में वर्णित हैं। ये नागरिक स्वतंत्रता और समानता की रक्षा करते हैं। महिलाओं के अधिकारों की संवैधानिक सुरक्षा में भाग-III की प्रमुख भूमिका है।
Q127. महिलाओं को संवैधानिक उपचार का अधिकार किस अनुच्छेद के अंतर्गत प्राप्त है?
A. अनुच्छेद 32
B. अनुच्छेद 39
C. अनुच्छेद 42
D. अनुच्छेद 51A
उत्तर: A. अनुच्छेद 32
अनुच्छेद 32 मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाने का अधिकार देता है। डॉ. आंबेडकर ने इसे संविधान की आत्मा कहा था। महिलाओं के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर यह महत्वपूर्ण उपाय है।
Q128. राज्य के नीति निदेशक तत्व भारतीय संविधान के किस भाग में वर्णित हैं?
A. भाग-IV में
B. भाग-III में
C. भाग-IV A में
D. भाग-I में
उत्तर: A. भाग-IV में
राज्य के नीति निदेशक तत्व संविधान के भाग-IV में हैं। ये राज्य को सामाजिक और आर्थिक न्याय की दिशा में नीति बनाने का निर्देश देते हैं। महिला कल्याण से जुड़े कई प्रावधान इसी भाग में मिलते हैं।
Q129. महिला कल्याण से संबंधित अधिकांश संवैधानिक प्रावधान किस भाग में निहित हैं?
A. नीति निदेशक तत्वों में
B. चुनावी अनुसूची में
C. आपातकालीन प्रावधानों में
D. भाषा संबंधी भाग में
उत्तर: A. नीति निदेशक तत्वों में
नीति निदेशक तत्वों में समान आजीविका, समान वेतन, मातृत्व सहायता और मानवीय कार्य दशाओं जैसे प्रावधान हैं। ये महिला कल्याण और आर्थिक न्याय से जुड़े हैं। इसलिए महिला कल्याण में भाग-IV का विशेष महत्व है।
Q130. समान वेतन एवं मातृत्व सहायता जैसे प्रावधान संविधान के किस भाग में आते हैं?
A. राज्य के नीति निदेशक तत्व में
B. मूल कर्तव्यों में
C. प्रस्तावना में
D. नागरिकता में
उत्तर: A. राज्य के नीति निदेशक तत्व में
समान वेतन अनुच्छेद 39(d) और मातृत्व सहायता अनुच्छेद 42 से संबंधित हैं। ये दोनों राज्य के नीति निदेशक तत्वों में आते हैं। महिला आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के लिए ये प्रावधान महत्वपूर्ण हैं।
Q131. 73वाँ संविधान संशोधन किससे संबंधित है?
A. पंचायत राज व्यवस्था से
B. नगर निकायों से
C. संसद आरक्षण से
D. उच्च न्यायालय से
उत्तर: A. पंचायत राज व्यवस्था से
73वाँ संविधान संशोधन पंचायत राज संस्थाओं से संबंधित है। इसने ग्रामीण स्थानीय स्वशासन को संवैधानिक दर्जा दिया। महिलाओं के लिए आरक्षण ने राजनीतिक सशक्तिकरण को जमीनी स्तर पर मजबूत किया।
Q132. 73वाँ संविधान संशोधन कब लागू हुआ?
A. 1993 में
B. 1950 में
C. 1976 में
D. 2023 में
उत्तर: A. 1993 में
73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1993 में लागू हुआ। इसने पंचायतों को संवैधानिक आधार प्रदान किया। ग्रामीण स्तर पर महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने में यह ऐतिहासिक कदम था।
Q133. 73वें संविधान संशोधन द्वारा पंचायतों में महिलाओं हेतु कितने प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया?
A. कम से कम 33 प्रतिशत
B. 10 प्रतिशत
C. 20 प्रतिशत
D. 50 प्रतिशत अनिवार्य
उत्तर: A. कम से कम 33 प्रतिशत
73वें संशोधन के अंतर्गत पंचायतों में महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान किया गया। कई राज्यों ने इसे बाद में 50 प्रतिशत तक बढ़ाया है। लेकिन मूल संवैधानिक प्रावधान न्यूनतम 33 प्रतिशत है।
Q134. 73वाँ संविधान संशोधन महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. राजनीतिक सशक्तिकरण से
B. केवल धार्मिक सशक्तिकरण से
C. केवल भाषायी सशक्तिकरण से
D. केवल सांस्कृतिक सशक्तिकरण से
उत्तर: A. राजनीतिक सशक्तिकरण से
73वें संशोधन ने महिलाओं को पंचायतों में प्रतिनिधित्व दिया। इससे महिलाएं स्थानीय शासन, निर्णय और विकास योजनाओं में भागीदार बनीं। इसलिए यह राजनीतिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार है।
Q135. 73वें संविधान संशोधन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A. स्थानीय स्वशासन को मजबूत करना
B. संसद भंग करना
C. न्यायपालिका समाप्त करना
D. आपातकाल लगाना
उत्तर: A. स्थानीय स्वशासन को मजबूत करना
73वें संशोधन का उद्देश्य पंचायतों को संवैधानिक दर्जा देकर स्थानीय स्वशासन को मजबूत करना था। इससे लोकतंत्र को ग्राम स्तर तक पहुंचाया गया। महिलाओं की भागीदारी ने इस लोकतंत्र को अधिक समावेशी बनाया।
Q136. 74वाँ संविधान संशोधन किससे संबंधित है?
A. नगर निकायों से
B. पंचायतों से
C. राष्ट्रपति चुनाव से
D. सेना संगठन से
उत्तर: A. नगर निकायों से
74वाँ संविधान संशोधन नगरीय स्थानीय निकायों से संबंधित है। इसने नगरपालिकाओं को संवैधानिक आधार दिया। महिलाओं का आरक्षण शहरी स्थानीय शासन में उनकी भागीदारी बढ़ाता है।
Q137. 74वाँ संविधान संशोधन कब लागू हुआ?
A. 1993 में
B. 1952 में
C. 1975 में
D. 2023 में
उत्तर: A. 1993 में
74वाँ संविधान संशोधन 1993 में लागू हुआ। इसका उद्देश्य शहरी स्थानीय निकायों को संवैधानिक मान्यता देना था। यह शहरी प्रशासन में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का आधार भी बना।
Q138. 74वें संविधान संशोधन द्वारा महिलाओं को किस स्तर पर आरक्षण प्रदान किया गया?
A. नगरीय स्थानीय निकायों में
B. केवल लोकसभा में
C. केवल राज्यसभा में
D. केवल उच्च न्यायालय में
उत्तर: A. नगरीय स्थानीय निकायों में
74वें संशोधन ने नगरपालिकाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की। इससे महिलाएं शहरी प्रशासन और स्थानीय निर्णय प्रक्रिया में शामिल हुईं। यह शहरी राजनीतिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण कदम है।
Q139. नारी शक्ति वंदन अधिनियम किस वर्ष पारित हुआ?
A. 2023 में
B. 1993 में
C. 2006 में
D. 1950 में
उत्तर: A. 2023 में
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में पारित हुआ। इसे संविधान 106वाँ संशोधन अधिनियम, 2023 के रूप में जाना जाता है। यह महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित ऐतिहासिक कानून है।
Q140. नारी शक्ति वंदन अधिनियम का संबंध किससे है?
A. महिलाओं के राजनीतिक आरक्षण से
B. बाल विवाह से
C. मातृत्व अवकाश से
D. दहेज निषेध से
उत्तर: A. महिलाओं के राजनीतिक आरक्षण से
नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने से संबंधित है। इसके अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है। यह राजनीतिक सशक्तिकरण को मजबूत करता है।
Q141. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं को कितने प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है?
A. 33 प्रतिशत
B. 10 प्रतिशत
C. 15 प्रतिशत
D. 50 प्रतिशत
उत्तर: A. 33 प्रतिशत
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई अर्थात 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। यह प्रतिनिधित्व में लैंगिक अंतर कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Q142. नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला सशक्तिकरण के किस आयाम को मजबूत करता है?
A. राजनीतिक सशक्तिकरण को
B. केवल धार्मिक सशक्तिकरण को
C. केवल पारिवारिक नियंत्रण को
D. केवल सांस्कृतिक प्रतीकवाद को
उत्तर: A. राजनीतिक सशक्तिकरण को
यह अधिनियम महिलाओं की विधानमंडलों में भागीदारी बढ़ाता है। राजनीतिक प्रतिनिधित्व से महिलाएं कानून निर्माण और नीति निर्णयों में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए यह राजनीतिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण साधन है।
Q143. नारी शक्ति वंदन अधिनियम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना
B. महिलाओं की शिक्षा रोकना
C. रोजगार अवसर घटाना
D. स्थानीय निकाय समाप्त करना
उत्तर: A. महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना
इस अधिनियम का उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना है। इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिला आवाज मजबूत होगी। महिला सशक्तिकरण के लिए राजनीतिक भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
Q144. नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारतीय लोकतंत्र में किस सिद्धांत को मजबूत करता है?
A. लैंगिक समानता के सिद्धांत को
B. वंशानुगत शासन को
C. सामाजिक बहिष्कार को
D. राजनीतिक निष्क्रियता को
उत्तर: A. लैंगिक समानता के सिद्धांत को
नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को विधायी संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व देता है। इससे लोकतंत्र अधिक समावेशी और प्रतिनिधिक बनता है। इसलिए यह लैंगिक समानता के सिद्धांत को मजबूत करता है।
SECTION-D : महिला संबंधित प्रमुख कानून
Q145. सती प्रथा उन्मूलन अधिनियम कब लागू किया गया?
A. 1829 में
B. 1856 में
C. 1929 में
D. 1961 में
उत्तर: A. 1829 में
सती प्रथा पर प्रतिबंध 1829 में लगाया गया। यह आधुनिक भारत के प्रमुख सामाजिक सुधारों में से एक था। इसने महिलाओं के जीवन और मानवीय गरिमा की रक्षा की दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
Q146. सती प्रथा उन्मूलन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका किस समाज सुधारक की थी?
A. राजा राममोहन राय
B. ईश्वरचंद्र विद्यासागर
C. ज्योतिराव फुले
D. महात्मा गांधी
उत्तर: A. राजा राममोहन राय
राजा राममोहन राय ने सती प्रथा का प्रबल विरोध किया। उन्होंने सामाजिक जागरूकता और वैचारिक संघर्ष के माध्यम से इस अमानवीय प्रथा को चुनौती दी। उनके प्रयासों ने 1829 के प्रतिबंध का रास्ता तैयार किया।
Q147. 1829 में सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाने वाले गवर्नर जनरल कौन थे?
A. लॉर्ड विलियम बेंटिंक
B. लॉर्ड कर्जन
C. लॉर्ड डलहौजी
D. लॉर्ड माउंटबेटन
उत्तर: A. लॉर्ड विलियम बेंटिंक
लॉर्ड विलियम बेंटिंक ने 1829 में सती प्रथा को अवैध घोषित किया। यह निर्णय भारतीय समाज सुधार आंदोलन की बड़ी सफलता था। राजा राममोहन राय जैसे सुधारकों ने इसके पक्ष में मजबूत सामाजिक आधार बनाया।
Q148. विधवा पुनर्विवाह अधिनियम कब पारित हुआ?
A. 1856 में
B. 1829 में
C. 1929 में
D. 2005 में
उत्तर: A. 1856 में
हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम 1856 में पारित हुआ। इस कानून ने विधवाओं के पुनर्विवाह को कानूनी मान्यता दी। यह महिलाओं के सामाजिक अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार था।
Q149. विधवा पुनर्विवाह आंदोलन के प्रमुख नेता कौन थे?
A. ईश्वरचंद्र विद्यासागर
B. राजा राममोहन राय
C. बाल गंगाधर तिलक
D. दादाभाई नौरोजी
उत्तर: A. ईश्वरचंद्र विद्यासागर
ईश्वरचंद्र विद्यासागर विधवा पुनर्विवाह आंदोलन के प्रमुख नेता थे। उन्होंने शास्त्रीय और सामाजिक आधार पर विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया। उनके प्रयासों से 1856 का कानून संभव हुआ।
Q150. विधवा पुनर्विवाह अधिनियम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
A. विधवाओं को पुनर्विवाह का कानूनी अधिकार देना
B. विधवाओं की शिक्षा रोकना
C. सती प्रथा को बढ़ाना
D. बाल विवाह को वैध बनाना
उत्तर: A. विधवाओं को पुनर्विवाह का कानूनी अधिकार देना
इस अधिनियम का उद्देश्य विधवाओं को पुनर्विवाह का वैधानिक अधिकार देना था। इससे विधवाओं के जीवन, सम्मान और सामाजिक पुनर्स्थापन की संभावना बढ़ी। महिला सुधार आंदोलन में यह महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।
Q151. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम कब लागू हुआ?
A. 2006 में
B. 1961 में
C. 2012 में
D. 2013 में
उत्तर: A. 2006 में
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 बाल विवाह रोकने का प्रमुख वर्तमान कानून है। यह बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों की रक्षा करता है। Legislative Department में इसे 2006 के केंद्रीय अधिनियम के रूप में दर्ज किया गया है।
Q152. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार लड़कियों की न्यूनतम विवाह आयु क्या है?
A. 18 वर्ष
B. 16 वर्ष
C. 21 वर्ष
D. 25 वर्ष
उत्तर: A. 18 वर्ष
भारत में बाल विवाह कानून के अनुसार लड़की की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष है। इससे कम आयु में विवाह बाल विवाह माना जाता है। यह प्रावधान बालिकाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा की रक्षा से जुड़ा है।
Q153. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार लड़कों की न्यूनतम विवाह आयु क्या है?
A. 21 वर्ष
B. 18 वर्ष
C. 16 वर्ष
D. 25 वर्ष
उत्तर: A. 21 वर्ष
बाल विवाह प्रतिषेध कानून के अनुसार लड़के की न्यूनतम विवाह आयु 21 वर्ष है। इससे कम आयु में विवाह कानूनन बाल विवाह की श्रेणी में आता है। यह प्रावधान बच्चों के संरक्षण के लिए बनाया गया है।
Q154. भारत में बाल विवाह रोकने हेतु प्रथम कानून कौन-सा था?
A. शारदा अधिनियम, 1929
B. दहेज निषेध अधिनियम, 1961
C. POCSO Act, 2012
D. मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961
उत्तर: A. शारदा अधिनियम, 1929
बाल विवाह रोकने का पहला प्रमुख कानून Child Marriage Restraint Act, 1929 था, जिसे शारदा अधिनियम कहा जाता है। बाद में इसे अधिक प्रभावी बनाने के लिए 2006 का अधिनियम लाया गया। यह बालिकाओं के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण सुधार था।
Q155. दहेज निषेध अधिनियम कब पारित किया गया?
A. 1961 में
B. 1856 में
C. 2005 में
D. 2019 में
उत्तर: A. 1961 में
दहेज निषेध अधिनियम 1961 में पारित किया गया। Legislative Department में इसे The Dowry Prohibition Act, 1961 के रूप में दर्ज किया गया है। इसका उद्देश्य दहेज जैसी सामाजिक बुराई को रोकना है।
Q156. दहेज निषेध अधिनियम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. दहेज प्रथा को समाप्त करना
B. बाल विवाह बढ़ाना
C. महिला शिक्षा रोकना
D. रोजगार में भेदभाव करना
उत्तर: A. दहेज प्रथा को समाप्त करना
दहेज निषेध अधिनियम का उद्देश्य दहेज लेना, देना और मांगना रोकना है। दहेज प्रथा महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव डालती है। इसलिए यह कानून महिला संरक्षण का महत्वपूर्ण साधन है।
Q157. दहेज निषेध अधिनियम के अंतर्गत दहेज लेना एवं देना क्या है?
A. दंडनीय अपराध
B. सामाजिक अधिकार
C. धार्मिक कर्तव्य
D. वैकल्पिक प्रथा
उत्तर: A. दंडनीय अपराध
दहेज निषेध अधिनियम के अंतर्गत दहेज लेना और देना अपराध है। कानून का उद्देश्य विवाह को आर्थिक लेन-देन से मुक्त करना है। यह महिलाओं पर होने वाले आर्थिक और सामाजिक दबाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
Q158. दहेज से संबंधित अपराध भारतीय समाज की किस समस्या को दर्शाते हैं?
A. लैंगिक असमानता को
B. पूर्ण समानता को
C. आर्थिक न्याय को
D. राजनीतिक प्रतिनिधित्व को
उत्तर: A. लैंगिक असमानता को
दहेज अपराध महिलाओं को आर्थिक बोझ मानने वाली सोच से जुड़े हैं। यह लैंगिक असमानता, पितृसत्ता और सामाजिक पूर्वाग्रहों को दिखाते हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए दहेज प्रथा का उन्मूलन आवश्यक है।
Q159. घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम कब लागू हुआ?
A. 2005 में
B. 1961 में
C. 2013 में
D. 1994 में
उत्तर: A. 2005 में
Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 महिलाओं को घरेलू हिंसा से सुरक्षा देता है। Legislative Department में यह 2005 के अधिनियम के रूप में दर्ज है। यह कानून घरेलू संबंधों में महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा से जुड़ा है।
Q160. घरेलू हिंसा अधिनियम महिलाओं को किस प्रकार की हिंसा से सुरक्षा प्रदान करता है?
A. शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं भावनात्मक हिंसा से
B. केवल राजनीतिक विवाद से
C. केवल सड़क दुर्घटना से
D. केवल संपत्ति कर से
उत्तर: A. शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं भावनात्मक हिंसा से
घरेलू हिंसा कानून केवल शारीरिक हिंसा तक सीमित नहीं है। इसमें मानसिक, भावनात्मक, आर्थिक और यौन उत्पीड़न जैसे रूप भी शामिल हैं। यह महिलाओं को व्यापक कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।
Q161. घरेलू हिंसा अधिनियम महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. कानूनी सशक्तिकरण से
B. केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम से
C. केवल भाषाई अधिकार से
D. केवल भौगोलिक पहचान से
उत्तर: A. कानूनी सशक्तिकरण से
यह अधिनियम महिलाओं को घरेलू हिंसा के विरुद्ध कानूनी उपचार देता है। संरक्षण आदेश, निवास अधिकार और सहायता जैसी व्यवस्थाएं महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाती हैं। इसलिए यह कानूनी सशक्तिकरण से जुड़ा है।
Q162. घरेलू हिंसा अधिनियम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. महिलाओं को घरेलू अत्याचार से सुरक्षा प्रदान करना
B. दहेज को बढ़ावा देना
C. बाल विवाह को वैध करना
D. कार्यस्थल सुरक्षा हटाना
उत्तर: A. महिलाओं को घरेलू अत्याचार से सुरक्षा प्रदान करना
इस कानून का उद्देश्य घरेलू संबंधों में रहने वाली महिलाओं को हिंसा और उत्पीड़न से बचाना है। यह महिला को त्वरित कानूनी सुरक्षा और राहत प्रदान करता है। परिवार के भीतर गरिमा और सुरक्षा इसका मुख्य लक्ष्य है।
Q163. घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम किस प्रकार के परिवारों पर लागू होता है?
A. घरेलू संबंधों में रहने वाले परिवारों पर
B. केवल सरकारी कार्यालयों पर
C. केवल विद्यालयों पर
D. केवल पंचायतों पर
उत्तर: A. घरेलू संबंधों में रहने वाले परिवारों पर
घरेलू हिंसा अधिनियम घरेलू संबंधों में रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा करता है। इसमें विवाह, पारिवारिक संबंध और साझा घरेलू जीवन जैसी स्थितियां शामिल हो सकती हैं। इसका उद्देश्य घर के भीतर हिंसा को कानूनी रूप से संबोधित करना है।
Q164. कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम कब पारित हुआ?
A. 2013 में
B. 1997 में
C. 2005 में
D. 2012 में
उत्तर: A. 2013 में
Sexual Harassment of Women at Workplace Act, 2013 महिलाओं को सुरक्षित कार्यस्थल देने के लिए बनाया गया। Legislative Department में यह 2013 के अधिनियम के रूप में दर्ज है। यह विशाखा दिशानिर्देशों की पृष्ठभूमि में आया।
Q165. कार्यस्थल यौन उत्पीड़न अधिनियम किस ऐतिहासिक निर्णय पर आधारित है?
A. विशाखा दिशानिर्देश पर
B. केशवानंद भारती निर्णय पर
C. मिनर्वा मिल्स निर्णय पर
D. गोलकनाथ निर्णय पर
उत्तर: A. विशाखा दिशानिर्देश पर
1997 में उच्चतम न्यायालय ने विशाखा बनाम राजस्थान राज्य मामले में कार्यस्थल यौन उत्पीड़न रोकने के निर्देश दिए। 2013 का अधिनियम इन्हीं दिशानिर्देशों की विधायी परिणति माना जाता है। यह महिला सुरक्षा का महत्वपूर्ण कानून है।
Q166. कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. महिलाओं को सुरक्षित कार्यस्थल प्रदान करना
B. महिलाओं को रोजगार से हटाना
C. दहेज को वैध बनाना
D. बाल विवाह को बढ़ाना
उत्तर: A. महिलाओं को सुरक्षित कार्यस्थल प्रदान करना
इस अधिनियम का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं को यौन उत्पीड़न से बचाना है। सुरक्षित कार्यस्थल महिलाओं की रोजगार भागीदारी और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक है। इसलिए यह कानून महिला सशक्तिकरण से सीधे जुड़ा है।
Q167. कार्यस्थल यौन उत्पीड़न अधिनियम के अंतर्गत शिकायत समिति का गठन कहाँ किया जाता है?
A. प्रत्येक संस्थान में
B. केवल संसद में
C. केवल उच्चतम न्यायालय में
D. केवल पुलिस मुख्यालय में
उत्तर: A. प्रत्येक संस्थान में
अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित कार्यस्थलों पर आंतरिक शिकायत समिति का प्रावधान है। इसका उद्देश्य शिकायतों की संस्थागत जांच और निवारण सुनिश्चित करना है। इससे महिलाओं को कार्यस्थल पर कानूनी सहारा मिलता है।
Q168. कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. कानूनी एवं आर्थिक सशक्तिकरण से
B. केवल धार्मिक सशक्तिकरण से
C. केवल भाषाई सशक्तिकरण से
D. केवल सांस्कृतिक उत्सव से
उत्तर: A. कानूनी एवं आर्थिक सशक्तिकरण से
यह कानून महिलाओं को कानूनी सुरक्षा देता है और कार्यस्थल को सुरक्षित बनाता है। सुरक्षित वातावरण से महिलाओं की नौकरी और आर्थिक भागीदारी बढ़ती है। इसलिए यह कानूनी और आर्थिक दोनों सशक्तिकरण से जुड़ा है।
Q169. POCSO Act कब लागू किया गया?
A. 2012 में
B. 2005 में
C. 1994 में
D. 1961 में
उत्तर: A. 2012 में
Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012 बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देता है। Legislative Department में यह 2012 के अधिनियम के रूप में दर्ज है। यह बाल अधिकार और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कानून है।
Q170. POCSO का पूर्ण रूप क्या है?
A. Protection of Children from Sexual Offences Act
B. Protection of Citizens from Social Offences Act
C. Prevention of Child Social Order Act
D. Public Order Child Safety Act
उत्तर: A. Protection of Children from Sexual Offences Act
POCSO का पूरा नाम Protection of Children from Sexual Offences Act है। यह बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों की रोकथाम और दंड से संबंधित है। बालिकाओं की सुरक्षा के संदर्भ में यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
Q171. POCSO Act का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करना
B. बाल विवाह को बढ़ावा देना
C. दहेज प्रथा को वैध करना
D. कार्यस्थल समिति हटाना
उत्तर: A. बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करना
POCSO Act बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न और अश्लील अपराधों से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया। इसमें बाल हितैषी न्याय प्रक्रिया पर भी जोर है। यह बाल सुरक्षा कानूनों की प्रमुख कड़ी है।
Q172. POCSO Act के अंतर्गत बालक/बालिका की आयु सीमा क्या है?
A. 18 वर्ष से कम
B. 21 वर्ष से कम
C. 16 वर्ष से कम
D. 25 वर्ष से कम
उत्तर: A. 18 वर्ष से कम
POCSO Act में बच्चा वह व्यक्ति माना जाता है जिसकी आयु 18 वर्ष से कम हो। यह प्रावधान लड़के और लड़की दोनों पर लागू होता है। बालिकाओं की सुरक्षा में इसका विशेष महत्व है।
Q173. PCPNDT Act कब लागू किया गया?
A. 1994 में
B. 1961 में
C. 2006 में
D. 2019 में
उत्तर: A. 1994 में
PCPNDT Act 1994 में बनाया गया। Legislative Department में इसका नाम Pre-conception and Pre-natal Diagnostic Techniques Act, 1994 दर्ज है। इसका उद्देश्य लिंग चयन और कन्या भ्रूण हत्या को रोकना है।
Q174. PCPNDT Act का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. लिंग चयन एवं कन्या भ्रूण हत्या रोकना
B. दहेज प्रथा बढ़ाना
C. बाल विवाह को वैध करना
D. मातृत्व लाभ रोकना
उत्तर: A. लिंग चयन एवं कन्या भ्रूण हत्या रोकना
PCPNDT Act भ्रूण के लिंग निर्धारण और लिंग चयन को रोकने से संबंधित है। यह कन्या भ्रूण हत्या और गिरते लिंगानुपात जैसी समस्याओं से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है। महिला सशक्तिकरण में इसका सामाजिक महत्व बहुत अधिक है।
Q175. PCPNDT का पूर्ण रूप क्या है?
A. Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act
B. Public Child Protection National Development Act
C. Pre-Census Population National Data Act
D. Personal Child Nutrition Development Act
उत्तर: A. Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act
PCPNDT का पूरा नाम Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act है। संशोधित नाम में Prohibition of Sex Selection भी जुड़ा है। यह कानून जन्म से पहले लिंग चयन रोकने की दिशा में बनाया गया।
Q176. समान वेतन अधिनियम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. समान कार्य हेतु समान वेतन सुनिश्चित करना
B. महिलाओं को कम वेतन देना
C. रोजगार में भेदभाव बढ़ाना
D. मातृत्व लाभ हटाना
उत्तर: A. समान कार्य हेतु समान वेतन सुनिश्चित करना
Equal Remuneration Act, 1976 का उद्देश्य पुरुषों और महिलाओं को समान कार्य या समान प्रकृति के कार्य के लिए समान वेतन देना है। India Code में इसका उद्देश्य लैंगिक वेतन भेदभाव रोकना बताया गया है। यह आर्थिक न्याय का आधार है।
Q177. समान वेतन अधिनियम महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. आर्थिक सशक्तिकरण से
B. केवल धार्मिक सशक्तिकरण से
C. केवल भाषाई अधिकार से
D. केवल सांस्कृतिक परंपरा से
उत्तर: A. आर्थिक सशक्तिकरण से
समान वेतन महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है। जब समान कार्य का समान मूल्य मिलता है तो महिलाओं की आय और सम्मान दोनों बढ़ते हैं। इसलिए यह आर्थिक सशक्तिकरण से संबंधित है।
Q178. मातृत्व लाभ अधिनियम का संबंध किससे है?
A. गर्भवती महिलाओं के अधिकारों से
B. दहेज प्रथा से
C. बाल विवाह से
D. लिंग चयन से
उत्तर: A. गर्भवती महिलाओं के अधिकारों से
Maternity Benefit Act, 1961 गर्भवती महिलाओं के रोजगार, अवकाश और मातृत्व लाभ से संबंधित है। India Code में इसका उद्देश्य childbirth से पहले और बाद की अवधि में महिला रोजगार और लाभों का नियमन बताया गया है। यह मातृत्व संरक्षण का प्रमुख कानून है।
Q179. मातृत्व लाभ अधिनियम महिलाओं को क्या प्रदान करता है?
A. मातृत्व अवकाश एवं आर्थिक सुरक्षा
B. दहेज लेने का अधिकार
C. बाल विवाह की अनुमति
D. लिंग चयन की छूट
उत्तर: A. मातृत्व अवकाश एवं आर्थिक सुरक्षा
मातृत्व लाभ अधिनियम महिला को प्रसव से संबंधित अवकाश और लाभ प्रदान करता है। इसका उद्देश्य मां और शिशु के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। यह कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा है।
Q180. मातृत्व लाभ अधिनियम का संवैधानिक आधार कौन-सा अनुच्छेद है?
A. अनुच्छेद 42
B. अनुच्छेद 14
C. अनुच्छेद 19
D. अनुच्छेद 51A
उत्तर: A. अनुच्छेद 42
अनुच्छेद 42 राज्य को मानवीय कार्य दशाओं और प्रसूति सहायता की व्यवस्था करने का निर्देश देता है। मातृत्व लाभ अधिनियम इसी संवैधानिक नीति से जुड़ा है। यह महिला कल्याण का प्रमुख आधार है।
Q181. मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम किस प्रथा से संबंधित है?
A. तीन तलाक से
B. बाल विवाह से
C. दहेज से
D. सती प्रथा से
उत्तर: A. तीन तलाक से
Muslim Women (Protection of Rights on Marriage) Act, 2019 तत्काल तीन तलाक से संबंधित है। इस कानून का उद्देश्य मुस्लिम विवाहित महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना है। यह वैवाहिक न्याय और महिला सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण कानून है।
Q182. तत्काल तीन तलाक को दंडनीय अपराध कब घोषित किया गया?
A. 2019 में
B. 2005 में
C. 1994 में
D. 1961 में
उत्तर: A. 2019 में
2019 के मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम ने तत्काल तीन तलाक को दंडनीय बनाया। Legislative Department में यह 2019 के Act No. 20 के रूप में दर्ज है। यह मुस्लिम महिलाओं की वैवाहिक सुरक्षा से जुड़ा है।
Q183. निर्भया कांड किस वर्ष हुआ था?
A. 2012 में
B. 2013 में
C. 2005 में
D. 1997 में
उत्तर: A. 2012 में
निर्भया कांड दिसंबर 2012 में दिल्ली में हुआ था। इस घटना ने पूरे देश में महिला सुरक्षा को लेकर व्यापक जनाक्रोश पैदा किया। इसके बाद कानूनों को कठोर बनाने की प्रक्रिया तेज हुई।
Q184. निर्भया केस के बाद किस समिति का गठन किया गया था?
A. न्यायमूर्ति वर्मा समिति
B. मंडल आयोग
C. सरकारिया आयोग
D. शाह आयोग
उत्तर: A. न्यायमूर्ति वर्मा समिति
निर्भया केस के बाद आपराधिक कानूनों में सुधार के सुझावों के लिए न्यायमूर्ति जे. एस. वर्मा समिति गठित की गई। समिति ने यौन अपराधों से जुड़े कानूनों में बदलाव की सिफारिश की। इसके बाद 2013 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए।
Q185. निर्भया केस के बाद किस कानून में संशोधन किया गया?
A. आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम, 2013
B. दहेज निषेध अधिनियम, 1961
C. विधवा पुनर्विवाह अधिनियम, 1856
D. शारदा अधिनियम, 1929
उत्तर: A. आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम, 2013
निर्भया केस के बाद Criminal Law (Amendment) Act, 2013 लाया गया। इसने यौन अपराधों की परिभाषा और दंड व्यवस्था को अधिक कठोर बनाया। महिला सुरक्षा कानूनों में यह बड़ा बदलाव था।
Q186. निर्भया केस का मुख्य प्रभाव क्या था?
A. महिला सुरक्षा कानूनों को कठोर बनाया गया
B. बाल विवाह को वैध बनाया गया
C. दहेज को अनुमति मिली
D. कार्यस्थल सुरक्षा समाप्त हुई
उत्तर: A. महिला सुरक्षा कानूनों को कठोर बनाया गया
निर्भया केस के बाद महिला सुरक्षा को राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बनाया गया। आपराधिक कानूनों में संशोधन कर यौन अपराधों के लिए कठोर प्रावधान जोड़े गए। इससे कानूनी सशक्तिकरण को नई दिशा मिली।
Q187. विशाखा दिशानिर्देश किस वर्ष जारी किए गए?
A. 1997 में
B. 2013 में
C. 2005 में
D. 2012 में
उत्तर: A. 1997 में
विशाखा दिशानिर्देश 1997 में उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी किए गए। ये कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित थे। 2013 के अधिनियम की पृष्ठभूमि में इनका विशेष महत्व है।
Q188. विशाखा दिशानिर्देश किस संस्था द्वारा जारी किए गए थे?
A. भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा
B. निर्वाचन आयोग द्वारा
C. योजना आयोग द्वारा
D. वित्त आयोग द्वारा
उत्तर: A. भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा
विशाखा दिशानिर्देश भारत के उच्चतम न्यायालय ने जारी किए थे। इनका उद्देश्य कानून बनने तक कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। न्यायपालिका ने इस मामले में महिला गरिमा की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाई।
Q189. विशाखा दिशानिर्देश किससे संबंधित हैं?
A. कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से
B. बाल विवाह से
C. दहेज प्रथा से
D. मातृत्व अवकाश से
उत्तर: A. कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से
विशाखा दिशानिर्देश कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम और शिकायत निवारण से संबंधित हैं। इनसे नियोक्ताओं की जिम्मेदारी तय हुई। यह सुरक्षित कार्यस्थल के अधिकार की दिशा में ऐतिहासिक कदम था।
Q190. विशाखा दिशानिर्देशों के आधार पर कौन-सा अधिनियम बनाया गया?
A. कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम, 2013
B. दहेज निषेध अधिनियम, 1961
C. बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006
D. PCPNDT Act, 1994
उत्तर: A. कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम, 2013
विशाखा दिशानिर्देशों के आधार पर 2013 में Sexual Harassment of Women at Workplace Act बनाया गया। यह अधिनियम कार्यस्थल पर रोकथाम, निषेध और शिकायत निवारण की व्यवस्था देता है। इससे महिलाओं का कानूनी और आर्थिक सशक्तिकरण मजबूत हुआ।
Section-D संदर्भ: Legislative Department, India Code, Dowry Prohibition Act 1961, Protection of Women from Domestic Violence Act 2005, Sexual Harassment of Women at Workplace Act 2013, POCSO Act 2012, PCPNDT Act 1994, Equal Remuneration Act 1976, Maternity Benefit Act 1961 और Muslim Women Protection of Rights on Marriage Act 2019.
SECTION-E : महिला सशक्तिकरण के आयाम
Q191. सामाजिक सशक्तिकरण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. महिलाओं को समाज में समान सम्मान एवं अवसर प्रदान करना
B. महिलाओं को समाज से अलग रखना
C. महिलाओं की शिक्षा रोकना
D. महिलाओं की आवाज सीमित करना
उत्तर: A. महिलाओं को समाज में समान सम्मान एवं अवसर प्रदान करना
सामाजिक सशक्तिकरण का अर्थ है महिलाओं को समाज में सम्मान, समान अवसर और सुरक्षित स्थान देना। इससे वे परिवार और समुदाय में निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनती हैं। यह लैंगिक समानता की दिशा में आवश्यक कदम है।
Q192. सामाजिक सशक्तिकरण का सबसे महत्वपूर्ण आधार क्या माना जाता है?
A. शिक्षा
B. अशिक्षा
C. पर्दा प्रथा
D. बाल विवाह
उत्तर: A. शिक्षा
शिक्षा महिलाओं में अधिकार-बोध, जागरूकता और आत्मविश्वास विकसित करती है। शिक्षित महिला सामाजिक कुरीतियों का विरोध कर सकती है। इसलिए शिक्षा सामाजिक सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार है।
Q193. सामाजिक सशक्तिकरण महिलाओं में किस भावना का विकास करता है?
A. आत्मसम्मान एवं आत्मविश्वास
B. भय और निर्भरता
C. सामाजिक अलगाव
D. अधिकारहीनता
उत्तर: A. आत्मसम्मान एवं आत्मविश्वास
सामाजिक सशक्तिकरण महिला को अपनी पहचान और गरिमा का बोध कराता है। इससे वह समाज में अपनी भूमिका को समझती है। आत्मसम्मान और आत्मविश्वास उसके सक्रिय सामाजिक जीवन का आधार बनते हैं।
Q194. सामाजिक सशक्तिकरण का सीधा संबंध किससे है?
A. लैंगिक समानता से
B. लैंगिक भेदभाव से
C. सामाजिक बहिष्कार से
D. बाल विवाह से
उत्तर: A. लैंगिक समानता से
सामाजिक सशक्तिकरण तभी संभव है जब महिलाओं और पुरुषों को समान सम्मान और अवसर मिलें। लैंगिक समानता समाज में न्याय और संतुलन लाती है। इसलिए दोनों अवधारणाएं एक-दूसरे से सीधे जुड़ी हैं।
Q195. सामाजिक सशक्तिकरण की सबसे बड़ी बाधा क्या है?
A. पितृसत्तात्मक व्यवस्था
B. समान शिक्षा
C. महिला भागीदारी
D. कानूनी अधिकार
उत्तर: A. पितृसत्तात्मक व्यवस्था
पितृसत्ता में निर्णय और संसाधनों पर पुरुष प्रधान नियंत्रण होता है। इससे महिलाओं की स्वतंत्रता, शिक्षा और सामाजिक भागीदारी सीमित होती है। इसलिए यह सामाजिक सशक्तिकरण की प्रमुख बाधा मानी जाती है।
Q196. महिला सशक्तिकरण की आधारशिला किसे कहा जाता है?
A. शिक्षा को
B. अशिक्षा को
C. निर्भरता को
D. सामाजिक प्रतिबंध को
उत्तर: A. शिक्षा को
शिक्षा महिला को ज्ञान, कौशल और अधिकारों की समझ देती है। यह रोजगार, स्वास्थ्य, राजनीतिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता का आधार बनती है। इसलिए शिक्षा को महिला सशक्तिकरण की आधारशिला कहा जाता है।
Q197. महिला शिक्षा सामाजिक कुरीतियों को कैसे कम करती है?
A. जागरूकता बढ़ाकर
B. अंधविश्वास बढ़ाकर
C. बाल विवाह बढ़ाकर
D. दहेज को बढ़ावा देकर
उत्तर: A. जागरूकता बढ़ाकर
शिक्षा से महिलाएं अपने अधिकार, स्वास्थ्य और कानूनों को समझती हैं। जागरूकता के कारण वे बाल विवाह, दहेज और हिंसा जैसी कुरीतियों का विरोध कर पाती हैं। इसलिए महिला शिक्षा सामाजिक सुधार का प्रभावी साधन है।
Q198. महिला शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक प्रभाव क्या है?
A. लैंगिक समानता में वृद्धि
B. लैंगिक भेदभाव में वृद्धि
C. महिला निर्भरता में वृद्धि
D. सामाजिक पिछड़ेपन में वृद्धि
उत्तर: A. लैंगिक समानता में वृद्धि
महिला शिक्षा समाज में स्त्री-पुरुष समानता की सोच विकसित करती है। शिक्षित महिला परिवार और समाज में निर्णयों में भाग लेती है। इससे लैंगिक समानता को वास्तविक आधार मिलता है।
Q199. “यदि एक महिला शिक्षित होती है, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है।” यह कथन किससे संबंधित है?
A. महिला शिक्षा के महत्व से
B. महिला अशिक्षा से
C. दहेज प्रथा से
D. पर्दा प्रथा से
उत्तर: A. महिला शिक्षा के महत्व से
महिला परिवार में शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कारों की महत्वपूर्ण वाहक होती है। एक शिक्षित महिला बच्चों की शिक्षा और परिवार की जागरूकता को बढ़ाती है। इसलिए यह कथन महिला शिक्षा के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है।
Q200. महिला स्वास्थ्य का सबसे महत्वपूर्ण संकेतक क्या माना जाता है?
A. मातृ मृत्यु दर (MMR)
B. साक्षरता दर
C. लिंगानुपात
D. मतदान प्रतिशत
उत्तर: A. मातृ मृत्यु दर (MMR)
मातृ मृत्यु दर महिलाओं के स्वास्थ्य और मातृत्व सेवाओं की स्थिति को दर्शाती है। इसका कम होना स्वास्थ्य व्यवस्था और पोषण की बेहतर स्थिति का संकेत है। इसलिए MMR महिला स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण संकेतक है।
Q201. भारत में महिलाओं में व्यापक रूप से पाई जाने वाली पोषण संबंधी समस्या क्या है?
A. एनीमिया
B. अधिक पोषण
C. उच्च रक्तचाप ही केवल
D. केवल मोटापा
उत्तर: A. एनीमिया
भारत में महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया एक प्रमुख पोषण संबंधी समस्या है। POSHAN Abhiyaan में महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया कम करने का लक्ष्य रखा गया है। यह महिला स्वास्थ्य और कार्यक्षमता दोनों को प्रभावित करता है।
Q202. महिला स्वास्थ्य महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा है?
A. सामाजिक सशक्तिकरण से
B. केवल भाषाई सशक्तिकरण से
C. केवल भौगोलिक सशक्तिकरण से
D. केवल सांस्कृतिक प्रतीकवाद से
उत्तर: A. सामाजिक सशक्तिकरण से
स्वास्थ्य महिला की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी को प्रभावित करता है। स्वस्थ महिला परिवार और समाज में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकती है। इसलिए महिला स्वास्थ्य सामाजिक सशक्तिकरण से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा है।
Q203. स्वस्थ महिला को स्वस्थ राष्ट्र का आधार क्यों माना जाता है?
A. क्योंकि वह परिवार एवं समाज के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है
B. क्योंकि उसका समाज से कोई संबंध नहीं होता
C. क्योंकि स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत विषय है
D. क्योंकि शिक्षा का स्वास्थ्य से संबंध नहीं है
उत्तर: A. क्योंकि वह परिवार एवं समाज के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है
महिला परिवार के पोषण, बच्चों के स्वास्थ्य और स्वास्थ्य व्यवहारों को प्रभावित करती है। स्वस्थ महिला स्वस्थ पीढ़ी के निर्माण में योगदान देती है। इसलिए महिला स्वास्थ्य को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा जाता है।
Q204. महिलाओं में कुपोषण का सबसे प्रमुख कारण क्या है?
A. पोषक आहार की कमी
B. अत्यधिक बैंकिंग सुविधा
C. समान वेतन
D. राजनीतिक भागीदारी
उत्तर: A. पोषक आहार की कमी
कुपोषण का प्रमुख कारण पर्याप्त और संतुलित पोषण का अभाव है। महिलाओं में पोषण की कमी स्वास्थ्य, गर्भावस्था और कार्यक्षमता पर असर डालती है। इसलिए पोषक आहार महिला स्वास्थ्य की बुनियादी जरूरत है।
Q205. महिला पोषण का सबसे अधिक प्रभाव किस पर पड़ता है?
A. आने वाली पीढ़ियों पर
B. केवल कर व्यवस्था पर
C. केवल चुनाव प्रणाली पर
D. केवल भाषा नीति पर
उत्तर: A. आने वाली पीढ़ियों पर
महिला का पोषण गर्भावस्था, शिशु स्वास्थ्य और बाल विकास को प्रभावित करता है। पोषित मां स्वस्थ बच्चे और स्वस्थ परिवार का आधार बनती है। इसलिए महिला पोषण का प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक जाता है।
Q206. पोषण अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. कुपोषण कम करना
B. दहेज प्रथा बढ़ाना
C. बाल विवाह बढ़ाना
D. शिक्षा रोकना
उत्तर: A. कुपोषण कम करना
PIB के अनुसार POSHAN Abhiyaan का उद्देश्य बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण स्तर में सुधार करना है। इसमें कुपोषण, एनीमिया और कम जन्म वजन जैसी समस्याओं को कम करने पर बल है। इसलिए इसका मुख्य लक्ष्य कुपोषण कम करना है।
Q207. आर्थिक सशक्तिकरण महिलाओं को क्या प्रदान करता है?
A. आर्थिक आत्मनिर्भरता
B. आर्थिक निर्भरता
C. आय से वंचना
D. संसाधनों से दूरी
उत्तर: A. आर्थिक आत्मनिर्भरता
आर्थिक सशक्तिकरण महिलाओं को आय, बचत और संसाधनों पर नियंत्रण देता है। इससे वे परिवार और समाज में निर्णय ले पाती हैं। आर्थिक आत्मनिर्भरता महिला सशक्तिकरण का मुख्य आधार है।
Q208. महिला आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे महत्वपूर्ण आधार क्या है?
A. आय अर्जन की क्षमता
B. अशिक्षा
C. घरेलू निर्भरता
D. सामाजिक बहिष्कार
उत्तर: A. आय अर्जन की क्षमता
जब महिला स्वयं आय अर्जित करती है तो उसकी आर्थिक निर्भरता घटती है। आय अर्जन से बचत, निवेश और निर्णय शक्ति बढ़ती है। इसलिए यह आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे महत्वपूर्ण आधार है।
Q209. आर्थिक सशक्तिकरण महिलाओं की किस क्षमता को मजबूत करता है?
A. निर्णय लेने की क्षमता
B. निर्भर रहने की क्षमता
C. चुप रहने की क्षमता
D. अवसर छोड़ने की क्षमता
उत्तर: A. निर्णय लेने की क्षमता
आर्थिक आत्मनिर्भरता से महिला परिवार और व्यक्तिगत जीवन के निर्णयों में अधिक प्रभावी होती है। आय और संसाधनों पर नियंत्रण उसे आत्मविश्वास देता है। इसलिए आर्थिक सशक्तिकरण निर्णय क्षमता को मजबूत करता है।
Q210. महिला आर्थिक सशक्तिकरण का राष्ट्रीय विकास पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A. आर्थिक वृद्धि को गति मिलती है
B. उत्पादन क्षमता घटती है
C. कार्यबल भागीदारी समाप्त होती है
D. कौशल विकास रुकता है
उत्तर: A. आर्थिक वृद्धि को गति मिलती है
महिलाओं की आर्थिक भागीदारी श्रम शक्ति, उत्पादन और परिवार की आय बढ़ाती है। इससे उपभोग, बचत और सामाजिक विकास को बल मिलता है। इसलिए महिला आर्थिक सशक्तिकरण राष्ट्रीय विकास को गति देता है।
Q211. महिलाओं के रोजगार से परिवार पर क्या प्रभाव पड़ता है?
A. परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है
B. परिवार की आय शून्य हो जाती है
C. शिक्षा रुक जाती है
D. स्वास्थ्य खराब होना निश्चित है
उत्तर: A. परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है
महिलाओं के रोजगार से परिवार की आय बढ़ती है। इससे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार होता है। रोजगार महिला की आत्मनिर्भरता और परिवार की आर्थिक सुरक्षा दोनों को बढ़ाता है।
Q212. समान कार्य हेतु समान वेतन का सिद्धांत महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से जुड़ा है?
A. आर्थिक सशक्तिकरण से
B. केवल सांस्कृतिक सशक्तिकरण से
C. केवल धार्मिक सशक्तिकरण से
D. केवल भाषाई सशक्तिकरण से
उत्तर: A. आर्थिक सशक्तिकरण से
समान कार्य के लिए समान वेतन महिलाओं के श्रम का समान मूल्य सुनिश्चित करता है। इससे लैंगिक वेतन भेदभाव कम होता है। इसलिए यह आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण सिद्धांत है।
Q213. स्वरोजगार महिलाओं में किस प्रकार की भावना विकसित करता है?
A. आत्मनिर्भरता की
B. निर्भरता की
C. भय की
D. सामाजिक निष्क्रियता की
उत्तर: A. आत्मनिर्भरता की
स्वरोजगार महिला को अपनी आय और काम पर नियंत्रण देता है। इससे आत्मविश्वास और उद्यमिता बढ़ती है। इसलिए स्वरोजगार महिलाओं में आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करता है।
Q214. ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार का प्रमुख माध्यम क्या माना जाता है?
A. लघु एवं कुटीर उद्योग
B. केवल बड़ी फैक्ट्रियां
C. केवल विदेशी नौकरी
D. केवल सैन्य सेवा
उत्तर: A. लघु एवं कुटीर उद्योग
ग्रामीण क्षेत्रों में लघु और कुटीर उद्योग महिलाओं के स्वरोजगार का प्रमुख माध्यम हैं। ये स्थानीय संसाधनों, कौशल और कम पूंजी पर आधारित होते हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं की आय और आत्मनिर्भरता बढ़ती है।
Q215. SHG का पूर्ण रूप क्या है?
A. Self Help Group
B. Social Health Group
C. State Help Grant
D. Special Home Guard
उत्तर: A. Self Help Group
SHG का पूर्ण रूप Self Help Group है। यह छोटे समूहों के माध्यम से बचत, ऋण और उद्यमिता को बढ़ावा देता है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में SHG मॉडल अत्यंत उपयोगी है।
Q216. स्वयं सहायता समूह मुख्यतः किसके लिए कार्य करते हैं?
A. महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता हेतु
B. महिलाओं को ऋण से दूर रखने हेतु
C. बचत रोकने हेतु
D. रोजगार अवसर घटाने हेतु
उत्तर: A. महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता हेतु
स्वयं सहायता समूह महिलाओं को बचत, ऋण और आय सृजन से जोड़ते हैं। सामूहिक प्रयास से महिलाएं छोटे उद्यम शुरू कर सकती हैं। इसलिए SHG आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रभावी साधन है।
Q217. SHG मॉडल का सबसे अधिक विकास किस क्षेत्र में हुआ है?
A. ग्रामीण क्षेत्र में
B. केवल अंतरिक्ष क्षेत्र में
C. केवल उच्च न्यायालय में
D. केवल विदेश सेवा में
उत्तर: A. ग्रामीण क्षेत्र में
SHG मॉडल का व्यापक विकास ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ है। ग्रामीण आजीविका मिशन और महिला समूहों ने इसे आर्थिक सशक्तिकरण का लोकप्रिय माध्यम बनाया। इससे ग्रामीण महिलाओं की वित्तीय पहुंच और सामूहिक नेतृत्व बढ़ा।
Q218. SHG महिलाओं में किस क्षमता का विकास करता है?
A. सामूहिक नेतृत्व एवं बचत की क्षमता
B. सामाजिक अलगाव की क्षमता
C. आर्थिक निर्भरता की क्षमता
D. निर्णय से दूर रहने की क्षमता
उत्तर: A. सामूहिक नेतृत्व एवं बचत की क्षमता
SHG में महिलाएं मिलकर बचत, ऋण और उद्यम संबंधी निर्णय लेती हैं। इससे सामूहिक नेतृत्व और वित्तीय अनुशासन विकसित होता है। यह महिलाओं को संगठित शक्ति प्रदान करता है।
Q219. वित्तीय समावेशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. महिलाओं को बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं से जोड़ना
B. बैंकिंग सुविधा से दूर रखना
C. नकद बचत रोकना
D. ऋण सुविधा समाप्त करना
उत्तर: A. महिलाओं को बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं से जोड़ना
वित्तीय समावेशन का उद्देश्य बैंक खाते, बचत, ऋण, बीमा और पेंशन जैसी सेवाओं तक पहुंच देना है। इससे महिलाओं का आर्थिक लेन-देन औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जुड़ता है। यह आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम है।
Q220. महिला वित्तीय समावेशन का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम क्या है?
A. बैंक खाता
B. बाल विवाह
C. दहेज प्रथा
D. अशिक्षा
उत्तर: A. बैंक खाता
बैंक खाता महिलाओं को बचत, सरकारी लाभ, बीमा और डिजिटल भुगतान से जोड़ता है। PMJDY जैसी योजनाओं ने बैंकिंग सुविधा को व्यापक बनाया है। इसलिए बैंक खाता वित्तीय समावेशन का मूल आधार है।
Q221. प्रधानमंत्री जन धन योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. सभी नागरिकों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराना
B. बैंक खाते बंद करना
C. वित्तीय सेवाएं महंगी करना
D. बीमा सुविधा रोकना
उत्तर: A. सभी नागरिकों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराना
PMJDY वित्तीय समावेशन का राष्ट्रीय मिशन है। इसकी आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इसका उद्देश्य बचत खाता, ऋण, बीमा, पेंशन और remittance जैसी सेवाओं तक पहुंच देना है। महिलाओं के लिए यह आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण साधन है।
Q222. राजनीतिक सशक्तिकरण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना
B. महिलाओं को मतदान से दूर रखना
C. प्रतिनिधित्व घटाना
D. नेतृत्व समाप्त करना
उत्तर: A. निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना
राजनीतिक सशक्तिकरण महिलाओं को शासन और नीति निर्माण में भागीदार बनाता है। इससे उनकी समस्याएं और दृष्टिकोण निर्णय प्रक्रिया में शामिल होते हैं। लोकतंत्र में यह समान प्रतिनिधित्व के लिए आवश्यक है।
Q223. महिला राजनीतिक सशक्तिकरण लोकतंत्र को कैसे मजबूत करता है?
A. समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करके
B. महिलाओं को बाहर करके
C. निर्णय प्रक्रिया सीमित करके
D. मतदान अधिकार रोककर
उत्तर: A. समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करके
लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब सभी वर्गों की भागीदारी हो। महिलाओं का प्रतिनिधित्व निर्णयों को अधिक समावेशी बनाता है। इसलिए राजनीतिक सशक्तिकरण लोकतंत्र की गुणवत्ता बढ़ाता है।
Q224. महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी किस प्रकार के समाज का निर्माण करती है?
A. समतामूलक समाज का
B. भेदभावपूर्ण समाज का
C. पितृसत्तात्मक नियंत्रण वाले समाज का
D. असमान अवसर वाले समाज का
उत्तर: A. समतामूलक समाज का
महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी समाज में समानता और न्याय को बढ़ाती है। इससे नीतियों में महिलाओं के हितों को उचित स्थान मिलता है। इसलिए यह समतामूलक समाज के निर्माण में सहायक है।
Q225. पंचायतों में महिलाओं को आरक्षण किस संविधान संशोधन द्वारा दिया गया?
A. 73वें संविधान संशोधन द्वारा
B. 42वें संविधान संशोधन द्वारा
C. 44वें संविधान संशोधन द्वारा
D. 106वें संविधान संशोधन द्वारा
उत्तर: A. 73वें संविधान संशोधन द्वारा
73वें संविधान संशोधन ने पंचायत राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया। अनुच्छेद 243D के अंतर्गत पंचायतों में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया। इससे ग्रामीण महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ी।
Q226. 73वें संविधान संशोधन के अंतर्गत महिलाओं हेतु न्यूनतम आरक्षण कितना है?
A. 33 प्रतिशत
B. 10 प्रतिशत
C. 20 प्रतिशत
D. 75 प्रतिशत
उत्तर: A. 33 प्रतिशत
73वें संशोधन के अंतर्गत पंचायतों में महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई सीटों का आरक्षण है। एक-तिहाई का अर्थ लगभग 33 प्रतिशत है। कई राज्यों ने इसे 50 प्रतिशत तक बढ़ाया है, लेकिन मूल संवैधानिक प्रावधान 33 प्रतिशत है।
Q227. पंचायतों में महिला आरक्षण का सबसे बड़ा प्रभाव क्या हुआ?
A. ग्रामीण महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ी
B. महिलाओं का मतदान अधिकार समाप्त हुआ
C. पंचायत व्यवस्था समाप्त हुई
D. ग्रामीण नेतृत्व कम हुआ
उत्तर: A. ग्रामीण महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ी
पंचायत आरक्षण से लाखों महिलाएं स्थानीय शासन से जुड़ीं। इससे गांव स्तर पर महिला नेतृत्व और निर्णय क्षमता बढ़ी। यह जमीनी लोकतंत्र में महिला सशक्तिकरण का बड़ा प्रभाव है।
Q228. संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं के आरक्षण से संबंधित अधिनियम कौन-सा है?
A. नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023
B. शारदा अधिनियम, 1929
C. दहेज निषेध अधिनियम, 1961
D. मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961
उत्तर: A. नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संविधान 106वाँ संशोधन अधिनियम, 2023 के रूप में जाना जाता है। इसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना है। यह राजनीतिक सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम है।
Q229. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत महिलाओं को कितने प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है?
A. 33 प्रतिशत
B. 10 प्रतिशत
C. 20 प्रतिशत
D. 50 प्रतिशत
उत्तर: A. 33 प्रतिशत
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान है। एक-तिहाई को सामान्यतः 33 प्रतिशत कहा जाता है। इससे महिला प्रतिनिधित्व को संवैधानिक आधार मिला।
Q230. महिलाओं का विधायिकाओं में प्रतिनिधित्व किस प्रकार के सशक्तिकरण को दर्शाता है?
A. राजनीतिक सशक्तिकरण को
B. केवल पोषण सशक्तिकरण को
C. केवल स्वास्थ्य सशक्तिकरण को
D. केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम को
उत्तर: A. राजनीतिक सशक्तिकरण को
विधायिकाओं में प्रतिनिधित्व महिलाओं को कानून निर्माण और नीति निर्णय में भागीदार बनाता है। यह लोकतंत्र में उनकी आवाज को मजबूत करता है। इसलिए यह राजनीतिक सशक्तिकरण का स्पष्ट उदाहरण है।
Q231. शैक्षिक सशक्तिकरण का मूल उद्देश्य क्या है?
A. महिलाओं को ज्ञान एवं कौशल से सशक्त बनाना
B. महिलाओं को शिक्षा से दूर रखना
C. अशिक्षा बढ़ाना
D. कौशल विकास रोकना
उत्तर: A. महिलाओं को ज्ञान एवं कौशल से सशक्त बनाना
शैक्षिक सशक्तिकरण महिलाओं को ज्ञान, कौशल और सूचना तक पहुंच देता है। इससे वे रोजगार, स्वास्थ्य और अधिकारों से जुड़े निर्णय बेहतर लेती हैं। शिक्षा सशक्तिकरण के सभी आयामों को मजबूत करती है।
Q232. शैक्षिक सशक्तिकरण महिलाओं में किस प्रकार की जागरूकता विकसित करता है?
A. अधिकारों के प्रति जागरूकता
B. अधिकारों से दूरी
C. कानून से डर
D. सामाजिक निष्क्रियता
उत्तर: A. अधिकारों के प्रति जागरूकता
शिक्षा महिलाओं को संविधान, कानून, स्वास्थ्य और सामाजिक अधिकारों की जानकारी देती है। अधिकारों की समझ से वे शोषण और भेदभाव के विरुद्ध आवाज उठा सकती हैं। इसलिए शैक्षिक सशक्तिकरण अधिकार-जागरूकता बढ़ाता है।
Q233. डिजिटल शिक्षा महिलाओं को किस प्रकार के नए अवसर प्रदान करती है?
A. ऑनलाइन शिक्षा एवं रोजगार के अवसर
B. शिक्षा से दूरी
C. बैंकिंग से अलगाव
D. सूचना से वंचना
उत्तर: A. ऑनलाइन शिक्षा एवं रोजगार के अवसर
डिजिटल शिक्षा महिलाओं को घर या स्थानीय स्तर से सीखने के अवसर देती है। इससे ऑनलाइन कौशल, डिजिटल सेवाओं और रोजगार तक पहुंच बनती है। 21वीं सदी में यह महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण साधन है।
Q234. डिजिटल साक्षरता 21वीं सदी में महिला सशक्तिकरण के किस नए आयाम को दर्शाती है?
A. डिजिटल सशक्तिकरण को
B. सामाजिक बहिष्कार को
C. तकनीक से दूरी को
D. सूचना असमानता को
उत्तर: A. डिजिटल सशक्तिकरण को
डिजिटल साक्षरता महिलाओं को इंटरनेट, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन शिक्षा और सरकारी सेवाओं से जोड़ती है। इससे सूचना और अवसरों तक पहुंच बढ़ती है। इसलिए यह डिजिटल सशक्तिकरण का प्रमुख संकेत है।
Q235. कानूनी सशक्तिकरण का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. महिलाओं को अधिकार एवं कानूनी सुरक्षा प्रदान करना
B. महिलाओं को न्याय से दूर रखना
C. अधिकारों को समाप्त करना
D. भेदभाव को कानूनी बनाना
उत्तर: A. महिलाओं को अधिकार एवं कानूनी सुरक्षा प्रदान करना
कानूनी सशक्तिकरण महिलाओं को संविधान, कानून और न्यायिक उपायों की सुरक्षा देता है। इससे वे हिंसा, भेदभाव और शोषण के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं। यह महिला सुरक्षा और गरिमा का आधार है।
Q236. महिला अधिकारों की संवैधानिक रक्षा किसके माध्यम से होती है?
A. कानून एवं न्यायपालिका के माध्यम से
B. कुरीतियों के माध्यम से
C. सामाजिक बहिष्कार के माध्यम से
D. अशिक्षा के माध्यम से
उत्तर: A. कानून एवं न्यायपालिका के माध्यम से
महिला अधिकारों की रक्षा संविधान, विधियों और न्यायालयों के माध्यम से होती है। न्यायपालिका मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर राहत प्रदान कर सकती है। इसलिए कानून और न्यायपालिका महिला अधिकारों की प्रमुख रक्षा व्यवस्था हैं।
Q237. महिलाओं को न्यायिक सुरक्षा प्रदान करने वाली सर्वोच्च संस्था कौन-सी है?
A. उच्चतम न्यायालय
B. ग्राम सभा
C. नगर पालिका
D. सहकारी समिति
उत्तर: A. उच्चतम न्यायालय
भारत का उच्चतम न्यायालय संविधान का संरक्षक और सर्वोच्च न्यायिक संस्था है। महिलाओं के मौलिक अधिकारों और गरिमा से जुड़े मामलों में यह अंतिम न्यायिक संरक्षण प्रदान करता है। इसलिए इसे न्यायिक सुरक्षा की सर्वोच्च संस्था माना जाता है।
Q238. फास्ट ट्रैक कोर्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. महिला अपराधों के मामलों का त्वरित निस्तारण
B. मामलों को लंबित रखना
C. शिकायत दर्ज न करना
D. न्याय प्रक्रिया रोकना
उत्तर: A. महिला अपराधों के मामलों का त्वरित निस्तारण
फास्ट ट्रैक कोर्ट का उद्देश्य गंभीर मामलों की शीघ्र सुनवाई और निस्तारण करना है। महिला अपराधों में देरी न्याय को कमजोर कर सकती है। इसलिए त्वरित न्याय महिला सुरक्षा और कानूनी सशक्तिकरण के लिए जरूरी है।
Section-E संदर्भ: POSHAN Abhiyaan, PM Jan Dhan Yojana, 73वाँ संविधान संशोधन, नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 और महिला सशक्तिकरण से जुड़े प्रमाणिक सरकारी स्रोत।
SECTION-F : केंद्र सरकार की योजनाएँ
Q239. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना कब शुरू की गई?
A. 2015 में
B. 2005 में
C. 2019 में
D. 1994 में
उत्तर: A. 2015 में
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना 2015 में शुरू की गई। इसका उद्देश्य बालिका के जन्म, सुरक्षा और शिक्षा को बढ़ावा देना है। यह योजना गिरते बाल लिंगानुपात और लैंगिक भेदभाव के विरुद्ध महत्वपूर्ण अभियान है।
Q240. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. बालिका संरक्षण, शिक्षा और समानता को बढ़ावा देना
B. बाल विवाह को बढ़ावा देना
C. महिला शिक्षा रोकना
D. केवल रोजगार देना
उत्तर: A. बालिका संरक्षण, शिक्षा और समानता को बढ़ावा देना
इस योजना का लक्ष्य बालिकाओं के प्रति समाज की सोच बदलना है। यह जन्म से लेकर शिक्षा तक बालिका के अधिकारों पर बल देती है। महिला सशक्तिकरण में यह सामाजिक जागरूकता का प्रमुख कार्यक्रम है।
Q241. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना किस समस्या से सीधे संबंधित है?
A. गिरते बाल लिंगानुपात से
B. बेरोजगारी भत्ता से
C. वृद्धावस्था पेंशन से
D. कृषि बीमा से
उत्तर: A. गिरते बाल लिंगानुपात से
BBBP योजना का प्रमुख फोकस बाल लिंगानुपात में सुधार है। कन्या भ्रूण हत्या और बालिकाओं के प्रति भेदभाव इसके पीछे मुख्य कारण माने जाते हैं। इसलिए यह योजना बालिका सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी है।
Q242. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. सामाजिक एवं शैक्षिक सशक्तिकरण से
B. केवल सैन्य सशक्तिकरण से
C. केवल कर व्यवस्था से
D. केवल विदेश नीति से
उत्तर: A. सामाजिक एवं शैक्षिक सशक्तिकरण से
यह योजना बालिका के जन्म, सुरक्षा और शिक्षा को समाज से जोड़ती है। इससे परिवारों में बालिका के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। इसलिए यह सामाजिक और शैक्षिक सशक्तिकरण दोनों से जुड़ी है।
Q243. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का नारा किस विचार को मजबूत करता है?
A. बेटी के जीवन और शिक्षा के महत्व को
B. बालिका शिक्षा के विरोध को
C. लैंगिक भेदभाव को
D. बाल विवाह को
उत्तर: A. बेटी के जीवन और शिक्षा के महत्व को
इस योजना का नाम ही बालिका को बचाने और पढ़ाने की सोच को आगे रखता है। यह समाज में बेटी को बोझ नहीं, बल्कि समान अधिकार वाली नागरिक मानने की भावना बढ़ाता है। UP PGT में इसे महिला सशक्तिकरण की सामाजिक योजना के रूप में पूछा जा सकता है।
Q244. सुकन्या समृद्धि योजना किसके लिए शुरू की गई है?
A. बालिकाओं के भविष्य हेतु बचत के लिए
B. वृद्ध पुरुषों के लिए
C. केवल किसानों के लिए
D. केवल सैनिकों के लिए
उत्तर: A. बालिकाओं के भविष्य हेतु बचत के लिए
सुकन्या समृद्धि योजना बालिका के नाम पर बचत खाता खोलने की योजना है। इसका उद्देश्य बालिका की शिक्षा और विवाह जैसी भविष्य की जरूरतों के लिए वित्तीय सुरक्षा देना है। यह बालिका के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी है।
Q245. सुकन्या समृद्धि खाता किसके नाम पर खोला जाता है?
A. बालिका के नाम पर
B. केवल पिता के नाम पर
C. ग्राम प्रधान के नाम पर
D. विद्यालय के नाम पर
उत्तर: A. बालिका के नाम पर
इस योजना में खाता बालिका के नाम से खोला जाता है। अभिभावक उसके लिए राशि जमा करते हैं। इससे परिवार में बेटी के भविष्य के प्रति बचत और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
Q246. सुकन्या समृद्धि योजना किस अभियान से जुड़ी मानी जाती है?
A. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से
B. स्वच्छ भारत से ही केवल
C. नमामि गंगे से
D. उज्ज्वला से
उत्तर: A. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से
सुकन्या समृद्धि योजना बालिका के आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करती है। यह बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की व्यापक सोच को वित्तीय आधार देती है। इसलिए दोनों योजनाएं बालिका सशक्तिकरण से जुड़ी मानी जाती हैं।
Q247. सुकन्या समृद्धि योजना महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. वित्तीय सशक्तिकरण से
B. सैन्य सशक्तिकरण से
C. भाषाई सशक्तिकरण से
D. धार्मिक अनुष्ठान से
उत्तर: A. वित्तीय सशक्तिकरण से
यह योजना बालिका के लिए बचत और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए धन उपलब्ध होना सशक्तिकरण का आधार है। इसलिए इसे वित्तीय सशक्तिकरण से जोड़ा जाता है।
Q248. सुकन्या समृद्धि योजना का मुख्य लाभ क्या है?
A. बालिका के भविष्य के लिए सुरक्षित बचत
B. बाल विवाह को बढ़ावा
C. शिक्षा से दूरी
D. बैंकिंग से वंचना
उत्तर: A. बालिका के भविष्य के लिए सुरक्षित बचत
इस योजना के माध्यम से परिवार बालिका के भविष्य के लिए नियमित बचत कर सकता है। बचत राशि बालिका की शिक्षा और जीवन की महत्वपूर्ण जरूरतों में सहायक होती है। यह बेटियों के प्रति सकारात्मक निवेश की सोच विकसित करती है।
Q249. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना किस वर्ग की बालिकाओं पर विशेष ध्यान देती है?
A. वंचित एवं पिछड़े वर्ग की बालिकाओं पर
B. केवल शहरी बालकों पर
C. केवल उच्च आय वर्ग पर
D. केवल विश्वविद्यालय छात्रों पर
उत्तर: A. वंचित एवं पिछड़े वर्ग की बालिकाओं पर
KGBV योजना शैक्षिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों की वंचित बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय व्यवस्था से जुड़ी है। इसका उद्देश्य ऐसी बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना है जो सामाजिक या आर्थिक कारणों से पीछे रह जाती हैं। यह शैक्षिक सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण योजना है।
Q250. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय किस प्रकार की व्यवस्था प्रदान करता है?
A. आवासीय विद्यालय व्यवस्था
B. केवल बैंक ऋण
C. केवल स्वास्थ्य बीमा
D. केवल रोजगार गारंटी
उत्तर: A. आवासीय विद्यालय व्यवस्था
KGBV में बालिकाओं को आवासीय शिक्षा सुविधा दी जाती है। इससे दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों की लड़कियों को पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिलता है। यह ड्रॉपआउट कम करने और बालिका शिक्षा बढ़ाने में सहायक है।
Q251. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. शैक्षिक सशक्तिकरण से
B. केवल राजनीतिक आरक्षण से
C. केवल उद्योग ऋण से
D. केवल स्वास्थ्य बीमा से
उत्तर: A. शैक्षिक सशक्तिकरण से
यह योजना बालिका शिक्षा को बढ़ावा देती है। शिक्षा से बालिकाओं में आत्मविश्वास, ज्ञान और अधिकार-जागरूकता बढ़ती है। इसलिए यह शैक्षिक सशक्तिकरण का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
Q252. KGBV का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
A. बालिकाओं की शिक्षा और नामांकन बढ़ाना
B. बालिका शिक्षा रोकना
C. दहेज प्रथा बढ़ाना
D. केवल विवाह सहायता देना
उत्तर: A. बालिकाओं की शिक्षा और नामांकन बढ़ाना
KGBV का लक्ष्य उन बालिकाओं को विद्यालय से जोड़ना है जो सामाजिक, आर्थिक या भौगोलिक कारणों से शिक्षा से दूर हैं। आवासीय सुविधा उनके लिए सुरक्षित और निरंतर शिक्षा का साधन बनती है। इसलिए यह नामांकन और निरंतरता दोनों पर ध्यान देती है।
Q253. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का महत्व ग्रामीण बालिका शिक्षा में क्यों है?
A. यह दूरस्थ क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ता है
B. यह शिक्षा समाप्त करता है
C. यह केवल बालकों के लिए है
D. यह केवल उच्च शिक्षा देता है
उत्तर: A. यह दूरस्थ क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ता है
ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में विद्यालय दूरी, गरीबी और सुरक्षा बड़ी बाधाएं होती हैं। KGBV आवासीय सुविधा देकर इन बाधाओं को कम करता है। इसलिए यह ग्रामीण बालिका शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Q254. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना किससे संबंधित है?
A. गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं से
B. केवल वृद्धावस्था पेंशन से
C. केवल बालक शिक्षा से
D. केवल कृषि ऋण से
उत्तर: A. गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं से
PMMVY मातृत्व लाभ से जुड़ी केंद्र सरकार की योजना है। इसका उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य सहायता देना है। यह मातृत्व संरक्षण और महिला स्वास्थ्य से संबंधित है।
Q255. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. मातृत्व के दौरान पोषण एवं आर्थिक सहायता देना
B. दहेज सहायता देना
C. बाल विवाह बढ़ाना
D. लिंग चयन कराना
उत्तर: A. मातृत्व के दौरान पोषण एवं आर्थिक सहायता देना
इस योजना में मातृत्व अवधि में महिलाओं को सहायता दी जाती है ताकि पोषण और स्वास्थ्य जरूरतें पूरी हो सकें। इससे मजदूरी हानि की आंशिक भरपाई और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिलता है। यह महिला स्वास्थ्य सशक्तिकरण से जुड़ी है।
Q256. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से जुड़ी है?
A. स्वास्थ्य एवं पोषण सशक्तिकरण से
B. केवल राजनीतिक आरक्षण से
C. केवल डिजिटल शिक्षा से
D. केवल सैन्य सेवा से
उत्तर: A. स्वास्थ्य एवं पोषण सशक्तिकरण से
PMMVY गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और मातृत्व सुरक्षा पर केंद्रित है। महिला का स्वास्थ्य परिवार और बच्चे के स्वास्थ्य से भी जुड़ा होता है। इसलिए यह स्वास्थ्य और पोषण सशक्तिकरण का उदाहरण है।
Q257. PMMVY में सहायता किस उद्देश्य से दी जाती है?
A. गर्भावस्था और प्रसव के समय देखभाल हेतु
B. दहेज भुगतान हेतु
C. चुनाव प्रचार हेतु
D. विदेश यात्रा हेतु
उत्तर: A. गर्भावस्था और प्रसव के समय देखभाल हेतु
योजना का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान उचित पोषण और स्वास्थ्य जांच को प्रोत्साहित करना है। आर्थिक सहायता महिला को आवश्यक देखभाल में मदद करती है। इससे सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिलता है।
Q258. PMMVY का संबंध किस संवैधानिक भावना से जोड़ा जा सकता है?
A. मातृत्व सहायता से
B. आपातकाल से
C. नागरिकता समाप्ति से
D. भाषा नीति से
उत्तर: A. मातृत्व सहायता से
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 42 मातृत्व सहायता और मानवीय कार्य दशाओं की दिशा देता है। PMMVY जैसी योजनाएं इसी कल्याणकारी भावना को व्यवहार में लाती हैं। इसलिए यह मातृत्व संरक्षण से संबंधित है।
Q259. पोषण अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. कुपोषण कम करना
B. दहेज बढ़ाना
C. बाल विवाह बढ़ाना
D. शिक्षा रोकना
उत्तर: A. कुपोषण कम करना
पोषण अभियान बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण स्तर में सुधार पर केंद्रित है। इसका लक्ष्य कुपोषण, एनीमिया और कम जन्म वजन जैसी समस्याओं को घटाना है। महिला स्वास्थ्य में इसकी बड़ी भूमिका है।
Q260. पोषण अभियान किन समूहों पर विशेष ध्यान देता है?
A. बच्चे, किशोरियां, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं
B. केवल उद्योगपति
C. केवल सैनिक
D. केवल बैंक कर्मचारी
उत्तर: A. बच्चे, किशोरियां, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं
पोषण अभियान जीवन चक्र दृष्टिकोण पर आधारित है। इसमें बच्चों और महिलाओं के पोषण को परिवार और राष्ट्र के स्वास्थ्य से जोड़ा गया है। इसलिए यह महिला और बाल विकास की प्रमुख योजना है।
Q261. पोषण अभियान महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. स्वास्थ्य एवं पोषण सशक्तिकरण से
B. केवल राजनीतिक सशक्तिकरण से
C. केवल न्यायिक नियुक्ति से
D. केवल विदेश नीति से
उत्तर: A. स्वास्थ्य एवं पोषण सशक्तिकरण से
महिला पोषण सीधे मातृ स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। पोषण अभियान महिलाओं और किशोरियों में पोषण सुधार पर बल देता है। इसलिए यह स्वास्थ्य और पोषण सशक्तिकरण से जुड़ा है।
Q262. पोषण अभियान में एनीमिया कम करना क्यों महत्वपूर्ण है?
A. क्योंकि एनीमिया महिलाओं के स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को प्रभावित करता है
B. क्योंकि यह चुनावी प्रक्रिया है
C. क्योंकि यह कर नीति है
D. क्योंकि इसका स्वास्थ्य से संबंध नहीं है
उत्तर: A. क्योंकि एनीमिया महिलाओं के स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को प्रभावित करता है
एनीमिया महिलाओं, किशोरियों और गर्भवती माताओं में गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। इससे कमजोरी, मातृत्व जोखिम और कार्यक्षमता पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए पोषण अभियान में एनीमिया कम करना महत्वपूर्ण लक्ष्य है।
Q263. पोषण अभियान का राष्ट्रीय विकास से क्या संबंध है?
A. स्वस्थ मानव संसाधन के निर्माण से
B. शिक्षा समाप्त करने से
C. महिला स्वास्थ्य घटाने से
D. बाल पोषण रोकने से
उत्तर: A. स्वस्थ मानव संसाधन के निर्माण से
अच्छा पोषण स्वस्थ बच्चों, स्वस्थ माताओं और उत्पादक समाज का आधार है। कुपोषण घटने से शिक्षा, स्वास्थ्य और कामकाजी क्षमता में सुधार होता है। इसलिए पोषण अभियान मानव विकास से सीधे जुड़ा है।
Q264. जननी सुरक्षा योजना किससे संबंधित है?
A. सुरक्षित मातृत्व से
B. बालिका बैंक खाते से
C. उद्योग ऋण से
D. पंचायत चुनाव से
उत्तर: A. सुरक्षित मातृत्व से
जननी सुरक्षा योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सुरक्षित मातृत्व से जुड़ी योजना है। इसका उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना है। इससे मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने में सहायता मिलती है।
Q265. जननी सुरक्षा योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना
B. घर पर असुरक्षित प्रसव बढ़ाना
C. पोषण सहायता रोकना
D. महिला स्वास्थ्य जांच बंद करना
उत्तर: A. संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना
JSY गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव के लिए प्रोत्साहित करती है। संस्थागत प्रसव से प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और आपात सुविधा उपलब्ध होती है। यह सुरक्षित मातृत्व का महत्वपूर्ण माध्यम है।
Q266. जननी सुरक्षा योजना किस राष्ट्रीय कार्यक्रम के अंतर्गत आती है?
A. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
B. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
C. स्टैंड अप इंडिया
D. मुद्रा योजना
उत्तर: A. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
जननी सुरक्षा योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़ी सुरक्षित मातृत्व योजना है। यह स्वास्थ्य सेवाओं तक गर्भवती महिलाओं की पहुंच बढ़ाती है। इससे मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार में मदद मिलती है।
Q267. जननी सुरक्षा योजना महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. स्वास्थ्य सशक्तिकरण से
B. केवल डिजिटल सशक्तिकरण से
C. केवल राजनीतिक आरक्षण से
D. केवल बैंकिंग से
उत्तर: A. स्वास्थ्य सशक्तिकरण से
JSY महिला को सुरक्षित प्रसव और स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ती है। मातृ स्वास्थ्य महिला की गरिमा और जीवन सुरक्षा से जुड़ा है। इसलिए यह स्वास्थ्य सशक्तिकरण की प्रमुख योजना है।
Q268. जननी सुरक्षा योजना का मातृ मृत्यु दर पर क्या प्रभाव अपेक्षित है?
A. मातृ मृत्यु दर में कमी
B. मातृ मृत्यु दर में वृद्धि
C. स्वास्थ्य सेवा से दूरी
D. संस्थागत प्रसव में कमी
उत्तर: A. मातृ मृत्यु दर में कमी
संस्थागत प्रसव और समय पर स्वास्थ्य सेवा मातृ मृत्यु के जोखिम को घटाते हैं। JSY महिलाओं को ऐसी सेवाओं तक पहुंचाने का प्रयास करती है। इसलिए इसका उद्देश्य मातृ मृत्यु दर कम करना है।
Q269. आयुष्मान भारत PM-JAY का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. गरीब और कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देना
B. केवल शिक्षा ऋण देना
C. केवल बालिका बचत खाता खोलना
D. केवल पंचायत चुनाव कराना
उत्तर: A. गरीब और कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा देना
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना गरीब और कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य बीमा जैसी सुरक्षा देती है। इसका उद्देश्य गंभीर बीमारी में आर्थिक बोझ कम करना है। महिलाओं के लिए यह स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाती है।
Q270. आयुष्मान भारत PM-JAY में प्रति परिवार वार्षिक स्वास्थ्य कवर कितना है?
A. 5 लाख रुपये तक
B. 50 हजार रुपये तक
C. 1 लाख रुपये तक
D. 10 हजार रुपये तक
उत्तर: A. 5 लाख रुपये तक
PM-JAY में पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जाता है। यह द्वितीयक और तृतीयक अस्पताल उपचार से संबंधित है। आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए यह बड़ी सुरक्षा है।
Q271. आयुष्मान भारत महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से जुड़ा है?
A. स्वास्थ्य सशक्तिकरण से
B. केवल राजनीतिक सशक्तिकरण से
C. केवल भाषा नीति से
D. केवल कृषि उत्पादन से
उत्तर: A. स्वास्थ्य सशक्तिकरण से
स्वास्थ्य सुरक्षा महिलाओं को गंभीर बीमारी के आर्थिक संकट से बचाती है। जब इलाज की सुविधा उपलब्ध होती है तो परिवार महिला स्वास्थ्य पर खर्च करने में सक्षम होता है। इसलिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य सशक्तिकरण से जुड़ा है।
Q272. PM-JAY किस प्रकार की स्वास्थ्य सेवा पर केंद्रित है?
A. द्वितीयक एवं तृतीयक अस्पताल उपचार
B. केवल प्राथमिक विद्यालय शिक्षा
C. केवल बैंक खाता खोलना
D. केवल रोजगार प्रशिक्षण
उत्तर: A. द्वितीयक एवं तृतीयक अस्पताल उपचार
PM-JAY अस्पताल में भर्ती होकर होने वाले गंभीर उपचारों को कवर करती है। यह गरीब परिवारों को महंगे इलाज से जुड़े खर्च से बचाती है। महिलाओं के लिए यह स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंच का महत्वपूर्ण साधन है।
Q273. आयुष्मान भारत का महिला स्वास्थ्य पर सबसे बड़ा लाभ क्या है?
A. इलाज के आर्थिक बोझ में कमी
B. उपचार से दूरी
C. अस्पताल सुविधा बंद करना
D. महिला स्वास्थ्य को अनदेखा करना
उत्तर: A. इलाज के आर्थिक बोझ में कमी
गरीब परिवारों में इलाज का खर्च महिलाओं की स्वास्थ्य पहुंच को सीमित कर सकता है। PM-JAY इस आर्थिक बाधा को कम करता है। इससे महिलाएं आवश्यक उपचार प्राप्त कर सकती हैं।
Q274. NRLM का पूर्ण रूप क्या है?
A. National Rural Livelihoods Mission
B. National Road Lighting Mission
C. New Rural Labour Market
D. National Revenue Legal Mission
उत्तर: A. National Rural Livelihoods Mission
NRLM का पूरा नाम National Rural Livelihoods Mission है। इसे DAY-NRLM के रूप में भी जाना जाता है। इसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को आजीविका और स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना है।
Q275. NRLM में महिलाओं की प्रमुख संस्था कौन-सी है?
A. स्वयं सहायता समूह
B. नगर निगम
C. उच्च न्यायालय
D. संसद समिति
उत्तर: A. स्वयं सहायता समूह
DAY-NRLM में महिला स्वयं सहायता समूह आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख आधार हैं। ये समूह बचत, ऋण, उद्यम और सामूहिक नेतृत्व को बढ़ावा देते हैं। ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में इनकी बड़ी भूमिका है।
Q276. NRLM महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. आर्थिक सशक्तिकरण से
B. केवल धार्मिक सशक्तिकरण से
C. केवल भाषाई सशक्तिकरण से
D. केवल सैन्य संगठन से
उत्तर: A. आर्थिक सशक्तिकरण से
NRLM ग्रामीण महिलाओं को आय सृजन और वित्तीय सेवाओं से जोड़ता है। SHG के माध्यम से महिलाएं बचत और उद्यमिता सीखती हैं। इसलिए यह आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम है।
Q277. DAY-NRLM का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. ग्रामीण गरीबों की आजीविका बढ़ाना
B. बाल विवाह बढ़ाना
C. दहेज प्रथा को वैध करना
D. महिला शिक्षा रोकना
उत्तर: A. ग्रामीण गरीबों की आजीविका बढ़ाना
DAY-NRLM का उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को टिकाऊ आजीविका से जोड़ना है। महिला समूह इसके क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण आधार हैं। इससे ग्रामीण महिला नेतृत्व और आय दोनों बढ़ते हैं।
Q278. NRLM में SHG महिलाओं में किस क्षमता का विकास करता है?
A. बचत, नेतृत्व और उद्यमिता की क्षमता
B. निर्भरता की क्षमता
C. सामाजिक अलगाव की क्षमता
D. रोजगार से दूरी की क्षमता
उत्तर: A. बचत, नेतृत्व और उद्यमिता की क्षमता
SHG महिलाओं को समूह में निर्णय लेने और आर्थिक गतिविधि चलाने का अनुभव देता है। नियमित बचत और ऋण से वित्तीय अनुशासन आता है। इससे नेतृत्व और उद्यमिता का विकास होता है।
Q279. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना किससे संबंधित है?
A. सूक्ष्म उद्यमों को ऋण सुविधा से
B. केवल स्वास्थ्य बीमा से
C. केवल बालिका शिक्षा से
D. केवल पंचायत चुनाव से
उत्तर: A. सूक्ष्म उद्यमों को ऋण सुविधा से
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना छोटे और सूक्ष्म उद्यमों को ऋण उपलब्ध कराने से संबंधित है। महिलाएं भी इस योजना के माध्यम से स्वरोजगार और छोटे व्यवसाय शुरू कर सकती हैं। यह उद्यमिता आधारित आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है।
Q280. मुद्रा योजना महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. आर्थिक एवं उद्यमिता सशक्तिकरण से
B. केवल धार्मिक अनुष्ठान से
C. केवल न्यायपालिका से
D. केवल भाषा नीति से
उत्तर: A. आर्थिक एवं उद्यमिता सशक्तिकरण से
मुद्रा योजना महिलाओं को छोटे कारोबार के लिए ऋण उपलब्ध कराती है। इससे स्वरोजगार, आय और आत्मनिर्भरता बढ़ती है। इसलिए यह आर्थिक और उद्यमिता सशक्तिकरण से जुड़ी है।
Q281. मुद्रा योजना का मुख्य लाभ महिलाओं के लिए क्या है?
A. छोटे व्यवसाय के लिए ऋण सहायता
B. शिक्षा से दूरी
C. रोजगार बंद करना
D. बैंकिंग सुविधा हटाना
उत्तर: A. छोटे व्यवसाय के लिए ऋण सहायता
महिलाएं मुद्रा ऋण से सिलाई, दुकान, सेवा कार्य या लघु उद्यम शुरू कर सकती हैं। ऋण सहायता पूंजी की समस्या को कम करती है। इससे महिलाओं में आत्मनिर्भरता और आर्थिक निर्णय क्षमता बढ़ती है।
Q282. मुद्रा योजना किस प्रकार की गतिविधियों को बढ़ावा देती है?
A. गैर-कॉर्पोरेट लघु उद्यमों को
B. केवल बड़े उद्योगों को
C. केवल सरकारी नौकरियों को
D. केवल कृषि कर को
उत्तर: A. गैर-कॉर्पोरेट लघु उद्यमों को
मुद्रा योजना छोटे, गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि उद्यमों को वित्तीय सहायता देने से जुड़ी है। महिलाएं इस माध्यम से छोटे उद्यम शुरू कर सकती हैं। इसलिए यह स्वरोजगार को बढ़ावा देती है।
Q283. मुद्रा योजना महिलाओं में किस भावना को विकसित करती है?
A. स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता
B. निर्भरता और निष्क्रियता
C. आर्थिक दूरी
D. उद्यम से भय
उत्तर: A. स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता
मुद्रा ऋण महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर देता है। इससे वे परिवार की आय में योगदान कर सकती हैं। यह आत्मनिर्भरता और उद्यमशीलता की भावना को मजबूत करता है।
Q284. स्टैंड अप इंडिया योजना का उद्देश्य क्या है?
A. महिला और SC/ST उद्यमियों को बैंक ऋण देना
B. बाल विवाह रोकना ही केवल
C. मातृत्व सहायता देना
D. केवल स्वास्थ्य बीमा देना
उत्तर: A. महिला और SC/ST उद्यमियों को बैंक ऋण देना
स्टैंड अप इंडिया योजना महिलाओं और SC/ST उद्यमियों को उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण से जोड़ती है। इसका उद्देश्य उद्यमिता में समावेशन बढ़ाना है। महिला उद्यमिता के लिए यह महत्वपूर्ण योजना है।
Q285. स्टैंड अप इंडिया योजना में ऋण किस प्रकार के उद्यम के लिए दिया जाता है?
A. ग्रीनफील्ड उद्यम के लिए
B. केवल विवाह खर्च के लिए
C. केवल उपभोग खर्च के लिए
D. केवल चुनाव खर्च के लिए
उत्तर: A. ग्रीनफील्ड उद्यम के लिए
स्टैंड अप इंडिया में नया उद्यम शुरू करने के लिए ऋण दिया जाता है, जिसे ग्रीनफील्ड उद्यम कहा जाता है। इसमें विनिर्माण, सेवा या व्यापार क्षेत्र शामिल हो सकते हैं। यह नए महिला उद्यमियों को अवसर देता है।
Q286. स्टैंड अप इंडिया योजना महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से जुड़ी है?
A. आर्थिक एवं उद्यमिता सशक्तिकरण से
B. केवल स्वास्थ्य पोषण से
C. केवल न्यायिक सुरक्षा से
D. केवल सामाजिक कुरीति से
उत्तर: A. आर्थिक एवं उद्यमिता सशक्तिकरण से
यह योजना महिलाओं को बैंक ऋण देकर उद्यम स्थापित करने में मदद करती है। उद्यमिता महिलाओं को आय, रोजगार और नेतृत्व प्रदान करती है। इसलिए यह आर्थिक और उद्यमिता सशक्तिकरण से जुड़ी है।
Q287. स्टैंड अप इंडिया योजना में बैंक शाखा से कम से कम किस वर्ग को ऋण देने की परिकल्पना है?
A. एक महिला और एक SC/ST उद्यमी को
B. केवल सरकारी कर्मचारी को
C. केवल बड़े उद्योगपति को
D. केवल विदेशी कंपनियों को
उत्तर: A. एक महिला और एक SC/ST उद्यमी को
योजना का उद्देश्य प्रत्येक बैंक शाखा से कम से कम एक महिला और एक SC/ST उद्यमी को प्रोत्साहित करना है। इससे उद्यमिता में सामाजिक और लैंगिक समावेशन बढ़ता है। यह वित्तीय अवसरों का लोकतंत्रीकरण करता है।
Q288. स्टैंड अप इंडिया योजना का महिलाओं पर मुख्य प्रभाव क्या है?
A. महिला उद्यमिता को बढ़ावा
B. रोजगार से दूरी
C. बैंकिंग से अलगाव
D. आर्थिक निर्भरता में वृद्धि
उत्तर: A. महिला उद्यमिता को बढ़ावा
स्टैंड अप इंडिया महिलाओं को उद्यम शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता देती है। इससे वे नौकरी खोजने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली भी बन सकती हैं। इसलिए यह महिला उद्यमिता को बढ़ावा देती है।
Q289. महिला ई-हाट योजना किससे संबंधित है?
A. महिला उद्यमियों के ऑनलाइन विपणन से
B. केवल स्वास्थ्य बीमा से
C. केवल पंचायत आरक्षण से
D. केवल प्रसूति सहायता से
उत्तर: A. महिला उद्यमियों के ऑनलाइन विपणन से
महिला ई-हाट महिलाओं के उत्पादों और सेवाओं के ऑनलाइन प्रदर्शन और विपणन से संबंधित पहल है। इसका उद्देश्य महिला उद्यमियों को डिजिटल बाजार से जोड़ना है। यह डिजिटल और आर्थिक सशक्तिकरण दोनों से जुड़ी है।
Q290. महिला ई-हाट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. महिला उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराना
B. महिलाओं को बाजार से दूर रखना
C. डिजिटल शिक्षा रोकना
D. बचत खाता बंद करना
उत्तर: A. महिला उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराना
महिला ई-हाट महिलाओं को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर देता है। इससे मध्यस्थता कम होती है और आय की संभावना बढ़ती है। यह महिला स्वावलंबन को प्रोत्साहित करता है।
Q291. महिला ई-हाट महिला सशक्तिकरण के किस आयाम को मजबूत करता है?
A. डिजिटल एवं आर्थिक सशक्तिकरण
B. केवल राजनीतिक सशक्तिकरण
C. केवल स्वास्थ्य सशक्तिकरण
D. केवल धार्मिक सशक्तिकरण
उत्तर: A. डिजिटल एवं आर्थिक सशक्तिकरण
यह योजना महिलाओं को डिजिटल माध्यम से बाजार और ग्राहकों से जोड़ती है। ऑनलाइन विपणन आय बढ़ाने और उद्यम विस्तार में मदद करता है। इसलिए यह डिजिटल और आर्थिक सशक्तिकरण का संयुक्त उदाहरण है।
Q292. महिला ई-हाट विशेष रूप से किन महिलाओं के लिए उपयोगी है?
A. महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए
B. केवल सांसदों के लिए
C. केवल सैनिकों के लिए
D. केवल न्यायाधीशों के लिए
उत्तर: A. महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों के लिए
महिला ई-हाट छोटे उत्पाद बनाने वाली महिलाओं, उद्यमियों और SHG के लिए बाजार उपलब्ध कराता है। इससे ग्रामीण और शहरी महिला उत्पादक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ सकती हैं। यह उनकी आय और पहचान दोनों को बढ़ाता है।
Q293. महिला ई-हाट में डिजिटल माध्यम का महत्व क्या है?
A. उत्पादों की पहुंच व्यापक बनती है
B. बाजार बंद हो जाता है
C. ग्राहक कम हो जाते हैं
D. उद्यमिता रुक जाती है
उत्तर: A. उत्पादों की पहुंच व्यापक बनती है
डिजिटल प्लेटफॉर्म से उत्पाद स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं रहते। महिलाएं बड़े ग्राहक समूह तक पहुंच बना सकती हैं। इससे व्यापार के अवसर और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ती है।
Q294. वन स्टॉप सेंटर योजना किससे संबंधित है?
A. हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता से
B. केवल बैंक ऋण से
C. केवल विद्यालय प्रवेश से
D. केवल कृषि बीमा से
उत्तर: A. हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता से
वन स्टॉप सेंटर योजना हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर सहायता प्रदान करती है। इसमें चिकित्सा, कानूनी, पुलिस, मनोवैज्ञानिक और अस्थायी आश्रय जैसी सेवाएं शामिल हो सकती हैं। यह महिला सुरक्षा की प्रमुख योजना है।
Q295. वन स्टॉप सेंटर को किस नाम से भी जाना जाता है?
A. सखी केंद्र
B. जन धन केंद्र
C. पोषण केंद्र
D. मुद्रा केंद्र
उत्तर: A. सखी केंद्र
वन स्टॉप सेंटर को सखी केंद्र भी कहा जाता है। इसका उद्देश्य संकटग्रस्त महिलाओं को तुरंत और समन्वित सहायता देना है। यह महिला सुरक्षा और कानूनी सशक्तिकरण से संबंधित है।
Q296. वन स्टॉप सेंटर योजना महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से जुड़ी है?
A. कानूनी एवं सुरक्षा सशक्तिकरण से
B. केवल व्यापार ऋण से
C. केवल शिक्षा ऋण से
D. केवल राजनीतिक भाषण से
उत्तर: A. कानूनी एवं सुरक्षा सशक्तिकरण से
यह योजना हिंसा पीड़ित महिला को कानूनी और संस्थागत सहायता देती है। सुरक्षा और न्याय तक पहुंच महिला सशक्तिकरण का आधार है। इसलिए यह कानूनी और सुरक्षा सशक्तिकरण से जुड़ी है।
Q297. वन स्टॉप सेंटर में किस प्रकार की सहायता मिल सकती है?
A. चिकित्सा, कानूनी, पुलिस और परामर्श सहायता
B. केवल कृषि उपकरण
C. केवल कर छूट
D. केवल परीक्षा प्रवेश पत्र
उत्तर: A. चिकित्सा, कानूनी, पुलिस और परामर्श सहायता
वन स्टॉप सेंटर बहु-सेवा सहायता मॉडल पर आधारित है। हिंसा से प्रभावित महिला को अलग-अलग कार्यालयों में भटकना न पड़े, यही इसका उद्देश्य है। इससे त्वरित संरक्षण और पुनर्वास में मदद मिलती है।
Q298. वन स्टॉप सेंटर का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. हिंसा पीड़ित महिलाओं को समन्वित सहायता देना
B. सहायता से वंचित रखना
C. न्यायिक प्रक्रिया रोकना
D. शिकायत दर्ज न करना
उत्तर: A. हिंसा पीड़ित महिलाओं को समन्वित सहायता देना
इस योजना का लक्ष्य हिंसा पीड़ित महिलाओं को तत्काल सहायता और संरक्षण देना है। सभी सेवाओं का समन्वय महिला के लिए प्रक्रिया को आसान बनाता है। इसलिए यह संकट प्रबंधन की महत्वपूर्ण योजना है।
Q299. 181 महिला हेल्पलाइन का उद्देश्य क्या है?
A. संकटग्रस्त महिलाओं को सहायता और सूचना देना
B. बैंक खाता खोलना
C. उद्यम ऋण देना
D. स्कूल प्रवेश कराना
उत्तर: A. संकटग्रस्त महिलाओं को सहायता और सूचना देना
181 महिला हेल्पलाइन संकट या हिंसा की स्थिति में महिलाओं को सहायता से जोड़ती है। यह जानकारी, परामर्श और संबंधित सेवाओं तक पहुंच में मदद करती है। महिला सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण त्वरित संपर्क व्यवस्था है।
Q300. 181 हेल्पलाइन किस वर्ग के लिए विशेष रूप से बनाई गई है?
A. महिलाओं के लिए
B. केवल किसानों के लिए
C. केवल उद्योगपतियों के लिए
D. केवल विद्यार्थियों के लिए
उत्तर: A. महिलाओं के लिए
181 हेल्पलाइन महिलाओं की सुरक्षा और सहायता से संबंधित है। घरेलू हिंसा, उत्पीड़न या संकट में यह मार्गदर्शन और सहायता प्रदान कर सकती है। इसलिए यह महिला सुरक्षा तंत्र का हिस्सा है।
Q301. 181 हेल्पलाइन महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से जुड़ी है?
A. सुरक्षा एवं कानूनी सशक्तिकरण से
B. केवल उद्योग ऋण से
C. केवल पोषण से
D. केवल मतदान से
उत्तर: A. सुरक्षा एवं कानूनी सशक्तिकरण से
हेल्पलाइन महिलाओं को संकट के समय सहायता तंत्र से जोड़ती है। सुरक्षा और शिकायत निवारण तक पहुंच सशक्तिकरण का जरूरी हिस्सा है। इसलिए यह सुरक्षा और कानूनी सशक्तिकरण से संबंधित है।
Q302. 181 हेल्पलाइन का वन स्टॉप सेंटर से क्या संबंध है?
A. यह महिलाओं को सहायता सेवाओं से जोड़ सकती है
B. यह केवल बैंकिंग सेवा है
C. यह केवल विद्यालय योजना है
D. इसका महिला सुरक्षा से संबंध नहीं है
उत्तर: A. यह महिलाओं को सहायता सेवाओं से जोड़ सकती है
181 हेल्पलाइन संकटग्रस्त महिलाओं को संबंधित सहायता सेवाओं, जैसे वन स्टॉप सेंटर, पुलिस या परामर्श से जोड़ने में मदद करती है। इससे सहायता जल्दी और समन्वित रूप में मिलती है। यह सुरक्षा तंत्र को प्रभावी बनाती है।
Q303. 181 हेल्पलाइन का सबसे बड़ा लाभ क्या है?
A. आपात स्थिति में त्वरित सहायता संपर्क
B. शिकायत न लेने की सुविधा
C. सहायता में देरी
D. कानून से दूरी
उत्तर: A. आपात स्थिति में त्वरित सहायता संपर्क
हेल्पलाइन का मुख्य लाभ यह है कि महिला संकट में तुरंत संपर्क कर सकती है। इससे सूचना, मार्गदर्शन और सहायता सेवाओं तक पहुंच आसान होती है। महिला सुरक्षा में त्वरित प्रतिक्रिया बहुत महत्वपूर्ण होती है।
Q304. निर्भया फंड किस उद्देश्य से बनाया गया?
A. महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित पहल के लिए
B. कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए
C. कर संग्रह के लिए
D. विदेश व्यापार के लिए
उत्तर: A. महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित पहल के लिए
निर्भया फंड महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं के लिए बनाया गया। इसका उद्देश्य महिला सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना है। यह 2012 के निर्भया कांड के बाद महिला सुरक्षा विमर्श से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है।
Q305. निर्भया फंड किस प्रकार की योजनाओं को सहायता देता है?
A. महिला सुरक्षा और संरक्षण परियोजनाओं को
B. दहेज प्रथा को
C. बाल विवाह को
D. लिंग चयन को
उत्तर: A. महिला सुरक्षा और संरक्षण परियोजनाओं को
निर्भया फंड का उपयोग महिलाओं की सुरक्षा, आपात प्रतिक्रिया, सहायता केंद्र और सुरक्षा अवसंरचना से जुड़ी परियोजनाओं में किया जाता है। यह महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में वित्तीय आधार देता है।
Q306. निर्भया फंड महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. सुरक्षा एवं कानूनी सशक्तिकरण से
B. केवल बैंकिंग से
C. केवल खाद्यान्न वितरण से
D. केवल कर नीति से
उत्तर: A. सुरक्षा एवं कानूनी सशक्तिकरण से
महिला सुरक्षा सशक्तिकरण की आधारशिला है। निर्भया फंड सुरक्षा परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देकर महिलाओं की सार्वजनिक और निजी सुरक्षा को मजबूत करता है। इसलिए यह सुरक्षा और कानूनी सशक्तिकरण से जुड़ा है।
Q307. निर्भया फंड की पृष्ठभूमि किस घटना से जुड़ी है?
A. 2012 के निर्भया कांड से
B. 1857 के विद्रोह से
C. 1905 के बंग-भंग से
D. 1991 के आर्थिक सुधार से
उत्तर: A. 2012 के निर्भया कांड से
दिसंबर 2012 के निर्भया कांड ने महिला सुरक्षा पर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चर्चा पैदा की। इसके बाद सुरक्षा कानूनों और योजनाओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया। निर्भया फंड इसी पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण है।
Q308. निर्भया फंड का मुख्य संदेश क्या है?
A. महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण बनाना
B. शिकायतों को रोकना
C. सुरक्षा बजट समाप्त करना
D. महिला सहायता बंद करना
उत्तर: A. महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण बनाना
निर्भया फंड का उद्देश्य ऐसी परियोजनाओं को बल देना है जो महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। सुरक्षित वातावरण से महिलाएं शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन में अधिक सक्रिय हो सकती हैं। इसलिए यह महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण सुरक्षा आयाम है।
Section-F संदर्भ: PIB, PMJDY, PM-JAY, Ministry of Education, Ministry of Women and Child Development, DAY-NRLM, Stand Up India, POSHAN Abhiyaan, Janani Suraksha Yojana, One Stop Centre, 181 Women Helpline और Nirbhaya Fund से जुड़े आधिकारिक स्रोत।
SECTION-G : उत्तर प्रदेश सरकार योजनाएँ
Q309. उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देना
B. केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना
C. केवल सड़क निर्माण करना
D. केवल औद्योगिक कर लगाना
उत्तर: A. महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देना
मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश सरकार का महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ा प्रमुख अभियान है। इसका जोर सुरक्षा, सम्मान, अधिकार-जागरूकता और आत्मनिर्भरता पर है। UP PGT में इसे सामाजिक, कानूनी और सुरक्षा सशक्तिकरण के संयुक्त उदाहरण के रूप में पूछा जा सकता है।
Q310. मिशन शक्ति अभियान उत्तर प्रदेश में पहली बार किस वर्ष प्रारंभ हुआ माना जाता है?
A. 2020 में
B. 2010 में
C. 2015 में
D. 2023 में
उत्तर: A. 2020 में
उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति अभियान की शुरुआत 2020 में शारदीय नवरात्रि के समय की गई थी। बाद में इसके विभिन्न चरण चलाए गए। यह अभियान महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा तथा जागरूकता से जुड़ा है।
Q311. मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं को किस प्रकार की जानकारी देने पर विशेष बल दिया जाता है?
A. अधिकारों, सुरक्षा सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी
B. केवल मौसम की जानकारी
C. केवल व्यापार कर की जानकारी
D. केवल विदेशी नीति की जानकारी
उत्तर: A. अधिकारों, सुरक्षा सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी
मिशन शक्ति में जागरूकता अभियान, हेल्पलाइन, महिला हेल्प डेस्क और सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया जाता है। इसका उद्देश्य महिलाओं को चुप रहने के बजाय सहायता मांगने के लिए सक्षम बनाना है। इसलिए यह अधिकार-जागरूकता का महत्वपूर्ण माध्यम है।
Q312. मिशन शक्ति महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से सबसे अधिक संबंधित है?
A. सुरक्षा, कानूनी और सामाजिक सशक्तिकरण से
B. केवल भाषाई सशक्तिकरण से
C. केवल भौगोलिक सशक्तिकरण से
D. केवल कर सुधार से
उत्तर: A. सुरक्षा, कानूनी और सामाजिक सशक्तिकरण से
मिशन शक्ति महिलाओं को सुरक्षा व्यवस्था, शिकायत तंत्र और सरकारी सहायता से जोड़ता है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी बढ़ती है। इसलिए यह बहुआयामी महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम है।
Q313. मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला हेल्प डेस्क की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
A. महिलाओं की शिकायतों का सहज और संवेदनशील निस्तारण
B. शिकायत दर्ज करने से रोकना
C. केवल राजस्व वसूली करना
D. विद्यालय बंद करना
उत्तर: A. महिलाओं की शिकायतों का सहज और संवेदनशील निस्तारण
महिला हेल्प डेस्क का उद्देश्य महिलाओं को पुलिस व्यवस्था तक आसान पहुंच देना है। इससे पीड़ित महिला बिना संकोच शिकायत दर्ज करा सकती है। यह सुरक्षा और न्याय तक पहुंच को मजबूत करता है।
Q314. मिशन शक्ति अभियान में स्वावलंबन की अवधारणा किससे जुड़ी है?
A. महिलाओं को योजनाओं, रोजगार और सहायता सेवाओं से जोड़ने से
B. महिलाओं को आर्थिक रूप से निर्भर रखने से
C. शिक्षा रोकने से
D. सामाजिक अलगाव बढ़ाने से
उत्तर: A. महिलाओं को योजनाओं, रोजगार और सहायता सेवाओं से जोड़ने से
मिशन शक्ति केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को सरकारी योजनाओं और आत्मनिर्भरता से भी जोड़ता है। स्वावलंबन शिविरों जैसी गतिविधियों के माध्यम से पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया गया। इससे सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण दोनों को बल मिलता है।
Q315. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. बालिका के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देना
B. बालिका शिक्षा रोकना
C. बाल विवाह बढ़ाना
D. दहेज प्रथा को बढ़ाना
उत्तर: A. बालिका के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देना
कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश की बालिका-केंद्रित conditional cash transfer योजना है। इसका उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह और बालिका शिक्षा की बाधाओं को कम करना है। यह बालिका के जीवन चक्र में शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा देती है।
Q316. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का पोर्टल किस वर्ष आरंभ किया गया?
A. 2019 में
B. 2006 में
C. 2012 में
D. 1994 में
उत्तर: A. 2019 में
कन्या सुमंगला योजना के आधिकारिक पोर्टल का उद्घाटन 25 अक्टूबर 2019 को किया गया। यह योजना बालिका के जन्म से उच्च शिक्षा तक सहायता प्रदान करने की सोच पर आधारित है। इसलिए UP PGT में यह बालिका सशक्तिकरण की प्रमुख योजना है।
Q317. कन्या सुमंगला योजना कितने चरणों में लागू की जाती है?
A. छह चरणों में
B. दो चरणों में
C. तीन चरणों में
D. दस चरणों में
उत्तर: A. छह चरणों में
आधिकारिक पोर्टल के अनुसार योजना छह चरणों में लागू होती है। इनमें जन्म, टीकाकरण, कक्षा 1, कक्षा 6, कक्षा 9 और उच्च शिक्षा/डिप्लोमा में प्रवेश जैसे चरण शामिल हैं। इससे बालिका के विकास को लगातार सहायता मिलती है।
Q318. कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत परिवार की वार्षिक आय की अधिकतम सीमा क्या है?
A. 3 लाख रुपये
B. 1 लाख रुपये
C. 10 लाख रुपये
D. 15 लाख रुपये
उत्तर: A. 3 लाख रुपये
कन्या सुमंगला योजना की पात्रता में परिवार की वार्षिक आय अधिकतम 3 लाख रुपये बताई गई है। यह प्रावधान आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को प्राथमिकता देता है। इससे बालिका शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को सहायता मिलती है।
Q319. कन्या सुमंगला योजना सामान्यतः एक परिवार की अधिकतम कितनी बालिकाओं को लाभ देती है?
A. दो बालिकाओं को
B. केवल एक बालिका को
C. पांच बालिकाओं को
D. सभी आयु वर्ग के पुरुषों को
उत्तर: A. दो बालिकाओं को
आधिकारिक पात्रता के अनुसार एक परिवार की अधिकतम दो बालिकाओं को लाभ दिया जाता है। कुछ विशेष परिस्थितियों, जैसे जुड़वा बालिका जन्म, में नियमों के अनुसार अतिरिक्त पात्रता हो सकती है। परीक्षा में सामान्य उत्तर दो बालिकाएं माना जाएगा।
Q320. कन्या सुमंगला योजना महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. शैक्षिक, सामाजिक और वित्तीय सशक्तिकरण से
B. केवल सैन्य सशक्तिकरण से
C. केवल विदेश नीति से
D. केवल कराधान से
उत्तर: A. शैक्षिक, सामाजिक और वित्तीय सशक्तिकरण से
यह योजना बालिका को जन्म से शिक्षा तक वित्तीय सहायता देती है। इससे बालिका के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण, स्कूल में नामांकन और उच्च शिक्षा की संभावना बढ़ती है। इसलिए यह सामाजिक, शैक्षिक और वित्तीय सशक्तिकरण से जुड़ी है।
Q321. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता
B. दहेज प्रथा को बढ़ावा देना
C. बाल विवाह को वैध करना
D. शिक्षा बंद करना
उत्तर: A. आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों को विवाह सहायता देने से जुड़ी है। इसका उद्देश्य सामाजिक गरिमा के साथ विवाह संपन्न कराना और आर्थिक बोझ कम करना है। विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के पुनर्विवाह को भी इससे समर्थन मिलता है।
Q322. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना किस राज्य की योजना है?
A. उत्तर प्रदेश
B. राजस्थान
C. बिहार
D. मध्य प्रदेश
उत्तर: A. उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित सामाजिक कल्याण योजना है। यह राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता करती है। UP PGT में इसे महिला कल्याण और सामाजिक सुरक्षा योजना के रूप में पूछा जा सकता है।
Q323. सामूहिक विवाह योजना में विवाह हेतु वधू की न्यूनतम आयु क्या होनी चाहिए?
A. 18 वर्ष
B. 16 वर्ष
C. 21 वर्ष
D. 25 वर्ष
उत्तर: A. 18 वर्ष
भारत में बाल विवाह निषेध कानून के अनुसार लड़की की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष है। सामूहिक विवाह योजना में भी वैधानिक आयु का पालन आवश्यक है। इससे बाल विवाह रोकने और महिला अधिकारों की रक्षा में मदद मिलती है।
Q324. सामूहिक विवाह योजना में वर की न्यूनतम आयु क्या होनी चाहिए?
A. 21 वर्ष
B. 18 वर्ष
C. 16 वर्ष
D. 30 वर्ष
उत्तर: A. 21 वर्ष
वैधानिक विवाह आयु के अनुसार पुरुष की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। यह बाल विवाह रोकने और वैध विवाह सुनिश्चित करने का आधार है। योजना में पात्रता के लिए आयु नियम महत्वपूर्ण है।
Q325. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से
B. केवल भाषाई अधिकार से
C. केवल सैन्य प्रशिक्षण से
D. केवल पर्यावरण संरक्षण से
उत्तर: A. सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से
यह योजना कमजोर परिवारों पर विवाह खर्च का बोझ कम करती है। साथ ही विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के पुनर्विवाह को सामाजिक समर्थन मिल सकता है। इसलिए यह सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक राहत से जुड़ी योजना है।
Q326. रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. जघन्य अपराधों से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को सहायता देना
B. केवल छात्रवृत्ति देना
C. केवल विवाह आयोजन करना
D. केवल बैंक ऋण देना
उत्तर: A. जघन्य अपराधों से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को सहायता देना
यह कोष गंभीर अपराधों से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं को आर्थिक तथा चिकित्सा राहत देने से संबंधित है। इसका उद्देश्य पीड़ितों को तत्काल सहायता और पुनर्वास में मदद देना है। यह महिला सुरक्षा और न्यायिक सहायता से जुड़ी योजना है।
Q327. रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष किस प्रकार की सहायता प्रदान करता है?
A. मौद्रिक, चिकित्सा और पुनर्वास संबंधी सहायता
B. केवल कृषि उपकरण
C. केवल विदेश यात्रा
D. केवल कर छूट
उत्तर: A. मौद्रिक, चिकित्सा और पुनर्वास संबंधी सहायता
इस कोष का उपयोग पीड़ित महिला/बालिका को आर्थिक राहत, चिकित्सा सहायता और पुनर्वास सहायता देने में किया जाता है। कुछ मामलों में शिक्षा और रखरखाव से संबंधित सहायता भी महत्वपूर्ण हो सकती है। इसलिए यह पीड़ित-सहायता मॉडल है।
Q328. रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष किन अपराध पीड़ितों से अधिक संबंधित है?
A. दुष्कर्म, एसिड अटैक और गंभीर हिंसा की पीड़िताओं से
B. केवल यातायात चालान से
C. केवल भूमि विवाद से
D. केवल कर चोरी से
उत्तर: A. दुष्कर्म, एसिड अटैक और गंभीर हिंसा की पीड़िताओं से
यह कोष महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध गंभीर अपराधों में सहायता से जुड़ा है। दुष्कर्म, एसिड अटैक और POCSO जैसे मामलों में पीड़ित सहायता की आवश्यकता अधिक होती है। इसीलिए यह योजना महिला गरिमा और पुनर्वास से जुड़ी है।
Q329. रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. सुरक्षा, कानूनी और पुनर्वास सशक्तिकरण से
B. केवल सांस्कृतिक उत्सव से
C. केवल बैंकिंग से
D. केवल औद्योगिक उत्पादन से
उत्तर: A. सुरक्षा, कानूनी और पुनर्वास सशक्तिकरण से
पीड़ित महिला को केवल कानूनी न्याय नहीं, बल्कि आर्थिक और चिकित्सा सहायता भी चाहिए। यह कोष उस पुनर्वास प्रक्रिया को मजबूत करता है। इसलिए यह सुरक्षा, न्याय और पुनर्वास आधारित सशक्तिकरण से जुड़ा है।
Q330. रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष की प्रक्रिया में जिला स्तर पर किसकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है?
A. जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति
B. केवल ग्राम प्रधान
C. केवल बैंक प्रबंधक
D. केवल विद्यालय प्रधानाचार्य
उत्तर: A. जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति
योजना से जुड़े मामलों की समीक्षा जिला स्तर पर समिति द्वारा की जाती है। जिलाधिकारी की भूमिका पात्रता और अनुमोदन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होती है। इससे सहायता को पारदर्शी और प्रशासनिक रूप से व्यवस्थित बनाया जाता है।
Q331. 1090 वूमेन पावर लाइन किस विभाग/संस्था से संबंधित है?
A. उत्तर प्रदेश पुलिस से
B. कृषि विभाग से
C. सिंचाई विभाग से
D. पर्यटन विभाग से
उत्तर: A. उत्तर प्रदेश पुलिस से
1090 Women Power Line उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला सुरक्षा सेवा है। इसका उद्देश्य महिलाओं से जुड़े उत्पीड़न और harassment की शिकायतों का निस्तारण करना है। यह तकनीक आधारित पुलिस सहायता का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
Q332. 1090 वूमेन पावर लाइन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. महिलाओं के उत्पीड़न की शिकायतों का निवारण
B. केवल बैंक खाता खोलना
C. केवल विवाह सहायता देना
D. केवल राशन वितरण करना
उत्तर: A. महिलाओं के उत्पीड़न की शिकायतों का निवारण
1090 महिला उत्पीड़न, फोन/ऑनलाइन harassment और अन्य सुरक्षा संबंधी शिकायतों में सहायता देती है। आधिकारिक वेबसाइट इसे महिलाओं के harassment redressal के लिए dedicated call center बताती है। इससे महिलाएं बिना थाने जाए सहायता मांग सकती हैं।
Q333. 1090 सेवा की प्रमुख विशेषता क्या है?
A. महिलाओं के लिए 24×7 dedicated call center
B. केवल कार्यालय समय में बैंक सेवा
C. केवल कृषि मंडी सेवा
D. केवल छात्रवृत्ति पोर्टल
उत्तर: A. महिलाओं के लिए 24×7 dedicated call center
UP Police Women Power Line 1090 की आधिकारिक जानकारी इसे 24×7 dedicated call center बताती है। ऐसी सुविधा संकट या उत्पीड़न की स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करती है। यह महिला सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन है।
Q334. 1090 वूमेन पावर लाइन महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. सुरक्षा और कानूनी सशक्तिकरण से
B. केवल पोषण से
C. केवल विवाह व्यय से
D. केवल ग्रामीण सड़क से
उत्तर: A. सुरक्षा और कानूनी सशक्तिकरण से
1090 महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने और पुलिस सहायता से जोड़ती है। जब महिला सुरक्षा सेवाओं तक आसानी से पहुंचती है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है। इसलिए यह सुरक्षा और कानूनी सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण साधन है।
Q335. 1090 के “Power Agent Programme” का उद्देश्य क्या है?
A. महिलाओं और लड़कियों में 1090 सेवा के प्रति जागरूकता फैलाना
B. कृषि उत्पादन बढ़ाना
C. कर वसूली करना
D. परीक्षा परिणाम घोषित करना
उत्तर: A. महिलाओं और लड़कियों में 1090 सेवा के प्रति जागरूकता फैलाना
1090 का Power Agent Programme नागरिक स्वयंसेवी कार्यक्रम के रूप में बताया गया है। इसका उद्देश्य संभावित पीड़ितों को 1090 सेवा के बारे में जागरूक करना है ताकि वे चुपचाप उत्पीड़न न सहें। यह सामुदायिक जागरूकता आधारित सुरक्षा मॉडल है।
Q336. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. अनाथ/असहाय बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा में सहायता
B. बाल विवाह कराना
C. विद्यालय बंद करना
D. केवल कर वसूली करना
उत्तर: A. अनाथ/असहाय बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा में सहायता
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना बच्चों के संरक्षण, पालन-पोषण और शिक्षा से जुड़ी योजना है। इसमें कोविड से प्रभावित बच्चों और सामान्य श्रेणी के असहाय बच्चों के लिए अलग प्रावधान हैं। यह बाल संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा की महत्वपूर्ण योजना है।
Q337. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (Covid) में पात्र बच्चों को प्रति माह कितनी सहायता दी जाती है?
A. 4000 रुपये
B. 500 रुपये
C. 1000 रुपये
D. 10000 रुपये
उत्तर: A. 4000 रुपये
आधिकारिक UP Bal Seva पोर्टल के अनुसार Covid श्रेणी में पात्र बच्चों को 4000 रुपये प्रति माह सहायता दी जाती है। यह उन बच्चों के लिए है जिनके माता-पिता या अभिभावक कोविड के कारण नहीं रहे। यह सहायता उनके पालन-पोषण और शिक्षा में सहायक है।
Q338. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (General) में पात्र बच्चों को प्रति माह कितनी सहायता दी जाती है?
A. 2500 रुपये
B. 4000 रुपये
C. 500 रुपये
D. 12000 रुपये
उत्तर: A. 2500 रुपये
UP Bal Seva Yojana (General) के अंतर्गत पात्र बच्चों को 2500 रुपये प्रति माह सहायता प्रदान की जाती है। यह उन बच्चों के लिए है जिन्होंने कोविड से अलग कारणों से माता-पिता/अभिभावक को खोया है या अन्य कमजोर स्थितियों में हैं। योजना सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करती है।
Q339. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में बालिकाओं के संदर्भ में कौन-सा प्रावधान महत्वपूर्ण है?
A. शिक्षा और विवाह सहायता जैसे प्रावधान
B. बालिका शिक्षा पर रोक
C. बाल विवाह को बढ़ावा
D. बैंकिंग सुविधा से दूरी
उत्तर: A. शिक्षा और विवाह सहायता जैसे प्रावधान
Covid श्रेणी में बालिकाओं के लिए शिक्षा व्यवस्था और विवाह सहायता जैसे प्रावधान उल्लेखनीय हैं। आधिकारिक विवरण में पात्र बालिकाओं को विवाह के समय 1,01,000 रुपये सहायता का उल्लेख मिलता है। यह कमजोर स्थिति की बालिकाओं की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा है।
Q340. मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना किस आयाम से अधिक संबंधित है?
A. बाल संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा से
B. केवल औद्योगिक उत्पादन से
C. केवल निर्यात नीति से
D. केवल कर सुधार से
उत्तर: A. बाल संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा से
यह योजना संकटग्रस्त बच्चों को परिवार, शिक्षा और आर्थिक सहायता से जोड़ती है। बालिकाओं के संदर्भ में यह सुरक्षा और शिक्षा दोनों को मजबूत करती है। इसलिए यह महिला एवं बाल कल्याण के सामाजिक सुरक्षा आयाम से संबंधित है।
Q341. पिंक टॉयलेट योजना/पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. महिलाओं के लिए सुरक्षित और स्वच्छ सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध कराना
B. केवल पुरुषों के लिए शौचालय बनाना
C. सार्वजनिक स्वच्छता समाप्त करना
D. विद्यालय बंद करना
उत्तर: A. महिलाओं के लिए सुरक्षित और स्वच्छ सार्वजनिक शौचालय उपलब्ध कराना
पिंक टॉयलेट महिलाओं और बालिकाओं के लिए gender-sensitive sanitation सुविधा है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता, सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना है। यह महिला स्वास्थ्य और शहरी सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
Q342. पिंक टॉयलेट में सामान्यतः कौन-सी सुविधा महिलाओं के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ी होती है?
A. सैनिटरी नैपकिन और स्वच्छता सुविधा
B. कृषि बीज वितरण
C. बिजली बिल भुगतान
D. पासपोर्ट सेवा
उत्तर: A. सैनिटरी नैपकिन और स्वच्छता सुविधा
पिंक टॉयलेट में कई स्थानों पर sanitary napkin vending machine, disposal/incinerator और hygiene सुविधाएं दी जाती हैं। ये सुविधाएं menstrual hygiene से सीधे जुड़ी हैं। इससे महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य दोनों को बल मिलता है।
Q343. पिंक टॉयलेट महिला सशक्तिकरण के किस आयाम से संबंधित है?
A. स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा से
B. केवल सैन्य शक्ति से
C. केवल विदेश नीति से
D. केवल बैंकिंग से
उत्तर: A. स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा से
सार्वजनिक स्वच्छता की कमी महिलाओं की गतिशीलता और स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। पिंक टॉयलेट सुरक्षित और स्वच्छ सुविधा देकर महिलाओं को सार्वजनिक जीवन में अधिक सहज बनाते हैं। इसलिए यह स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा से जुड़ा आयाम है।
Q344. पिंक टॉयलेट का शहरी महिलाओं के लिए प्रमुख महत्व क्या है?
A. बाजार, स्कूल, कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर सुविधा बढ़ाना
B. महिलाओं की आवाजाही रोकना
C. स्वच्छता घटाना
D. स्वास्थ्य सुविधा समाप्त करना
उत्तर: A. बाजार, स्कूल, कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर सुविधा बढ़ाना
शहरों में कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और यात्रियों के लिए सुरक्षित शौचालय आवश्यक हैं। पिंक टॉयलेट सार्वजनिक स्थानों पर महिला-अनुकूल अवसंरचना प्रदान करते हैं। इससे महिलाओं की सार्वजनिक भागीदारी और सुरक्षा की भावना बढ़ती है।
Q345. पिंक टॉयलेट को किस व्यापक अभियान/लक्ष्य से जोड़ा जा सकता है?
A. स्वच्छता और महिला गरिमा से
B. बाल विवाह से
C. दहेज प्रथा से
D. लिंग चयन से
उत्तर: A. स्वच्छता और महिला गरिमा से
पिंक टॉयलेट स्वच्छ भारत और gender-sensitive urban infrastructure की सोच से जुड़े हैं। महिलाओं के लिए अलग, सुरक्षित और स्वच्छ सुविधा उनकी गरिमा की रक्षा करती है। इसलिए यह स्वच्छता और महिला सम्मान दोनों से संबंधित है।
Q346. सेफ सिटी प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करना
B. महिलाओं की आवाजाही रोकना
C. CCTV हटाना
D. पुलिस सहायता बंद करना
उत्तर: A. सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करना
गृह मंत्रालय के अनुसार Safe City Project का उद्देश्य बड़े शहरों में महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण बनाना है। इसमें hotspot identification, surveillance, technology और capacity building शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में लखनऊ सहित शहरों में यह महिला सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है।
Q347. सेफ सिटी प्रोजेक्ट किस फंड/योजना से जुड़ा है?
A. निर्भया फंड से
B. मनरेगा से
C. खाद्य सुरक्षा से
D. किसान सम्मान निधि से
उत्तर: A. निर्भया फंड से
Safe City Project को महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े Nirbhaya Fund Projects के अंतर्गत conceptualize किया गया। इसका लक्ष्य शहरी सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को दूर करना है। इसलिए यह महिला सुरक्षा के वित्तीय और संस्थागत ढांचे से जुड़ा है।
Q348. सेफ सिटी प्रोजेक्ट में कौन-सा घटक महिला सुरक्षा से सीधे संबंधित है?
A. CCTV, पिंक बूथ, महिला हेल्प डेस्क और बेहतर प्रकाश व्यवस्था
B. केवल कृषि मंडी
C. केवल भूमि अभिलेख
D. केवल आयकर रिटर्न
उत्तर: A. CCTV, पिंक बूथ, महिला हेल्प डेस्क और बेहतर प्रकाश व्यवस्था
Safe City framework में technology adoption, surveillance, women help desks और public amenities शामिल हैं। CCTV और street lighting जैसे उपाय hotspots पर सुरक्षा बढ़ाते हैं। पिंक बूथ महिलाओं के लिए accessible policing को मजबूत करते हैं।
Q349. उत्तर प्रदेश में Safe City Project के विस्तार में किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई?
A. नगर निगमों और गौतम बुद्ध नगर जैसे शहरी क्षेत्रों को
B. केवल वन क्षेत्रों को
C. केवल सीमा चौकियों को
D. केवल नदी घाटों को
उत्तर: A. नगर निगमों और गौतम बुद्ध नगर जैसे शहरी क्षेत्रों को
उत्तर प्रदेश में Safe City Project के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्रों और गौतम बुद्ध नगर जैसे शहरी क्षेत्रों में CCTV और सुरक्षा उपायों पर बल दिया गया। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों, स्कूल-कॉलेज और coaching क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाना है। यह urban safety governance का उदाहरण है।
Q350. सेफ सिटी प्रोजेक्ट महिला सशक्तिकरण के किस आयाम को सबसे अधिक मजबूत करता है?
A. सुरक्षा और सार्वजनिक भागीदारी को
B. सामाजिक बहिष्कार को
C. भय और निर्भरता को
D. शिक्षा से दूरी को
उत्तर: A. सुरक्षा और सार्वजनिक भागीदारी को
जब शहर सुरक्षित होते हैं तो महिलाएं शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में अधिक भाग लेती हैं। सेफ सिटी प्रोजेक्ट surveillance, पुलिस सहायता और gender-sensitive infrastructure से यह वातावरण बनाता है। इसलिए यह सुरक्षा और सार्वजनिक भागीदारी आधारित सशक्तिकरण को मजबूत करता है।
Section-G संदर्भ: मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना आधिकारिक पोर्टल, UP Police Women Power Line 1090, Uttar Pradesh Mukhyamantri Bal Seva Yojana portal, Ministry of Home Affairs Safe City Project, UP Mission Shakti releases, Rani Lakshmi Bai Mahila Samman Kosh Rules 2015, और UP government/credible public reports.
SECTION-H : शिक्षा, स्वास्थ्य एवं डेटा
Q351. नई शिक्षा नीति 2020 में बालिकाओं और ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों हेतु किस फंड का प्रावधान है?
A. Gender Inclusion Fund
B. Nirbhaya Fund
C. Consolidated Fund
D. Contingency Fund
उत्तर: A. Gender Inclusion Fund
NEP 2020 में Gender Inclusion Fund का प्रावधान विशेष रूप से girls और transgender students को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए किया गया है। इसका उद्देश्य शैक्षिक अवसरों में लैंगिक असमानता कम करना है। यह महिला सशक्तिकरण के शैक्षिक आयाम से जुड़ा है।
Q352. NEP 2020 में SEDGs का संबंध किससे है?
A. Socio-Economically Disadvantaged Groups
B. Science Education Digital Groups
C. State Education Development Grants
D. Special Economic Defence Groups
उत्तर: A. Socio-Economically Disadvantaged Groups
NEP 2020 में SEDGs में वे समूह शामिल हैं जो सामाजिक-आर्थिक कारणों से शिक्षा में पीछे हैं। इसमें female और transgender individuals की चिंताओं को भी शामिल किया गया है। यह नीति शिक्षा में समानता और समावेशन पर बल देती है।
Q353. NEP 2020 महिला सशक्तिकरण को किस माध्यम से मजबूत करती है?
A. समान और समावेशी शिक्षा से
B. बालिका शिक्षा रोककर
C. विद्यालयों में भेदभाव बढ़ाकर
D. केवल परीक्षा शुल्क बढ़ाकर
उत्तर: A. समान और समावेशी शिक्षा से
NEP 2020 का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा पृष्ठभूमि या सामाजिक पहचान के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और पहुंच इसमें महत्वपूर्ण विषय हैं। इसलिए यह महिला सशक्तिकरण की शैक्षिक नींव मजबूत करती है।
Q354. NEP 2020 में gender को किस प्रकार की priority माना गया है?
A. Cross-cutting priority
B. केवल वैकल्पिक विषय
C. केवल खेल गतिविधि
D. केवल परीक्षा प्रणाली
उत्तर: A. Cross-cutting priority
Ministry of Education के अनुसार NEP 2020 gender को cross-cutting priority के रूप में देखती है। इसका अर्थ है कि शिक्षा की सभी नीतियों और कार्यक्रमों में लैंगिक समानता का ध्यान रखा जाए। यह समावेशी शिक्षा की प्रमुख विशेषता है।
Q355. NEP 2020 के संदर्भ में Gender Inclusion Fund का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर देना
B. छात्राओं को STEM से दूर रखना
C. विद्यालय छोड़ने को बढ़ावा देना
D. शिक्षा में लैंगिक भेदभाव बढ़ाना
उत्तर: A. बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर देना
Gender Inclusion Fund का उद्देश्य girls और transgender students के लिए शिक्षा तक समान पहुंच बनाना है। इससे enrollment, retention और learning opportunities में सुधार हो सकता है। UP PGT में यह शिक्षा और लैंगिक समानता दोनों से जुड़ा प्रश्न है।
Q356. STEM का पूर्ण रूप क्या है?
A. Science, Technology, Engineering and Mathematics
B. Social Training and Economic Mission
C. State Technical Education Model
D. Science Teaching Evaluation Method
उत्तर: A. Science, Technology, Engineering and Mathematics
STEM का अर्थ Science, Technology, Engineering and Mathematics है। आधुनिक रोजगार और innovation economy में STEM क्षेत्रों का महत्व बढ़ रहा है। महिलाओं की STEM भागीदारी बढ़ना आर्थिक और तकनीकी सशक्तिकरण से जुड़ा है।
Q357. Vigyan Jyoti कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. बालिकाओं को STEM शिक्षा और करियर के लिए प्रेरित करना
B. बालिका शिक्षा समाप्त करना
C. केवल कृषि ऋण देना
D. केवल विवाह सहायता देना
उत्तर: A. बालिकाओं को STEM शिक्षा और करियर के लिए प्रेरित करना
DST का Vigyan Jyoti कार्यक्रम मेधावी छात्राओं को STEM क्षेत्रों में उच्च शिक्षा और करियर के लिए प्रोत्साहित करता है। इसमें counselling, lab visits, role model interaction और academic support शामिल हैं। यह STEM में gender parity बढ़ाने का प्रयास है।
Q358. WISE-KIRAN योजना किस संस्था/विभाग से संबंधित है?
A. Department of Science and Technology
B. Election Commission
C. Finance Commission
D. Ministry of Railways only
उत्तर: A. Department of Science and Technology
WISE-KIRAN Department of Science and Technology की women in science initiative है। इसका उद्देश्य महिलाओं की Science and Technology में भागीदारी बढ़ाना और scientific career में आने वाली बाधाओं को कम करना है। यह STEM में महिला सशक्तिकरण से जुड़ा है।
Q359. STEM में महिलाओं की कम भागीदारी का प्रमुख सामाजिक कारण क्या माना जाता है?
A. सामाजिक रूढ़ियां और लैंगिक पूर्वाग्रह
B. पूर्ण समान अवसर
C. अत्यधिक महिला प्रतिनिधित्व
D. शिक्षा की अनिवार्य समानता
उत्तर: A. सामाजिक रूढ़ियां और लैंगिक पूर्वाग्रह
STEM क्षेत्रों में महिलाओं की कम भागीदारी के पीछे stereotypes, bias और अवसरों की कमी जैसे कारण होते हैं। DST भी STEM में महिलाओं की underrepresentation को चुनौती मानता है। इसलिए जागरूकता और mentoring जरूरी है।
Q360. STEM में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से किस प्रकार का सशक्तिकरण मजबूत होता है?
A. शैक्षिक, तकनीकी और आर्थिक सशक्तिकरण
B. केवल धार्मिक सशक्तिकरण
C. केवल भाषाई सशक्तिकरण
D. केवल पारंपरिक निर्भरता
उत्तर: A. शैक्षिक, तकनीकी और आर्थिक सशक्तिकरण
STEM शिक्षा महिलाओं को high-skill careers, research और innovation से जोड़ती है। इससे आय, नेतृत्व और तकनीकी निर्णय क्षमता बढ़ती है। इसलिए STEM participation महिला सशक्तिकरण का उभरता आयाम है।
Q361. NFHS-5 के अनुसार भारत में महिलाओं की साक्षरता लगभग कितनी बताई गई है?
A. 72 प्रतिशत
B. 25 प्रतिशत
C. 95 प्रतिशत
D. 10 प्रतिशत
उत्तर: A. 72 प्रतिशत
NFHS-5 के अनुसार सर्वेक्षित महिलाओं में साक्षरता लगभग 72 प्रतिशत बताई गई है। महिला साक्षरता शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और परिवार नियोजन व्यवहारों को प्रभावित करती है। इसलिए यह महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण संकेतक है।
Q362. महिला साक्षरता का सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक प्रभाव क्या है?
A. जागरूकता और निर्णय क्षमता में वृद्धि
B. बाल विवाह में वृद्धि
C. स्वास्थ्य जागरूकता में कमी
D. लैंगिक भेदभाव में वृद्धि
उत्तर: A. जागरूकता और निर्णय क्षमता में वृद्धि
साक्षर महिला अपने अधिकार, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी योजनाओं को बेहतर समझती है। इससे परिवार और समाज में उसकी निर्णय क्षमता मजबूत होती है। महिला साक्षरता सामाजिक परिवर्तन का बड़ा माध्यम है।
Q363. महिला साक्षरता और बालिका शिक्षा का संबंध किससे सीधे जुड़ा है?
A. लैंगिक समानता से
B. लैंगिक भेदभाव से
C. अशिक्षा से
D. बाल विवाह से
उत्तर: A. लैंगिक समानता से
महिला साक्षरता समाज में स्त्री-पुरुष समान अवसर की सोच विकसित करती है। शिक्षित महिलाएं अपनी बेटियों की शिक्षा पर भी अधिक ध्यान देती हैं। इससे पीढ़ी-दर-पीढ़ी लैंगिक समानता मजबूत होती है।
Q364. महिला साक्षरता स्वास्थ्य परिणामों को कैसे प्रभावित करती है?
A. स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाकर
B. टीकाकरण रोककर
C. मातृ स्वास्थ्य को कमजोर करके
D. पोषण जानकारी घटाकर
उत्तर: A. स्वास्थ्य सेवाओं और पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाकर
साक्षर महिला ANC, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और पोषण जैसी सेवाओं के महत्व को बेहतर समझती है। इससे मातृ और शिशु स्वास्थ्य में सुधार होता है। इसलिए शिक्षा और स्वास्थ्य गहराई से जुड़े हैं।
Q365. महिला साक्षरता को महिला सशक्तिकरण का आधार क्यों कहा जाता है?
A. क्योंकि यह अधिकार-बोध और आत्मनिर्भरता बढ़ाती है
B. क्योंकि यह निर्भरता बढ़ाती है
C. क्योंकि यह अवसर सीमित करती है
D. क्योंकि यह सामाजिक अलगाव बढ़ाती है
उत्तर: A. क्योंकि यह अधिकार-बोध और आत्मनिर्भरता बढ़ाती है
साक्षरता महिला को जानकारी, संवाद और निर्णय की शक्ति देती है। इससे वह सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव के विरुद्ध जागरूक होती है। इसी कारण महिला साक्षरता सशक्तिकरण की आधारशिला मानी जाती है।
Q366. MMR का पूर्ण रूप क्या है?
A. Maternal Mortality Ratio
B. Monthly Medical Rate
C. Modern Marriage Ratio
D. Motherhood Management Record
उत्तर: A. Maternal Mortality Ratio
MMR का अर्थ Maternal Mortality Ratio है। यह प्रति 1,00,000 जीवित जन्मों पर मातृ मृत्यु की संख्या को दर्शाता है। यह महिला स्वास्थ्य और मातृत्व सेवाओं की गुणवत्ता का प्रमुख संकेतक है।
Q367. SRS 2018-20 के अनुसार भारत का MMR कितना था?
A. 97 प्रति लाख जीवित जन्म
B. 195 प्रति लाख जीवित जन्म
C. 10 प्रति लाख जीवित जन्म
D. 300 प्रति लाख जीवित जन्म
उत्तर: A. 97 प्रति लाख जीवित जन्म
PIB/RGI के अनुसार 2018-20 में भारत का MMR 97 प्रति 1,00,000 live births था। यह 2014-16 के 130 से घटकर आया। यह मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का संकेत है।
Q368. SDG लक्ष्य के अनुसार MMR को 2030 तक किस स्तर से नीचे लाना है?
A. 70 प्रति लाख जीवित जन्म
B. 200 प्रति लाख जीवित जन्म
C. 500 प्रति लाख जीवित जन्म
D. 1000 प्रति लाख जीवित जन्म
उत्तर: A. 70 प्रति लाख जीवित जन्म
SDG target के अनुसार मातृ मृत्यु अनुपात को 70 प्रति 1,00,000 live births से नीचे लाना लक्ष्य है। भारत 97 तक पहुंच चुका है और आगे कमी का प्रयास कर रहा है। यह सुरक्षित मातृत्व और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा लक्ष्य है।
Q369. भारत ने MMR के संदर्भ में National Health Policy का कौन-सा लक्ष्य प्राप्त किया?
A. MMR को 100 से कम करना
B. MMR को 500 से अधिक करना
C. मातृत्व सेवा समाप्त करना
D. संस्थागत प्रसव रोकना
उत्तर: A. MMR को 100 से कम करना
भारत का MMR 2018-20 में 97 प्रति लाख live births हो गया। PIB के अनुसार इससे National Health Policy का 100 से कम MMR लक्ष्य प्राप्त हुआ। यह महिला स्वास्थ्य नीति की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
Q370. MMR में कमी का महिला सशक्तिकरण से क्या संबंध है?
A. यह मातृ स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन को मजबूत करता है
B. यह महिला स्वास्थ्य को कमजोर करता है
C. यह मातृत्व सेवाओं से दूरी बढ़ाता है
D. यह पोषण कार्यक्रम समाप्त करता है
उत्तर: A. यह मातृ स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन को मजबूत करता है
MMR में कमी का अर्थ है कि गर्भावस्था और प्रसव के दौरान महिलाओं की मृत्यु कम हो रही है। यह बेहतर स्वास्थ्य सेवा, पोषण और संस्थागत देखभाल का परिणाम हो सकता है। इसलिए MMR महिला स्वास्थ्य सशक्तिकरण का प्रमुख सूचक है।
Q371. NFHS-5 के अनुसार 15-49 वर्ष की महिलाओं में एनीमिया लगभग कितना था?
A. 57 प्रतिशत
B. 10 प्रतिशत
C. 25 प्रतिशत
D. 90 प्रतिशत
उत्तर: A. 57 प्रतिशत
NFHS-5 में 15-49 वर्ष की महिलाओं में एनीमिया लगभग 57 प्रतिशत बताया गया। यह भारत में महिला पोषण की गंभीर चुनौती है। एनीमिया से कार्यक्षमता, मातृ स्वास्थ्य और शिशु स्वास्थ्य प्रभावित होते हैं।
Q372. एनीमिया मुख्यतः किस पोषक तत्व की कमी से जुड़ा माना जाता है?
A. आयरन की कमी से
B. केवल कैल्शियम की अधिकता से
C. केवल जल की कमी से
D. केवल वसा की अधिकता से
उत्तर: A. आयरन की कमी से
एनीमिया अक्सर शरीर में iron deficiency से जुड़ा होता है, हालांकि इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं। महिलाओं और किशोरियों में मासिक धर्म, पोषण की कमी और गर्भावस्था के कारण जोखिम अधिक होता है। इसलिए IFA supplementation महत्वपूर्ण है।
Q373. एनीमिया महिला स्वास्थ्य को किस प्रकार प्रभावित करता है?
A. कमजोरी, थकान और मातृत्व जोखिम बढ़ाकर
B. स्वास्थ्य क्षमता बढ़ाकर
C. पोषण स्तर स्वतः सुधारकर
D. मातृ मृत्यु जोखिम समाप्त करके
उत्तर: A. कमजोरी, थकान और मातृत्व जोखिम बढ़ाकर
एनीमिया से शरीर में ऑक्सीजन वहन क्षमता कम होती है। इससे थकान, कमजोरी और गर्भावस्था में जटिलताएं बढ़ सकती हैं। इसलिए यह महिला स्वास्थ्य और सशक्तिकरण दोनों की बड़ी बाधा है।
Q374. POSHAN Abhiyaan में एनीमिया कम करना क्यों महत्वपूर्ण है?
A. क्योंकि यह महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा है
B. क्योंकि इसका पोषण से कोई संबंध नहीं
C. क्योंकि यह केवल राजनीतिक विषय है
D. क्योंकि यह शिक्षा रोकता है
उत्तर: A. क्योंकि यह महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा है
एनीमिया महिलाओं, किशोरियों और बच्चों में व्यापक पोषण समस्या है। POSHAN Abhiyaan nutrition outcomes सुधारने और एनीमिया जैसी समस्याओं को घटाने पर बल देता है। यह स्वस्थ पीढ़ी निर्माण से जुड़ा है।
Q375. एनीमिया रोकथाम में कौन-सा उपाय अधिक प्रासंगिक है?
A. आयरन-फोलिक एसिड, पोषक आहार और स्वास्थ्य जांच
B. भोजन छोड़ना
C. टीकाकरण रोकना
D. स्वास्थ्य सेवाओं से दूरी
उत्तर: A. आयरन-फोलिक एसिड, पोषक आहार और स्वास्थ्य जांच
एनीमिया नियंत्रण के लिए IFA supplementation, dietary diversity, deworming और नियमित स्वास्थ्य जांच उपयोगी माने जाते हैं। किशोरियों और गर्भवती महिलाओं में ये उपाय विशेष महत्व रखते हैं। इससे मातृ और किशोरी स्वास्थ्य मजबूत होता है।
Q376. किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रमुख लक्ष्य क्या है?
A. किशोरियों के पोषण, स्वास्थ्य और जागरूकता में सुधार
B. किशोरियों को शिक्षा से दूर करना
C. बाल विवाह को बढ़ावा देना
D. स्वास्थ्य जानकारी रोकना
उत्तर: A. किशोरियों के पोषण, स्वास्थ्य और जागरूकता में सुधार
किशोरावस्था में पोषण, menstrual hygiene, anemia prevention और health education महत्वपूर्ण होते हैं। स्वस्थ किशोरी आगे चलकर स्वस्थ महिला और स्वस्थ मां बन सकती है। इसलिए किशोरी स्वास्थ्य महिला सशक्तिकरण की शुरुआती अवस्था है।
Q377. Scheme for Adolescent Girls किस मिशन में समाहित की गई है?
A. Mission Saksham Anganwadi and Poshan 2.0
B. केवल PMAY-G
C. केवल Stand Up India
D. केवल PM-Kisan
उत्तर: A. Mission Saksham Anganwadi and Poshan 2.0
PIB के अनुसार Scheme for Adolescent Girls को 01.04.2022 से Mission Saksham Anganwadi and Poshan 2.0 में समाहित किया गया। इसका लक्ष्य किशोरियों के पोषण और स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। यह adolescent girls के empowerment से जुड़ा है।
Q378. वर्तमान Scheme for Adolescent Girls के लक्षित लाभार्थी कौन हैं?
A. 14-18 वर्ष की किशोरियां
B. केवल 60 वर्ष से ऊपर महिलाएं
C. केवल नवजात बालक
D. केवल सरकारी कर्मचारी
उत्तर: A. 14-18 वर्ष की किशोरियां
PIB के अनुसार SAG के लक्षित लाभार्थी 14-18 वर्ष की किशोरियां हैं, विशेष रूप से aspirational districts और North Eastern States में। यह आयु समूह पोषण, स्वास्थ्य और जीवन-कौशल के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए यह किशोरी सशक्तिकरण की योजना है।
Q379. किशोरी स्वास्थ्य में menstrual hygiene का महत्व क्यों है?
A. यह स्वास्थ्य, गरिमा और स्कूल उपस्थिति से जुड़ा है
B. इसका स्वास्थ्य से कोई संबंध नहीं
C. यह बाल विवाह को बढ़ाता है
D. यह शिक्षा रोकता है
उत्तर: A. यह स्वास्थ्य, गरिमा और स्कूल उपस्थिति से जुड़ा है
Menstrual hygiene की कमी से संक्रमण, असुविधा और स्कूल से अनुपस्थिति जैसी समस्याएं हो सकती हैं। किशोरियों को सही जानकारी और सुरक्षित सुविधाएं देना आवश्यक है। यह स्वास्थ्य और शैक्षिक सशक्तिकरण दोनों से जुड़ा है।
Q380. किशोरी स्वास्थ्य का महिला सशक्तिकरण से क्या संबंध है?
A. स्वस्थ किशोरी भविष्य की स्वस्थ और सक्षम महिला बनती है
B. इसका महिला सशक्तिकरण से कोई संबंध नहीं
C. यह शिक्षा को रोकता है
D. यह स्वास्थ्य जागरूकता घटाता है
उत्तर: A. स्वस्थ किशोरी भविष्य की स्वस्थ और सक्षम महिला बनती है
किशोरावस्था में पोषण, स्वास्थ्य शिक्षा और anemia prevention आगे के जीवन को प्रभावित करते हैं। यह मातृ स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मविश्वास की नींव रखता है। इसलिए किशोरी स्वास्थ्य दीर्घकालीन महिला सशक्तिकरण से जुड़ा है।
Q381. POSHAN Tracker कब रोल आउट किया गया?
A. 1 मार्च 2021
B. 15 अगस्त 1947
C. 26 जनवरी 1950
D. 1 अप्रैल 2006
उत्तर: A. 1 मार्च 2021
MWCD/SPNIWCD के अनुसार POSHAN Tracker को 1 मार्च 2021 को रोल आउट किया गया। यह Mission Poshan 2.0 की near real-time monitoring में मदद करता है। Anganwadi services को डिजिटल रूप से मजबूत करना इसका उद्देश्य है।
Q382. POSHAN Tracker किस प्रकार का tool है?
A. ICT आधारित governance और monitoring tool
B. केवल परीक्षा पोर्टल
C. केवल बैंकिंग ऐप
D. केवल चुनाव ऐप
उत्तर: A. ICT आधारित governance और monitoring tool
POSHAN Tracker ICT आधारित governance tool है। यह Anganwadi सेवाओं, beneficiary tracking और nutrition indicators की monitoring में सहायता करता है। इससे योजना क्रियान्वयन में transparency और accountability बढ़ती है।
Q383. POSHAN Tracker किन लाभार्थियों की tracking में सहायक है?
A. बच्चे, गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं
B. केवल उद्योगपति
C. केवल बैंक कर्मचारी
D. केवल निर्वाचन अधिकारी
उत्तर: A. बच्चे, गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं
POSHAN Tracker Anganwadi ecosystem के लाभार्थियों की सेवा delivery track करता है। इसमें बच्चों, pregnant women और lactating mothers से जुड़े पोषण और growth monitoring data शामिल होते हैं। यह nutrition governance को मजबूत करता है।
Q384. POSHAN Tracker में stunting, wasting और under-weight की dynamic identification क्यों महत्वपूर्ण है?
A. समय पर पोषण हस्तक्षेप के लिए
B. पोषण सेवा रोकने के लिए
C. डेटा छिपाने के लिए
D. शिक्षा बंद करने के लिए
उत्तर: A. समय पर पोषण हस्तक्षेप के लिए
बच्चों में stunting, wasting और under-weight की पहचान समय पर हो तो targeted nutrition intervention संभव होता है। POSHAN Tracker real-time data से प्रशासन को gaps समझने में मदद करता है। इससे nutrition outcomes बेहतर हो सकते हैं।
Q385. POSHAN Tracker महिला सशक्तिकरण से कैसे जुड़ा है?
A. मातृ एवं बाल पोषण सेवाओं की निगरानी मजबूत करके
B. पोषण सेवा बंद करके
C. गर्भवती महिलाओं को सेवा से दूर रखकर
D. Anganwadi रिकॉर्ड समाप्त करके
उत्तर: A. मातृ एवं बाल पोषण सेवाओं की निगरानी मजबूत करके
महिला स्वास्थ्य और पोषण सशक्तिकरण का मूल आधार है। POSHAN Tracker pregnant और lactating mothers को सेवाओं से जोड़ने और monitoring में मदद करता है। इससे मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
Q386. NFHS-5 किस अवधि से संबंधित है?
A. 2019-21
B. 2001-03
C. 1991-92
D. 2025-26
उत्तर: A. 2019-21
NFHS-5 का सर्वेक्षण 2019-21 अवधि से संबंधित है। यह भारत में स्वास्थ्य, पोषण, प्रजनन, महिला सशक्तिकरण और घरेलू हिंसा जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण data देता है। UP PGT में NFHS-5 data-based प्रश्न बहुत उपयोगी हो सकते हैं।
Q387. NFHS-5 का संचालन मुख्यतः किस मंत्रालय के अंतर्गत होता है?
A. Ministry of Health and Family Welfare
B. Ministry of Railways
C. Ministry of Defence
D. Ministry of External Affairs
उत्तर: A. Ministry of Health and Family Welfare
National Family Health Survey स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से संबंधित प्रमुख सर्वेक्षण है। इसके तकनीकी कार्यान्वयन में IIPS जैसी संस्थाओं की भूमिका होती है। यह नीति निर्माण के लिए विश्वसनीय data source है।
Q388. NFHS-5 में महिलाओं के सशक्तिकरण से संबंधित कौन-सा विषय शामिल है?
A. घरेलू निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी
B. केवल मौसम पूर्वानुमान
C. केवल विदेश व्यापार
D. केवल रेल यातायात
उत्तर: A. घरेलू निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी
NFHS महिलाओं की household decision-making, health, nutrition और domestic violence जैसे पहलुओं को दर्ज करता है। निर्णयों में भागीदारी महिला स्वायत्तता का महत्वपूर्ण संकेतक है। इसलिए NFHS-5 महिला सशक्तिकरण analysis में उपयोगी है।
Q389. NFHS-5 के अनुसार 15-49 वर्ष की महिलाओं में एनीमिया किस स्तर पर प्रमुख समस्या है?
A. लगभग 57 प्रतिशत
B. लगभग 5 प्रतिशत
C. लगभग 12 प्रतिशत
D. लगभग 99 प्रतिशत
उत्तर: A. लगभग 57 प्रतिशत
NFHS-5 के अनुसार महिलाओं में एनीमिया व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। लगभग 57 प्रतिशत महिलाओं में एनीमिया का उल्लेख किया जाता है। यह पोषण, स्वास्थ्य और कार्यक्षमता से संबंधित गंभीर मुद्दा है।
Q390. NFHS-5 data नीति निर्माण में क्यों महत्वपूर्ण है?
A. क्योंकि यह स्वास्थ्य, पोषण और महिला स्थिति पर evidence देता है
B. क्योंकि यह केवल मनोरंजन data है
C. क्योंकि इसका नीति से कोई संबंध नहीं
D. क्योंकि यह केवल खेल परिणाम देता है
उत्तर: A. क्योंकि यह स्वास्थ्य, पोषण और महिला स्थिति पर evidence देता है
NFHS-5 सरकार को health, fertility, nutrition और women empowerment से संबंधित प्रमाणिक data देता है। योजनाओं की जरूरत और प्रभाव समझने में यह उपयोगी है। इसलिए data-based governance में NFHS का महत्व बहुत अधिक है।
Q391. Global Gender Gap Index किस संस्था द्वारा जारी किया जाता है?
A. World Economic Forum
B. RBI
C. UPSC
D. Election Commission
उत्तर: A. World Economic Forum
Global Gender Gap Index World Economic Forum द्वारा जारी किया जाता है। यह देशों में gender parity की स्थिति को मापता है। महिला सशक्तिकरण के global comparison में यह महत्वपूर्ण सूचकांक है।
Q392. Global Gender Gap Index पहली बार कब शुरू किया गया?
A. 2006 में
B. 1947 में
C. 1991 में
D. 2020 में
उत्तर: A. 2006 में
WEF के अनुसार Global Gender Gap Index 2006 में शुरू हुआ। यह gender gaps को समय के साथ track करने वाला longest-standing index माना जाता है। यह outcome gaps पर केंद्रित होता है।
Q393. Global Gender Gap Index के चार प्रमुख आयामों में कौन-सा शामिल है?
A. Economic Participation, Education, Health, Political Empowerment
B. केवल कृषि, जल, सड़क, रेल
C. केवल खेल, पर्यटन, भाषा, कर
D. केवल आयात, निर्यात, बंदरगाह, सीमा
उत्तर: A. Economic Participation, Education, Health, Political Empowerment
Global Gender Gap Index चार sub-index पर आधारित है: आर्थिक भागीदारी, शैक्षिक उपलब्धि, स्वास्थ्य एवं जीवन रक्षा और राजनीतिक सशक्तिकरण। ये चारों आयाम gender parity को व्यापक रूप से समझाते हैं। UP PGT में यह बहुत संभावित प्रश्न है।
Q394. Global Gender Gap Report 2025 में भारत की रैंक क्या थी?
A. 131वीं
B. पहली
C. 50वीं
D. 10वीं
उत्तर: A. 131वीं
WEF Global Gender Gap Report 2025 में भारत 148 देशों में 131वें स्थान पर रहा। भारत का overall gender parity score 64.4 प्रतिशत बताया गया। यह बताता है कि शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार के बावजूद आर्थिक और राजनीतिक gaps चुनौती बने हुए हैं।
Q395. Global Gender Gap Index में parity score 1 का क्या अर्थ है?
A. पूर्ण लैंगिक समानता
B. पूर्ण असमानता
C. केवल पुरुष प्रतिनिधित्व
D. कोई data उपलब्ध नहीं
उत्तर: A. पूर्ण लैंगिक समानता
WEF methodology में parity score 1 पूर्ण लैंगिक समानता को दर्शाता है। Gender gap पूर्ण parity से दूरी को दिखाता है। इसलिए यह index पुरुष और महिला outcomes के अंतर को मापता है।
Q396. NITI Aayog के SDG India Index 2023-24 में Goal 5 किससे संबंधित है?
A. लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण से
B. केवल स्वच्छ जल से
C. केवल उद्योग से
D. केवल जलवायु से
उत्तर: A. लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण से
SDG Goal 5 का उद्देश्य gender equality हासिल करना और सभी महिलाओं व लड़कियों को सशक्त बनाना है। NITI Aayog SDG India Index में Goal 5 के indicators को track करता है। यह भारत की gender progress समझने का महत्वपूर्ण स्रोत है।
Q397. NITI Aayog के अनुसार SDG Goal 5 का भारत का score 2018 से 2023-24 तक कैसे बदला?
A. 36 से बढ़कर 49 हुआ
B. 90 से घटकर 10 हुआ
C. कोई बदलाव नहीं हुआ
D. 100 से 0 हुआ
उत्तर: A. 36 से बढ़कर 49 हुआ
NITI Aayog के Goal 5 page के अनुसार overall score 2018 में 36 से बढ़कर 2023-24 में 49 हुआ। यह gender equality indicators में सुधार को दर्शाता है। फिर भी score बताता है कि अभी पर्याप्त प्रगति की आवश्यकता है।
Q398. NITI Aayog SDG Goal 5 के अनुसार जन्म के समय लिंगानुपात कितना बताया गया है?
A. 929 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष
B. 500 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष
C. 1200 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष
D. 100 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष
उत्तर: A. 929 महिलाएं प्रति 1000 पुरुष
NITI Aayog Goal 5 data में sex ratio at birth 929 females per 1000 males बताया गया है। यह बालिका जन्म और लैंगिक संतुलन का महत्वपूर्ण संकेतक है। महिला सशक्तिकरण में बालिका के जन्म से ही समानता जरूरी है।
Q399. NITI Aayog की Women Entrepreneurship Platform किस उद्देश्य से जुड़ी है?
A. महिला उद्यमियों के ecosystem को समर्थन देना
B. महिला उद्यमिता रोकना
C. केवल परीक्षा आयोजित करना
D. केवल चुनाव कराना
उत्तर: A. महिला उद्यमियों के ecosystem को समर्थन देना
NITI Aayog की Women Entrepreneurship Platform महिलाओं के entrepreneurship ecosystem को मजबूत करने के लिए बनाई गई। यह finance, market linkages, mentoring, training और networking जैसे support areas से जुड़ी है। यह आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण data-policy initiative है।
Q400. NITI Aayog के Goal 5 indicators में महिलाओं का mobile phone ownership क्यों महत्वपूर्ण है?
A. क्योंकि यह digital access और empowerment से जुड़ा है
B. क्योंकि इसका empowerment से कोई संबंध नहीं
C. क्योंकि यह केवल मनोरंजन है
D. क्योंकि यह शिक्षा रोकता है
उत्तर: A. क्योंकि यह digital access और empowerment से जुड़ा है
NITI Aayog Goal 5 में महिलाओं के स्वयं उपयोग वाले mobile phone ownership को भी महत्वपूर्ण indicator माना गया है। मोबाइल access से digital services, banking, education और information तक पहुंच बढ़ती है। इसलिए यह 21वीं सदी के digital empowerment से जुड़ा है।
Section-H संदर्भ: NEP 2020 Ministry of Education, DST WISE-KIRAN/Vigyan Jyoti, NFHS-5, PIB/RGI SRS MMR 2018-20, MWCD POSHAN Tracker, World Economic Forum Global Gender Gap Report 2025, NITI Aayog SDG India Index 2023-24.
SECTION-I : महिला सुरक्षा एवं साइबर अपराध
Q401. साइबर बुलिंग का अर्थ क्या है?
A. डिजिटल माध्यम से किसी को डराना, अपमानित करना या परेशान करना
B. केवल ऑनलाइन पढ़ाई करना
C. बैंक खाता खोलना
D. सरकारी योजना में आवेदन करना
उत्तर: A. डिजिटल माध्यम से किसी को डराना, अपमानित करना या परेशान करना
साइबर बुलिंग में सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप, ईमेल या अन्य ऑनलाइन माध्यमों से किसी व्यक्ति को धमकाना, बदनाम करना या मानसिक रूप से परेशान करना शामिल है। महिलाओं और किशोरियों के लिए यह गंभीर डिजिटल सुरक्षा चुनौती है। इसलिए यह महिला सुरक्षा और कानूनी जागरूकता दोनों से जुड़ा विषय है।
Q402. साइबर बुलिंग महिलाओं के किस अधिकार को सबसे अधिक प्रभावित करती है?
A. गरिमा और सुरक्षित जीवन के अधिकार को
B. कर भुगतान के अधिकार को
C. मतदान सूची संशोधन को
D. संपत्ति पंजीकरण को
उत्तर: A. गरिमा और सुरक्षित जीवन के अधिकार को
ऑनलाइन अपमान, धमकी और चरित्र-हनन महिला की गरिमा और मानसिक सुरक्षा को प्रभावित करता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 की व्यापक व्याख्या में गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार शामिल है। इसलिए साइबर बुलिंग महिला सशक्तिकरण में बड़ी बाधा है।
Q403. साइबर बुलिंग की स्थिति में सबसे उपयुक्त पहला कदम क्या होना चाहिए?
A. प्रमाण सुरक्षित कर शिकायत दर्ज करना
B. प्रमाण मिटा देना
C. आरोपी को बैंक जानकारी भेजना
D. घटना को हमेशा छिपाना
उत्तर: A. प्रमाण सुरक्षित कर शिकायत दर्ज करना
ऐसी स्थिति में screenshots, profile link, chat record और time details सुरक्षित रखना जरूरी है। National Cyber Crime Reporting Portal पर women/children related cyber crime की शिकायत की जा सकती है। सही प्रमाण जांच एजेंसियों को कार्रवाई में मदद करते हैं।
Q404. साइबर बुलिंग किस प्रकार के सशक्तिकरण की आवश्यकता को दर्शाती है?
A. डिजिटल एवं कानूनी सशक्तिकरण
B. केवल कृषि सशक्तिकरण
C. केवल भाषाई सशक्तिकरण
D. केवल सांस्कृतिक उत्सव
उत्तर: A. डिजिटल एवं कानूनी सशक्तिकरण
साइबर बुलिंग से बचने के लिए महिलाओं को privacy settings, reporting tools और cyber laws की जानकारी होनी चाहिए। डिजिटल साक्षरता के साथ कानूनी जागरूकता भी जरूरी है। इसलिए यह डिजिटल और कानूनी सशक्तिकरण से जुड़ा है।
Q405. साइबर बुलिंग में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कौन-सा कदम उपयोगी होता है?
A. Block, Report और privacy setting का उपयोग
B. पासवर्ड सार्वजनिक करना
C. OTP साझा करना
D. अज्ञात लिंक खोलना
उत्तर: A. Block, Report और privacy setting का उपयोग
अधिकांश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म abusive profile, fake account या harassment content को report करने की सुविधा देते हैं। Block और privacy controls से उत्पीड़न कम किया जा सकता है। गंभीर मामलों में cybercrime.gov.in या पुलिस में शिकायत करनी चाहिए।
Q406. ऑनलाइन फ्रॉड में 1930 हेल्पलाइन का मुख्य उपयोग किसके लिए है?
A. वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की त्वरित रिपोर्टिंग के लिए
B. मौसम सूचना के लिए
C. परीक्षा परिणाम के लिए
D. रेलवे आरक्षण के लिए
उत्तर: A. वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की त्वरित रिपोर्टिंग के लिए
भारत में cyber financial fraud की स्थिति में 1930 राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क करना चाहिए। जल्दी रिपोर्ट करने पर संदिग्ध लेन-देन को रोकने या freeze कराने की संभावना बढ़ती है। इसके बाद cybercrime.gov.in पर online complaint भी की जा सकती है।
Q407. ऑनलाइन फ्रॉड में OTP साझा करना क्यों खतरनाक है?
A. इससे बैंक/UPI खाते से धन चोरी हो सकता है
B. इससे खाता अधिक सुरक्षित हो जाता है
C. इससे शिकायत अपने आप बंद हो जाती है
D. इससे पासवर्ड बदलना असंभव होता है
उत्तर: A. इससे बैंक/UPI खाते से धन चोरी हो सकता है
OTP, PIN और password निजी सुरक्षा सूचना हैं। इन्हें साझा करने से fraudster account access या transaction कर सकता है। बैंक और सरकारी एजेंसियां कभी भी OTP या PIN मांगने के लिए फोन नहीं करतीं।
Q408. Phishing का अर्थ क्या है?
A. नकली लिंक या संदेश से निजी/बैंकिंग जानकारी चुराने की कोशिश
B. सरकारी नौकरी देना
C. ऑफलाइन मतदान कराना
D. विद्यालय में प्रवेश देना
उत्तर: A. नकली लिंक या संदेश से निजी/बैंकिंग जानकारी चुराने की कोशिश
Phishing में अपराधी बैंक, कंपनी या सरकारी संस्था बनकर fake link भेजते हैं। व्यक्ति जैसे ही जानकारी भरता है, password, OTP या banking data चोरी हो सकता है। इसलिए link खोलने से पहले domain और source की जांच करनी चाहिए।
Q409. ऑनलाइन फ्रॉड होने पर कौन-सा प्रमाण सुरक्षित रखना चाहिए?
A. transaction ID, screenshots, mobile number और chat/call details
B. केवल आरोपी की बात मानना
C. सभी messages delete करना
D. बैंक passbook जला देना
उत्तर: A. transaction ID, screenshots, mobile number और chat/call details
Cyber fraud की जांच में digital evidence बहुत महत्वपूर्ण होता है। Transaction ID, UPI ID, bank reference number, screenshot और caller details complaint में मदद करते हैं। ये प्रमाण cyber portal और police investigation में उपयोगी होते हैं।
Q410. “Digital Arrest” जैसे ऑनलाइन फ्रॉड में अपराधी सामान्यतः क्या करते हैं?
A. पुलिस/एजेंसी बनकर डराते और पैसे मांगते हैं
B. मुफ्त शिक्षा देते हैं
C. सरकारी प्रमाणपत्र जारी करते हैं
D. वास्तविक न्यायालय चलाते हैं
उत्तर: A. पुलिस/एजेंसी बनकर डराते और पैसे मांगते हैं
Digital arrest scam में अपराधी fake police, CBI, NIA या courier अधिकारी बनकर व्यक्ति को धमकाते हैं। वे video call या fake documents से डर पैदा कर पैसे transfer कराते हैं। वास्तविक पुलिस ऑनलाइन “arrest” करके bank transfer नहीं मांगती।
Q411. सोशल मीडिया सुरक्षा में strong password क्यों आवश्यक है?
A. account hacking रोकने के लिए
B. account सबको देने के लिए
C. OTP साझा करने के लिए
D. fake profile बनाने के लिए
उत्तर: A. account hacking रोकने के लिए
Strong password account को unauthorized access से बचाता है। अलग-अलग platforms पर अलग password और two-factor authentication उपयोग करना बेहतर होता है। महिलाओं के social media accounts की सुरक्षा digital dignity से जुड़ी है।
Q412. सोशल मीडिया पर अज्ञात व्यक्ति की friend request स्वीकार करने से क्या जोखिम हो सकता है?
A. stalking, blackmail या identity misuse का जोखिम
B. guaranteed government job
C. bank balance स्वतः बढ़ना
D. password सुरक्षित होना
उत्तर: A. stalking, blackmail या identity misuse का जोखिम
अज्ञात profiles fake हो सकती हैं और personal photos या information का दुरुपयोग कर सकती हैं। महिलाओं के लिए online stalking और impersonation गंभीर समस्या है। इसलिए privacy settings और friend list control जरूरी है।
Q413. सोशल मीडिया पर निजी फोटो/जानकारी साझा करते समय सबसे महत्वपूर्ण सावधानी क्या है?
A. audience और privacy settings नियंत्रित रखना
B. profile password caption में लिखना
C. OTP story में डालना
D. bank details public करना
उत्तर: A. audience और privacy settings नियंत्रित रखना
Personal content public रखने से misuse, morphing या harassment का जोखिम बढ़ सकता है। Privacy controls से कौन content देख सकता है, यह सीमित किया जा सकता है। सोशल मीडिया सुरक्षा में digital footprint समझना बहुत जरूरी है।
Q414. Fake social media profile बनाकर किसी महिला की पहचान का दुरुपयोग करना किससे संबंधित है?
A. Identity misuse / impersonation
B. डिजिटल साक्षरता
C. सरकारी सेवा वितरण
D. वैध प्रचार
उत्तर: A. Identity misuse / impersonation
Impersonation में किसी की पहचान, फोटो या नाम का गलत उपयोग कर fake account बनाया जाता है। इससे बदनामी, blackmail या harassment हो सकता है। ऐसे मामलों में platform report और cybercrime portal पर शिकायत जरूरी है।
Q415. सोशल मीडिया सुरक्षा महिला सशक्तिकरण से कैसे जुड़ी है?
A. सुरक्षित डिजिटल भागीदारी से
B. महिलाओं को online space से हटाकर
C. privacy समाप्त करके
D. harassment को अनदेखा करके
उत्तर: A. सुरक्षित डिजिटल भागीदारी से
आज शिक्षा, रोजगार, business और public expression में social media महत्वपूर्ण है। यदि महिलाएं सुरक्षित महसूस करें तो वे digital platforms का बेहतर उपयोग कर सकती हैं। इसलिए सोशल मीडिया सुरक्षा डिजिटल सशक्तिकरण की शर्त है।
Q416. डिजिटल सुरक्षा में two-factor authentication का मुख्य लाभ क्या है?
A. login सुरक्षा की दूसरी परत जोड़ना
B. password हटाना
C. account public करना
D. fraudster को access देना
उत्तर: A. login सुरक्षा की दूसरी परत जोड़ना
Two-factor authentication में password के साथ OTP, authenticator app या biometric जैसी अतिरिक्त verification लगती है। इससे password leak होने पर भी account अधिक सुरक्षित रहता है। महिलाओं के social media और banking accounts के लिए यह उपयोगी सुरक्षा उपाय है।
Q417. डिजिटल सुरक्षा में “digital footprint” का अर्थ क्या है?
A. ऑनलाइन छोड़े गए data और activity records
B. जूते का आकार
C. केवल कागजी दस्तावेज
D. offline signature
उत्तर: A. ऑनलाइन छोड़े गए data और activity records
Digital footprint में posts, comments, photos, location data और browsing/activity traces शामिल हो सकते हैं। अनावश्यक personal information future misuse का कारण बन सकती है। इसलिए digital व्यवहार में सावधानी जरूरी है।
Q418. डिजिटल सुरक्षा के लिए सार्वजनिक Wi-Fi पर कौन-सी सावधानी जरूरी है?
A. banking/UPI जैसे sensitive काम न करना
B. password सबको बताना
C. OTP save करके भेजना
D. unknown app install करना
उत्तर: A. banking/UPI जैसे sensitive काम न करना
Public Wi-Fi असुरक्षित हो सकता है और data interception का जोखिम रहता है। Banking, UPI, password change या confidential काम trusted network पर करना चाहिए। यह basic cyber hygiene का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Q419. अज्ञात apps install करने से कौन-सा cyber risk बढ़ सकता है?
A. data चोरी और device control का जोखिम
B. device अधिक सुरक्षित होना
C. fraud समाप्त होना
D. password मजबूत होना
उत्तर: A. data चोरी और device control का जोखिम
Unknown apps malware या spyware हो सकते हैं। ये contacts, photos, SMS, OTP या banking information तक पहुंच बना सकते हैं। इसलिए apps केवल trusted store से और permissions जांचकर install करने चाहिए।
Q420. डिजिटल सुरक्षा में regular software update क्यों आवश्यक है?
A. security vulnerabilities ठीक करने के लिए
B. device खराब करने के लिए
C. password public करने के लिए
D. data delete करने के लिए ही
उत्तर: A. security vulnerabilities ठीक करने के लिए
Software updates में security patches शामिल होते हैं जो known vulnerabilities को ठीक करते हैं। पुराने apps और operating systems cyber attack के लिए आसान target बन सकते हैं। इसलिए update रखना digital safety का basic rule है।
Q421. उत्तर प्रदेश में Women Power Line का प्रमुख नंबर कौन-सा है?
A. 1090
B. 1930
C. 108
D. 139
उत्तर: A. 1090
Women Power Line 1090 उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला सुरक्षा सेवा है। यह महिलाओं के harassment और उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के redressal के लिए dedicated call center के रूप में कार्य करती है। UP PGT में इसे राज्य स्तर की महिला सुरक्षा व्यवस्था के रूप में याद रखें।
Q422. राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन नंबर कौन-सा है?
A. 181
B. 1098
C. 1930
D. 101
उत्तर: A. 181
National Cyber Crime Reporting Portal के guidance section में national women helpline number 181 बताया गया है। संकटग्रस्त महिलाओं को सहायता और संबंधित सेवाओं से जोड़ने में यह उपयोगी है। महिला सुरक्षा तंत्र में helplines का बड़ा महत्व है।
Q423. भारत का राष्ट्रीय emergency police helpline number कौन-सा है?
A. 112
B. 1090
C. 1930
D. 14416
उत्तर: A. 112
112 राष्ट्रीय emergency response number है। National Cyber Crime Portal भी emergency या non-cyber crime के लिए local police/112 से संपर्क करने की सलाह देता है। महिला सुरक्षा के संदर्भ में immediate danger होने पर 112 महत्वपूर्ण है।
Q424. Cyber financial fraud की स्थिति में 1090, 181, 112 और 1930 में सबसे उपयुक्त नंबर कौन-सा है?
A. 1930
B. 101
C. 102
D. 139
उत्तर: A. 1930
Financial cyber fraud जैसे UPI scam, phishing transaction या online banking fraud में 1930 national cyber crime helpline पर तुरंत संपर्क करना चाहिए। महिलाओं से जुड़े harassment मामलों में 1090/181 और emergency में 112 उपयोगी हैं। सही helpline चुनना त्वरित सहायता के लिए जरूरी है।
Q425. National Cyber Crime Reporting Portal पर विशेष फोकस किन cyber crimes पर है?
A. महिलाओं और बच्चों से संबंधित cyber crimes पर
B. केवल कृषि विवादों पर
C. केवल भूमि रजिस्ट्रेशन पर
D. केवल बिजली बिल पर
उत्तर: A. महिलाओं और बच्चों से संबंधित cyber crimes पर
cybercrime.gov.in भारत सरकार के गृह मंत्रालय की पहल है, जो online cyber crime complaints दर्ज करने की सुविधा देता है। Portal विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से जुड़े cyber crimes पर focus करता है। यह digital safety और कानूनी सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण साधन है।
Section-I संदर्भ: National Cyber Crime Reporting Portal cybercrime.gov.in, UP Police Women Power Line 1090, CERT-In cyber safety guidance, National Women Helpline 181, Emergency Response 112 और cyber financial fraud helpline 1930 से जुड़े आधिकारिक स्रोत।
SECTION-J : अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य एवं Current Affairs
Q426. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार लैंगिक समानता क्यों महत्वपूर्ण है?
A. यह मानव अधिकार और सतत विकास का आधार है
B. यह केवल राजनीतिक नारा है
C. यह केवल खेलों से संबंधित है
D. इसका विकास से कोई संबंध नहीं
उत्तर: A. यह मानव अधिकार और सतत विकास का आधार है
संयुक्त राष्ट्र लैंगिक समानता को मूल मानव अधिकार मानता है। महिलाओं और लड़कियों को समान अवसर मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र मजबूत होते हैं। इसलिए यह सतत विकास की अनिवार्य शर्त है।
Q427. संयुक्त राष्ट्र का कौन-सा सतत विकास लक्ष्य महिलाओं और लड़कियों के सशक्तिकरण से संबंधित है?
A. SDG-5
B. SDG-1
C. SDG-13
D. SDG-16
उत्तर: A. SDG-5
SDG-5 का लक्ष्य gender equality प्राप्त करना और सभी महिलाओं व लड़कियों को सशक्त बनाना है। इसमें भेदभाव, हिंसा, बाल विवाह और असमान भागीदारी जैसे मुद्दे शामिल हैं। UP PGT में SDG-5 बहुत संभावित तथ्य है।
Q428. संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में महिलाओं की स्थिति पर प्रमुख अंतर-सरकारी निकाय कौन-सा है?
A. Commission on the Status of Women
B. Security Council only
C. International Court of Justice
D. IMF Board
उत्तर: A. Commission on the Status of Women
Commission on the Status of Women महिलाओं की स्थिति और लैंगिक समानता पर संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख intergovernmental body है। UN Women इसके secretariat के रूप में कार्य करता है। यह वैश्विक gender norms और policies से जुड़ा है।
Q429. CEDAW का संबंध किससे है?
A. महिलाओं के विरुद्ध सभी प्रकार के भेदभाव के उन्मूलन से
B. जलवायु परिवर्तन से
C. अंतरराष्ट्रीय व्यापार से
D. खेल प्रतियोगिता से
उत्तर: A. महिलाओं के विरुद्ध सभी प्रकार के भेदभाव के उन्मूलन से
CEDAW का पूर्ण रूप Convention on the Elimination of All Forms of Discrimination against Women है। यह महिलाओं के अधिकारों और समानता से संबंधित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज है। इसे महिलाओं का international bill of rights भी कहा जाता है।
Q430. Beijing Declaration and Platform for Action किस विषय से संबंधित है?
A. महिला अधिकार और लैंगिक समानता
B. परमाणु ऊर्जा
C. समुद्री व्यापार
D. अंतरिक्ष अन्वेषण
उत्तर: A. महिला अधिकार और लैंगिक समानता
Beijing Declaration and Platform for Action 1995 की चौथी विश्व महिला सम्मेलन से जुड़ा ऐतिहासिक दस्तावेज है। यह महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, हिंसा, अर्थव्यवस्था और निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी जैसे क्षेत्रों पर बल देता है। यह global women empowerment framework है।
Q431. UN Women की स्थापना कब की गई?
A. 2010 में
B. 1945 में
C. 1991 में
D. 2023 में
उत्तर: A. 2010 में
UN Women की स्थापना जुलाई 2010 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई। इसका उद्देश्य UN system में gender equality और women empowerment के कार्यों को एकीकृत और मजबूत करना था। यह महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों की प्रमुख UN entity है।
Q432. UN Women का पूरा नाम क्या है?
A. United Nations Entity for Gender Equality and the Empowerment of Women
B. United Nations Economic Fund for Water
C. Universal Network for Women Education
D. United Nations World Employment Mission
उत्तर: A. United Nations Entity for Gender Equality and the Empowerment of Women
UN Women का official नाम United Nations Entity for Gender Equality and the Empowerment of Women है। यह महिलाओं के अधिकार, लैंगिक समानता और महिलाओं/लड़कियों के सशक्तिकरण को आगे बढ़ाता है। यह global gender agenda की lead UN agency है।
Q433. UN Women किन प्रमुख क्षेत्रों में कार्य करता है?
A. नेतृत्व, आर्थिक सशक्तिकरण, हिंसा से मुक्ति और शांति-सुरक्षा
B. केवल खेल और पर्यटन
C. केवल बैंकिंग निरीक्षण
D. केवल सीमा सुरक्षा
उत्तर: A. नेतृत्व, आर्थिक सशक्तिकरण, हिंसा से मुक्ति और शांति-सुरक्षा
UN Women के प्रमुख कार्यक्षेत्रों में women's leadership, economic empowerment, ending violence against women और peace/security/humanitarian action शामिल हैं। ये सभी महिला सशक्तिकरण के अंतरराष्ट्रीय आयाम हैं। परीक्षा में इन्हें conceptual question के रूप में पूछा जा सकता है।
Q434. UN Women किस UN निकाय का secretariat भी है?
A. Commission on the Status of Women
B. World Bank
C. Security Council
D. UNESCO General Conference
उत्तर: A. Commission on the Status of Women
UN Women, Commission on the Status of Women का secretariat है। यह वैश्विक gender norms और policy standards के निर्माण में सहयोग करता है। इसलिए UN Women का role केवल कार्यक्रम चलाना नहीं, बल्कि global policy coordination भी है।
Q435. UN Women का केंद्रीय उद्देश्य क्या है?
A. महिलाओं के अधिकार, लैंगिक समानता और सशक्तिकरण को आगे बढ़ाना
B. केवल व्यापार कर बढ़ाना
C. केवल सैन्य गठबंधन बनाना
D. केवल खेल प्रतियोगिता कराना
उत्तर: A. महिलाओं के अधिकार, लैंगिक समानता और सशक्तिकरण को आगे बढ़ाना
UN Women का mission महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों को global progress के केंद्र में रखना है। यह governments, civil society और UN system के साथ मिलकर gender gap कम करने का प्रयास करता है। इसलिए यह अंतरराष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण की मुख्य संस्था है।
Q436. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कब मनाया जाता है?
A. 8 मार्च
B. 24 जनवरी
C. 5 जून
D. 10 दिसंबर
उत्तर: A. 8 मार्च
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है। यह महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों को मान्यता देता है। साथ ही यह लैंगिक समानता के लिए action की आवश्यकता पर बल देता है।
Q437. International Women’s Day 2026 की UN theme क्या है?
A. Rights. Justice. Action. For ALL Women and Girls
B. Only Education for Men
C. Climate Only, No Gender
D. Women Without Rights
उत्तर: A. Rights. Justice. Action. For ALL Women and Girls
UN के अनुसार IWD 2026 की theme “Rights. Justice. Action. For ALL Women and Girls” है। इसका संदेश है कि महिलाओं के अधिकार केवल कानून में नहीं, बल्कि न्याय और वास्तविक action में दिखने चाहिए। यह current affairs के लिए महत्वपूर्ण तथ्य है।
Q438. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. महिलाओं की उपलब्धियों और लैंगिक समानता के मुद्दों पर जागरूकता
B. महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से बाहर करना
C. बालिका शिक्षा रोकना
D. राजनीतिक अधिकार समाप्त करना
उत्तर: A. महिलाओं की उपलब्धियों और लैंगिक समानता के मुद्दों पर जागरूकता
यह दिवस महिलाओं की उपलब्धियों का उत्सव और gender inequality के विरुद्ध जागरूकता का अवसर है। UN Women इसे rights, justice और action से जोड़ता है। इसलिए यह प्रतीकात्मक दिवस होने के साथ-साथ policy और activism से भी जुड़ा है।
Q439. IWD 2026 theme में “Justice” शब्द किस बात पर बल देता है?
A. महिलाओं को समान न्याय और प्रभावी कानूनी संरक्षण मिलना
B. अधिकारों को कमजोर करना
C. भेदभावपूर्ण कानून बनाए रखना
D. शिकायत निवारण रोकना
उत्तर: A. महिलाओं को समान न्याय और प्रभावी कानूनी संरक्षण मिलना
IWD 2026 theme discriminatory laws, weak legal protections और harmful practices हटाने की बात करती है। Justice का अर्थ है कि महिला को अधिकारों का वास्तविक प्रवर्तन मिले। यह कानूनी सशक्तिकरण से सीधे जुड़ा है।
Q440. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिला सशक्तिकरण के किस आयाम को वैश्विक मंच देता है?
A. सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और कानूनी आयामों को
B. केवल घरेलू कार्य को
C. केवल सांस्कृतिक परंपराओं को
D. केवल स्थानीय चुनाव को
उत्तर: A. सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और कानूनी आयामों को
IWD पर महिलाओं की सभी प्रकार की उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा होती है। इसमें equal rights, violence, work, leadership और justice जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसलिए यह महिला सशक्तिकरण का व्यापक वैश्विक मंच है।
Q441. राष्ट्रीय बालिका दिवस भारत में कब मनाया जाता है?
A. 24 जनवरी
B. 8 मार्च
C. 15 अगस्त
D. 2 अक्टूबर
उत्तर: A. 24 जनवरी
भारत में राष्ट्रीय बालिका दिवस प्रत्येक वर्ष 24 जनवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर जागरूकता बढ़ाना है। यह बालिका सशक्तिकरण से जुड़ा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दिवस है।
Q442. राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत किस मंत्रालय द्वारा की गई थी?
A. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
B. रक्षा मंत्रालय
C. वित्त मंत्रालय
D. विदेश मंत्रालय
उत्तर: A. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 2008 में की गई थी। इसका उद्देश्य बालिका के प्रति भेदभाव और असमान अवसरों पर ध्यान आकर्षित करना है। यह बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी सोच से भी जुड़ा है।
Q443. राष्ट्रीय बालिका दिवस का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
A. बालिकाओं के अधिकारों और समान अवसरों पर जागरूकता
B. बाल विवाह को बढ़ावा देना
C. बालिका शिक्षा रोकना
D. लैंगिक भेदभाव बढ़ाना
उत्तर: A. बालिकाओं के अधिकारों और समान अवसरों पर जागरूकता
यह दिवस बालिका शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान पर बल देता है। समाज में बेटियों के प्रति नकारात्मक सोच को बदलना इसका मुख्य लक्ष्य है। यह महिला सशक्तिकरण की life-cycle approach को दर्शाता है।
Q444. राष्ट्रीय बालिका दिवस किस सामाजिक समस्या के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाता है?
A. लिंग भेदभाव और बाल विवाह
B. डिजिटल शिक्षा
C. समान अवसर
D. महिला नेतृत्व
उत्तर: A. लिंग भेदभाव और बाल विवाह
बालिकाएं अक्सर शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षा में भेदभाव का सामना करती हैं। राष्ट्रीय बालिका दिवस इन असमानताओं को पहचानने और समाप्त करने पर बल देता है। बाल विवाह और female foeticide जैसे मुद्दे इससे सीधे जुड़े हैं।
Q445. राष्ट्रीय बालिका दिवस महिला सशक्तिकरण के किस चरण को दर्शाता है?
A. बालिका अवस्था से सशक्तिकरण की शुरुआत
B. केवल वृद्धावस्था कल्याण
C. केवल विवाह सहायता
D. केवल रोजगार नीति
उत्तर: A. बालिका अवस्था से सशक्तिकरण की शुरुआत
महिला सशक्तिकरण केवल वयस्क महिलाओं तक सीमित नहीं है। बालिका की शिक्षा, पोषण और सुरक्षा भविष्य की सशक्त महिला का आधार बनते हैं। इसलिए राष्ट्रीय बालिका दिवस life-cycle empowerment approach को मजबूत करता है।
Q446. SDG-5 का मुख्य लक्ष्य क्या है?
A. लैंगिक समानता प्राप्त करना और सभी महिलाओं/लड़कियों को सशक्त बनाना
B. केवल औद्योगिक उत्पादन बढ़ाना
C. केवल समुद्री संसाधन बचाना
D. केवल शहरों का विकास करना
उत्तर: A. लैंगिक समानता प्राप्त करना और सभी महिलाओं/लड़कियों को सशक्त बनाना
SDG-5 सीधे gender equality और women empowerment से संबंधित है। यह भेदभाव, हिंसा, बाल विवाह, unpaid care work और निर्णय प्रक्रिया में असमानता जैसे विषयों को संबोधित करता है। यह UP PGT के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य है।
Q447. SDG-5 का Target 5.2 किससे संबंधित है?
A. महिलाओं और लड़कियों के विरुद्ध हिंसा समाप्त करना
B. समुद्री प्रदूषण रोकना
C. वनों का संरक्षण
D. सड़क निर्माण
उत्तर: A. महिलाओं और लड़कियों के विरुद्ध हिंसा समाप्त करना
SDG-5.2 महिलाओं और लड़कियों के विरुद्ध सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में हिंसा समाप्त करने से संबंधित है। इसमें trafficking और sexual exploitation जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। यह महिला सुरक्षा और मानवाधिकार का वैश्विक लक्ष्य है।
Q448. SDG-5 का Target 5.3 किस हानिकारक प्रथा से संबंधित है?
A. बाल विवाह जैसी harmful practices
B. डिजिटल साक्षरता
C. उच्च शिक्षा
D. महिला उद्यमिता
उत्तर: A. बाल विवाह जैसी harmful practices
SDG-5.3 child, early and forced marriage जैसी harmful practices समाप्त करने पर बल देता है। बाल विवाह बालिका की शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वतंत्रता को बाधित करता है। इसलिए यह लक्ष्य बालिका सशक्तिकरण से गहराई से जुड़ा है।
Q449. SDG-5 में unpaid care work को मान्यता देने का लक्ष्य किससे संबंधित है?
A. Target 5.4
B. Target 1.1
C. Target 13.2
D. Target 16.9
उत्तर: A. Target 5.4
SDG-5.4 unpaid care और domestic work को recognize और value करने की बात करता है। महिलाएं घरेलू और देखभाल कार्य का बड़ा हिस्सा करती हैं, जिसका आर्थिक मूल्य अक्सर नहीं दिखता। यह आर्थिक न्याय और gender equality से जुड़ा मुद्दा है।
Q450. SDG-5 में ICT का उपयोग महिलाओं के किस आयाम को बढ़ावा देता है?
A. डिजिटल सशक्तिकरण
B. सामाजिक बहिष्कार
C. तकनीक से दूरी
D. सूचना असमानता
उत्तर: A. डिजिटल सशक्तिकरण
SDG-5.b enabling technology, विशेषकर ICT, के उपयोग से महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ाने पर बल देता है। डिजिटल पहुंच से शिक्षा, उद्यमिता, बैंकिंग और सूचना तक महिलाओं की पहुंच बढ़ती है। इसलिए ICT महिला सशक्तिकरण का नया आयाम है।
Q451. नारी शक्ति वंदन अधिनियम किस वर्ष पारित हुआ?
A. 2023 में
B. 1993 में
C. 2006 में
D. 2012 में
उत्तर: A. 2023 में
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में पारित हुआ। इसे संविधान 106वाँ संशोधन अधिनियम, 2023 के रूप में जाना जाता है। यह महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित ऐतिहासिक कानून है।
Q452. नारी शक्ति वंदन अधिनियम में महिलाओं को कितना आरक्षण प्रदान किया गया है?
A. 33 प्रतिशत
B. 10 प्रतिशत
C. 5 प्रतिशत
D. 75 प्रतिशत
उत्तर: A. 33 प्रतिशत
इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई यानी 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसका उद्देश्य महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना है। यह राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है।
Q453. नारी शक्ति वंदन अधिनियम किस प्रकार के सशक्तिकरण से सबसे अधिक संबंधित है?
A. राजनीतिक सशक्तिकरण
B. केवल पोषण सशक्तिकरण
C. केवल स्वास्थ्य सशक्तिकरण
D. केवल डिजिटल मनोरंजन
उत्तर: A. राजनीतिक सशक्तिकरण
विधायी संस्थाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व नीति निर्माण और कानून निर्माण में उनकी आवाज बढ़ाता है। इसलिए महिला आरक्षण लोकतंत्र को अधिक समावेशी बनाता है। यह राजनीतिक सशक्तिकरण का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
Q454. नारी शक्ति वंदन अधिनियम किन सदनों/संस्थाओं पर लागू है?
A. लोकसभा, राज्य विधानसभाएं और दिल्ली विधानसभा
B. केवल राज्यसभा
C. केवल विधान परिषदें
D. केवल पंचायतें
उत्तर: A. लोकसभा, राज्य विधानसभाएं और दिल्ली विधानसभा
महिला आरक्षण का प्रावधान लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा से संबंधित है। राज्यसभा और विधान परिषदें इसमें शामिल नहीं हैं। यह तथ्य प्रतियोगी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
Q455. महिला आरक्षण कानून के लागू होने की प्रक्रिया किससे जुड़ी है?
A. अगली जनगणना और परिसीमन के बाद
B. तुरंत पंचायत चुनाव से
C. केवल राष्ट्रपति चुनाव से
D. केवल वित्त आयोग से
उत्तर: A. अगली जनगणना और परिसीमन के बाद
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के provisions अगली जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन से जुड़े हैं। सीटों का आरक्षण delimitation के आधार पर लागू होगा। इसलिए इसके implementation mechanism को समझना जरूरी है।
Q456. डिजिटल महिला उद्यमिता का अर्थ क्या है?
A. डिजिटल माध्यमों से महिलाओं द्वारा व्यवसाय चलाना या विस्तार करना
B. महिलाओं को बाजार से दूर रखना
C. केवल ऑफलाइन विवाह आयोजन
D. केवल घरेलू कार्य तक सीमित रहना
उत्तर: A. डिजिटल माध्यमों से महिलाओं द्वारा व्यवसाय चलाना या विस्तार करना
डिजिटल महिला उद्यमिता में e-commerce, social media marketing, digital payments और online services के माध्यम से business चलाना शामिल है। इससे महिलाओं को बाजार, ग्राहक और वित्तीय अवसरों तक पहुंच मिलती है। यह आर्थिक और डिजिटल सशक्तिकरण दोनों है।
Q457. UNCTAD की eTrade for Women पहल किससे संबंधित है?
A. महिलाओं को digital economy और e-commerce से जोड़ने से
B. महिलाओं को डिजिटल बाजार से दूर रखने से
C. केवल कृषि सिंचाई से
D. केवल सैन्य प्रशिक्षण से
उत्तर: A. महिलाओं को digital economy और e-commerce से जोड़ने से
UNCTAD eTrade for Women Initiative महिलाओं को digital entrepreneurship ecosystem, mentors और policy dialogue से जोड़ने का प्रयास करती है। इसका उद्देश्य digital economy में gender gaps कम करना है। यह current international women entrepreneurship topic है।
Q458. डिजिटल महिला उद्यमिता में सबसे बड़ी बाधाओं में कौन-सी शामिल है?
A. डिजिटल कौशल, वित्त और बाजार तक असमान पहुंच
B. पूर्ण समान संसाधन
C. अत्यधिक पूंजी और समान training
D. सभी महिलाओं को समान इंटरनेट access
उत्तर: A. डिजिटल कौशल, वित्त और बाजार तक असमान पहुंच
UNCTAD ने women digital entrepreneurs के सामने gender bias, digital skills gap, finance की कमी और role models की कमी को प्रमुख बाधा बताया है। ये बाधाएं महिलाओं की business growth को सीमित करती हैं। इसलिए targeted mentoring और finance जरूरी हैं।
Q459. NITI Aayog की Women Entrepreneurship Platform का उद्देश्य क्या है?
A. महिला उद्यमियों को mentorship, finance, market linkages और support ecosystem देना
B. महिला उद्यमिता रोकना
C. केवल सरकारी नौकरी देना
D. केवल परीक्षा आयोजित करना
उत्तर: A. महिला उद्यमियों को mentorship, finance, market linkages और support ecosystem देना
NITI Aayog WEP महिलाओं के entrepreneurship ecosystem को मजबूत करने वाला aggregator platform है। यह information asymmetry कम कर mentoring, training, finance और market linkages जैसी सहायता से जोड़ता है। यह women-led development का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
Q460. WEP-DP World की “We Rise” पहल का उद्देश्य क्या है?
A. women-led MSMEs को global markets तक पहुंच में मदद
B. महिलाओं को export से रोकना
C. केवल घरेलू उपभोग बढ़ाना
D. महिला व्यवसाय बंद करना
उत्तर: A. women-led MSMEs को global markets तक पहुंच में मदद
NITI Aayog WEP और DP World की We Rise पहल women-led enterprises को trade facilitation, mentorship और strategic partnerships से जोड़ती है। इसका उद्देश्य उच्च संभावनाओं वाली women-led MSMEs को global scale पर बढ़ाना है। यह digital और export-oriented महिला उद्यमिता से जुड़ा current topic है।
Q461. महिला स्टार्टअप का मुख्य महत्व क्या है?
A. नवाचार, रोजगार और महिला आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ाना
B. महिलाओं को अर्थव्यवस्था से बाहर रखना
C. केवल सरकारी निर्भरता बढ़ाना
D. शिक्षा और कौशल रोकना
उत्तर: A. नवाचार, रोजगार और महिला आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ाना
Women-led startups नई समस्याओं के समाधान, रोजगार सृजन और inclusive growth में योगदान देती हैं। महिला entrepreneur परिवार और समाज में आर्थिक निर्णय क्षमता प्राप्त करती है। इसलिए startups महिला आर्थिक सशक्तिकरण का आधुनिक आयाम हैं।
Q462. Startup India पहल महिला स्टार्टअप को किस प्रकार सहायता दे सकती है?
A. funding, incubation, recognition और ecosystem support के माध्यम से
B. women founders को प्रतिबंधित करके
C. market access रोककर
D. innovation बंद करके
उत्तर: A. funding, incubation, recognition और ecosystem support के माध्यम से
Startup India ecosystem startups को recognition, seed support, fund mechanisms और ecosystem linkages जैसी सहायता देता है। महिला founders के लिए ये सुविधाएं capital और mentoring gaps कम कर सकती हैं। इसलिए यह women-led startups के विकास में सहायक है।
Q463. महिला स्टार्टअप में mentorship क्यों महत्वपूर्ण है?
A. business strategy, finance और market access समझने के लिए
B. उद्यम बंद कराने के लिए
C. legal compliance हटाने के लिए
D. ग्राहक से दूरी बनाने के लिए
उत्तर: A. business strategy, finance और market access समझने के लिए
कई women entrepreneurs को finance, network और market entry में बाधाएं आती हैं। Mentorship उन्हें business model, compliance, funding और scaling समझने में मदद करती है। इसलिए WEP जैसी platforms mentorship पर जोर देती हैं।
Q464. महिला स्टार्टअप को बढ़ावा देना SDG-5 के किस पहलू से जुड़ा है?
A. आर्थिक संसाधनों और नेतृत्व में महिलाओं की समान भागीदारी
B. महिलाओं की आर्थिक निर्भरता
C. शिक्षा से दूरी
D. तकनीक से बहिष्कार
उत्तर: A. आर्थिक संसाधनों और नेतृत्व में महिलाओं की समान भागीदारी
SDG-5 women’s equal access to economic resources और leadership opportunities पर बल देता है। Women-led startups महिलाओं को ownership, income और innovation leadership देते हैं। इसलिए यह आर्थिक सशक्तिकरण और SDG-5 दोनों से जुड़ा है।
Q465. महिला स्टार्टअप ecosystem में access to finance क्यों केंद्रीय मुद्दा है?
A. पूंजी के बिना business scale करना कठिन होता है
B. finance से entrepreneurship रुकती है
C. महिलाओं को funding की जरूरत नहीं होती
D. market access अपने आप मिल जाता है
उत्तर: A. पूंजी के बिना business scale करना कठिन होता है
Women entrepreneurs अक्सर collateral, credit history और investor network की कमी से जूझती हैं। Finance उपलब्ध होने पर वे production, marketing और technology में निवेश कर सकती हैं। इसलिए finance महिला startup growth का key enabler है।
Q466. AI में महिलाओं की भागीदारी क्यों आवश्यक है?
A. AI design और deployment में gender bias कम करने के लिए
B. महिलाओं को तकनीक से दूर रखने के लिए
C. केवल पुरुषों के लिए AI बनाने के लिए
D. data discrimination बढ़ाने के लिए
उत्तर: A. AI design और deployment में gender bias कम करने के लिए
यदि AI systems पुरुष-प्रधान teams और biased data से बनते हैं तो उनमें gender bias आ सकता है। महिलाओं की समान भागीदारी AI को अधिक inclusive और fair बनाती है। इसलिए AI एवं महिलाएं current gender equality का महत्वपूर्ण विषय है।
Q467. UNESCO की AI Ethics Recommendation किस वर्ष अपनाई गई?
A. 2021 में
B. 1945 में
C. 2006 में
D. 2023 में ही पहली बार
उत्तर: A. 2021 में
UNESCO की Recommendation on the Ethics of Artificial Intelligence 2021 में adopted हुई। यह AI में human rights, dignity, transparency, fairness और human oversight पर बल देती है। इसमें gender जैसे policy action areas भी शामिल हैं।
Q468. UNESCO Women4Ethical AI platform का उद्देश्य क्या है?
A. AI design और deployment में महिलाओं की समान भागीदारी बढ़ाना
B. महिलाओं को AI से बाहर रखना
C. algorithmic bias बढ़ाना
D. ethical review समाप्त करना
उत्तर: A. AI design और deployment में महिलाओं की समान भागीदारी बढ़ाना
UNESCO Women4Ethical AI platform governments और companies को AI में gender equality बढ़ाने में सहयोग देता है। इसका लक्ष्य non-discriminatory algorithms, inclusive data और women participation को बढ़ावा देना है। यह AI governance का current gender issue है।
Q469. AI में gender-disaggregated data क्यों महत्वपूर्ण है?
A. gender impact और bias को पहचानने के लिए
B. महिलाओं की पहचान मिटाने के लिए
C. data को असमान बनाने के लिए
D. transparency घटाने के लिए
उत्तर: A. gender impact और bias को पहचानने के लिए
Gender-disaggregated data से पता चलता है कि किसी नीति या AI system का प्रभाव महिलाओं और पुरुषों पर अलग-अलग कैसे पड़ता है। इससे bias पहचानना और सुधारना आसान होता है। AI ethics में inclusive data बहुत महत्वपूर्ण है।
Q470. AI और महिलाएँ विषय महिला सशक्तिकरण के किस नए आयाम को दर्शाता है?
A. तकनीकी और डिजिटल सशक्तिकरण
B. केवल पारंपरिक निर्भरता
C. शिक्षा से दूरी
D. राजनीतिक निष्क्रियता
उत्तर: A. तकनीकी और डिजिटल सशक्तिकरण
AI भविष्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार और शासन में बड़ी भूमिका निभा रहा है। महिलाओं की AI skills और AI governance में भागीदारी उन्हें नई तकनीकी शक्ति देती है। इसलिए AI महिला सशक्तिकरण का उभरता डिजिटल आयाम है।
Section-J संदर्भ: United Nations SDG-5, UN Women, UN International Women’s Day 2026, National Girl Child Day references, Nari Shakti Vandan Adhiniyam 2023, NITI Aayog Women Entrepreneurship Platform, UNCTAD eTrade for Women, UNESCO AI Ethics Recommendation और Women4Ethical AI.
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