सिंधु घाटी सभ्यता से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न
यहाँ सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़े महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न दिए गए हैं। ये प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं और सामान्य ज्ञान की तैयारी के लिए उपयोगी हैं।
1. सिंधु घाटी सभ्यता को और किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर: B. हड़प्पा सभ्यता
सिंधु घाटी सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता भी कहा जाता है। इसका कारण यह है कि इस सभ्यता का पहला प्रमुख स्थल हड़प्पा से प्राप्त हुआ था। हड़प्पा वर्तमान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित है। इसलिए इस सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है।
2. हड़प्पा की खोज किसने की थी?
उत्तर: B. दयाराम साहनी
हड़प्पा की खोज वर्ष 1921 में दयाराम साहनी ने की थी। यह सिंधु घाटी सभ्यता का पहला खोजा गया प्रमुख स्थल था। इस खोज के बाद भारत में प्राचीन नगरीय सभ्यता के प्रमाण सामने आए। हड़प्पा से अनेक मुहरें, भवन अवशेष और अन्य वस्तुएँ प्राप्त हुईं।
3. मोहनजोदड़ो की खोज किसने की थी?
उत्तर: B. आर. डी. बनर्जी
मोहनजोदड़ो की खोज वर्ष 1922 में आर. डी. बनर्जी ने की थी। यह स्थल वर्तमान पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित है। मोहनजोदड़ो का अर्थ “मृतकों का टीला” माना जाता है। यहाँ से विशाल स्नानागार, सड़कें और विकसित जल निकासी व्यवस्था मिली है।
4. सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल कौन सा माना जाता है?
उत्तर: C. राखीगढ़ी
राखीगढ़ी हरियाणा राज्य में स्थित है। इसे सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े स्थलों में माना जाता है। यहाँ से नगर योजना, मकानों और अन्य पुरातात्विक वस्तुओं के प्रमाण मिले हैं। राखीगढ़ी से इस सभ्यता के विस्तार और विकास को समझने में सहायता मिलती है।
5. मोहनजोदड़ो का अर्थ क्या है?
उत्तर: B. मृतकों का टीला
मोहनजोदड़ो का अर्थ “मृतकों का टीला” होता है। यह सिंधु घाटी सभ्यता का एक अत्यंत महत्वपूर्ण नगर था। यहाँ से विशाल स्नानागार और सुव्यवस्थित जल निकासी प्रणाली मिली है। यह नगर उस समय की उन्नत नगरीय व्यवस्था को दर्शाता है।
6. सिंधु घाटी सभ्यता के लोग किस धातु से परिचित नहीं थे?
उत्तर: D. लोहा
सिंधु घाटी सभ्यता के लोग लोहे से परिचित नहीं थे। यह सभ्यता मुख्य रूप से ताम्र-कांस्य युग से संबंधित थी। उस समय तांबा और कांसा जैसे धातुओं का उपयोग किया जाता था। लोहे का व्यापक उपयोग बाद के काल में देखने को मिलता है।
7. लोथल किस राज्य में स्थित है?
उत्तर: B. गुजरात
लोथल गुजरात राज्य में स्थित है। यह सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र था। लोथल से प्राचीन बंदरगाह के प्रमाण मिले हैं। इससे पता चलता है कि यहाँ के लोग समुद्री व्यापार से भी जुड़े हुए थे।
8. सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि कैसी थी?
उत्तर: C. चित्रात्मक लिपि
सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि चित्रात्मक मानी जाती है। इस लिपि में संकेतों और चिह्नों का प्रयोग किया गया था। यह लिपि अभी तक पूरी तरह पढ़ी नहीं जा सकी है। अधिकतर लेख मुहरों और छोटी वस्तुओं पर प्राप्त हुए हैं।
9. सिंधु घाटी सभ्यता के लोग किस फसल को उगाने के लिए प्रसिद्ध थे?
उत्तर: B. कपास
सिंधु घाटी सभ्यता के लोग कपास की खेती करते थे। कपास के उपयोग के प्रमाण इस सभ्यता से मिले हैं। माना जाता है कि यह विश्व की प्रारंभिक कपास उत्पादक सभ्यताओं में से एक थी। वस्त्र निर्माण में कपास का उपयोग महत्वपूर्ण था।
10. सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे प्रमुख विशेषता क्या थी?
उत्तर: B. नगर योजना
सिंधु घाटी सभ्यता अपनी विकसित नगर योजना के लिए प्रसिद्ध थी। नगरों में सीधी सड़कें, पक्के मकान और जल निकासी की अच्छी व्यवस्था थी। मोहनजोदड़ो और हड़प्पा जैसे नगर इस योजना के अच्छे उदाहरण हैं। इससे पता चलता है कि उस समय समाज काफी व्यवस्थित और विकसित था।
Q. 11) निम्नलिखित में से कौन सा एक हड़प्पा शहर नहीं था?
उत्तर: (c) मेहरगढ़
मेहरगढ़ हड़प्पा सभ्यता का प्रमुख नगर नहीं था। यह एक प्राचीन नवपाषाणकालीन स्थल माना जाता है। मेहरगढ़ से कृषि और पशुपालन के आरंभिक प्रमाण मिलते हैं। जबकि लोथल, धोलावीरा और सोतका कोह हड़प्पा सभ्यता से संबंधित स्थल हैं।
Q. 12) सूची-1 को सूची-2 के साथ सुमेलित कीजिए:
उत्तर: (a) a-2, b-4, c-1, d-3
हड़प्पा रावी नदी के निकट स्थित था। मोहनजोदड़ो सिंधु नदी के पास बसा हुआ था। रोपड़ सतलुज नदी से संबंधित स्थल है। दिए गए विकल्पों के अनुसार धौलावीरा का मिलान लूनी से किया गया है।
Q. 13) निम्नलिखित में से किस सिंधु घाटी सभ्यता स्थल में ‘वृहत स्नानागार’ की खोज की गई थी?
उत्तर: (a) मोहनजोदड़ो
वृहत स्नानागार मोहनजोदड़ो से प्राप्त हुआ है। यह सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे प्रसिद्ध संरचनाओं में से एक है। इसका उपयोग संभवतः धार्मिक या सामूहिक स्नान के लिए किया जाता था। यह उस समय की उन्नत निर्माण कला और जल प्रबंधन को दर्शाता है।
Q. 14) निम्नलिखित युग्मों को सुमेलित कीजिए।
उत्तर: (c) 1-C, 2-B, 3-D, 4-A
कालीबंगा से जुते हुए खेतों के प्रमाण मिले हैं। चन्हुदड़ो ऐसा स्थल माना जाता है जहाँ दुर्ग का अभाव था। सुरकोटडा से घोड़े की हड्डियों के प्रमाण प्राप्त हुए हैं। दिए गए विकल्पों के अनुसार सही सुमेलित उत्तर विकल्प (c) है।
Q. 15) सिंधु घाटी सभ्यता की खोज सर्वप्रथम किस पुरास्थल से हुई?
उत्तर: (a) हड़प्पा
सिंधु घाटी सभ्यता की खोज सर्वप्रथम हड़प्पा स्थल से हुई थी। हड़प्पा की खोज 1921 में दयाराम साहनी ने की थी। इसी कारण इस सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता भी कहा जाता है। हड़प्पा से नगर योजना और अनेक पुरातात्विक वस्तुओं के प्रमाण मिले।
Q. 16) निम्नलिखित में से कौन-सा हड़प्पा व्यापारिक बंदरगाह अफ़गानिस्तान में पाया जाता है?
उत्तर: (a) शॉर्टुगाई
शॉर्टुगाई अफ़गानिस्तान में स्थित हड़प्पा सभ्यता से जुड़ा स्थल है। यह स्थल व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहाँ से हड़प्पाई संस्कृति के प्रमाण मिले हैं। इससे पता चलता है कि हड़प्पा सभ्यता का व्यापार दूर-दूर तक फैला हुआ था।
Q. 17) निम्नलिखित में से कौन-सा हड़प्पा स्थल हरियाणा में स्थित है?
उत्तर: (a) राखीगढ़ी
राखीगढ़ी हरियाणा राज्य में स्थित है। यह सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े स्थलों में गिना जाता है। यहाँ से मकानों, सड़कों और अन्य अवशेषों के प्रमाण मिले हैं। राखीगढ़ी से हड़प्पा सभ्यता के विस्तार को समझने में सहायता मिलती है।
Q. 18) निम्नलिखित हड़प्पा स्थलों में से किसमें कब्र में दो लोगों के शव पाए गये?
उत्तर: (d) लोथल
लोथल से दो व्यक्तियों के संयुक्त शव वाली कब्र के प्रमाण मिले हैं। यह स्थल गुजरात में स्थित है। लोथल अपने प्राचीन बंदरगाह और व्यापारिक महत्व के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ से हड़प्पा सभ्यता की सामाजिक और सांस्कृतिक जानकारी मिलती है।
Q. 19) कालीबंगा हड़प्पा स्थल भारत के निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?
उत्तर: (b) राजस्थान
कालीबंगा राजस्थान राज्य में स्थित है। यह घग्घर नदी के किनारे पाया गया महत्वपूर्ण हड़प्पा स्थल है। यहाँ से जुते हुए खेतों के प्रमाण प्राप्त हुए हैं। कालीबंगा से अग्निकुंड और नगर योजना के प्रमाण भी मिले हैं।
Q. 20) सिंधु सभ्यता के लोग किस जानवर के बारे में नहीं जानते थे?
उत्तर: (a) शेर
सिंधु सभ्यता के लोग हाथी, बाघ और हिरन जैसे जानवरों से परिचित थे। इन जानवरों के प्रमाण मुहरों और कलात्मक अवशेषों से मिलते हैं। शेर के स्पष्ट प्रमाण इस सभ्यता में सामान्य रूप से नहीं मिलते। इसलिए दिए गए विकल्पों में सही उत्तर शेर माना जाता है।
Q. 21) सिंधु सभ्यता की पहली प्रमाणिक खोज किस वर्ष हुई?
उत्तर: C. 1921
सिंधु सभ्यता की पहली प्रमाणिक खोज वर्ष 1921 में हुई थी। इसी वर्ष हड़प्पा स्थल की खोज दयाराम साहनी ने की थी। इस खोज के बाद भारत में एक अत्यंत प्राचीन नगरीय सभ्यता के प्रमाण सामने आए। इसी कारण इसे हड़प्पा सभ्यता भी कहा जाता है।
Q. 22) हड़प्पा स्थल की खोज किसने की थी?
उत्तर: B. दयाराम साहनी
हड़प्पा स्थल की खोज दयाराम साहनी ने 1921 में की थी। यह सिंधु घाटी सभ्यता का पहला प्रमुख खोजा गया स्थल था। हड़प्पा वर्तमान पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में स्थित है। इसी स्थल के नाम पर इस सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता कहा गया।
Q. 23) मोहनजोदड़ो का अर्थ क्या है?
उत्तर: B. मृतकों का टीला
मोहनजोदड़ो का अर्थ “मृतकों का टीला” होता है। यह सिंधु सभ्यता का एक प्रमुख नगर था। यह स्थल वर्तमान पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित है। यहाँ से वृहत स्नानागार और विकसित जल निकासी व्यवस्था के प्रमाण मिले हैं।
Q. 24) सिंधु सभ्यता किस युग से संबंधित है?
उत्तर: B. कांस्य युग
सिंधु सभ्यता कांस्य युग से संबंधित मानी जाती है। इस सभ्यता के लोग तांबा और कांसा जैसी धातुओं का उपयोग करते थे। लोहे का व्यापक उपयोग इस काल में नहीं मिलता है। इसलिए इसे कांस्य युगीन सभ्यता कहा जाता है।
Q. 25) सिंधु सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल कौन सा है?
उत्तर: C. राखीगढ़ी
राखीगढ़ी हरियाणा में स्थित एक प्रमुख हड़प्पा स्थल है। इसे सिंधु सभ्यता के सबसे बड़े स्थलों में गिना जाता है। यहाँ से नगर योजना, मकानों और अन्य अवशेषों के प्रमाण मिले हैं। यह स्थल सभ्यता के विस्तार को समझने में बहुत महत्वपूर्ण है।
Q. 26) ग्रेट बाथ कहाँ मिला है?
उत्तर: C. मोहनजोदड़ो
ग्रेट बाथ मोहनजोदड़ो से प्राप्त हुआ है। इसे वृहत स्नानागार भी कहा जाता है। यह ईंटों से बनी एक महत्वपूर्ण संरचना थी। इससे सिंधु सभ्यता की उन्नत निर्माण कला और जल प्रबंधन का पता चलता है।
Q. 27) लोथल किसके लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर: B. बंदरगाह
लोथल गुजरात में स्थित एक महत्वपूर्ण हड़प्पा स्थल है। यह अपने प्राचीन बंदरगाह के लिए प्रसिद्ध है। इससे पता चलता है कि सिंधु सभ्यता में समुद्री व्यापार विकसित था। लोथल व्यापार और मनका निर्माण का भी प्रमुख केंद्र था।
Q.28) कालीबंगन किसके लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर: B. जुताई के साक्ष्य
कालीबंगन राजस्थान में स्थित हड़प्पा सभ्यता का महत्वपूर्ण स्थल है। यहाँ से जुते हुए खेतों के प्रमाण प्राप्त हुए हैं। यह कृषि व्यवस्था को समझने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। कालीबंगन से अग्निकुंड और नगर योजना के प्रमाण भी मिले हैं।
Q. 29) धौलावीरा किसके लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर: B. जल प्रबंधन
धौलावीरा गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थित है। यह स्थल अपने उत्कृष्ट जल प्रबंधन के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ जल संग्रह, जल निकासी और जल संरक्षण की विकसित व्यवस्था मिली है। इससे पता चलता है कि हड़प्पावासी जल संसाधनों का अच्छा उपयोग करते थे।
Q. 30) हड़प्पा सभ्यता की लिपि कैसी थी?
उत्तर: B. चित्रात्मक
हड़प्पा सभ्यता की लिपि चित्रात्मक मानी जाती है। इसमें संकेतों और चिह्नों का प्रयोग किया गया था। यह लिपि मुख्य रूप से मुहरों पर प्राप्त हुई है। अभी तक इस लिपि को पूरी तरह पढ़ा नहीं जा सका है।
Q. 31) सिंधु सभ्यता के लोग किस फसल के प्रथम उत्पादक थे?
उत्तर: C. कपास
सिंधु सभ्यता के लोग कपास की खेती के लिए प्रसिद्ध थे। उन्हें विश्व के प्रारंभिक कपास उत्पादकों में माना जाता है। कपास से वस्त्र निर्माण किया जाता था। इससे उनकी कृषि और वस्त्र-निर्माण कला की जानकारी मिलती है।
Q. 32) सिंधु सभ्यता का प्रमुख व्यापार किससे था?
उत्तर: C. मेसोपोटामिया
सिंधु सभ्यता का प्रमुख व्यापार मेसोपोटामिया से था। मेसोपोटामिया के अभिलेखों में सिंधु क्षेत्र का उल्लेख मिलता है। वहाँ सिंधु क्षेत्र को मेलुहा कहा गया है। इससे हड़प्पा सभ्यता के दूरस्थ व्यापारिक संबंधों का पता चलता है।
Q. 33) मेसोपोटामिया में सिंधु क्षेत्र को क्या कहा जाता था?
उत्तर: B. मेलुहा
मेसोपोटामिया के अभिलेखों में सिंधु क्षेत्र को मेलुहा कहा गया है। यह नाम हड़प्पा सभ्यता से जुड़े व्यापारिक क्षेत्र के लिए प्रयुक्त हुआ। मेलुहा से मोती, लकड़ी, धातु और अन्य वस्तुओं का व्यापार होता था। इससे सिंधु सभ्यता के अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रमाण मिलता है।
Q. 34) हड़प्पा सभ्यता में प्रमुख धातु कौन सी थी?
उत्तर: C. कांस्य
हड़प्पा सभ्यता कांस्य युगीन सभ्यता थी। इसमें तांबा और कांसा जैसी धातुओं का उपयोग किया जाता था। कांस्य से औजार, मूर्तियाँ और दैनिक उपयोग की वस्तुएँ बनाई जाती थीं। लोहे का व्यापक उपयोग इस सभ्यता में नहीं मिलता है।
Q. 35) हड़प्पा सभ्यता के लोग किस प्रणाली से व्यापार करते थे?
उत्तर: B. वस्तु विनिमय
हड़प्पा सभ्यता में व्यापार वस्तु विनिमय प्रणाली पर आधारित था। इसमें वस्तुओं के बदले वस्तुओं का आदान-प्रदान किया जाता था। मानकीकृत बाट और माप के प्रमाण भी मिले हैं। इससे उनके संगठित व्यापारिक जीवन का पता चलता है।
Q. 36) सिंधु सभ्यता के नगर किस प्रकार के थे?
उत्तर: B. योजनाबद्ध
सिंधु सभ्यता के नगर योजनाबद्ध रूप से बनाए गए थे। नगरों में सीधी सड़कें, पक्के मकान और जल निकासी व्यवस्था थी। कई नगरों को गढ़ और निचले नगर में बाँटा गया था। यह उनकी उन्नत नगरीय व्यवस्था को दर्शाता है।
Q. 37) शहर का ऊँचा भाग क्या कहलाता था?
उत्तर: C. गढ़
सिंधु सभ्यता के नगरों का ऊँचा भाग गढ़ कहलाता था। गढ़ में महत्वपूर्ण भवन और सार्वजनिक संरचनाएँ स्थित होती थीं। यह भाग सामान्यतः ऊँचे चबूतरे पर बनाया जाता था। निचला नगर आम लोगों के निवास के लिए होता था।
Q. 38) सिंधु सभ्यता की जल निकासी व्यवस्था कैसी थी?
उत्तर: C. उन्नत
सिंधु सभ्यता की जल निकासी व्यवस्था बहुत उन्नत थी। घरों से निकलने वाला पानी पक्की नालियों में जाता था। नालियाँ ढकी हुई होती थीं और सफाई की व्यवस्था भी थी। यह उस समय की उच्च शहरी योजना का प्रमाण है।
Q. 39) पशुपति मुहर कहाँ से मिली है?
उत्तर: C. मोहनजोदड़ो
पशुपति मुहर मोहनजोदड़ो से प्राप्त हुई है। इस मुहर पर योग मुद्रा में बैठे एक पुरुष की आकृति दिखाई देती है। उसके चारों ओर पशुओं की आकृतियाँ बनी हुई हैं। कुछ विद्वान इसे शिव के प्रारंभिक रूप से जोड़कर देखते हैं।
Q. 40) मनका निर्माण का प्रमुख केंद्र कौन सा था?
उत्तर: B. लोथल
लोथल मनका निर्माण का प्रमुख केंद्र था। यहाँ से मनके बनाने के औजार और कच्चे पदार्थ मिले हैं। लोथल व्यापारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थल था। यह स्थल हड़प्पा सभ्यता की शिल्पकला और व्यापारिक गतिविधियों को दर्शाता है।
Q. 41) सिंधु सभ्यता में किस पशु को विशेष महत्व दिया गया?
उत्तर: B. कूबड़ वाला बैल
सिंधु सभ्यता में कूबड़ वाले बैल को विशेष महत्व दिया गया था। अनेक मुहरों पर कूबड़ वाले बैल की आकृति मिलती है। इससे पता चलता है कि यह पशु उनके आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन में महत्वपूर्ण था। बैल कृषि और परिवहन से भी जुड़ा हुआ माना जाता है।
Q. 42) घोड़े के अवशेष कहाँ मिले हैं?
उत्तर: C. सुरकोटडा
घोड़े के अवशेष सुरकोटडा से प्राप्त माने जाते हैं। सुरकोटडा गुजरात में स्थित एक हड़प्पा स्थल है। यह प्रमाण सिंधु सभ्यता में पशुपालन के अध्ययन में महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि घोड़े की भूमिका इस सभ्यता में सीमित मानी जाती है।
Q. 43) सिंधु सभ्यता का पतन कब शुरू हुआ?
उत्तर: C. 1900 BCE
सिंधु सभ्यता का पतन लगभग 1900 BCE के आसपास शुरू माना जाता है। इस समय कई बड़े नगरों का महत्व कम होने लगा। लोग धीरे-धीरे छोटे ग्रामीण क्षेत्रों की ओर जाने लगे। इसे हड़प्पा सभ्यता के उत्तरकालीन चरण से जोड़ा जाता है।
Q. 44) सिंधु सभ्यता के पतन का प्रमुख कारण क्या माना जाता है?
उत्तर: B. जलवायु परिवर्तन
सिंधु सभ्यता के पतन का प्रमुख कारण जलवायु परिवर्तन माना जाता है। नदियों के मार्ग बदलने और वर्षा में कमी से कृषि प्रभावित हुई। इसके कारण नगरों की आर्थिक व्यवस्था कमजोर होने लगी। कई विद्वान इसे सभ्यता के पतन का महत्वपूर्ण कारण मानते हैं।
Q. 45) हड़प्पा सभ्यता के बाद कौन सी संस्कृति विकसित हुई?
उत्तर: A. वैदिक
हड़प्पा सभ्यता के बाद भारतीय उपमहाद्वीप में वैदिक संस्कृति का विकास हुआ। वैदिक संस्कृति का संबंध आर्यों और वेदों से माना जाता है। इस काल में समाज, धर्म और भाषा में नए परिवर्तन दिखाई देते हैं। वैदिक काल भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण चरण है।
Q. 46) सिंधु सभ्यता में मंदिरों के प्रमाण क्यों नहीं मिले?
उत्तर: C. धार्मिक संरचना भिन्न थी
सिंधु सभ्यता में मंदिरों जैसे स्पष्ट धार्मिक भवनों के प्रमाण नहीं मिले हैं। इसका अर्थ यह नहीं है कि वहाँ धार्मिक विश्वास नहीं थे। संभव है कि उनकी धार्मिक संरचना और पूजा पद्धति बाद के मंदिरों से अलग रही हो। मुहरों और मूर्तियों से उनके धार्मिक जीवन के संकेत मिलते हैं।
Q. 47) सिंधु सभ्यता के लोग किस प्रकार के घरों में रहते थे?
उत्तर: C. ईंटों के
सिंधु सभ्यता के लोग ईंटों से बने घरों में रहते थे। इन घरों में पक्की ईंटों का प्रयोग किया जाता था। कई घरों में स्नानघर और जल निकासी की व्यवस्था भी मिलती है। यह उनकी विकसित नगरीय जीवन शैली को दर्शाता है।
Q. 48) सिंधु सभ्यता का प्रमुख आधार क्या था?
उत्तर: B. कृषि
सिंधु सभ्यता का प्रमुख आधार कृषि था। लोग गेहूं, जौ और कपास जैसी फसलों की खेती करते थे। नदी घाटियों की उपजाऊ भूमि कृषि के लिए उपयोगी थी। कृषि के साथ पशुपालन और व्यापार भी उनके जीवन का हिस्सा थे।
Q. 49) सिंधु सभ्यता की लिपि क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: C. अभी तक अपठित है
सिंधु सभ्यता की लिपि आज तक पूरी तरह पढ़ी नहीं जा सकी है। यह लिपि मुख्य रूप से मुहरों और छोटी वस्तुओं पर मिलती है। इसके संकेतों का अर्थ स्पष्ट न होने के कारण इतिहासकारों को कठिनाई होती है। यदि यह लिपि पढ़ ली जाए तो सभ्यता के बारे में बहुत नई जानकारी मिल सकती है।
Q. 50) सिंधु सभ्यता के नगरों का निर्माण किस आधार पर हुआ था?
उत्तर: C. योजनाबद्ध
सिंधु सभ्यता के नगर योजनाबद्ध तरीके से बनाए गए थे। सड़कों का जाल, पक्के मकान और जल निकासी व्यवस्था इसकी प्रमुख विशेषताएँ थीं। कई नगरों में गढ़ और निचले नगर का विभाजन मिलता है। यह उस समय की उन्नत शहरी योजना को दर्शाता है।
Q. 51) निम्न में से कौन सा स्थल सिंधु सभ्यता का सबसे पूर्वी स्थल है?
उत्तर: B. आलमगीरपुर
आलमगीरपुर सिंधु सभ्यता का सबसे पूर्वी स्थल माना जाता है। यह उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित है। यहाँ से हड़प्पा सभ्यता से संबंधित अवशेष प्राप्त हुए हैं। यह स्थल सभ्यता के पूर्वी विस्तार को समझने में महत्वपूर्ण है।
Q. 52) निम्न में से कौन सा स्थल सिंधु सभ्यता का सबसे दक्षिणी स्थल है?
उत्तर: B. दैमाबाद
दैमाबाद सिंधु सभ्यता का सबसे दक्षिणी स्थल माना जाता है। यह महाराष्ट्र में स्थित है। यहाँ से हड़प्पा संस्कृति से जुड़े कुछ अवशेष मिले हैं। यह स्थल सभ्यता के दक्षिणी विस्तार का संकेत देता है।
Q. 53) निम्न में से कौन सा स्थल सिंधु सभ्यता का सबसे पश्चिमी स्थल है?
उत्तर: A. सुतकागेंडोर
सुतकागेंडोर सिंधु सभ्यता का सबसे पश्चिमी स्थल माना जाता है। यह पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में स्थित है। यह स्थल मकरान तट के निकट था। इससे सभ्यता के पश्चिमी और समुद्री संपर्कों का पता चलता है।
Q. 54) हड़प्पा सभ्यता का प्रमुख नदी तंत्र किस पर आधारित था?
उत्तर: C. सिंधु
हड़प्पा सभ्यता का प्रमुख नदी तंत्र सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों पर आधारित था। इसी कारण इसे सिंधु घाटी सभ्यता कहा जाता है। नदी तंत्र ने कृषि, व्यापार और बस्तियों के विकास में सहायता की। सिंधु क्षेत्र की उपजाऊ भूमि इस सभ्यता के लिए महत्वपूर्ण थी।
Q. 55) सिंधु सभ्यता के नगरों की योजना किस प्रकार की थी?
उत्तर: C. ग्रिड प्रणाली
सिंधु सभ्यता के नगर ग्रिड प्रणाली पर आधारित थे। सड़कों को एक-दूसरे को समकोण पर काटते हुए बनाया गया था। इससे नगर व्यवस्थित और योजनाबद्ध दिखाई देते हैं। यह उनकी उन्नत शहरी योजना का प्रमुख प्रमाण है।
Q. 56) निम्न में से कौन सा कथन सही है?
उत्तर: A. केवल 1
सिंधु सभ्यता में जल निकासी प्रणाली बहुत उन्नत थी। घरों और सड़कों से जल निकालने के लिए पक्की नालियाँ बनाई गई थीं। हालांकि सभी घरों में कुएँ होने का कथन सही नहीं है। इसलिए केवल पहला कथन सही माना जाता है।
Q. 57) सिंधु सभ्यता के लोग किस धातु से परिचित नहीं थे?
उत्तर: D. लोहा
सिंधु सभ्यता के लोग लोहे से परिचित नहीं थे। यह सभ्यता कांस्य युग से संबंधित थी। उस समय तांबा और कांसा जैसी धातुओं का उपयोग होता था। लोहे का व्यापक उपयोग बाद के वैदिक काल में दिखाई देता है।
Q. 58) निम्न में से कौन सा स्थल बंदरगाह के रूप में प्रसिद्ध है?
उत्तर: B. लोथल
लोथल सिंधु सभ्यता का प्रसिद्ध बंदरगाह स्थल है। यह गुजरात में स्थित है। यहाँ से प्राचीन गोदी या डॉकयार्ड के प्रमाण मिले हैं। यह समुद्री व्यापार और मनका निर्माण के लिए भी प्रसिद्ध था।
Q. 59) हड़प्पा सभ्यता के लोग किस जानवर को नहीं जानते थे?
उत्तर: B. घोड़ा
सामान्य रूप से माना जाता है कि हड़प्पा सभ्यता में घोड़े का स्पष्ट और व्यापक प्रमाण नहीं मिलता। बैल, हाथी और कुत्ते जैसे पशुओं के प्रमाण अधिक स्पष्ट हैं। कुछ स्थलों से घोड़े जैसे अवशेषों का उल्लेख मिलता है, पर वे सीमित और विवादित हैं। इसलिए परीक्षा की दृष्टि से घोड़ा सही उत्तर माना जाता है।
Q. 60) निम्न में से कौन सा पशु हड़प्पा मुहरों पर सर्वाधिक पाया जाता है?
उत्तर: B. बैल
हड़प्पा मुहरों पर बैल की आकृति बहुत अधिक मिलती है। विशेष रूप से कूबड़ वाला बैल महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पशु कृषि और आर्थिक जीवन से जुड़ा हुआ था। मुहरों पर इसकी उपस्थिति इसके सांस्कृतिक महत्व को भी दर्शाती है।
Q. 61) हड़प्पा सभ्यता की प्रमुख फसल क्या थी?
उत्तर: B. गेहूं
हड़प्पा सभ्यता की प्रमुख फसल गेहूं थी। इसके साथ जौ की खेती भी बड़े पैमाने पर की जाती थी। कृषि इस सभ्यता की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार थी। उपजाऊ नदी घाटियों ने खेती को विकसित करने में सहायता की।
Q. 62) निम्न में से किस स्थल से चावल के प्रमाण मिले हैं?
उत्तर: B. लोथल
लोथल से चावल के प्रमाण प्राप्त हुए हैं। यह गुजरात में स्थित एक महत्वपूर्ण हड़प्पा स्थल है। लोथल व्यापार, बंदरगाह और मनका निर्माण के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ से मिले अवशेष हड़प्पा कालीन कृषि की विविधता दिखाते हैं।
Q. 63) सिंधु सभ्यता के लोग किस प्रकार की अर्थव्यवस्था अपनाते थे?
उत्तर: B. कृषि आधारित
सिंधु सभ्यता की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि आधारित थी। लोग गेहूं, जौ, कपास और अन्य फसलों की खेती करते थे। कृषि के साथ पशुपालन, शिल्प और व्यापार भी महत्वपूर्ण थे। यह मिश्रित लेकिन कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था थी।
Q. 64) निम्न में से कौन सा कथन गलत है?
उत्तर: B. सिंधु सभ्यता में मंदिर मिले हैं
सिंधु सभ्यता से मंदिरों जैसे स्पष्ट धार्मिक भवनों के प्रमाण नहीं मिले हैं। इस सभ्यता में नगरीय जीवन और व्यापार विकसित था। जल निकासी व्यवस्था भी बहुत उन्नत थी। इसलिए मंदिर मिलने वाला कथन गलत माना जाता है।
Q. 65) निम्न में से किस स्थल से अग्नि वेदियाँ मिली हैं?
उत्तर: B. कालीबंगन
कालीबंगन से अग्नि वेदियों के प्रमाण मिले हैं। यह राजस्थान में स्थित एक महत्वपूर्ण हड़प्पा स्थल है। यहाँ से जुते हुए खेतों के प्रमाण भी प्राप्त हुए हैं। ये अवशेष धार्मिक और कृषि जीवन को समझने में सहायक हैं।
Q. 66) सिंधु सभ्यता की लिपि किस प्रकार की है?
उत्तर: B. चित्रात्मक
सिंधु सभ्यता की लिपि चित्रात्मक मानी जाती है। इसमें छोटे-छोटे संकेतों और चिह्नों का प्रयोग मिलता है। यह लिपि अधिकतर मुहरों पर प्राप्त हुई है। अभी तक इसे पूरी तरह पढ़ा नहीं जा सका है।
Q. 67) सिंधु सभ्यता के लोग किस प्रणाली से मापन करते थे?
उत्तर: B. मानकीकृत
सिंधु सभ्यता के लोग मानकीकृत माप और तौल प्रणाली का उपयोग करते थे। उत्खनन में समान अनुपात वाले बाट प्राप्त हुए हैं। इससे व्यापार और निर्माण कार्यों में व्यवस्थितता बनी रहती थी। यह उनकी उन्नत आर्थिक व्यवस्था का संकेत है।
Q. 68) लोथल किस राज्य में स्थित है?
उत्तर: B. गुजरात
लोथल गुजरात राज्य में स्थित है। यह सिंधु सभ्यता का महत्वपूर्ण बंदरगाह स्थल था। यहाँ से गोदी, मनका निर्माण और व्यापार से जुड़े प्रमाण मिले हैं। लोथल से समुद्री व्यापार की जानकारी प्राप्त होती है।
Q. 69) कालीबंगन किस राज्य में स्थित है?
उत्तर: C. राजस्थान
कालीबंगन राजस्थान राज्य में स्थित है। यह घग्घर नदी के किनारे पाया गया महत्वपूर्ण हड़प्पा स्थल है। यहाँ से जुते हुए खेत और अग्नि वेदियों के प्रमाण मिले हैं। यह हड़प्पा सभ्यता की कृषि और धार्मिक गतिविधियों को समझने में सहायक है।
Q. 70) धौलावीरा किस राज्य में स्थित है?
उत्तर: A. गुजरात
धौलावीरा गुजरात राज्य के कच्छ क्षेत्र में स्थित है। यह सिंधु सभ्यता का एक प्रमुख और विशाल स्थल है। धौलावीरा अपनी जल प्रबंधन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ से नगर योजना और जल संरक्षण के उत्कृष्ट प्रमाण मिले हैं।
Q. 71) राखीगढ़ी कहाँ स्थित है?
उत्तर: B. हरियाणा
राखीगढ़ी हरियाणा राज्य में स्थित है। यह सिंधु सभ्यता का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। इसे इस सभ्यता के सबसे बड़े स्थलों में गिना जाता है। यहाँ से नगर योजना और मानव निवास से जुड़े अनेक प्रमाण मिले हैं।
Q. 72) सुरकोटडा किस राज्य में स्थित है?
उत्तर: A. गुजरात
सुरकोटडा गुजरात राज्य में स्थित हड़प्पा सभ्यता का स्थल है। यह स्थल कच्छ क्षेत्र से संबंधित माना जाता है। सुरकोटडा से घोड़े के अवशेष मिलने का उल्लेख किया जाता है। इसलिए यह स्थल परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
Q. 73) आलमगीरपुर किस राज्य में स्थित है?
उत्तर: C. उत्तर प्रदेश
आलमगीरपुर उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में स्थित है। यह सिंधु सभ्यता का सबसे पूर्वी स्थल माना जाता है। यहाँ से हड़प्पा संस्कृति से संबंधित अवशेष मिले हैं। यह सभ्यता के पूर्वी विस्तार को समझने में सहायक है।
Q. 74) निम्न में से कौन सा कथन सही है?
उत्तर: A. केवल 1
सिंधु सभ्यता में व्यापार वस्तु विनिमय प्रणाली पर आधारित था। वस्तुओं के बदले वस्तुओं का आदान-प्रदान किया जाता था। सिक्कों के उपयोग के प्रमाण इस सभ्यता से नहीं मिलते हैं। इसलिए केवल पहला कथन सही है।
Q. 75) सिंधु सभ्यता में सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली धातु कौन सी थी?
उत्तर: B. कांस्य
सिंधु सभ्यता कांस्य युगीन सभ्यता थी। इसमें कांस्य का उपयोग औजारों और अन्य वस्तुओं के निर्माण में होता था। कांस्य तांबा और टिन से बनने वाली मिश्रधातु है। लोहे का व्यापक उपयोग इस काल में नहीं मिलता है।
Q. 76) निम्न में से कौन सा स्थल हरियाणा में स्थित है?
उत्तर: B. राखीगढ़ी
राखीगढ़ी हरियाणा में स्थित एक प्रमुख हड़प्पा स्थल है। यह अपने विशाल आकार और पुरातात्विक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ से मकानों, सड़कों और अन्य वस्तुओं के प्रमाण मिले हैं। यह भारत में स्थित महत्वपूर्ण सिंधु सभ्यता स्थलों में से एक है।
Q. 77) सिंधु सभ्यता के लोग किस प्रकार के घर बनाते थे?
उत्तर: B. ईंटों के
सिंधु सभ्यता के लोग ईंटों से बने घर बनाते थे। अधिकतर स्थानों पर पक्की ईंटों का उपयोग मिलता है। घरों में स्नानघर और जल निकासी की व्यवस्था भी पाई गई है। इससे उनकी विकसित शहरी जीवन शैली का पता चलता है।
Q. 78) सिंधु सभ्यता में किस प्रकार की सड़कें थीं?
उत्तर: C. सीधी और समकोण पर कटने वाली
सिंधु सभ्यता की सड़कें सीधी और योजनाबद्ध थीं। वे एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं। इस प्रकार की योजना को ग्रिड प्रणाली कहा जाता है। यह नगर नियोजन की उच्च व्यवस्था को दर्शाती है।
Q. 79) निम्न में से कौन सा कथन सही है?
उत्तर: B. सिंधु सभ्यता नगरीय थी
सिंधु सभ्यता एक नगरीय सभ्यता थी। इसके नगर योजनाबद्ध तरीके से बनाए गए थे। यहाँ पक्के मकान, सड़कें और जल निकासी व्यवस्था मिलती है। हड़प्पा और मोहनजोदड़ो इसके प्रमुख नगरीय उदाहरण हैं।
Q. 80) सिंधु सभ्यता की सबसे बड़ी विशेषता क्या थी?
उत्तर: C. नगर नियोजन
सिंधु सभ्यता की सबसे बड़ी विशेषता नगर नियोजन थी। नगरों में सड़कें, पक्के मकान और जल निकासी व्यवस्था सुव्यवस्थित थी। कई नगरों को गढ़ और निचले नगर में बाँटा गया था। यह उनकी उन्नत शहरी व्यवस्था का प्रमाण है।
Q. 81) निम्नलिखित में से कौन-सा स्थल सिंधु सभ्यता का हिस्सा नहीं है?
उत्तर: C. पाटलिपुत्र
पाटलिपुत्र सिंधु सभ्यता का स्थल नहीं है। यह बाद के ऐतिहासिक काल में मगध साम्राज्य की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध हुआ। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो और लोथल हड़प्पा सभ्यता से जुड़े स्थल हैं। इसलिए सही उत्तर पाटलिपुत्र है।
Q. 82) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. केवल 2
सिंधु सभ्यता कांस्य युगीन सभ्यता थी। इस काल में तांबा और कांस्य का उपयोग किया जाता था। लोहे के व्यापक उपयोग के प्रमाण इस सभ्यता से नहीं मिलते। इसलिए केवल दूसरा कथन सही है।
Q. 83) सिंधु सभ्यता में ‘गढ़’ का क्या अर्थ था?
उत्तर: B. ऊँचा भाग
सिंधु सभ्यता के नगरों का ऊँचा भाग गढ़ कहलाता था। इस भाग में महत्वपूर्ण सार्वजनिक भवन स्थित होते थे। यह सामान्यतः ऊँचे चबूतरे या सुरक्षित भाग पर बना होता था। निचला नगर आम लोगों के निवास के लिए होता था।
Q. 84) निम्न में से कौन-सा स्थल गुजरात में नहीं है?
उत्तर: D. कालीबंगन
कालीबंगन गुजरात में नहीं, बल्कि राजस्थान में स्थित है। लोथल, धौलावीरा और सुरकोटडा गुजरात के हड़प्पा स्थल हैं। कालीबंगन घग्घर नदी के किनारे पाया गया महत्वपूर्ण स्थल है। यह जुते हुए खेतों और अग्नि वेदियों के लिए प्रसिद्ध है।
Q. 85) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
उत्तर: B. सिंधु सभ्यता में मंदिर पाए गए
सिंधु सभ्यता में मंदिरों जैसे स्पष्ट धार्मिक भवनों के प्रमाण नहीं मिले हैं। यह सभ्यता नगरीय जीवन और नगर नियोजन के लिए प्रसिद्ध थी। इसकी जल निकासी व्यवस्था बहुत उन्नत थी। व्यापार भी इस सभ्यता की प्रमुख आर्थिक गतिविधियों में शामिल था।
Q. 86) सिंधु सभ्यता की प्रमुख विशेषता क्या थी?
उत्तर: C. नगर नियोजन
सिंधु सभ्यता की प्रमुख विशेषता नगर नियोजन थी। नगरों को व्यवस्थित ढंग से बसाया गया था। पक्की सड़कें, ईंटों के मकान और जल निकासी प्रणाली इसके उदाहरण हैं। इससे हड़प्पा समाज की शहरी समझ और तकनीकी क्षमता का पता चलता है।
Q. 87) निम्न में से कौन-सा पशु सिंधु सभ्यता में नहीं पाया जाता था?
उत्तर: C. घोड़ा
सिंधु सभ्यता में घोड़े के स्पष्ट और व्यापक प्रमाण नहीं मिलते। बैल, हाथी और भैंस जैसे पशुओं के प्रमाण अपेक्षाकृत अधिक मिलते हैं। कुछ स्थलों से घोड़े जैसे अवशेषों का उल्लेख है, पर वे सीमित हैं। परीक्षा में सामान्यतः घोड़ा सही उत्तर माना जाता है।
Q. 88) हड़प्पा सभ्यता के लोग किस दिशा में लिखते थे?
उत्तर: B. दाएँ से बाएँ
हड़प्पा सभ्यता की लिपि सामान्यतः दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी। यह जानकारी मुहरों और अन्य प्राप्त संकेतों के अध्ययन से मिलती है। कुछ विद्वान इसमें बूस्ट्रोफेडन शैली की संभावना भी बताते हैं। फिर भी परीक्षा की दृष्टि से दाएँ से बाएँ उत्तर सही माना जाता है।
Q. 89) निम्न में से कौन-सा स्थल पंजाब में स्थित है?
उत्तर: A. हड़प्पा
हड़प्पा वर्तमान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित है। यह सिंधु सभ्यता का पहला प्रमुख खोजा गया स्थल था। इसी स्थल के नाम पर इस सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता कहा जाता है। यहाँ से नगर योजना, मुहरें और अन्य पुरातात्विक अवशेष मिले हैं।
Q. 90) सिंधु सभ्यता की लिपि का क्या स्वरूप है?
उत्तर: B. चित्रात्मक
सिंधु सभ्यता की लिपि चित्रात्मक स्वरूप की मानी जाती है। इसमें अनेक संकेतों और चिह्नों का प्रयोग मिलता है। यह लिपि अधिकतर मुहरों और छोटी वस्तुओं पर प्राप्त हुई है। अभी तक इसे पूरी तरह पढ़ा नहीं जा सका है।
Q. 91) निम्न में से कौन-सा स्थल हरियाणा में है?
उत्तर: B. राखीगढ़ी
राखीगढ़ी हरियाणा राज्य में स्थित है। यह सिंधु सभ्यता के सबसे बड़े स्थलों में गिना जाता है। यहाँ से मकान, सड़कें, कब्रें और अन्य अवशेष मिले हैं। यह स्थल हड़प्पा सभ्यता के विस्तार को समझने में महत्वपूर्ण है।
Q. 92) सिंधु सभ्यता का सबसे महत्वपूर्ण उद्योग कौन-सा था?
उत्तर: B. वस्त्र उद्योग
सिंधु सभ्यता में वस्त्र उद्योग महत्वपूर्ण था। यहाँ के लोग कपास की खेती और उससे वस्त्र निर्माण करते थे। कपास के उपयोग के प्रमाण इस सभ्यता से प्राप्त होते हैं। इससे उनकी शिल्पकला और आर्थिक जीवन की जानकारी मिलती है।
Q. 93) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: A. केवल 1
सिंधु सभ्यता में व्यापार वस्तु विनिमय प्रणाली पर आधारित था। वस्तुओं के बदले वस्तुओं का आदान-प्रदान किया जाता था। इस सभ्यता से सिक्कों के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं। इसलिए केवल पहला कथन सही है।
Q. 94) सिंधु सभ्यता के लोग किससे अनजान थे?
उत्तर: C. लोहा
सिंधु सभ्यता के लोग लोहे से अनजान थे। यह सभ्यता कांस्य युगीन सभ्यता मानी जाती है। उस समय तांबा, कांसा, सोना और चांदी जैसी धातुओं का ज्ञान था। लोहे का व्यापक उपयोग बाद के काल में दिखाई देता है।
Q. 95) निम्न में से कौन-सा स्थल उत्तर प्रदेश में स्थित है?
उत्तर: A. आलमगीरपुर
आलमगीरपुर उत्तर प्रदेश में स्थित है। यह सिंधु सभ्यता का सबसे पूर्वी स्थल माना जाता है। यहाँ से हड़प्पा संस्कृति से संबंधित अवशेष मिले हैं। यह स्थल सभ्यता के पूर्वी विस्तार को दर्शाता है।
Q. 96) सिंधु सभ्यता के लोग किस प्रकार की अर्थव्यवस्था अपनाते थे?
उत्तर: B. कृषि आधारित
सिंधु सभ्यता की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि आधारित थी। लोग गेहूं, जौ और कपास जैसी फसलों की खेती करते थे। कृषि के साथ पशुपालन और व्यापार भी महत्वपूर्ण थे। इसी आधार पर नगरों का आर्थिक जीवन चलता था।
Q. 97) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. सिंधु सभ्यता नगरीय थी
सिंधु सभ्यता एक विकसित नगरीय सभ्यता थी। इसके नगर योजनाबद्ध ढंग से बनाए गए थे। सड़कों, मकानों और जल निकासी की व्यवस्था बहुत उन्नत थी। हड़प्पा और मोहनजोदड़ो इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
Q. 98) सिंधु सभ्यता का प्रमुख व्यापारिक भागीदार कौन था?
उत्तर: C. मेसोपोटामिया
सिंधु सभ्यता का प्रमुख व्यापारिक संबंध मेसोपोटामिया से था। मेसोपोटामिया के अभिलेखों में मेलुहा का उल्लेख मिलता है। मेलुहा को सिंधु क्षेत्र से जोड़ा जाता है। इससे हड़प्पा सभ्यता के दूरस्थ व्यापार का प्रमाण मिलता है।
Q. 99) निम्न में से कौन-सा स्थल सिंधु सभ्यता का बंदरगाह था?
उत्तर: B. लोथल
लोथल सिंधु सभ्यता का प्रसिद्ध बंदरगाह स्थल था। यह गुजरात में स्थित है। यहाँ से प्राचीन गोदी या डॉकयार्ड के प्रमाण मिले हैं। इससे समुद्री व्यापार और बाहरी संपर्कों की जानकारी मिलती है।
Q. 100) सिंधु सभ्यता के लोग किस प्रकार के घर बनाते थे?
उत्तर: B. ईंटों के
सिंधु सभ्यता के लोग ईंटों से बने घरों में रहते थे। कई घरों में स्नानघर और जल निकासी की व्यवस्था थी। पकी ईंटों का प्रयोग उनकी उन्नत निर्माण तकनीक को दर्शाता है। इससे उनकी योजनाबद्ध नगरीय जीवन शैली का पता चलता है।
Q. 101) निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
उत्तर: B. सिंधु सभ्यता में मंदिर मिले हैं
सिंधु सभ्यता से मंदिरों जैसे स्पष्ट धार्मिक भवनों के प्रमाण नहीं मिले हैं। इस सभ्यता में जल निकासी, व्यापार और कृषि के प्रमाण मिलते हैं। नगरों की योजना काफी विकसित थी। इसलिए मंदिर मिलने वाला कथन गलत माना जाता है।
Q. 102) सिंधु सभ्यता में प्रमुख धातु कौन सी थी?
उत्तर: B. कांस्य
सिंधु सभ्यता कांस्य युगीन सभ्यता थी। यहाँ तांबा और कांसा जैसी धातुओं का उपयोग होता था। कांस्य से औजार और अन्य वस्तुएँ बनाई जाती थीं। लोहे का उपयोग इस सभ्यता में सामान्य रूप से नहीं मिलता है।
Q. 103) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: C. दोनों
सिंधु सभ्यता में पशुपालन का महत्वपूर्ण स्थान था। लोग बैल, भैंस, बकरी और कुत्ते जैसे पशुओं से परिचित थे। शिकार के प्रमाण भी कुछ अवशेषों से मिलते हैं। इसलिए दोनों कथन सही माने जाते हैं।
Q. 104) सिंधु सभ्यता में किस प्रकार की सड़कें थीं?
उत्तर: C. सीधी और समकोण पर
सिंधु सभ्यता के नगर ग्रिड प्रणाली पर बने थे। सड़कों को सीधा और समकोण पर काटते हुए बनाया गया था। इससे नगरों में आवागमन और व्यवस्था बेहतर रहती थी। यह उन्नत नगर नियोजन का प्रमाण है।
Q. 105) निम्न में से कौन-सा स्थल राजस्थान में है?
उत्तर: B. कालीबंगन
कालीबंगन राजस्थान में स्थित है। यह घग्घर नदी के किनारे पाया गया महत्वपूर्ण हड़प्पा स्थल है। यहाँ से जुताई के प्रमाण और अग्नि वेदियाँ मिली हैं। यह स्थल कृषि और धार्मिक गतिविधियों के अध्ययन में उपयोगी है।
Q. 106) सिंधु सभ्यता की सबसे प्रमुख विशेषता क्या थी?
उत्तर: C. नगर नियोजन
सिंधु सभ्यता अपनी उत्कृष्ट नगर योजना के लिए प्रसिद्ध है। नगरों में सीधी सड़कें, पक्के मकान और जल निकासी व्यवस्था थी। कई नगर गढ़ और निचले नगर में विभाजित थे। यह उस समय की विकसित शहरी व्यवस्था को दर्शाता है।
Q. 107) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. सिंधु सभ्यता में विकेंद्रीकृत व्यवस्था थी
सिंधु सभ्यता में किसी बड़े राजा या साम्राज्य के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलते। महलों या विशाल शाही भवनों का अभाव भी देखा जाता है। इसलिए कई विद्वान इसकी व्यवस्था को विकेंद्रीकृत मानते हैं। नगरों में प्रशासनिक समानता और योजना दिखाई देती है।
Q. 108) सिंधु सभ्यता के लोग किस प्रकार के उपकरण उपयोग करते थे?
उत्तर: B. कांस्य के
सिंधु सभ्यता के लोग कांस्य और तांबे के उपकरणों का उपयोग करते थे। यह सभ्यता कांस्य युग से संबंधित मानी जाती है। कांस्य से औजार, हथियार और दैनिक उपयोग की वस्तुएँ बनती थीं। लोहे का व्यापक उपयोग इस काल में नहीं मिलता है।
Q. 109) निम्न में से कौन-सा स्थल सिंधु सभ्यता का भाग है?
उत्तर: C. हड़प्पा
हड़प्पा सिंधु सभ्यता का प्रमुख स्थल है। इसकी खोज 1921 में दयाराम साहनी ने की थी। इसी स्थल के नाम पर इस सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता कहा जाता है। पाटलिपुत्र, तक्षशिला और वैशाली बाद के ऐतिहासिक नगर हैं।
Q. 110) सिंधु सभ्यता के पतन का प्रमुख कारण क्या था?
उत्तर: B. जलवायु परिवर्तन
सिंधु सभ्यता के पतन का प्रमुख कारण जलवायु परिवर्तन माना जाता है। वर्षा में कमी और नदियों के मार्ग बदलने से कृषि प्रभावित हुई। इससे नगरों की आर्थिक व्यवस्था कमजोर होने लगी। धीरे-धीरे बड़े नगरों का पतन शुरू हुआ।
Q. 111) मिलान कीजिए:
उत्तर: 2 1 3
लोथल अपने प्राचीन बंदरगाह के लिए प्रसिद्ध है। कालीबंगन से अग्नि वेदियों के प्रमाण मिले हैं। मोहनजोदड़ो से ग्रेट बाथ प्राप्त हुआ है। इसलिए सही मिलान A-2, B-1, C-3 है।
Q. 112) मिलान कीजिए:
उत्तर: 1 2 3
धौलावीरा जल प्रबंधन व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध है। सुरकोटडा से घोड़े के अवशेष मिलने का उल्लेख किया जाता है। राखीगढ़ी को सिंधु सभ्यता के सबसे बड़े स्थलों में गिना जाता है। इसलिए सही क्रम 1, 2, 3 है।
Q. 113) Assertion (A): सिंधु सभ्यता में उन्नत जल निकासी प्रणाली थी
Reason (R): लोग स्वच्छता पर ध्यान देते थे
उत्तर: A. A सही, R सही, R A का सही कारण
सिंधु सभ्यता की जल निकासी प्रणाली बहुत उन्नत थी। घरों और सड़कों से पानी निकालने के लिए पक्की नालियाँ थीं। इससे पता चलता है कि लोग स्वच्छता पर ध्यान देते थे। इसलिए कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
Q. 114) Assertion (A): सिंधु सभ्यता में मंदिर नहीं मिले
Reason (R): लोग धार्मिक नहीं थे
उत्तर: B. A सही, R गलत
सिंधु सभ्यता में मंदिरों के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि लोग धार्मिक नहीं थे। मुहरों, मूर्तियों और प्रतीकों से धार्मिक विश्वासों के संकेत मिलते हैं। इसलिए कथन सही और कारण गलत है।
Q. 115) Assertion (A): सिंधु सभ्यता का व्यापार विकसित था
Reason (R): लोथल बंदरगाह था
उत्तर: A. दोनों सही, R कारण है
सिंधु सभ्यता का व्यापार विकसित था। लोथल जैसे बंदरगाह से समुद्री व्यापार के प्रमाण मिलते हैं। मेसोपोटामिया से व्यापारिक संबंध भी बताए जाते हैं। इसलिए कारण, कथन को सही रूप से समझाता है।
Q. 116) ‘मेलुहा’ शब्द किससे संबंधित है?
उत्तर: B. सिंधु क्षेत्र
मेसोपोटामिया के अभिलेखों में मेलुहा शब्द मिलता है। मेलुहा को सामान्यतः सिंधु क्षेत्र से संबंधित माना जाता है। इससे दोनों क्षेत्रों के व्यापारिक संबंधों का प्रमाण मिलता है। यह सिंधु सभ्यता के बाहरी संपर्कों को दर्शाता है।
Q. 117) सिंधु सभ्यता में कौन-सी प्रणाली विकसित थी?
उत्तर: B. वस्तु विनिमय
सिंधु सभ्यता में वस्तु विनिमय प्रणाली प्रचलित थी। वस्तुओं के बदले वस्तुओं का आदान-प्रदान किया जाता था। सिक्कों के स्पष्ट प्रमाण इस सभ्यता में नहीं मिलते। व्यापार में मानकीकृत बाट और माप का उपयोग होता था।
Q. 118) सिंधु सभ्यता में कौन-सी धातु का ज्ञान नहीं था?
उत्तर: C. लोहा
सिंधु सभ्यता के लोग लोहे से परिचित नहीं थे। यह सभ्यता कांस्य युग से संबंधित थी। सोना, चांदी, तांबा और कांसा जैसी धातुओं का उपयोग मिलता है। लोहे का प्रयोग बाद के काल में प्रमुख हुआ।
Q. 119) सिंधु सभ्यता की लिपि क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: C. अपठित है
सिंधु सभ्यता की लिपि आज तक पूरी तरह पढ़ी नहीं जा सकी है। यह लिपि मुख्य रूप से मुहरों पर मिलती है। इसके संकेतों का अर्थ स्पष्ट न होने से इतिहास की कई बातें अज्ञात हैं। इसलिए यह लिपि इतिहासकारों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
Q. 120) सिंधु सभ्यता की सबसे प्रमुख विशेषता क्या थी?
उत्तर: B. नगर नियोजन
सिंधु सभ्यता की सबसे प्रमुख विशेषता नगर नियोजन थी। नगरों में पक्की सड़कें, जल निकासी और योजनाबद्ध मकान थे। मोहनजोदड़ो और हड़प्पा इसके अच्छे उदाहरण हैं। यह सभ्यता की उन्नत शहरी व्यवस्था को दर्शाता है।
Q. 121) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: A. केवल 1 और 3
सिंधु सभ्यता में नगर नियोजन अत्यंत विकसित था। कई नगर गढ़ और निचले नगर में विभाजित पाए जाते हैं। लेकिन सभी नगरों में गढ़ पाया जाता था, यह कथन सही नहीं है। इसलिए सही उत्तर केवल 1 और 3 है।
Q. 122) निम्न में से कौन-सा स्थल “गढ़ रहित” माना जाता है?
उत्तर: A. लोथल
लोथल को गढ़ रहित स्थल के रूप में माना जाता है। यह गुजरात में स्थित एक महत्वपूर्ण हड़प्पा स्थल है। लोथल अपने बंदरगाह और मनका निर्माण के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की संरचना अन्य बड़े हड़प्पा नगरों से कुछ भिन्न दिखाई देती है।
Q. 123) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: A. केवल 2 और 3
सिंधु सभ्यता में नहर सिंचाई के व्यापक प्रमाण नहीं मिलते हैं। कुछ स्थलों पर वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण की व्यवस्था दिखाई देती है। धोलावीरा विशेष रूप से अपने विकसित जल प्रबंधन के लिए प्रसिद्ध है। इसलिए कथन 2 और 3 सही हैं।
Q. 124) निम्न में से कौन-सा कथन सिंधु सभ्यता के बारे में सही नहीं है?
उत्तर: B. इसमें लोहे का उपयोग होता था
सिंधु सभ्यता कांस्य युगीन सभ्यता थी। इसमें तांबा और कांसा जैसी धातुओं का उपयोग मिलता है। लोहे का उपयोग इस सभ्यता में सामान्य रूप से नहीं मिलता। इसलिए लोहे के उपयोग वाला कथन सही नहीं है।
Q. 125) निम्नलिखित में से किसका उपयोग हड़प्पावासी मापन के लिए करते थे?
उत्तर: B. हाथीदांत का पैमाना
हड़प्पावासी मापन के लिए मानकीकृत पैमानों का उपयोग करते थे। लोथल से हाथीदांत का पैमाना मिलने का प्रमाण मिलता है। इससे उनके व्यापार, निर्माण और शिल्प कार्यों में सटीकता का पता चलता है। माप-तौल की व्यवस्था इस सभ्यता की उन्नत आर्थिक प्रणाली को दर्शाती है।
Q. 126) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: A. केवल 1 और 3
सिंधु सभ्यता में पशुपालन विकसित था। कूबड़ वाला बैल इस सभ्यता में विशेष महत्व रखता था। घोड़े के व्यापक उपयोग के प्रमाण स्पष्ट रूप से नहीं मिलते। इसलिए कथन 1 और 3 सही हैं।
Q. 127) निम्न में से कौन-सा स्थल जुताई के प्रमाण के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर: B. कालीबंगन
कालीबंगन जुताई के प्रमाण के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ से जुते हुए खेतों के अवशेष प्राप्त हुए हैं। यह स्थल राजस्थान में घग्घर नदी के किनारे स्थित है। इससे सिंधु सभ्यता की कृषि व्यवस्था के बारे में जानकारी मिलती है।
Q. 128) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: C. सिंधु सभ्यता में विशाल धार्मिक संरचनाएँ नहीं मिलीं
सिंधु सभ्यता में मंदिर या महल जैसी विशाल संरचनाओं के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं। इससे यह पता चलता है कि उनकी सामाजिक और धार्मिक व्यवस्था अलग प्रकार की थी। मुहरों और मूर्तियों से धार्मिक विश्वासों के संकेत अवश्य मिलते हैं। इसलिए सही कथन विकल्प C है।
Q. 129) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: A. केवल 1 और 3
सिंधु सभ्यता में वस्तु विनिमय प्रणाली प्रचलित थी। व्यापार के लिए मानकीकृत माप और बाटों का उपयोग किया जाता था। सिक्कों के स्पष्ट प्रमाण इस सभ्यता से नहीं मिले हैं। इसलिए कथन 1 और 3 सही हैं।
Q. 130) सिंधु सभ्यता के व्यापार का मुख्य आधार क्या था?
उत्तर: B. वस्तु विनिमय
सिंधु सभ्यता के व्यापार का मुख्य आधार वस्तु विनिमय था। इसमें वस्तुओं के बदले वस्तुओं का आदान-प्रदान किया जाता था। सिक्कों का प्रयोग इस सभ्यता में स्पष्ट रूप से नहीं मिलता है। व्यापार को व्यवस्थित रखने के लिए माप-तौल की मानकीकृत प्रणाली थी।
Q. 131) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: A. केवल 1 और 3
सिंधु सभ्यता की लिपि चित्रात्मक मानी जाती है। यह मुख्यतः मुहरों और छोटी वस्तुओं पर प्राप्त हुई है। यह लिपि अभी तक पूरी तरह पढ़ी नहीं जा सकी है। इसलिए कथन 1 और 3 सही हैं।
Q. 132) निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
उत्तर: C. सभी घरों में कुआँ होता था
सिंधु सभ्यता में जल निकासी व्यवस्था बहुत उन्नत थी। घरों से पानी पक्की नालियों में जाता था। कई घरों में स्नानागार के प्रमाण मिलते हैं। लेकिन सभी घरों में कुआँ होता था, यह कथन सही नहीं है।
Q. 133) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. सिंधु सभ्यता में विकेंद्रीकृत प्रशासन था
सिंधु सभ्यता में किसी बड़े राजा या शाही महल के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलते। नगरों में समानता और योजनाबद्ध व्यवस्था दिखाई देती है। इसलिए कई विद्वान इसके प्रशासन को विकेंद्रीकृत मानते हैं। यह व्यवस्था नगर-आधारित प्रशासन की ओर संकेत करती है।
Q. 134) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: C. 1, 2 और 3
धोलावीरा अपने जलाशयों और जल प्रबंधन के लिए प्रसिद्ध है। लोथल से बंदरगाह या गोदी के प्रमाण मिले हैं। कालीबंगन से अग्नि वेदियों के प्रमाण प्राप्त हुए हैं। इसलिए तीनों कथन सही हैं।
Q. 135) निम्न में से कौन-सा पशु हड़प्पा सभ्यता में पालतू नहीं था?
उत्तर: B. घोड़ा
हड़प्पा सभ्यता में घोड़े का स्पष्ट और व्यापक प्रमाण नहीं मिलता। बैल, भैंस और कुत्ते जैसे पशुओं के प्रमाण अधिक स्पष्ट हैं। कुछ स्थलों पर घोड़े जैसे अवशेषों का उल्लेख मिलता है, पर वे सीमित हैं। परीक्षा की दृष्टि से घोड़ा सही उत्तर माना जाता है।
Q. 136) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: C. 1, 2 और 3
सिंधु सभ्यता में कपास का उत्पादन होता था। इसे विश्व की प्रारंभिक कपास उत्पादक सभ्यताओं में माना जाता है। यूनानियों ने कपास को सिंधन नाम से जाना। इसलिए तीनों कथन सही माने जाते हैं।
Q. 137) सिंधु सभ्यता की अर्थव्यवस्था का आधार क्या था?
उत्तर: C. कृषि
सिंधु सभ्यता की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि था। लोग गेहूं, जौ और कपास जैसी फसलें उगाते थे। कृषि के साथ पशुपालन और व्यापार भी महत्वपूर्ण थे। उपजाऊ नदी घाटियों ने कृषि को विकसित करने में सहायता की।
Q. 138) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. सिंधु सभ्यता में कांस्य का उपयोग होता था
सिंधु सभ्यता कांस्य युगीन सभ्यता थी। इसमें तांबा और कांसा जैसी धातुओं का उपयोग होता था। कांस्य से औजार, मूर्तियाँ और दैनिक उपयोग की वस्तुएँ बनाई जाती थीं। लोहे का सामान्य उपयोग इस काल में नहीं मिलता है।
Q. 139) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: C. 1, 2 और 3
सिंधु सभ्यता में कारीगर वर्ग मौजूद था। मनका निर्माण, धातु कार्य और मिट्टी के बर्तन जैसे शिल्प विकसित थे। कई स्थलों पर विशेष उत्पादन केंद्रों के प्रमाण मिलते हैं। इससे उद्योग और शिल्प के संगठित स्वरूप का पता चलता है।
Q. 140) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. सिंधु सभ्यता शांतिप्रिय थी
सिंधु सभ्यता में बड़े युद्धों या हथियारों के अधिक प्रमाण नहीं मिलते। नगरों में व्यापार, शिल्प और नियोजन पर अधिक ध्यान दिखाई देता है। इसलिए इसे सामान्य रूप से शांतिप्रिय सभ्यता माना जाता है। हालांकि रक्षा व्यवस्था के कुछ संकेत कुछ स्थलों पर मिलते हैं।
Q. 141) Assertion (A): सिंधु सभ्यता में उन्नत नगर नियोजन था
Reason (R): सड़कें समकोण पर कटती थीं
उत्तर: A. दोनों सही, R कारण है
सिंधु सभ्यता में उन्नत नगर नियोजन था। सड़कों को ग्रिड प्रणाली में समकोण पर काटते हुए बनाया गया था। यह योजनाबद्ध नगर निर्माण का स्पष्ट प्रमाण है। इसलिए कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
Q. 142) Assertion (A): सिंधु सभ्यता में व्यापार विकसित था
Reason (R): लोथल में बंदरगाह था
उत्तर: A. दोनों सही, R कारण है
सिंधु सभ्यता में व्यापार विकसित था। लोथल से बंदरगाह या गोदी के प्रमाण मिले हैं। इससे समुद्री व्यापार और बाहरी संपर्कों का पता चलता है। इसलिए कारण, कथन को सही रूप से स्पष्ट करता है।
Q. 143) Assertion (A): सिंधु सभ्यता में मंदिर नहीं मिले
Reason (R): लोग धार्मिक नहीं थे
उत्तर: B. A सही, R गलत
सिंधु सभ्यता में मंदिरों के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं। लेकिन इससे यह सिद्ध नहीं होता कि लोग धार्मिक नहीं थे। मुहरों, प्रतीकों और मूर्तियों से धार्मिक विश्वासों के संकेत मिलते हैं। इसलिए कथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
Q. 144) Assertion (A): सिंधु सभ्यता का पतन अचानक हुआ
Reason (R): प्राकृतिक आपदाएँ थीं
उत्तर: B. A गलत, R आंशिक
सिंधु सभ्यता का पतन अचानक नहीं बल्कि क्रमिक रूप से हुआ माना जाता है। जलवायु परिवर्तन, नदियों के मार्ग बदलना और व्यापार में गिरावट जैसे कारण जुड़े थे। प्राकृतिक कारणों की भूमिका हो सकती है, पर यह अकेला कारण नहीं था। इसलिए कथन गलत और कारण आंशिक रूप से सही माना जाता है।
Q. 145) मिलान कीजिए:
उत्तर: 1 2 3
हड़प्पा से अन्न भंडार के प्रमाण मिले हैं। मोहनजोदड़ो ग्रेट बाथ के लिए प्रसिद्ध है। लोथल अपने बंदरगाह या गोदी के लिए जाना जाता है। इसलिए सही मिलान A-1, B-2, C-3 है।
Q. 146) मिलान कीजिए:
उत्तर: 1 2 3
कालीबंगन जुताई के प्रमाण के लिए प्रसिद्ध है। धौलावीरा जल प्रबंधन व्यवस्था के लिए जाना जाता है। सुरकोटडा से घोड़े के अवशेष मिलने का उल्लेख किया जाता है। इसलिए सही मिलान A-1, B-2, C-3 है।
Q. 147) सिंधु सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या थी?
उत्तर: C. नगर नियोजन
सिंधु सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता नगर नियोजन थी। सड़कों, मकानों और नालियों की व्यवस्था योजनाबद्ध थी। कई नगरों में गढ़ और निचले नगर का विभाजन मिलता है। यह उस समय की विकसित शहरी व्यवस्था को दिखाता है।
Q. 148) सिंधु सभ्यता में किसका अभाव था?
उत्तर: C. मंदिर
सिंधु सभ्यता में मंदिरों के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं। इसके विपरीत जल निकासी, नगर योजना और व्यापार के प्रमाण मिलते हैं। धार्मिक विश्वासों के संकेत मुहरों और मूर्तियों से मिलते हैं। लेकिन मंदिर जैसी विशाल धार्मिक संरचनाएँ नहीं मिलीं।
Q. 149) निम्न में से कौन-सा कारण पतन से जुड़ा है?
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
सिंधु सभ्यता के पतन से कई कारण जुड़े माने जाते हैं। जलवायु परिवर्तन और नदियों के मार्ग बदलने से कृषि प्रभावित हुई। व्यापार में गिरावट से नगरों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई। इसलिए उपरोक्त सभी कारण पतन से जुड़े हैं।
Q. 150) सिंधु सभ्यता का स्वरूप क्या था?
उत्तर: B. नगरीय
सिंधु सभ्यता एक विकसित नगरीय सभ्यता थी। इसके नगर योजनाबद्ध तरीके से बनाए गए थे। सड़कें, जल निकासी और पक्के मकान इसकी प्रमुख विशेषताएँ थीं। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो और धौलावीरा इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
Q. 151) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: A. केवल 1 और 3
सिंधु सभ्यता के नगरों में ग्रिड पैटर्न अपनाया गया था। सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं। जल निकासी प्रणाली ढकी हुई और व्यवस्थित थी। सभी घरों में निजी कुएँ थे, यह कथन सही नहीं है।
Q. 152) निम्न में से कौन-सा स्थल “मनका निर्माण” के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है?
उत्तर: B. लोथल
लोथल मनका निर्माण के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यहाँ से मनके बनाने के औजार और कच्चे पदार्थ मिले हैं। लोथल व्यापार और बंदरगाह के लिए भी जाना जाता है। इससे हड़प्पा सभ्यता की शिल्पकला और व्यापारिक गतिविधियों का पता चलता है।
Q. 153) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. व्यापार मुख्यतः वस्तु विनिमय पर आधारित था
सिंधु सभ्यता में व्यापार मुख्यतः वस्तु विनिमय प्रणाली पर आधारित था। इस सभ्यता से सिक्कों के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलते। व्यापार आंतरिक और बाहरी दोनों रूपों में विकसित था। मेसोपोटामिया से व्यापारिक संबंधों के प्रमाण भी मिलते हैं।
Q. 154) निम्नलिखित में से कौन-सा स्थल जल प्रबंधन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर: B. धौलावीरा
धौलावीरा जल प्रबंधन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ जलाशय, नालियाँ और जल संरक्षण की विकसित व्यवस्था मिली है। यह गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण हड़प्पा स्थल है। धौलावीरा से जल संसाधनों के कुशल उपयोग का पता चलता है।
Q. 155) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: A. केवल 1 और 3
सिंधु सभ्यता में कृषि का विकास हुआ था। वर्षा जल संचयन और जल प्रबंधन के प्रमाण कुछ स्थलों से मिलते हैं। नहरों के व्यापक उपयोग के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलते। इसलिए कथन 1 और 3 सही हैं।
Q. 156) सिंधु सभ्यता में ‘मेलुहा’ शब्द किससे संबंधित है?
उत्तर: C. व्यापारिक नाम
मेलुहा शब्द मेसोपोटामिया के अभिलेखों में मिलता है। इसे सिंधु क्षेत्र से संबंधित व्यापारिक नाम माना जाता है। इससे सिंधु सभ्यता और मेसोपोटामिया के व्यापारिक संबंधों का पता चलता है। मेलुहा से वस्तुओं के आदान-प्रदान के प्रमाण मिलते हैं।
Q. 157) निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
उत्तर: B. सिंधु सभ्यता में लोहा ज्ञात था
सिंधु सभ्यता में लोहे का सामान्य उपयोग नहीं मिलता है। यह कांस्य युगीन सभ्यता थी। इसमें कांसा और तांबा जैसी धातुओं का उपयोग होता था। नगरीय जीवन और व्यापार इस सभ्यता की प्रमुख विशेषताएँ थीं।
Q. 158) निम्नलिखित में से कौन-सा पशु सिंधु सभ्यता में प्रमुख था?
उत्तर: B. कूबड़ वाला बैल
सिंधु सभ्यता में कूबड़ वाला बैल प्रमुख पशु माना जाता है। इसकी आकृति अनेक मुहरों पर मिलती है। बैल कृषि और आर्थिक जीवन से भी जुड़ा था। इसलिए इसका सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व अधिक था।
Q. 159) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: C. 1, 2 और 3
हड़प्पा सभ्यता में मंदिरों के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं। धार्मिक जीवन में प्रकृति पूजा और प्रतीक पूजा के संकेत मिलते हैं। पशुपति मुहर धार्मिक विश्वासों का महत्वपूर्ण प्रमाण मानी जाती है। इसलिए तीनों कथन सही हैं।
Q. 160) निम्न में से कौन-सा स्थल “अग्नि वेदी” के लिए प्रसिद्ध है?
उत्तर: B. कालीबंगन
कालीबंगन अग्नि वेदियों के लिए प्रसिद्ध है। यह राजस्थान में स्थित महत्वपूर्ण हड़प्पा स्थल है। यहाँ से जुते हुए खेतों के प्रमाण भी मिले हैं। इससे धार्मिक और कृषि जीवन की जानकारी मिलती है।
Q. 161) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. नगर स्वतंत्र रूप से संचालित होते थे
सिंधु सभ्यता में बड़े राजा या केंद्रीकृत राजतंत्र के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलते। नगरों की व्यवस्था योजनाबद्ध और संगठित दिखाई देती है। इसलिए माना जाता है कि नगर स्वतंत्र रूप से संचालित होते थे। यह विकेंद्रीकृत प्रशासन की ओर संकेत करता है।
Q. 162) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: A. केवल 1 और 2
सिंधु सभ्यता में धातु ढलाई की तकनीक विकसित थी। कांस्य मूर्तियों के निर्माण में लॉस्ट वैक्स तकनीक का उपयोग माना जाता है। प्रसिद्ध नर्तकी की कांस्य मूर्ति इसका उदाहरण है। लोहे की ढलाई के प्रमाण इस सभ्यता में नहीं मिलते।
Q. 163) निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
उत्तर: C. यह पूरी तरह समझ ली गई है
सिंधु लिपि अभी तक पूरी तरह पढ़ी नहीं जा सकी है। यह चित्रात्मक स्वरूप की मानी जाती है। इसके संकेत अधिकतर मुहरों पर मिलते हैं। इसलिए इसे पूरी तरह समझ लेने वाला कथन सही नहीं है।
Q. 164) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. उद्योग और व्यापार भी विकसित थे
सिंधु सभ्यता में कृषि के साथ उद्योग और व्यापार भी विकसित थे। मनका निर्माण, धातु कार्य और मिट्टी के बर्तन प्रमुख शिल्प थे। लोथल जैसे स्थल व्यापार और उत्पादन के लिए प्रसिद्ध थे। इससे अर्थव्यवस्था के विविध स्वरूप का पता चलता है।
Q. 165) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: A. केवल 1 और 2
सिंधु सभ्यता में मानकीकृत माप और तौल प्रणाली थी। वजन अक्सर द्विआधारी प्रणाली पर आधारित माने जाते हैं। यह व्यापार और निर्माण कार्यों में सटीकता दिखाता है। मापन असंगठित था, यह कथन गलत है।
Q. 166) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. सिंधु सभ्यता शांतिपूर्ण थी
सिंधु सभ्यता में बड़े युद्धों के स्पष्ट प्रमाण बहुत कम मिलते हैं। नगरों में व्यापार, शिल्प और स्वच्छता पर अधिक ध्यान दिखाई देता है। हथियारों की संख्या भी अन्य युद्धप्रधान सभ्यताओं की तुलना में कम है। इसलिए इसे सामान्यतः शांतिपूर्ण सभ्यता माना जाता है।
Q. 167) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. सभी शहरों में गढ़ नहीं था
सिंधु सभ्यता के कई नगरों में गढ़ और निचले नगर का विभाजन मिलता है। लेकिन सभी शहरों में गढ़ पाया गया हो, ऐसा नहीं कहा जा सकता। लोथल को गढ़ रहित स्थल माना जाता है। इसलिए सभी शहरों में गढ़ नहीं था, यह कथन सही है।
Q. 168) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: A. केवल 1 और 2
सिंधु सभ्यता में दोहरी फसल प्रणाली के संकेत मिलते हैं। अन्न भंडारों से यह अनुमान लगाया जाता है कि अनाज संग्रहित किया जाता था। किसान कर या अंश के रूप में अनाज देते होंगे, ऐसा माना जाता है। कृषि असंगठित थी, यह कथन सही नहीं है।
Q. 169) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. पशुपालन विकसित था
सिंधु सभ्यता में पशुपालन विकसित था। लोग बैल, भैंस, बकरी, कुत्ता आदि पशुओं से परिचित थे। पशुपालन कृषि और दैनिक जीवन से जुड़ा हुआ था। मुहरों और अवशेषों से पशुओं के महत्व का पता चलता है।
Q. 170) निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
उत्तर: C. सभी घरों में कुएँ थे
सिंधु सभ्यता में जल निकासी व्यवस्था उन्नत थी। कई घरों में स्नानागार और नालियों की व्यवस्था मिलती है। नालियाँ अक्सर ढकी हुई होती थीं। लेकिन सभी घरों में कुएँ थे, यह कथन सही नहीं है।
Q. 171) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: A. केवल 1 और 2
सिंधु सभ्यता में मनके उद्योग विकसित था। लोथल और धौलावीरा जैसे स्थल शिल्प और व्यापार की दृष्टि से महत्वपूर्ण थे। मनके केवल पत्थर के नहीं, बल्कि अर्ध-कीमती पत्थरों और अन्य पदार्थों से भी बनते थे। इसलिए कथन 1 और 2 सही हैं।
Q. 172) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. विदेशी व्यापार भी विकसित था
सिंधु सभ्यता में स्थानीय व्यापार के साथ विदेशी व्यापार भी विकसित था। मेसोपोटामिया के साथ व्यापारिक संबंधों के प्रमाण मिलते हैं। लोथल जैसे बंदरगाह से समुद्री व्यापार की जानकारी मिलती है। इससे पता चलता है कि व्यापार केवल स्थानीय नहीं था।
Q. 173) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. लिपि विकसित थी
सिंधु सभ्यता में लिपि का विकास हुआ था। यह लिपि मुख्य रूप से मुहरों पर प्राप्त होती है। इसके संकेत छोटे और चित्रात्मक स्वरूप के माने जाते हैं। हालांकि यह लिपि अभी तक पूरी तरह पढ़ी नहीं जा सकी है।
Q. 174) निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
उत्तर: C. लोहा ज्ञात था
सिंधु सभ्यता में तांबा, कांस्य, सोना और चांदी जैसी धातुओं का उपयोग मिलता है। यह सभ्यता कांस्य युग से संबंधित मानी जाती है। लोहे के उपयोग का सामान्य प्रमाण इस सभ्यता से नहीं मिलता। इसलिए “लोहा ज्ञात था” कथन सही नहीं है।
Q. 175) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. यह बहुआयामी समाज था
सिंधु सभ्यता एक बहुआयामी समाज था। इसमें कृषि, पशुपालन, शिल्प, व्यापार और नगर नियोजन सभी विकसित थे। धार्मिक विश्वासों के संकेत भी मुहरों और मूर्तियों से मिलते हैं। इसलिए इसे केवल कृषि या व्यापार तक सीमित नहीं माना जा सकता।
Q. 176) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. केवल 1 और 2
सिंधु सभ्यता में विकसित शहरी जीवन था। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो और धौलावीरा जैसे नगर इसके उदाहरण हैं। इसके साथ छोटे गांव और ग्रामीण बस्तियाँ भी मौजूद थीं। इसलिए केवल शहर ही थे, यह कथन सही नहीं है।
Q. 177) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. पतन धीरे-धीरे हुआ
सिंधु सभ्यता का पतन अचानक नहीं हुआ था। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे कई कारणों से हुई मानी जाती है। जलवायु परिवर्तन, नदियों के मार्ग बदलना और व्यापार में गिरावट इससे जुड़े कारण थे। बाद में कई नगरों का महत्व कम हो गया और ग्रामीण जीवन बढ़ा।
Q. 178) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: C. दोनों मार्गों से था
सिंधु सभ्यता में व्यापार भूमि और समुद्री दोनों मार्गों से होता था। लोथल जैसे बंदरगाह से समुद्री व्यापार के प्रमाण मिलते हैं। स्थल मार्गों से भी आंतरिक और बाहरी क्षेत्रों से संपर्क था। इससे उनकी व्यापारिक व्यवस्था के व्यापक स्वरूप का पता चलता है।
Q. 179) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: A. सिंधु सभ्यता में वैज्ञानिक दृष्टिकोण था
सिंधु सभ्यता में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के कई प्रमाण मिलते हैं। नगर नियोजन, जल निकासी और माप-तौल की मानकीकृत प्रणाली इसका उदाहरण हैं। धातु कार्य और शिल्प उत्पादन भी तकनीकी समझ को दर्शाते हैं। इसलिए यह सभ्यता योजनाबद्ध और तकनीकी रूप से विकसित थी।
Q. 180) सिंधु सभ्यता का सबसे महत्वपूर्ण योगदान क्या था?
उत्तर: B. नगर नियोजन
सिंधु सभ्यता का सबसे महत्वपूर्ण योगदान नगर नियोजन था। इसके नगर व्यवस्थित सड़कों, पक्के मकानों और जल निकासी से युक्त थे। ग्रिड प्रणाली और ढकी हुई नालियाँ इसकी उन्नत योजना को दर्शाती हैं। यह प्राचीन भारत की विकसित नगरीय परंपरा का महत्वपूर्ण प्रमाण है।
Q. 181) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: A. केवल 1 और 3
सिंधु सभ्यता में नगर नियोजन का स्तर बहुत उच्च था। कई नगरों में गढ़ और निचले नगर का विभाजन मिलता है। लेकिन सभी नगरों की संरचना पूरी तरह समान नहीं थी। इसलिए कथन 1 और 3 सही हैं।
Q. 182) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: C. नगर स्वतंत्र रूप से संचालित होते थे
सिंधु सभ्यता में बड़े राजा या केंद्रीकृत साम्राज्य के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलते। नगरों में स्थानीय स्तर पर व्यवस्था और प्रशासन दिखाई देता है। इसलिए माना जाता है कि नगर स्वतंत्र रूप से संचालित होते थे। यह विकेंद्रीकृत प्रशासन की ओर संकेत करता है।
Q. 183) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: A. केवल 1 और 2
सिंधु सभ्यता में धातु ढलाई की उन्नत तकनीक थी। कांस्य मूर्तियों में लॉस्ट वैक्स तकनीक के उपयोग के संकेत मिलते हैं। मोहनजोदड़ो की नर्तकी की मूर्ति इसका प्रसिद्ध उदाहरण है। लोहे का व्यापक उपयोग इस सभ्यता में नहीं मिलता।
Q. 184) निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
उत्तर: C. ऊन का उपयोग नहीं होता था
सिंधु सभ्यता में वस्त्र निर्माण विकसित था। कपास का उत्पादन और उपयोग इसके महत्वपूर्ण प्रमाण हैं। ऊन के उपयोग की संभावना भी पशुपालन से जुड़ी मानी जाती है। इसलिए ऊन का उपयोग नहीं होता था, यह कथन सही नहीं है।
Q. 185) निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: C. विदेशी व्यापार विकसित था
सिंधु सभ्यता में विदेशी व्यापार विकसित था। मेसोपोटामिया के साथ व्यापारिक संबंधों के प्रमाण मिलते हैं। लोथल जैसे बंदरगाह से समुद्री व्यापार की जानकारी मिलती है। इसलिए व्यापार केवल आंतरिक नहीं था।
Q. 186) ‘मेलुहा’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया था?
उत्तर: B. सिंधु क्षेत्र
मेसोपोटामिया के अभिलेखों में मेलुहा शब्द मिलता है। इसे सामान्यतः सिंधु क्षेत्र से संबंधित माना जाता है। इससे सिंधु सभ्यता के बाहरी व्यापारिक संबंधों का पता चलता है। मेलुहा हड़प्पा सभ्यता के व्यापारिक संपर्कों का महत्वपूर्ण संकेत है।
Q. 187) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: C. 1, 2 और 3
सिंधु सभ्यता में जल निकासी प्रणाली विकसित थी। कई नगरों में नालियाँ ढकी हुई और व्यवस्थित थीं। घरों में स्नानागार या स्नान की व्यवस्था के प्रमाण मिलते हैं। दिए गए उत्तर के अनुसार तीनों कथन सही माने गए हैं।
Q. 188) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: C. धार्मिक संरचनाएँ स्पष्ट नहीं हैं
सिंधु सभ्यता में मंदिरों जैसी स्पष्ट धार्मिक संरचनाओं के प्रमाण नहीं मिले हैं। महलों या विशाल शाही भवनों का भी स्पष्ट अभाव है। धार्मिक विश्वासों के संकेत मुहरों और मूर्तियों से मिलते हैं। इसलिए धार्मिक संरचनाएँ स्पष्ट नहीं हैं, यह सही कथन है।
Q. 189) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: A. केवल 1 और 2
सिंधु सभ्यता में मानकीकृत माप और तौल प्रणाली थी। वजन द्विआधारी प्रणाली पर आधारित माने जाते हैं। यह व्यापार और निर्माण कार्यों की सटीकता को दर्शाता है। मापन असंगठित था, यह कथन गलत है।
Q. 190) निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
उत्तर: B. नहर सिंचाई व्यापक थी
सिंधु सभ्यता में कृषि विकसित थी। वर्षा जल संचयन और बाढ़ से उपजाऊ भूमि बनने के प्रमाण मिलते हैं। लेकिन नहर सिंचाई के व्यापक प्रमाण स्पष्ट रूप से नहीं मिलते। इसलिए नहर सिंचाई व्यापक थी, यह कथन सही नहीं है।
Q. 191) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: A. केवल 1 और 3
सिंधु सभ्यता में पशुपालन विकसित था। कूबड़ वाला बैल इस सभ्यता में प्रमुख पशु माना जाता है। घोड़े के व्यापक उपयोग के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलते। इसलिए कथन 1 और 3 सही हैं।
Q. 192) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. उद्योग और व्यापार विकसित थे
सिंधु सभ्यता में कृषि के साथ उद्योग और व्यापार भी विकसित थे। मनका निर्माण, धातु कार्य और वस्त्र निर्माण जैसे उद्योग महत्वपूर्ण थे। लोथल जैसे स्थल व्यापारिक गतिविधियों के प्रमाण देते हैं। इसलिए इसकी अर्थव्यवस्था बहुआयामी थी।
Q. 193) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: A. केवल 1 और 2
सिंधु सभ्यता में मनका उद्योग विकसित था। लोथल मनका निर्माण का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मनके केवल पत्थर के नहीं बल्कि अर्ध-कीमती पत्थरों और अन्य पदार्थों से भी बनते थे। इसलिए कथन 1 और 2 सही हैं।
Q. 194) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. लिपि चित्रात्मक है
सिंधु सभ्यता की लिपि चित्रात्मक मानी जाती है। यह मुख्य रूप से मुहरों और छोटी वस्तुओं पर मिलती है। इसे अभी तक पूरी तरह पढ़ा नहीं जा सका है। इसलिए लिपि चित्रात्मक है, यह सही कथन है।
Q. 195) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: A. केवल 1 और 2
सिंधु लिपि मुख्यतः मुहरों पर मिलती है। यह लिपि अभी तक अपठित है। इसे वर्णमाला आधारित लिपि नहीं माना जाता। इसलिए कथन 1 और 2 सही हैं।
Q. 196) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. समाज शांतिपूर्ण था
सिंधु सभ्यता में बड़े युद्धों और भारी हथियारों के प्रमाण कम मिलते हैं। नगरों में व्यापार, शिल्प और योजना पर अधिक ध्यान दिखाई देता है। इसलिए इसे सामान्यतः शांतिपूर्ण समाज माना जाता है। यह निष्कर्ष उपलब्ध पुरातात्विक प्रमाणों पर आधारित है।
Q. 197) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: A. केवल 1 और 2
सिंधु सभ्यता में मातृदेवी या देवी माँ की पूजा के संकेत मिलते हैं। पशुपति मुहर को धार्मिक विश्वासों से जोड़ा जाता है। लेकिन मंदिरों के स्पष्ट प्रमाण प्राप्त नहीं हुए हैं। इसलिए कथन 1 और 2 सही हैं।
Q. 198) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. विकेंद्रीकृत प्रशासन था
सिंधु सभ्यता में केंद्रीकृत राजतंत्र या बड़े राजा के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलते। महलों और विशाल शाही भवनों का भी अभाव है। नगरों की व्यवस्था स्वतंत्र और संगठित दिखाई देती है। इसलिए विकेंद्रीकृत प्रशासन माना जाता है।
Q. 199) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: B. केवल 1 और 2
सिंधु सभ्यता में विकसित शहरी जीवन था। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो और धौलावीरा जैसे नगर इसके उदाहरण हैं। इसके साथ ग्रामीण बस्तियाँ भी मौजूद थीं। इसलिए केवल शहर थे, यह कथन गलत है।
Q. 200) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. पतन धीरे-धीरे हुआ
सिंधु सभ्यता का पतन धीरे-धीरे हुआ माना जाता है। जलवायु परिवर्तन, नदियों के मार्ग बदलना और व्यापार में गिरावट जैसे कारण जुड़े थे। बड़े नगरों का महत्व कम हुआ और लोग छोटे क्षेत्रों की ओर बढ़े। इसलिए इसे अचानक समाप्त हुई सभ्यता नहीं माना जाता।
Q. 201) Assertion: सिंधु सभ्यता में उन्नत नगर नियोजन था
Reason: सड़कें समकोण पर काटती थीं
उत्तर: A. दोनों सही, R कारण है
सिंधु सभ्यता में नगर नियोजन बहुत उन्नत था। सड़कों को ग्रिड प्रणाली में समकोण पर काटते हुए बनाया गया था। यह योजनाबद्ध शहरी निर्माण का स्पष्ट प्रमाण है। इसलिए Reason, Assertion का सही कारण है।
Q. 202) Assertion: सिंधु सभ्यता में व्यापार विकसित था
Reason: लोथल में बंदरगाह था
उत्तर: A. दोनों सही, R कारण है
सिंधु सभ्यता में व्यापार विकसित था। लोथल से बंदरगाह या गोदी के प्रमाण मिले हैं। इससे समुद्री व्यापार और बाहरी संपर्कों की जानकारी मिलती है। इसलिए Reason, Assertion को सही रूप से स्पष्ट करता है।
Q. 203) Assertion: सिंधु सभ्यता में मंदिर नहीं मिले
Reason: लोग धार्मिक नहीं थे
उत्तर: B. Assertion सही, Reason गलत
सिंधु सभ्यता में मंदिरों जैसे स्पष्ट धार्मिक भवनों के प्रमाण नहीं मिले हैं। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि लोग धार्मिक नहीं थे। मुहरों, प्रतीकों और मूर्तियों से धार्मिक विश्वासों के संकेत मिलते हैं। इसलिए Assertion सही है, लेकिन Reason गलत है।
Q. 204) Assertion: पतन का एक कारण जलवायु परिवर्तन था
Reason: वर्षा कम हो गई थी
उत्तर: A. दोनों सही, R कारण है
सिंधु सभ्यता के पतन के कारणों में जलवायु परिवर्तन को महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्षा में कमी से कृषि और जल स्रोत प्रभावित हुए। इससे नगरों की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था कमजोर होने लगी। इसलिए Reason, Assertion का सही कारण है।
Q. 205) मिलान कीजिए:
उत्तर: 1 2 3 4
हड़प्पा से अन्न भंडार के प्रमाण मिले हैं। मोहनजोदड़ो ग्रेट बाथ के लिए प्रसिद्ध है। लोथल बंदरगाह या गोदी के लिए जाना जाता है। कालीबंगन जुताई के प्रमाण के लिए प्रसिद्ध है।
Q. 206) मिलान कीजिए:
उत्तर: 1 2 3 4
धौलावीरा जल प्रबंधन प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है। सुरकोटडा से घोड़े के अवशेषों का उल्लेख मिलता है। राखीगढ़ी सिंधु सभ्यता के बड़े स्थलों में गिना जाता है। आलमगीरपुर इस सभ्यता का पूर्वी स्थल माना जाता है।
Q. 207) सिंधु सभ्यता की सबसे विशिष्ट विशेषता क्या मानी जाती है?
उत्तर: B. नगर नियोजन
सिंधु सभ्यता की सबसे विशिष्ट विशेषता नगर नियोजन थी। नगरों में सड़कें, मकान और जल निकासी व्यवस्था योजनाबद्ध थी। कई नगरों में ग्रिड प्रणाली और गढ़-निचले नगर का विभाजन मिलता है। यह प्राचीन शहरी विकास का उत्कृष्ट उदाहरण है।
Q. 208) निम्न में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
उत्तर: C. लोहा उपयोग में था
सिंधु सभ्यता कांस्य युग से संबंधित थी। इसमें तांबा और कांसा जैसी धातुओं का उपयोग होता था। लोहे के उपयोग का स्पष्ट प्रमाण इस सभ्यता में नहीं मिलता। जबकि कृषि, व्यापार और शिल्प उत्पादन विकसित थे।
Q. 209) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. बहुआयामी अर्थव्यवस्था
सिंधु सभ्यता की अर्थव्यवस्था बहुआयामी थी। इसमें कृषि, पशुपालन, शिल्प, उद्योग और व्यापार सभी शामिल थे। लोथल जैसे स्थल व्यापार और शिल्प उत्पादन से जुड़े थे। इसलिए इसे केवल कृषि या व्यापार आधारित नहीं कहा जा सकता।
Q. 210) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. संगठित और योजनाबद्ध था
सिंधु सभ्यता का समाज संगठित और योजनाबद्ध था। नगर नियोजन, जल निकासी और मानकीकृत माप-तौल इसका प्रमाण हैं। व्यापार और शिल्प उत्पादन भी व्यवस्थित तरीके से चलते थे। इससे समाज की उन्नत संगठन क्षमता दिखाई देती है।
Q. 211) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: C. दोनों प्रकार के व्यापार
सिंधु सभ्यता में स्थानीय और विदेशी दोनों प्रकार के व्यापार होते थे। आंतरिक व्यापार नगरों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच होता था। मेसोपोटामिया से बाहरी व्यापार के प्रमाण मिलते हैं। लोथल जैसे स्थल समुद्री व्यापार से जुड़े थे।
Q. 212) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. लिपि अपठित है
सिंधु सभ्यता की लिपि अभी तक पूरी तरह पढ़ी नहीं जा सकी है। यह मुख्यतः मुहरों और छोटी वस्तुओं पर मिलती है। इसके संकेतों का अर्थ स्पष्ट न होने से कई बातें अज्ञात हैं। इसलिए इसे अपठित लिपि कहा जाता है।
Q. 213) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. अत्यंत उन्नत योजना थी
सिंधु सभ्यता की नगर योजना अत्यंत उन्नत थी। नगरों में ग्रिड प्रणाली, पक्की सड़कें और जल निकासी व्यवस्था थी। घरों और सार्वजनिक संरचनाओं का निर्माण भी योजनाबद्ध था। यह प्राचीन काल की विकसित शहरी व्यवस्था को दर्शाता है।
Q. 214) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. संगठित प्रशासन
सिंधु सभ्यता में संगठित प्रशासन के संकेत मिलते हैं। नगरों की योजना, जल निकासी और मानकीकृत माप-तौल इसका प्रमाण हैं। हालांकि किसी राजा या राजमहल के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं। प्रशासन संभवतः नगर-आधारित और व्यवस्थित था।
Q. 215) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. बहु-कारणीय पतन
सिंधु सभ्यता का पतन किसी एक कारण से नहीं हुआ। जलवायु परिवर्तन, नदी मार्ग परिवर्तन, व्यापार में गिरावट और आर्थिक कमजोरी जैसे कारण जुड़े थे। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे हुई मानी जाती है। इसलिए इसे बहु-कारणीय पतन कहा जाता है।
Q. 216) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: C. दोनों
सिंधु सभ्यता में शहर और गांव दोनों थे। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो और धौलावीरा जैसे बड़े नगर थे। इनके साथ छोटी ग्रामीण बस्तियाँ भी मौजूद थीं। इसलिए यह केवल शहरी या केवल ग्रामीण सभ्यता नहीं थी।
Q. 217) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. समाज जटिल था
सिंधु सभ्यता का समाज जटिल और विकसित था। इसमें किसान, कारीगर, व्यापारी और शिल्पकार जैसे अलग-अलग वर्ग रहे होंगे। नगर नियोजन और व्यापार से सामाजिक संगठन का पता चलता है। इसलिए इसे सरल समाज नहीं माना जा सकता।
Q. 218) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. उन्नत तकनीक थी
सिंधु सभ्यता में उन्नत तकनीक के प्रमाण मिलते हैं। धातु ढलाई, मनका निर्माण और जल निकासी व्यवस्था इसका उदाहरण हैं। माप-तौल की मानकीकृत प्रणाली भी तकनीकी समझ दिखाती है। इसलिए इसे तकनीकी रूप से विकसित सभ्यता माना जाता है।
Q. 219) निम्न में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर: B. कुछ तत्व जारी रहे
सिंधु सभ्यता के पतन के बाद भी इसके कुछ सांस्कृतिक तत्व जारी रहे। कृषि, शिल्प और कुछ प्रतीकात्मक परंपराएँ बाद की संस्कृतियों में दिखाई देती हैं। सभ्यता का शहरी स्वरूप कमजोर हुआ, पर संस्कृति पूरी तरह नष्ट नहीं हुई। इसलिए कुछ तत्वों की निरंतरता मानी जाती है।
Q. 220) सिंधु सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण पहचान क्या है?
उत्तर: B. नगर नियोजन
सिंधु सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण पहचान नगर नियोजन है। इसके नगर सुव्यवस्थित सड़कों और जल निकासी से युक्त थे। घरों, गलियों और सार्वजनिक संरचनाओं का निर्माण योजनाबद्ध था। यही विशेषता इसे प्राचीन विश्व की महान नगरीय सभ्यताओं में स्थान देती है।
