Minerals & Energy Resources: धात्विक-अधात्विक खनिज, कोयला, पेट्रोलियम एवं PYQs
खनिज (Minerals) क्या हैं?
प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले वे पदार्थ जिनका एक निश्चित रासायनिक संगठन (Chemical Composition) और आंतरिक परमाणु संरचना होती है, खनिज कहलाते हैं।
KEY FACT: पृथ्वी की पपड़ी (Crust) के लगभग 98% भाग का निर्माण 8 प्रमुख तत्वों (ऑक्सीजन, सिलिकॉन, एल्युमीनियम आदि) से हुआ है।
⚒️ खनिजों का मुख्य वर्गीकरण
धात्विक खनिज (Metallic)
- इनमें धातुओं का अंश पाया जाता है।
- इन्हें गलाने पर नई वस्तुएं बनाई जा सकती हैं।
- लौह युक्त: लोहा, मैंगनीज, निकेल।
- अ-लौह युक्त: तांबा, सीसा, जस्ता, सोना।
अधात्विक खनिज (Non-Metallic)
- इनमें धातुओं का अंश नहीं होता।
- ये भंगुर होते हैं (चोट मारने पर टूट जाते हैं)।
- उदाहरण: अभ्रक (Mica), नमक, चूना पत्थर, जिप्सम।
- ईंधन खनिज: कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस।
भारत की प्रमुख खनिज पेटियाँ
भारत में खनिज समान रूप से वितरित नहीं हैं। इन्हें मुख्य रूप से तीन विशाल पट्टियों (Belts) में विभाजित किया जा सकता है:
हिमालय और विशाल मैदान खनिजों के मामले में निर्धन हैं, लेकिन हिमालय क्षेत्र में भविष्य के लिए तांबा, सीसा और जस्ता के भंडार मिलने की प्रबल संभावना है।
खनिज प्रशासन एवं महत्वपूर्ण शब्दावली
🔍 भारत की प्रमुख खनिज संस्थाएं:
स्थापना: 1851 | मुख्यालय: कोलकाता
कार्य: यह संस्था पूरे भारत में खनिजों की खोज और उनके मानचित्रण का कार्य करती है।
स्थापना: 1948 | मुख्यालय: नागपुर
कार्य: यह वनों और पर्यावरण का ध्यान रखते हुए खनिजों के वैज्ञानिक खनन और संरक्षण के नियम बनाता है।
भारत में खनिजों का विकास और नियमन इसी अधिनियम के तहत होता है। 2015 और 2021 के संशोधनों के बाद अब खदानों की नीलामी (Auction) अनिवार्य कर दी गई है।
लौह अयस्क (Iron Ore)
The Backbone of Modern Industry🔍 लोहे के प्रकार (गुणवत्ता के आधार पर):
सर्वोत्तम गुणवत्ता (70%+ लोहा)
रंग: काला | चुंबकीय गुण
भारत में सबसे ज्यादा पाया जाता है
रंग: लाल/लाल भूरा
निम्न गुणवत्ता (राख अधिक)
रंग: पीला/मटमैला
📍 प्रमुख उत्पादक क्षेत्र (Major Mines):
निर्यात (Export): विशाखापत्तनम बंदरगाह से बैलाडीला का लोहा और मंगलौर बंदरगाह से कुद्रेमुख का लोहा जापान को निर्यात किया जाता है।
कोयला संसाधन (Coal Resources)
Primary Energy Source of India🔍 कार्बन की मात्रा के आधार पर कोयले के प्रकार:
• सर्वोत्तम श्रेणी: 80-95% कार्बन।
• जलते समय धुआं नहीं देता।
• भारत में केवल जम्मू-कश्मीर (रियासी) में मिलता है।
• घरेलू कोयला: 60-80% कार्बन।
• भारत में पाया जाने वाला 98% कोयला इसी श्रेणी का है।
• 40-55% कार्बन। इसमें नमी अधिक होती है।
• मुख्य क्षेत्र: नेवेली (तमिलनाडु)।
• सबसे घटिया श्रेणी। लकड़ी की तरह अधिक धुआं देता है।
📅 भूगर्भीय वर्गीकरण (Geological Age)
यह 250 मिलियन वर्ष पुराना है। मुख्य रूप से नदी घाटियों (दामोदर, सोन, महानदी, गोदावरी) में पाया जाता है।
यह नया कोयला है (15-60 मिलियन वर्ष)। मुख्य रूप से पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय, अरुणाचल) में मिलता है।
📍 भारत की प्रमुख कोयला खानें:
- झारखंड: झरिया (सबसे बड़ी खान), धनबाद, बोकारो, गिरिडीह।
- ओडिशा: तलचर (महानदी घाटी), संबलपुर।
- छत्तीसगढ़: कोरबा, चिरमिरी, विश्रामपुर।
- पश्चिम बंगाल: रानीगंज (भारत की पहली कोयला खान)।
- तेलंगाना: सिंगरैनी (गोदावरी घाटी)।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस
The Liquid Gold of Indiaपेट्रोलियम मुख्य रूप से टर्शियरी (Tertiary) युग की अवसादी चट्टानों (Sedimentary Rocks) में पाया जाता है। प्राकृतिक गैस अक्सर तेल के ऊपर एक परत के रूप में मिलती है, जिसे हाइड्रोकार्बन का सबसे स्वच्छ रूप माना जाता है।
📍 भारत के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र:
🏭 प्राकृतिक गैस एवं पाइपलाइन:
- KG बेसिन: कृष्णा-गोदावरी बेसिन में रिलायंस द्वारा गैस के विशाल भंडारों की खोज की गई है।
- HBJ पाइपलाइन: हजीरा (गुजरात) - विजयापुर (M.P.) - जगदीशपुर (U.P.)। यह भारत की पहली क्रॉस-कंट्री गैस पाइपलाइन है।
- GAIL: भारतीय गैस प्राधिकरण लिमिटेड की स्थापना 1984 में प्राकृतिक गैस के परिवहन के लिए की गई थी।
"डिगबोई - भारत का 'तेल नगर'"
याद रखें, असम का डिगबोई न केवल भारत की बल्कि एशिया की पहली रिफाइनरी है। क्रम याद रखने के लिए: असम (Oldest) > गुजरात (Middle) > मुंबई हाई (Largest Offshore) > राजस्थान (Latest)।
अन्य महत्वपूर्ण खनिज संसाधन
Copper, Bauxite, Mica & Gold
• भारत विश्व में 'शीट माइका' का सबसे बड़ा उत्पादक है।
• क्षेत्र: कोडरमा (झारखंड - इसे 'अभ्रक की राजधानी' कहते हैं), आंध्र प्रदेश (नेल्लोर - रूबी माइका)।
• भारत में स्वर्ण के भंडार बहुत सीमित हैं।
• क्षेत्र: कर्नाटक (कोलार और हट्टी स्वर्ण खदानें), आंध्र प्रदेश (रामगिरि खदान)।
ऊर्जा संसाधन: एक सम्पूर्ण परिचय
Powering the New Indiaऊर्जा के स्रोतों को उनकी प्रकृति और उपयोगिता के आधार पर दो मुख्य श्रेणियों में बाँटा गया है:
ये सीमित हैं और एक बार उपयोग के बाद समाप्त हो जाते हैं। इन्हें 'अनवीकरणीय' भी कहते हैं।
• उदाहरण: कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, जल-विद्युत।
ये कभी समाप्त न होने वाले अक्षय स्रोत हैं। इन्हें 'नवीकरणीय' (Renewable) ऊर्जा कहते हैं।
• उदाहरण: सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, भू-तापीय ऊर्जा।
🔥 ताप विद्युत (Thermal Power) - भारत का आधार
भारत में कुल बिजली उत्पादन का लगभग 60% से अधिक हिस्सा ताप विद्युत (कोयला, गैस, तेल) से आता है।
• NTPC (नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन): स्थापना 1975। यह भारत में बिजली उत्पादन की सबसे बड़ी संस्था है।
अक्सर छात्र 'जल-विद्युत' (Hydro Power) में कंफ्यूज होते हैं। याद रखें: जल-विद्युत एक परंपरागत स्रोत है लेकिन यह नवीकरणीय (Renewable) है क्योंकि पानी का चक्र चलता रहता है।
परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy)
The Future of Clean Energy
परमाणु ऊर्जा का उत्पादन यूरेनियम और थोरियम जैसे खनिजों के विखंडन (Fission) से होता है।
• थोरियम भंडार: भारत के पास विश्व का सबसे बड़ा थोरियम भंडार है, जो केरल के तटों पर मोनाजाइट (Monazite) रेत में पाया जाता है।
📍 भारत के प्रमुख परमाणु बिजलीघर:
- 🚀 तारापुर: महाराष्ट्र (भारत का पहला - 1969)
- 🌵 रावतभाटा: राजस्थान (कनाडा के सहयोग से)
- 🛡️ काकरापार: गुजरात
- 🗼 नरोरा: उत्तर प्रदेश (बुलंदशहर)
- 🌊 कलपक्कम/कुडनकुलम: तमिलनाडु
- 🌳 कैगा: कर्नाटक
📅 महत्वपूर्ण मील के पत्थर:
- DAE: परमाणु ऊर्जा विभाग की स्थापना 1954 में हुई।
- होमी जहाँगीर भाभा: इन्हें भारत में 'परमाणु कार्यक्रम का जनक' कहा जाता है।
- अप्सरा: भारत (और एशिया) का पहला परमाणु रिएक्टर।
"UP में रोरा, गुजरात में पारा, राज में भाटा, मुम्बई तारा"
(नरोरा-UP, काकरापारा-गुजरात, रावतभाटा-राजस्थान, तारापुर-महाराष्ट्र)
अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy)
Sustainable Power for Tomorrow
पृथ्वी की आंतरिक गर्मी से बिजली बनाना।
• क्षेत्र: पुगा घाटी (लद्दाख), मणिकरण (हिमाचल प्रदेश)।
समुद्र की लहरों से बिजली उत्पादन।
• क्षेत्र: खंभात की खाड़ी और कच्छ की खाड़ी (गुजरात)।
• सोलर में: राजस्थान (नंबर 1)
• पवन में: तमिलनाडु/गुजरात (प्रतिस्पर्धा)
• कुल अक्षय ऊर्जा में: राजस्थान सबसे आगे है।
खनिज एवं उनके प्रमुख उत्पादक क्षेत्र (At a Glance)
| खनिज (Mineral) | अग्रणी राज्य | प्रसिद्ध खदानें / क्षेत्र |
|---|---|---|
| 🏗️ लौह अयस्क | ओडिशा, छत्तीसगढ़ | बैलाडीला, मयूरभंज, कुद्रेमुख |
| 🌑 कोयला | ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड | झरिया, रानीगंज, तलचर, कोरबा |
| 🥉 तांबा | मध्य प्रदेश, राजस्थान | मलाजखंड, खेतड़ी |
| ⚪ बॉक्साइट | ओडिशा, गुजरात | पंचपतमली (कोरापुट) |
| ✨ अभ्रक (Mica) | आंध्र प्रदेश, राजस्थान | नेल्लोर, कोडरमा (झारखंड) |
| 💰 सोना | कर्नाटक | कोलार, हट्टी |
| 💎 हीरा | मध्य प्रदेश | पन्ना (मझगवां) |
| 🛢️ पेट्रोलियम | राजस्थान, गुजरात, असम | बॉम्बे हाई, डिगबोई, मंगला |
Note: खनिजों के उत्पादन का डेटा हर साल बदलता रहता है, इसलिए परीक्षा से पहले "Indian Minerals Yearbook" के नवीनतम आंकड़ों की जांच अवश्य करें।
