Indian Forests: भारत में वनों के प्रकार, New Forest Policy & ISFR 2021 | 50+ PYQs (Complete Guide)

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भारत में वन के प्रकार एवं वन नीति
Complete Smart Notes: ISFR 2021 Report, वन संरक्षण अधिनियम एवं 50+ PYQs
🌳 Tropical Evergreen 📜 Forest Policy 1988 📊 ISFR Data

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🌳 भाग - 1: भारत में वनों का वर्गीकरणTOPIC NOTES

🌿 1. वन (Forest) किसे कहते हैं? – विस्तृत परिभाषा

साधारण शब्दों में, 'वन' वह विशाल भू-क्षेत्र है जो मुख्य रूप से वृक्षों और झाड़ियों से ढका होता है। लेकिन भौगोलिक दृष्टि से इसकी परिभाषा अधिक गहरी है:

  • 🌳 पारिस्थितिक तंत्र: वन केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि एक जटिल 'इकोसिस्टम' है जहाँ पादप, जीव-जंतु और सूक्ष्मजीव आपस में निर्भर होते हैं।
  • 📏 वैज्ञानिक मापदंड (FAO): 0.5 हेक्टेयर से अधिक की भूमि, जहाँ पेड़ों की ऊँचाई कम से कम 5 मीटर हो और 'कैनोपी डेंसिटी' (पेड़ों की छतरी का घनत्व) 10% से अधिक हो।
  • 🇮🇳 भारतीय संदर्भ: भारत में 'वन' का निर्धारण वर्षा, मिट्टी और तापमान के आधार पर होता है।

🌧️ 2. उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन (Evergreen Forests)

ये भारत के सबसे सुंदर और घने वन हैं। इन्हें 'वर्षा वन' (Rain Forests) भी कहा जाता है। आइए इनका सूक्ष्म विश्लेषण करें:

🌡️ अनुकूल परिस्थितियाँ (Conditions)

वार्षिक वर्षा: 200 सेमी से अधिक (अत्यधिक भारी वर्षा)।
औसत तापमान: 22°C से अधिक।
आर्द्रता (Humidity): यहाँ हवा में नमी बहुत अधिक (70%+) होती है।

प्रमुख विशेषताएँ (Characteristics)

🌲 बहुस्तरीय संरचना (Stratification): यहाँ पेड़ अलग-अलग ऊँचाई के होते हैं (झाड़ियाँ → मध्यम पेड़ → ऊँचे पेड़)। कुछ पेड़ों की ऊँचाई 60 मीटर या उससे अधिक तक पहुँच जाती है।
🍂 कोई निश्चित पतझड़ नहीं: इन वनों के अलग-अलग पेड़ों के पत्ते गिरने और नए आने का समय अलग होता है, जिससे पूरा वन हमेशा हरा-भरा दिखाई देता है।

🛤️ प्रमुख क्षेत्र एवं प्रजातियाँ

क्षेत्र (Location)प्रमुख वृक्ष (Flora)
पश्चिमी घाट, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, उत्तर-पूर्वी भारत (असम, मेघालय) रोजवुड (Rosewood), महोगनी, आबनूस (Ebony), रबड़, सिनकोना और बांस।
👑 UPSC & PSC SPECIAL

याद रखें: इन वनों की लकड़ी अत्यंत कठोर (Hardwood) होती है, इसलिए इनका व्यापारिक दोहन (Commercial Logging) कठिन होता है। सिनकोना वृक्ष से कुनैन (Quinine) बनाई जाती है जो मलेरिया के इलाज में काम आती है।

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🍂 1. पर्णपाती वन: परिचय एवं महत्व

भारत में सबसे अधिक क्षेत्रफल पर फैले होने के कारण इन्हें 'मानसूनी वन' कहा जाता है। इनका सबसे मुख्य गुण यह है कि ये शुष्क ग्रीष्म ऋतु में 6 से 8 सप्ताह के लिए अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं ताकि पानी का संरक्षण (Water Conservation) किया जा सके।

💡 परीक्षा की दृष्टि से:

वर्षा की उपलब्धता के आधार पर इन्हें दो उप-भागों में बाँटा गया है: आर्द्र (Moist) और शुष्क (Dry)

💧 2. आर्द्र पर्णपाती वन (Tropical Moist Deciduous)

  • 🌧️ वर्षा का स्तर: 100 सेमी से 200 सेमी के बीच।
  • 📍 प्रमुख क्षेत्र: हिमालय के गिरिपाद (Foot-hills), उत्तर-पूर्वी राज्य, झारखंड, पश्चिम ओडिशा और छत्तीसगढ़।
  • 🌲 प्रमुख वृक्ष: सागौन (Teak) - यह सबसे महत्वपूर्ण प्रजाति है। इसके अलावा साल, शीशम, महुआ, चंदन और आंवला प्रमुख हैं।

☀️ 3. शुष्क पर्णपाती वन (Tropical Dry Deciduous)

  • 🔥 वर्षा का स्तर: 70 सेमी से 100 सेमी के बीच।
  • 📍 प्रमुख क्षेत्र: प्रायद्वीपीय पठार के वर्षा वाले भाग, उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाके।
  • 🌲 प्रमुख वृक्ष: तेंदू, पलाश, अमलतास, बेल और खैर।
  • 🐄 विशेषता: ये वन अधिक खुले होते हैं। इनमें घास के मैदान भी पाए जाते हैं, जो पशुओं के चरने के लिए उपयोग होते हैं।
👑 SUPER TRICK & TIPS

पलाश (Palash): इसे 'जंगल की आग' (Flame of the Forest) कहा जाता है क्योंकि इसके फूल लाल-नारंगी रंग के होते हैं।
सागौन (Teak): यह आर्थिक रूप से सबसे मूल्यवान लकड़ी प्रदान करता है।

⚖️ 4. सदाबहार बनाम पर्णपाती (तुलना)

विशेषतासदाबहार वनपर्णपाती वन
वर्षा200 सेमी +70 से 200 सेमी
पत्तियांकभी साथ नहीं गिरतींगर्मी में एक साथ गिरती हैं
आर्थिक दोहनकठिन (घने वन)आसान (खुले वन)
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🌵 1. कंटीले वन एवं झाड़ियाँ (Thorn Forests)

ये उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं जहाँ जल की भारी कमी होती है। यहाँ के पौधे वाष्पीकरण को रोकने के लिए कांटों का सहारा लेते हैं।

  • 🌧️ वर्षा: 70 सेमी से भी कम।
  • 📍 क्षेत्र: उत्तर-पश्चिमी भारत (राजस्थान, गुजरात, हरियाणा) और छत्तीसगढ़/MP के अर्ध-शुष्क भाग।
  • 🌲 प्रमुख वृक्ष: बबूल (Acacia), कीकर, खजूर (Palm) और नागफनी (Cactus)।
  • 🧬 विशेषता: इनकी जड़ें लंबी होती हैं ताकि गहराई से पानी ला सकें। पत्तियाँ छोटी होती हैं और छाल मोटी होती है।
💡 याद रखने की TRICK

"कम पानी, लंबी जड़, छोटा पत्ता, कांटा हर जगह।" - राजस्थान और गुजरात की गर्मी याद करें, कीवर्ड्स खुद याद आ जाएंगे।


🏔️ 2. पर्वतीय वन (Montane Forests)

पहाड़ों पर जैसे-जैसे ऊँचाई बढ़ती है, तापमान गिरता है और वनस्पति का प्रकार भी बदल जाता है।

🌲 शंकुधारी वन (Coniferous)

ऊँचाई: 1500 - 3000 मीटर।
वृक्ष: देवदार (Deodar), चीड़ (Pine), सिल्वर फर और स्प्रूस। इनकी पत्तियाँ सुई की तरह नुकीली होती हैं ताकि बर्फ जमा न हो।

❄️ अल्पाइन वनस्पति

ऊँचाई: 3600 मीटर से ऊपर।
यहाँ केवल घास के मैदान (जैसे उत्तराखंड में बुग्याल) और काई (Lichen) पाई जाती है। इसके ऊपर सिर्फ बर्फ होती है।


🌊 3. मैंग्रोव या ज्वारीय वन (Mangrove Forests)

इन्हें 'सुंदरवन' के नाम से भी जाना जाता है। ये दुनिया के सबसे अनूठे पारिस्थितिकी तंत्रों में से एक हैं।

कहाँ मिलते हैं? जहाँ नदियाँ समुद्र से मिलती हैं (डेल्टा क्षेत्र)।
न्यूमेटोफोर (Pneumatophores): इन पेड़ों की जड़ें श्वसन के लिए पानी से बाहर (उल्टी) निकली होती हैं।
खारा पानी: ये खारे पानी (Salinity) में जीवित रहने की अद्भुत क्षमता रखते हैं।
प्रमुख प्रजाति: सुंदरी (Sundari Tree) - इसी कारण इसका नाम 'सुंदरवन' पड़ा।
🦀
🎯 SELECTION FACT:

मैंग्रोव वन सुनामी और चक्रवात के समय 'प्राकृतिक दीवार' (Natural Buffer) का काम करते हैं और तटों की रक्षा करते हैं।

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📜 भाग - 2: भारत की वन नीतियां एवं कानूनACTS & POLICIES

🏛️ 1. स्वतंत्र भारत की प्रथम वन नीति (1952)

1952 की नीति का मुख्य उद्देश्य औपनिवेशिक काल की 'राजस्व मानसिकता' को बदलकर वनों के संरक्षण की नींव रखना था।

핵심 बिंदु (Key Pillars):

  • 📍 33.3% लक्ष्य: देश के कुल क्षेत्रफल का एक-तिहाई हिस्सा वनाच्छादित होना चाहिए।
  • ⛰️ पर्वतीय सुरक्षा: मृदा अपरदन रोकने के लिए पहाड़ों पर 60% वन क्षेत्र का मानक।
  • 🛡️ वर्गीकरण: वनों को 'संरक्षित वन', 'राष्ट्रीय वन', 'ग्राम वन' और 'वृक्ष भूमियों' में बांटा गया।

📜 2. राष्ट्रीय वन नीति, 1988 (वर्तमान आधार)

यह नीति भारत के वन इतिहास में 'पैराडाइम शिफ्ट' (Paradigm Shift) लेकर आई। इसमें वनों के आर्थिक लाभ के बजाय पारिस्थितिक स्थिरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

💡 मुख्य उद्देश्य

• पर्यावरण संतुलन और पारिस्थितिक स्थिरता बनाए रखना।
• प्राकृतिक विरासत (Flora & Fauna) का संरक्षण।
• नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में मृदा अपरदन रोकना।

👥 जन भागीदारी

• वनों पर निर्भर आदिवासियों के पारंपरिक अधिकारों की सुरक्षा।
सामाजिक वानिकी (Social Forestry) के माध्यम से खाली पड़ी भूमि पर वृक्षारोपण को बढ़ावा देना।


⚖️ 3. महत्वपूर्ण कानूनी अधिनियम (Must-Know Acts)

अधिनियम (Act)महत्व/प्रावधान
वन संरक्षण अधिनियम, 1980वनों की कटाई को नियंत्रित करना। केंद्र सरकार की अनुमति के बिना वन भूमि का गैर-वन उपयोग प्रतिबंधित।
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986भोपाल गैस त्रासदी के बाद लाया गया। वनों सहित संपूर्ण पर्यावरण सुरक्षा का 'अम्ब्रेला' कानून।
वन अधिकार अधिनियम, 2006 (FRA)आदिवासियों और पारंपरिक वन निवासियों को जल, जंगल और जमीन पर कानूनी अधिकार प्रदान करना।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), 2010पर्यावरण संबंधी कानूनी मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष अदालत।
👑 DEEP RESEARCH POINT

CAMPA (कैम्पा) फंड: प्रतिपूरक वनीकरण (Compensatory Afforestation) के लिए यह फंड बनाया गया। यदि कोई कंपनी वन काटती है, तो उसे उतनी ही जमीन पर कहीं और वन लगाने के लिए पैसा देना होता है। (सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 2016 में कानून बना)।

🗺️ 4. संवैधानिक स्थिति (Constitutional Status)

वनों को संविधान में कहाँ स्थान मिला है? यहाँ से सीधे सवाल आते हैं:

42वां संशोधन (1976): वनों को 'राज्य सूची' से निकालकर 'समवर्ती सूची' (Concurrent List) में डाला गया। (यानी केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं)।
अनुच्छेद 48A (DPSP): राज्य का कर्तव्य है कि वह वनों और वन्यजीवों की रक्षा करे।
अनुच्छेद 51A(g) (मूल कर्तव्य): नागरिकों का कर्तव्य है कि वे प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करें।
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📂 4. वनों का प्रशासनिक वर्गीकरण (Legal Classification)

भारतीय वन अधिनियम, 1927 के अनुसार वनों को उनकी सुरक्षा के स्तर के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। यहाँ से UPSC 'कथन' वाले सवाल पूछता है:

A. आरक्षित वन (Reserved Forests):

ये सर्वाधिक सुरक्षित वन हैं। यहाँ सभी गतिविधियाँ (लकड़ी काटना, चराई) पूर्णतः प्रतिबंधित होती हैं, जब तक कि विशेष अनुमति न हो। भारत के कुल वन क्षेत्र का आधे से अधिक भाग इसी श्रेणी में है।

B. संरक्षित वन (Protected Forests):

यहाँ सरकार के पास अधिकार होते हैं, लेकिन स्थानीय लोगों को चराई और ईंधन की लकड़ी इकट्ठा करने की सीमित अनुमति दी जाती है, बशर्ते वनों को गंभीर नुकसान न हो।

C. अवर्गीकृत वन (Unclassed Forests):

ये वे वन और बंजर भूमि हैं जो सरकार या निजी व्यक्तियों/समुदायों के स्वामित्व में होते हैं। यहाँ सुरक्षा के कड़े नियम नहीं होते।


🏢 5. वन प्रशासन एवं संस्थागत ढांचा

भारत में वनों का प्रबंधन कैसे होता है? इसके लिए केंद्र और राज्य स्तर पर अलग-अलग संस्थाएं हैं:

  • 🏛️ MoEFCC: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (नोडल एजेंसी)।
  • 🌲 FSI (Forest Survey of India): देहरादून में स्थित, जो हर 2 साल में ISFR रिपोर्ट जारी करता है।
  • 🎓 IGNFA: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, जहाँ IFS अधिकारियों की ट्रेनिंग होती है।
  • 🦌 WII: भारतीय वन्यजीव संस्थान, जो वन्यजीव अनुसंधान का प्रमुख केंद्र है।

📢 6. प्रमुख वन संरक्षण आंदोलन (Historical Context)

नीतियां बनाने में इन जन-आंदोलनों की बहुत बड़ी भूमिका रही है:

आंदोलननेतृत्व/स्थानविशेष
चिपको आंदोलन (1973)सुंदरलाल बहुगुणा, चंडी प्रसाद भट्ट (उत्तराखंड)पेड़ों से चिपककर उनकी कटाई का विरोध।
अप्पिको आंदोलन (1983)पांडुरंग हेगड़े (कर्नाटक)चिपको का ही दक्षिण भारतीय रूप।
खेजड़ली आंदोलन (1730)अमृता देवी बिश्नोई (राजस्थान)खेजड़ी के पेड़ों को बचाने के लिए 363 लोगों का बलिदान।
💡 याद रखने का तरीका

Chronology: 1730 (खेजड़ली) ➔ 1973 (चिपको) ➔ 1980 (वन संरक्षण एक्ट) ➔ 1983 (अप्पिको) ➔ 1988 (नई वन नीति)। यह क्रम अक्सर परीक्षाओं में सजाने के लिए आता है।

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📊 भाग - 3: भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR)LATEST DATA

📊 1. ISFR 2021: मुख्य सांख्यिकी (Key Stats)

भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) प्रत्येक दो वर्ष में यह रिपोर्ट जारी करता है। 2021 की रिपोर्ट इस श्रृंखला की 17वीं रिपोर्ट है।

कुल वनावरण (Forest Cover)
21.71%
कुल वृक्षावरण (Tree Cover)
2.91%
कुल (Forest + Tree)
24.62%

🏆 2. राज्यों की रैंकिंग (State Rankings)

परीक्षा में दो तरह से सवाल आते हैं: क्षेत्रफल (Area) के आधार पर और प्रतिशत (%) के आधार पर।

श्रेणी (Category) प्रथम (1st) द्वितीय (2nd) तृतीय (3rd)
सर्वाधिक क्षेत्रफल (Area) मध्य प्रदेश (MP) अरुणाचल प्रदेश छत्तीसगढ़
सर्वाधिक प्रतिशत (%) मिजोरम (84.5%) अरुणाचल प्रदेश मेघालय
वृद्धि वाले राज्य (Increase) आंध्र प्रदेश तेलंगाना ओडिशा
💡 याद रखने की TRICK:

क्षेत्रफल: "मध्य में अरुण और छत्तीसगढ़" (MP > AP > CHG)
प्रतिशत: "Mizo-Arun-Megh" (मिजोरम > अरुणाचल > मेघालय)

🦀 3. मैंग्रोव एवं कार्बन स्टॉक (Special Data)

पर्यावरण खंड के लिए ये दो बिंदु सबसे महत्वपूर्ण हैं:

  • 🌿 मैंग्रोव कवर: भारत में कुल 4,992 वर्ग किमी मैंग्रोव हैं। (सबसे ज्यादा वृद्धि: ओडिशा में)।
  • 🌳 कार्बन स्टॉक: देश के वनों में कुल कार्बन स्टॉक 7,204 मिलियन टन होने का अनुमान है। (सर्वाधिक कार्बन स्टॉक: अरुणाचल प्रदेश में)।
  • 🔥 वनाग्नि (Forest Fire): लगभग 35% वन क्षेत्र आग के प्रति संवेदनशील हैं।
👑 UPSC & RO/ARO SPECIAL

बाँस (Bamboo): रिपोर्ट के अनुसार देश में बाँस के क्षेत्र में भारी वृद्धि हुई है। मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश बाँस संसाधन में अग्रणी हैं।

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⚡ क्विक रिवीजन कैप्सूल (परीक्षा से पहले जरूर देखें) FAST TRACK

📊 रिपोर्ट कार्ड: ISFR 2021

कुल वनावरण
21.71%
कुल वृक्षावरण
2.91%
कुल लक्ष्य
33.33%

🥇 सर्वाधिक क्षेत्रफल: मध्य प्रदेश (MP)
🥇 सर्वाधिक प्रतिशत: मिजोरम
🥇 सर्वाधिक वृद्धि: आंध्र प्रदेश
🥇 सर्वाधिक मैंग्रोव: पश्चिम बंगाल (सुंदरवन)

🌲 वनों के प्रकार (एक नज़र में)

• 🌳 सदाबहार (Evergreen): 200cm+ वर्षा | रोजवुड, महोगनी | पश्चिमी घाट।
• 🍂 पर्णपाती (Deciduous): 70-200cm वर्षा | सागौन, साल | भारत का सबसे बड़ा वन क्षेत्र।
• 🌵 कंटीले (Thorn): <70cm br=""> • 🌊 मैंग्रोव (Mangrove): दलदली क्षेत्र | सुंदरी वृक्ष | न्यूमेटोफोर जड़ें (श्वसन जड़ें)।
📅 महत्वपूर्ण वर्ष (क्रम याद रखें):

1952: पहली राष्ट्रीय वन नीति
1973: चिपको आंदोलन
1980: वन संरक्षण अधिनियम
1988: नई (वर्तमान) वन नीति
2006: वन अधिकार अधिनियम (FRA)
2010: NGT की स्थापना

पलाश: इसे 'जंगल की आग' कहा जाता है।
समवर्ती सूची: वन अब समवर्ती सूची का हिस्सा हैं (42वां संशोधन)।
FSI: मुख्यालय देहरादून में है।
सिनकोना: इसकी छाल से मलेरिया की दवा 'कुनैन' बनती है।
❓ भाग - 4: महत्वपूर्ण प्रश्न (PYQs)PRACTICE SET
Q1. भारत में 'जंगल की आग' (Flame of the Forest) किस वृक्ष को कहा जाता है?
UPPSC Pre | 2011, 2015
उत्तर: पलाश (Dhak/Palash)
व्याख्या: पलाश के फूल चटकीले लाल-नारंगी रंग के होते हैं, जो दूर से देखने पर जंगल में आग की तरह प्रतीत होते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम Butea monosperma है और यह उत्तर प्रदेश का राजकीय पुष्प भी है।
Q2. राष्ट्रीय वन नीति 1988 के अनुसार, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए न्यूनतम वन आवरण कितना होना चाहिए?
UPSC CSE | 1999, SSC CGL 2017
उत्तर: कुल भूमि का 33.3%
व्याख्या: भारत की राष्ट्रीय वन नीति, 1988 यह निर्धारित करती है कि देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का कम से कम एक-तिहाई भाग वनों से ढका होना चाहिए। इसमें पर्वतीय क्षेत्रों के लिए 60% और मैदानों के लिए 20% का लक्ष्य रखा गया है।
Q3. 'सुंदरी' नामक वृक्ष भारत के किस प्रकार के वनों में बहुतायत में पाया जाता है?
BPSC | 2014, RRB NTPC 2021
उत्तर: मैंग्रोव या ज्वारीय वन
व्याख्या: सुंदरी वृक्ष गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा (सुंदरवन) में प्रचुर मात्रा में मिलता है। इसी वृक्ष के नाम पर इस क्षेत्र का नाम 'सुंदरवन' पड़ा है। इसकी लकड़ी बहुत मजबूत और जल-प्रतिरोधी होती है।
Q4. भारत के किस राज्य में 'क्षेत्रफल' की दृष्टि से सर्वाधिक वन क्षेत्र पाया जाता है?
MPPSC | 2018, ISFR 2021 Data
उत्तर: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh)
व्याख्या: ISFR 2021 की रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्रफल के मामले में मध्य प्रदेश पहले स्थान पर है, उसके बाद अरुणाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ का स्थान आता है। प्रतिशत के मामले में मिजोरम शीर्ष पर है।
Q5. वन संरक्षण अधिनियम (Forest Conservation Act) किस वर्ष पारित किया गया था?
UPSC | 2005, UPPSC RO/ARO 2016
उत्तर: 1980
व्याख्या: यह अधिनियम 25 अक्टूबर 1980 को प्रभावी हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य वनों की अंधाधुंध कटाई पर रोक लगाना और वन भूमि को गैर-वन उद्देश्यों के लिए उपयोग करने से पहले केंद्र सरकार की अनुमति अनिवार्य बनाना है।
Q6. हिमालय की ऊँचाई पर पाए जाने वाले 'बुग्याल' (Bugyals) वास्तव में क्या हैं?
UKPSC | 2012, 2019
उत्तर: उच्च हिमालयी घास के मैदान
व्याख्या: उत्तराखंड में 3000 से 4000 मीटर की ऊँचाई पर पाए जाने वाले अल्पाइन घास के मैदानों को 'बुग्याल' कहा जाता है। इन्हें 'प्रकृति का कालीन' (Nature's Carpet) भी कहा जाता है।
Q7. भारत में 'चंदन' की लकड़ी के वन सबसे अधिक कहाँ पाए जाते हैं?
TNPSC | 2015, SSC CHSL 2020
उत्तर: नीलगिरी की पहाड़ियों (कर्नाटक-तमिलनाडु) में
व्याख्या: चंदन (Sandalwood) उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वनों का मुख्य वृक्ष है। भारत में कर्नाटक और तमिलनाडु का नीलगिरी क्षेत्र इसकी पैदावार के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
Q8. 'चिपको आंदोलन' (Chipko Movement) का मुख्य उद्देश्य क्या था?
UPPSC | 2013, CTET 2015
उत्तर: वृक्षों की कटाई को रोकना
व्याख्या: 1973 में उत्तराखंड (तत्कालीन यूपी) के चमोली जिले से शुरू हुए इस आंदोलन का नेतृत्व सुंदरलाल बहुगुणा और चंडी प्रसाद भट्ट ने किया था। ग्रामीण महिलाएं पेड़ों से चिपक गई थीं ताकि ठेकेदार उन्हें काट न सकें।
Q9. भोजपत्र (Birch) वृक्ष भारत में मुख्यतः कहाँ पाया जाता है?
IAS Pre | 2004, RAS 2013
उत्तर: हिमालय क्षेत्र में
व्याख्या: भोजपत्र का पेड़ हिमालय में 4,500 मीटर तक की ऊँचाई पर मिलता है। इसकी सफेद छाल का उपयोग प्राचीन काल में लिखने के लिए कागज के रूप में किया जाता था।
Q10. संविधान के किस संशोधन द्वारा 'वन' को राज्य सूची से निकालकर समवर्ती सूची में डाला गया?
UPSC CSE | 2022, WBCS 2018
उत्तर: 42वां संविधान संशोधन, 1976
व्याख्या: इस संशोधन के माध्यम से पांच विषयों (शिक्षा, वन, नाप-तोल, वन्यजीव संरक्षण और न्याय प्रशासन) को राज्य सूची से हटाकर समवर्ती सूची (Concurrent List) में शामिल किया गया था।
Q11. 'शांत घाटी' (Silent Valley) भारत के किस राज्य में स्थित है और यह किसके लिए प्रसिद्ध है?
UPSC CSE | 1993, 2005, SSC 2019
उत्तर: केरल (पलक्कड़ जिला)
व्याख्या: साइलेंट वैली अपनी अत्यधिक जैव-विविधता (Biodiversity) और दुर्लभ पौधों व पशुओं के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ 'शेर जैसी पूँछ वाला बंदर' (Lion-tailed Macaque) पाया जाता है। 1970 के दशक में यहाँ जलविद्युत परियोजना के विरोध में 'सेव साइलेंट वैली' आंदोलन चलाया गया था।
Q12. भारत के किन वनों में 'एबोनी' (आबनूस) और 'महोगनी' जैसे कठोर लकड़ी वाले वृक्ष पाए जाते हैं?
UPSC | 2015, NDA 2021
उत्तर: उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन (Evergreen Forests)
व्याख्या: ये वृक्ष उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं जहाँ वार्षिक वर्षा 200 सेमी से अधिक होती है। इनकी लकड़ी अत्यंत भारी, कठोर और टिकाऊ होती है। भारत में ये मुख्य रूप से अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और पश्चिमी घाट में मिलते हैं।
Q13. भारत में 'सामाजिक वानिकी' (Social Forestry) कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक रूप से कब की गई थी?
UPPSC Mains | 2009, 2012
उत्तर: 1976 में
व्याख्या: राष्ट्रीय कृषि आयोग (1976) ने पहली बार इस शब्द का प्रयोग किया था। इसका मुख्य उद्देश्य खाली पड़ी सार्वजनिक व सामुदायिक भूमि पर वृक्षारोपण करना है ताकि स्थानीय लोगों को ईंधन, चारा और छोटी लकड़ी मिल सके और वनों पर दबाव कम हो।
Q14. मैंग्रोव पेड़ों की 'श्वसन जड़ें' क्या कहलाती हैं और इनका क्या कार्य है?
UPSC Pre | 2019, BPSC 2020
उत्तर: न्यूमेटोफोर (Pneumatophores)
व्याख्या: मैंग्रोव वनस्पति दलदली और खारे पानी में उगती है जहाँ मिट्टी में ऑक्सीजन की कमी होती है। इसलिए, इन पेड़ों की जड़ें जमीन से बाहर की ओर खूंटियों की तरह निकल आती हैं ताकि वायुमंडल से सीधे श्वसन कर सकें।
Q15. भारत वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) 2021 के अनुसार, देश के कुल कार्बन स्टॉक में कितनी वृद्धि हुई है?
ISFR 2021 | Current Static
उत्तर: 79.4 मिलियन टन (कुल स्टॉक 7,204 मिलियन टन)
व्याख्या: 2019 के आकलन की तुलना में देश के कार्बन स्टॉक में 79.4 मिलियन टन की वृद्धि हुई है। कार्बन स्टॉक वनों द्वारा वायुमंडल से सोखी गई कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को दर्शाता है। सर्वाधिक कार्बन स्टॉक वाला राज्य अरुणाचल प्रदेश है।
Q16. भारत में 'अप्पिको आंदोलन' (Appiko Movement) किस राज्य में शुरू हुआ था?
KPSC | 2014, SSC CGL 2018
उत्तर: कर्नाटक
व्याख्या: 1983 में उत्तर कन्नड़ जिले में पांडुरंग हेगड़े के नेतृत्व में यह आंदोलन शुरू हुआ था। यह उत्तर भारत के 'चिपको आंदोलन' से प्रेरित था। कन्नड़ भाषा में 'अप्पिको' का अर्थ 'गले लगाना' होता है।
Q17. भारतीय वन सर्वेक्षण (Forest Survey of India) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
MPPSC | 2016, RRB 2019
उत्तर: देहरादून (उत्तराखंड)
व्याख्या: FSI की स्थापना 1981 में हुई थी। यह संस्थान हर दो साल में 'भारत वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) जारी करता है। इसका मुख्य कार्य देश के वन संसाधनों का सर्वेक्षण और मूल्यांकन करना है।
Q18. निम्नलिखित में से कौन सा वृक्ष 'उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वनों' का प्रतिनिधि वृक्ष है?
UPPSC | 2017, RO/ARO 2021
उत्तर: तेंदू (Tendu)
व्याख्या: तेंदू, बेल, खैर और पलाश शुष्क पर्णपाती वनों के मुख्य वृक्ष हैं। तेंदू के पत्तों का उपयोग बीड़ी बनाने में किया जाता है, जो मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की आय का मुख्य स्रोत है।
Q19. 'कैम्पा' (CAMPA) फंड का मुख्य उद्देश्य क्या है?
UPSC CSE | 2019
उत्तर: प्रतिपूरक वनीकरण (Compensatory Afforestation)
व्याख्या: यदि किसी विकास परियोजना के लिए वन भूमि का उपयोग किया जाता है, तो उसके बदले में गैर-वन भूमि पर वन लगाने के लिए यह फंड वसूला जाता है। इसके लिए 2016 में कानून बनाया गया था।
Q20. भारत के किन राज्यों में बाँस (Bamboo) का सर्वाधिक संसाधन पाया जाता है?
ISFR 2021 Data
उत्तर: मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश
व्याख्या: उत्तर-पूर्वी भारत में बाँस की सर्वाधिक विविधता और मात्रा पाई जाती है। बाँस को 'हरा सोना' (Green Gold) भी कहा जाता है और यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है।
Q21. वन अधिकार अधिनियम (FRA), 2006 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
UPSC | 2013, 2018
उत्तर: आदिवासियों के पारंपरिक भूमि अधिकारों को मान्यता देना
व्याख्या: यह कानून वनों में रहने वाली अनुसूचित जनजातियों और अन्य पारंपरिक वन निवासियों को उन जमीनों पर अधिकार देता है जहाँ वे पीढ़ियों से रह रहे हैं।
Q22. पश्चिमी घाट में पाए जाने वाले घने सदाबहार वनों को स्थानीय भाषा में क्या कहा जाता है?
BPSC | 2015, Geography Special
उत्तर: शोला वन (Shola Forests)
व्याख्या: दक्षिण भारत के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों (नीलगिरी, अन्नामलाई) में पाए जाने वाले उष्णकटिबंधीय मोंटेन वनों को 'शोला' कहा जाता है। ये वन जैव-विविधता का केंद्र हैं।
Q23. भारत का वह कौन सा राज्य है जहाँ वन क्षेत्र में सर्वाधिक 'वृद्धि' (Increase) दर्ज की गई है?
ISFR 2021 | Current Affairs
उत्तर: आंध्र प्रदेश
व्याख्या: 2019 की तुलना में 2021 की रिपोर्ट में आंध्र प्रदेश ने वनावरण में सबसे अधिक (647 वर्ग किमी) वृद्धि की है। इसके बाद तेलंगाना और ओडिशा का स्थान है।
Q24. 'खेजड़ी' का वृक्ष मुख्यतः भारत के किस क्षेत्र में पाया जाता है?
RAS | 2012, 2021
उत्तर: थार मरुस्थल (राजस्थान)
व्याख्या: खेजड़ी राजस्थान का राजकीय वृक्ष है। यह कम पानी में भी जीवित रह सकता है। 1730 में अमृता देवी बिश्नोई ने इसी वृक्ष को बचाने के लिए अपना बलिदान दिया था।
Q25. 'वर्ल्ड फॉरेस्ट डे' (विश्व वन दिवस) कब मनाया जाता है?
SSC | 2020, TET 2022
उत्तर: 21 मार्च
व्याख्या: संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वनों के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 21 मार्च को यह दिवस मनाया जाता है।
Q26. भारत में 'चंदन' (Sandalwood) के वृक्ष मुख्य रूप से किस प्रकार के वनों में पाए जाते हैं?
UPSC CSE | 2001, 2014
उत्तर: उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन (Moist Deciduous)
व्याख्या: चंदन एक बहुमूल्य वृक्ष है जो मुख्य रूप से कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के क्षेत्रों में पाया जाता है। नीलगिरी की पहाड़ियाँ इसके लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। यह वनस्पति 'अर्ध-परजीवी' (Semi-parasitic) श्रेणी में आती है।
Q27. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में 'वनों और वन्यजीवों की रक्षा' को राज्य का कर्तव्य बताया गया है?
UPPSC | 2018, SSC CGL 2022
उत्तर: अनुच्छेद 48A (नीति निर्देशक तत्व)
व्याख्या: 42वें संविधान संशोधन (1976) के माध्यम से इसे जोड़ा गया था। यह राज्य को निर्देश देता है कि वह देश के पर्यावरण की सुरक्षा और सुधार करे तथा वनों एवं वन्यजीवों की रक्षा करे।
Q28. 'सिनकोना' (Cinchona) वृक्ष की छाल का उपयोग किस रोग के उपचार में किया जाता है?
BPSC | 2010, RRB NTPC 2021
उत्तर: मलेरिया (Malaria)
व्याख्या: सिनकोना वृक्ष उष्णकटिबंधीय सदाबहार वनों में पाया जाता है। इसकी छाल से 'कुनैन' (Quinine) नामक औषधि प्राप्त की जाती है, जो मलेरिया के इलाज में अत्यंत प्रभावी है।
Q29. हिमालय में 1500 से 3000 मीटर की ऊँचाई पर किस प्रकार के वन पाए जाते हैं?
RAS | 2013, Geography GS
उत्तर: शीतोष्ण कटिबंधीय शंकुधारी वन (Coniferous Forests)
व्याख्या: इन वनों में चीड़ (Pine), देवदार (Deodar), सिल्वर फर और स्प्रूस प्रमुख हैं। इनकी लकड़ी मुलायम होती है और पत्तियाँ सुई की तरह नुकीली होती हैं ताकि उन पर बर्फ न टिक सके।
Q30. 'बाँस' (Bamboo) को वानस्पतिक रूप से किस श्रेणी में रखा गया है?
SSC | 2017, State Forest Service
उत्तर: घास (Grass)
व्याख्या: वैज्ञानिक रूप से बाँस एक 'विशाल घास' है। भारतीय वन (संशोधन) अधिनियम, 2017 के द्वारा बाँस को 'पेड़' की श्रेणी से हटा दिया गया है ताकि लोग इसे वन भूमि के बाहर आसानी से काट और बेच सकें।
Q31. भारत में वनों की कटाई (Deforestation) का मुख्य कारण क्या है?
UPSC | 1990, GS Static
उत्तर: कृषि का विस्तार (Expansion of Agriculture)
व्याख्या: बढ़ती जनसंख्या की खाद्यान्न जरूरतों को पूरा करने के लिए वन भूमि को कृषि भूमि में बदलना वनों के विनाश का सबसे बड़ा कारण रहा है। इसके बाद औद्योगिक विकास और सड़कें आती हैं।
Q32. 'खेजड़ी' वृक्ष को बचाने के लिए चिपको आंदोलन की पूर्वगामी घटना कौन सी थी?
History & Env | Special
उत्तर: खेजड़ली बलिदान (1730)
व्याख्या: राजस्थान के जोधपुर जिले में अमृता देवी बिश्नोई और अन्य 363 बिश्नोई समाज के लोगों ने पेड़ों को बचाने के लिए जान दे दी थी। 'सिर साठे रूँख रहे तो भी सस्तो जाण' उनका नारा था।
Q33. भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2021 के अनुसार, किस राज्य में वनावरण का प्रतिशत सबसे कम है?
ISFR 2021 Data
उत्तर: हरियाणा (Haryana)
व्याख्या: हरियाणा में भौगोलिक क्षेत्रफल के मुकाबले वनों का प्रतिशत सबसे कम (लगभग 3.63%) है। इसके बाद पंजाब का स्थान आता है। मैदानी और कृषि प्रधान होने के कारण यहाँ वन क्षेत्र कम है।
Q34. 'अवर्गीकृत वन' (Unclassed Forests) सबसे अधिक किस क्षेत्र में पाए जाते हैं?
Geography GS Special
उत्तर: उत्तर-पूर्वी भारत (North-East India)
व्याख्या: पूर्वोत्तर के राज्यों (जैसे असम, नागालैंड) में वनों का बड़ा हिस्सा सामुदायिक स्वामित्व में है, इसलिए इन्हें सरकारी रिकॉर्ड में अवर्गीकृत वनों की श्रेणी में रखा जाता है।
Q35. 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण' (NGT) की स्थापना किस वर्ष की गई थी?
UPSC | 2012, Env Laws
उत्तर: 2010
व्याख्या: NGT का गठन पर्यावरण से संबंधित कानूनी विवादों के त्वरित निपटान के लिए किया गया था। भारत दुनिया का तीसरा देश है जिसने ऐसी संस्था बनाई है। इसका मुख्य मुख्यालय नई दिल्ली में है।
Q36. 'झूम कृषि' (Shifting Cultivation) का वनों पर क्या प्रभाव पड़ता है और यह भारत के किस क्षेत्र में प्रचलित है?
UPSC CSE | 2012, Geography Special
उत्तर: वनों का विनाश (Deforestation) - उत्तर-पूर्वी भारत
व्याख्या: झूम कृषि में जंगल के एक हिस्से को जलाकर साफ किया जाता है और खेती की जाती है। मिट्टी की उर्वरता कम होने पर दूसरी जगह फिर से जंगल काटा जाता है। यह मुख्य रूप से असम, मेघालय और नागालैंड में प्रचलित है, जिससे मृदा अपरदन बढ़ता है।
Q37. 'सोशल फॉरेस्ट्री' (Social Forestry) के तहत किस विदेशी वृक्ष को भारत में लगाया गया था जिसे बाद में 'पर्यावरण का दुश्मन' माना गया?
UPPSC | 2013, Environmental GK
उत्तर: यूकेलिप्टस (Eucalyptus)
व्याख्या: सफेदा या यूकेलिप्टस को तेजी से बढ़ने के कारण लगाया गया था, लेकिन यह जमीन से बहुत अधिक जल सोख लेता है, जिससे भू-जल स्तर गिर जाता है। इसे 'पारिस्थितिक आतंकवादी' (Ecological Terrorist) भी कहा जाता है।
Q38. 'संयुक्त वन प्रबंधन' (Joint Forest Management - JFM) की संकल्पना भारत में सर्वप्रथम किस राज्य से शुरू हुई?
UPSC | 2007, Forest Policy Study
उत्तर: पश्चिम बंगाल (अराबाड़ी वन क्षेत्र)
व्याख्या: 1971 में अराबाड़ी (मिदनापुर) में स्थानीय लोगों के सहयोग से साल के वनों को पुनर्जीवित किया गया था। यहीं से JFM की नींव पड़ी, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर 1990 में अपनाया गया।
Q39. भारत में 'वृक्ष मित्र' (Tree Friend) के नाम से कौन प्रसिद्ध है?
GK Static | All India Exams
उत्तर: सुंदरलाल बहुगुणा
व्याख्या: चिपको आंदोलन के प्रणेता सुंदरलाल बहुगुणा ने अपना पूरा जीवन वनों के संरक्षण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने 'पारिस्थितिकी ही स्थायी अर्थव्यवस्था है' का नारा दिया था।
Q40. भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में वनावरण (Forest Cover) और वृक्षावरण (Tree Cover) का संयुक्त प्रतिशत कितना है?
ISFR 2021 | Latest Data
उत्तर: 24.62%
व्याख्या: ISFR 2021 के अनुसार, वनावरण 21.71% है और वृक्षावरण 2.91% है। इन दोनों का योग 24.62% है, जो राष्ट्रीय वन नीति के 33.33% के लक्ष्य से अभी भी काफी दूर है।
Q41. 'टुमारोज़ बायोडायवर्सिटी' (Tomorrow’s Biodiversity) पुस्तक की लेखिका कौन हैं, जिन्होंने वनों के लिए संघर्ष किया?
UPSC CSE | Books & Authors
उत्तर: डॉ. वंदना शिवा
व्याख्या: डॉ. वंदना शिवा एक प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और लेखिका हैं। उन्होंने जैविक विविधता और बीजों के संरक्षण के लिए 'नवदान्य' (Navdanya) आंदोलन भी शुरू किया था।
Q42. 'मैंग्रोव' (Mangrove) पौधों की पत्तियाँ खारे पानी को कैसे सहन करती हैं?
Biology | Env Science
उत्तर: नमक ग्रंथियों (Salt Glands) द्वारा
व्याख्या: मैंग्रोव पौधों की पत्तियों में विशेष ग्रंथियां होती हैं जो अतिरिक्त नमक को बाहर निकाल देती हैं। कुछ पौधे नमक को अपनी पुरानी पत्तियों में जमा कर देते हैं जो बाद में गिर जाती हैं।
Q43. भारत का 'वन अनुसंधान संस्थान' (FRI) कहाँ स्थित है?
SSC | RRB | State Exams
उत्तर: देहरादून (उत्तराखंड)
व्याख्या: इसकी स्थापना 1906 में हुई थी। यह अपनी ग्रीको-रोमन वास्तुकला वाली मुख्य इमारत के लिए प्रसिद्ध है और भारत में वन प्रबंधन अनुसंधान का सबसे बड़ा केंद्र है।
Q44. 'वन महोत्सव' की शुरुआत किसने की थी?
History of Forestry | GK
उत्तर: के.एम. मुंशी (K.M. Munshi)
व्याख्या: 1950 में तत्कालीन कृषि और खाद्य मंत्री के.एम. मुंशी ने वनीकरण को बढ़ावा देने के लिए 'वन महोत्सव' की शुरुआत की। यह हर साल जुलाई के पहले सप्ताह में मनाया जाता है।
Q45. 'रेड डाटा बुक' (Red Data Book) में वनों की किन प्रजातियों को शामिल किया जाता है?
IUCN | Env GS
उत्तर: संकटग्रस्त या विलुप्तप्राय प्रजातियां
व्याख्या: IUCN द्वारा जारी इस किताब में उन पौधों और जीवों की सूची होती है जिन पर विलुप्ति का खतरा मंडरा रहा हो। वनों के कई पेड़ जैसे 'रेड सैंडर्स' (लाल चंदन) इसमें शामिल हैं।
Q46. भारत के किस द्वीप समूह में सबसे अधिक सदाबहार वन (Evergreen) पाए जाते हैं?
Geography | ISFR Data
उत्तर: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
व्याख्या: अपनी भौगोलिक स्थिति (विषुवत रेखा के निकट) और भारी वर्षा के कारण अंडमान निकोबार के लगभग 80% हिस्से पर सदाबहार वन हैं। यहाँ की जैव-विविधता अद्भुत है।
Q47. 'लाल चंदन' (Red Sanders) के वृक्ष मुख्य रूप से किस राज्य के वनों में पाए जाते हैं?
Static GK | Current Issue
उत्तर: आंध्र प्रदेश (शेषचलम पहाड़ियां)
व्याख्या: लाल चंदन केवल आंध्र प्रदेश के पूर्वी घाट के दक्षिणी हिस्सों में मिलता है। इसकी लकड़ी की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार (खासकर चीन और जापान) में बहुत अधिक है।
Q48. वनों का 'कैनोपी डेंसिटी' (Canopy Density) क्या दर्शाता है?
Technical Forestry | FSI
उत्तर: पेड़ों की छतरी द्वारा भूमि का ढका हुआ क्षेत्र
व्याख्या: यह बताता है कि ऊपर से देखने पर पेड़ों के पत्तों और शाखाओं ने जमीन का कितना प्रतिशत हिस्सा ढका है। यदि यह 70% से अधिक है, तो उसे 'अत्यधिक सघन वन' (Very Dense Forest) कहा जाता है।
Q49. 'अमृता देवी बिश्नोई वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार' किस कार्य के लिए दिया जाता है?
Govt Awards | Env GK
उत्तर: वन्यजीवों और वनों की रक्षा के लिए अदम्य साहस दिखाने हेतु
व्याख्या: भारत सरकार (MoEFCC) द्वारा दिया जाने वाला यह पुरस्कार उन व्यक्तियों या समुदायों को मिलता है जिन्होंने पर्यावरण और वन्यजीवों को बचाने के लिए असाधारण कार्य किया हो।
Q50. भारत में 'वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) कितने वर्षों के अंतराल पर जारी की जाती है?
FSI Rule | UPSC 2023 Pre
उत्तर: प्रत्येक 2 वर्ष में (द्विवार्षिक)
व्याख्या: भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) 1987 से यह रिपोर्ट जारी कर रहा है। यह रिपोर्ट सैटेलाइट डेटा (LISS-III) के आधार पर तैयार की जाती है। 2021 की रिपोर्ट 17वीं रिपोर्ट थी।
🏁 निष्कर्ष: हमारी प्रकृति, हमारा भविष्य

मित्रों, वन केवल पेड़ों का समूह नहीं हैं, बल्कि यह हमारी धरती के 'फेफड़े' हैं। इस लेख के माध्यम से हमने वनों के भौगोलिक वर्गीकरण से लेकर नवीनतम ISFR 2021 के आंकड़ों और कानूनी पहलुओं को गहराई से समझा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से यह विषय न केवल अंक दिलाने वाला है, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।

"पर्यावरण ही स्थायी अर्थव्यवस्था है और वनों का संरक्षण ही भविष्य की सुरक्षा है।"

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