उत्तर प्रदेश का प्रशासनिक स्वरूप | 18 मंडल, 75 जिले एवं प्रशासनिक इकाइयाँ

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NOBLE EXAM CITY UP GK MASTER SERIES UNIT 01

अध्याय 6 – उत्तर प्रदेश का प्रशासनिक स्वरूप : एक परिचय

Administrative Structure of Uttar Pradesh

18 मंडल | 75 जिले | राजस्व प्रशासन | ग्रामीण एवं नगरीय प्रशासन

Advanced Level Notes 50 Practice MCQs UPPSC • UPSSSC • RO/ARO • ASO/ARO

1. उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक संरचना : परिचय

उत्तर प्रदेश भारत का सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य है। विशाल जनसंख्या, विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र, ग्रामीण बस्तियों की बड़ी संख्या, तेजी से बढ़ते नगरों तथा विविध सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों के कारण राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को कई स्तरों में संगठित किया गया है। इसका उद्देश्य शासन को जनता के निकट पहुँचाना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना, राजस्व का प्रबंधन करना, विकास योजनाओं को लागू करना तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार सेवाएँ उपलब्ध कराना है।

प्रशासनिक संरचना का अर्थ केवल मंडलों और जिलों की सूची नहीं है। इसमें राज्य सरकार के अधीन कार्य करने वाले राजस्व अधिकारी, जिला प्रशासन, उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी, पंचायत संस्थाएँ तथा नगरीय स्थानीय निकाय भी सम्मिलित होते हैं।

वर्तमान प्रशासनिक आधार: उत्तर प्रदेश में 18 मंडल और 75 जिले हैं। ये दो प्रमुख राजस्व-प्रशासनिक स्तर हैं। इनके अतिरिक्त तहसील, उपतहसील, विकासखंड, ग्राम पंचायत, नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत जैसी इकाइयाँ कार्य करती हैं।

प्रशासनिक व्यवस्था के प्रमुख उद्देश्य

  • राज्य सरकार की नीतियों और निर्णयों को जिला एवं स्थानीय स्तर तक लागू करना।
  • राजस्व संग्रह, भूमि अभिलेख और भू-प्रशासन का संचालन करना।
  • कानून-व्यवस्था, लोक शांति और आपदा प्रबंधन में समन्वय करना।
  • ग्रामीण विकास, गरीबी उन्मूलन और बुनियादी सेवाओं का विस्तार करना।
  • स्थानीय स्वशासन के माध्यम से नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना।
  • शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, स्वच्छता और अन्य सार्वजनिक सेवाओं की निगरानी करना।

प्रशासनिक इकाइयों की व्यापक श्रेणियाँ

श्रेणीप्रमुख इकाइयाँमुख्य उद्देश्य
राजस्व प्रशासनमंडल, जिला, तहसील, उपतहसील, राजस्व ग्रामभूमि, राजस्व, अभिलेख एवं राजस्व न्यायिक कार्य
सामान्य जिला प्रशासनजिला मजिस्ट्रेट, ADM, SDM, तहसीलदारप्रशासनिक समन्वय, कानून-व्यवस्था एवं आपदा प्रबंधन
ग्रामीण विकासजिला, विकासखंड, ग्राम पंचायतग्रामीण विकास योजनाएँ और स्थानीय सेवाएँ
पंचायती राजग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायतस्थानीय स्वशासन एवं जनभागीदारी
नगरीय प्रशासननगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायतशहरी नागरिक सुविधाएँ एवं स्थानीय शासन
परीक्षा में ध्यान दें: राजस्व प्रशासन और पंचायती राज प्रशासन की इकाइयाँ एक जैसी नहीं हैं। तहसील राजस्व प्रशासन की इकाई है, जबकि विकासखंड ग्रामीण विकास प्रशासन की इकाई है। ग्राम पंचायत निर्वाचित स्थानीय स्वशासन संस्था है।

2. प्रशासनिक इकाइयों का परिचय एवं क्रम

उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को समझने के लिए राज्य से स्थानीय स्तर तक की संस्थाओं और इकाइयों के बीच संबंध समझना जरूरी है। सामान्य अध्ययन में प्रायः प्रशासनिक क्रम पूछा जाता है, लेकिन यह ध्यान रखना चाहिए कि राजस्व, विकास और नगरीय प्रशासन के क्रम अलग-अलग होते हैं।

2.1 राजस्व प्रशासन का सामान्य क्रम

राज्य → मंडल → जिला → तहसील → राजस्व ग्राम

यह राजस्व प्रशासन की सामान्य भौगोलिक संरचना है। उपतहसील कुछ क्षेत्रों में तहसील के अंतर्गत अतिरिक्त प्रशासनिक सुविधा के रूप में स्थापित की जा सकती है। प्रत्येक जिले में तहसीलों की संख्या समान नहीं होती।

2.2 ग्रामीण विकास प्रशासन का सामान्य क्रम

राज्य → जिला → विकासखंड → ग्राम पंचायत → ग्राम/ग्राम सभा क्षेत्र

ग्रामीण विकास योजनाओं का क्रियान्वयन जिला एवं विकासखंड स्तर पर विभिन्न विभागों के माध्यम से होता है। ग्राम पंचायत स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी निर्वाचित संस्था है।

2.3 पंचायती राज की त्रिस्तरीय व्यवस्था

ग्राम पंचायत → क्षेत्र पंचायत → जिला पंचायत

यह पंचायती राज संस्थाओं का सामान्य त्रिस्तरीय ढाँचा है। संविधान के भाग IX में पंचायतों से संबंधित प्रावधान दिए गए हैं। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से पंचायतों को संवैधानिक आधार मिला। यह संशोधन 24 अप्रैल 1993 से प्रभावी हुआ।

2.4 नगरीय प्रशासन का ढाँचा

नगरीय स्थानीय स्वशासन में नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत प्रमुख संस्थाएँ हैं। इनका गठन संबंधित नगरीय क्षेत्र की प्रकृति, जनसंख्या, आर्थिक गतिविधियों तथा राज्य कानून के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है।

संविधान के भाग IX-A में नगरपालिकाओं से संबंधित प्रावधान हैं। 74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 नगरीय स्थानीय स्वशासन से संबंधित है और 1 जून 1993 से प्रभावी हुआ।

3. मंडल की अवधारणा एवं महत्त्व

मंडल एक प्रशासनिक एवं राजस्व इकाई है, जिसके अंतर्गत सामान्यतः कई जिले सम्मिलित होते हैं। मंडल स्तर पर प्रशासनिक समन्वय के लिए मंडलायुक्त (Divisional Commissioner) नियुक्त किया जाता है। मंडल का उद्देश्य जिला प्रशासन की निगरानी, विभिन्न जिलों के बीच समन्वय और राज्य सरकार के निर्देशों के अनुपालन को सुगम बनाना है।

मंडलायुक्त के प्रमुख कार्य

  • मंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों के प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा।
  • राजस्व प्रशासन एवं भूमि संबंधी मामलों में निर्धारित वैधानिक अधिकारों का प्रयोग।
  • जिलाधिकारियों तथा अन्य विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय।
  • विकास कार्यक्रमों एवं सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा।
  • आपदा, कानून-व्यवस्था और महत्वपूर्ण प्रशासनिक परिस्थितियों में समन्वय।
  • राज्य सरकार को मंडल की प्रशासनिक स्थिति से संबंधित रिपोर्ट एवं सुझाव देना।
महत्त्वपूर्ण: मंडलायुक्त जिला मजिस्ट्रेट का सामान्य दैनिक प्रशासनिक अधिकारी नहीं होता। वह मंडल स्तर पर समन्वय और पर्यवेक्षण करता है। प्रत्येक अधिकारी के अधिकार संबंधित कानून, नियम और सरकारी आदेश से निर्धारित होते हैं।

मंडल एवं जिला प्रशासन में अंतर

आधारमंडलजिला
प्रमुख अधिकारीमंडलायुक्तजिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट
क्षेत्रकई जिलों का समूहएक जिला
मुख्य भूमिकाजिलों के बीच समन्वय एवं पर्यवेक्षणजिले का प्रशासनिक संचालन
अधीनस्थ इकाइयाँजिलेतहसील, उपखंड एवं अन्य इकाइयाँ

4. जिला प्रशासन की मूल संरचना

जिला प्रशासन राज्य शासन और स्थानीय जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कड़ी है। जिले में राजस्व, सामान्य प्रशासन, विकास, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, आपूर्ति और अन्य विभागों के अधिकारी कार्य करते हैं। जिलाधिकारी इन विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने में प्रमुख भूमिका निभाता है।

4.1 जिलाधिकारी / जिला मजिस्ट्रेट

जिलाधिकारी (District Magistrate/DM) को कई संदर्भों में जिला कलेक्टर (District Collector) भी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश में जिला मजिस्ट्रेट की भूमिका सामान्य प्रशासन, राजस्व प्रशासन, कानून-व्यवस्था के वैधानिक दायित्वों तथा आपदा प्रबंधन से जुड़ी होती है। अलग-अलग कानूनों के अंतर्गत उसके अधिकारों की प्रकृति अलग हो सकती है।

जिलाधिकारी के प्रमुख कार्य

  • जिले में सामान्य प्रशासन का समन्वय और पर्यवेक्षण।
  • राजस्व प्रशासन, भूमि अभिलेख और भू-राजस्व से संबंधित कार्यों की निगरानी।
  • कानून-व्यवस्था के मामलों में जिला स्तर पर वैधानिक दायित्वों का निर्वहन।
  • आपदा प्रबंधन, राहत एवं पुनर्वास कार्यों का समन्वय।
  • निर्वाचन संबंधी कार्यों में निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार दायित्वों का निर्वहन।
  • विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा।

4.2 जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारी

अधिकारीसंक्षिप्त भूमिका
जिलाधिकारी / DMजिले का प्रमुख सामान्य एवं राजस्व प्रशासनिक अधिकारी
अपर जिलाधिकारी / ADMजिलाधिकारी की सहायता; निर्धारित शाखाओं एवं कार्यों का संचालन
मुख्य विकास अधिकारी / CDOजिला स्तर पर विकास कार्यक्रमों का समन्वय
नगर मजिस्ट्रेटनिर्धारित नगरीय क्षेत्र में मजिस्ट्रेट संबंधी कार्य
उपजिलाधिकारी / SDMउपखंड स्तर पर प्रशासन एवं राजस्व संबंधी कार्य
तहसीलदारतहसील स्तर पर राजस्व प्रशासन
जिला पंचायत राज अधिकारीपंचायती राज विभाग से संबंधित जिला स्तरीय कार्य
जिला विकास अधिकारीविकास कार्यक्रमों एवं ग्रामीण विकास कार्यों में विभागीय भूमिका
मुख्य चिकित्सा अधिकारीजिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का प्रशासनिक नेतृत्व
पुलिस अधीक्षक / SSPजिला पुलिस व्यवस्था का नेतृत्व
परीक्षा तथ्य: जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अलग-अलग प्रशासनिक व्यवस्था के प्रमुख अधिकारी हैं। जिलाधिकारी जिला प्रशासन का प्रमुख होता है, जबकि पुलिस अधीक्षक जिले की पुलिस व्यवस्था का नेतृत्व करता है। दोनों के कार्यों में कानून-व्यवस्था के विषय पर समन्वय आवश्यक होता है।

5. तहसील एवं उपतहसील का परिचय

तहसील जिले के अंतर्गत आने वाली प्रमुख राजस्व प्रशासनिक इकाई है। इसका संबंध भूमि अभिलेख, नामांतरण, राजस्व वसूली, प्रमाण-पत्रों तथा राजस्व न्यायिक कार्यों से होता है। तहसील का नेतृत्व तहसीलदार करता है। तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी/उपखंड अधिकारी की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।

तहसील के प्रमुख कार्य

  • भूमि अभिलेखों का रखरखाव और संबंधित प्रक्रियाएँ।
  • नामांतरण एवं भूमि संबंधी राजस्व मामलों का निस्तारण, वैधानिक अधिकारों के अनुसार।
  • भू-राजस्व और अन्य निर्धारित राजस्व की वसूली।
  • जाति, आय, निवास आदि प्रमाण-पत्रों से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया।
  • प्राकृतिक आपदा या अन्य परिस्थितियों में राजस्व एवं राहत संबंधी कार्य।
  • राजस्व न्यायालयों में निर्धारित मामलों की सुनवाई।

उपतहसील

उपतहसील, तहसील के अंतर्गत स्थापित की जाने वाली छोटी राजस्व प्रशासनिक इकाई हो सकती है। इसका उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को राजस्व सेवाएँ अधिक सुलभ कराना है। उपतहसील का गठन राज्य सरकार की अधिसूचना और प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार किया जाता है।

तहसील स्तर के प्रमुख अधिकारी

  • उपजिलाधिकारी / SDM – उपखंड प्रशासन एवं निर्धारित राजस्व अधिकार।
  • तहसीलदार – तहसील का राजस्व प्रशासन।
  • नायब तहसीलदार – निर्धारित राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों में सहायता।
  • राजस्व निरीक्षक – राजस्व अभिलेख एवं क्षेत्रीय राजस्व कार्यों का निरीक्षण।
  • लेखपाल – निर्धारित क्षेत्र में भूमि एवं राजस्व अभिलेखों से संबंधित कार्य।
याद रखें: तहसील और विकासखंड एक ही इकाई नहीं हैं। किसी जिले में तहसीलों और विकासखंडों की संख्या अलग-अलग हो सकती है। इनके क्षेत्रीय विस्तार में भी अंतर संभव है।

6. विकासखंड एवं ग्राम पंचायत का परिचय

6.1 विकासखंड (Development Block)

विकासखंड ग्रामीण विकास प्रशासन की प्रमुख इकाई है। इसे सामुदायिक विकासखंड (Community Development Block) भी कहा जाता है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी विकास योजनाओं का क्रियान्वयन, तकनीकी एवं विभागीय समन्वय तथा ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों को सहयोग प्रदान करना है।

विकासखंड का प्रशासनिक संचालन सामान्यतः खंड विकास अधिकारी (BDO) के नेतृत्व में होता है। विकासखंड में पंचायत, कृषि, ग्रामीण आजीविका, स्वच्छता, पेयजल, आवास, रोजगार और अन्य विभागों के कर्मचारी अपने-अपने दायित्व निभाते हैं।

खंड विकास अधिकारी के प्रमुख कार्य

  • ग्रामीण विकास योजनाओं का क्रियान्वयन एवं समीक्षा।
  • ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायत से समन्वय।
  • विकास कार्यों की प्रगति की निगरानी।
  • ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं से संबंधित योजनाओं में विभागीय सहयोग।
  • योजनाओं की रिपोर्टिंग और निरीक्षण।

6.2 ग्राम पंचायत

ग्राम पंचायत ग्रामीण स्थानीय स्वशासन की मूल निर्वाचित संस्था है। इसका गठन ग्राम पंचायत क्षेत्र के लिए राज्य के पंचायती राज कानून के अनुसार किया जाता है। ग्राम पंचायत में निर्वाचित ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्य होते हैं। ग्राम पंचायत क्षेत्र के मतदाता ग्राम सभा के सदस्य होते हैं।

ग्राम सभा और ग्राम पंचायत में अंतर

आधारग्राम सभाग्राम पंचायत
स्वरूपग्राम पंचायत क्षेत्र के पंजीकृत मतदाताओं की संस्थानिर्वाचित स्थानीय स्वशासन संस्था
सदस्यतासंबंधित क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज सभी व्यक्तिनिर्वाचित प्रधान एवं पंचायत सदस्य
भूमिकास्थानीय भागीदारी, विचार-विमर्श और निगरानीस्थानीय कार्यों एवं योजनाओं का संचालन
नेतृत्वराज्य कानून के अनुसार बैठक की अध्यक्षताग्राम प्रधान

6.3 पंचायती राज की त्रिस्तरीय संस्थाएँ

स्तरसंस्थासामान्य भूमिका
ग्राम स्तरग्राम पंचायतग्राम स्तर पर स्थानीय सेवाएँ और विकास कार्य
खंड स्तरक्षेत्र पंचायतविकासखंड स्तर पर पंचायतों के बीच समन्वय
जिला स्तरजिला पंचायतजिला स्तर पर ग्रामीण विकास एवं पंचायत संबंधी कार्य
संवैधानिक तथ्य: 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 पंचायतों से संबंधित है। संविधान का भाग IX तथा ग्यारहवीं अनुसूची पंचायतों से संबंधित प्रावधानों का आधार हैं। ग्यारहवीं अनुसूची में 29 विषय दिए गए हैं।

7. नगरीय प्रशासनिक इकाइयाँ

शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं के प्रबंधन और स्थानीय स्वशासन के लिए नगरीय स्थानीय निकाय (Urban Local Bodies) स्थापित किए जाते हैं। उत्तर प्रदेश में तीन प्रमुख प्रकार के नगरीय निकाय हैं—नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत।

7.1 नगर निगम

नगर निगम बड़े नगरीय क्षेत्रों के लिए स्थापित स्थानीय स्वशासन संस्था है। इसका संचालन निर्वाचित महापौर, पार्षदों तथा प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से होता है। नगर आयुक्त नगर निगम का प्रमुख कार्यकारी/प्रशासनिक अधिकारी होता है। महापौर निर्वाचित नगरीय प्रतिनिधि होता है।

प्रमुख कार्य: जलापूर्ति, सड़क एवं गलियाँ, नाली, सफाई, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित स्थानीय सेवाएँ, पार्क और नगरीय सुविधाओं का प्रबंधन।

7.2 नगर पालिका परिषद

नगर पालिका परिषद सामान्यतः मध्यम आकार के नगरीय क्षेत्रों में गठित की जाती है। इसका निर्वाचित नेतृत्व अध्यक्ष और वार्डों से चुने गए सदस्य करते हैं। इसके प्रशासनिक संचालन में अधिशासी अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

7.3 नगर पंचायत

नगर पंचायत ऐसे संक्रमणशील क्षेत्र के लिए गठित की जाती है जो ग्रामीण क्षेत्र से नगरीय क्षेत्र में परिवर्तित हो रहा हो। इसमें निर्वाचित अध्यक्ष एवं सदस्य होते हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी प्रशासन के बीच संक्रमण की स्थिति में स्थानीय नागरिक सुविधाओं का प्रबंधन करना है।

तीनों नगरीय निकायों की तुलना

निकायक्षेत्र की प्रकृतिनिर्वाचित प्रमुखप्रशासनिक अधिकारी
नगर निगमबड़ा नगरीय क्षेत्रमहापौरनगर आयुक्त
नगर पालिका परिषदमध्यम नगरीय क्षेत्रअध्यक्षअधिशासी अधिकारी
नगर पंचायतसंक्रमणशील नगरीय क्षेत्रअध्यक्षअधिशासी अधिकारी/निर्धारित अधिकारी
संवैधानिक आधार: 74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 नगरपालिकाओं से संबंधित है। संविधान का भाग IX-A और बारहवीं अनुसूची नगरीय स्थानीय शासन का संवैधानिक आधार हैं। बारहवीं अनुसूची में 18 विषय हैं।

उत्तर प्रदेश में नगरीय निकायों की संख्या

उत्तर प्रदेश के नगरीय विकास विभाग के उपलब्ध सरकारी पोर्टल पर कुल 762 नगरीय स्थानीय निकाय दर्शाए गए हैं। इनमें 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायत शामिल हैं। यह संख्या पोर्टल पर उपलब्ध वर्तमान प्रदर्शित आँकड़े के अनुसार है; परीक्षा से पहले नवीनतम सरकारी अधिसूचना/पोर्टल से पुनः सत्यापन करना चाहिए।

आँकड़ों में अंतर क्यों मिलता है? नगरीय निकायों का गठन, सीमा विस्तार, श्रेणी परिवर्तन और नए निकायों की अधिसूचना के कारण संख्या बदलती रहती है। इसलिए पुराने दस्तावेजों में 707 या 734 जैसी संख्याएँ भी मिल सकती हैं। उन्हें वर्तमान संख्या न मानें।

8. उत्तर प्रदेश के 18 मंडल एवं उनके अंतर्गत जिले

उत्तर प्रदेश के 18 मंडलों के अंतर्गत कुल 75 जिले आते हैं। मंडलवार सूची प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नीचे वर्तमान प्रचलित जिला नामों के आधार पर सूची दी गई है।

क्रममंडलमंडल मुख्यालयअंतर्गत जिलेजिलों की संख्या
1सहारनपुरसहारनपुरसहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली3
2मेरठमेरठमेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, हापुड़6
3मुरादाबादमुरादाबादमुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा, संभल5
4आगराआगराआगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी4
5अलीगढ़अलीगढ़अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज4
6बरेलीबरेलीबरेली, बदायूँ, पीलीभीत, शाहजहाँपुर4
7लखनऊलखनऊलखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी6
8कानपुरकानपुरकानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज6
9झाँसीझाँसीझाँसी, जालौन, ललितपुर3
10चित्रकूटधामबाँदाबाँदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा4
11प्रयागराजप्रयागराजप्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, फतेहपुर4
12देवीपाटनगोंडागोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती4
13अयोध्याअयोध्याअयोध्या, अम्बेडकर नगर, अमेठी, बाराबंकी, सुल्तानपुर5
14बस्तीबस्तीबस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर3
15गोरखपुरगोरखपुरगोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज4
16आजमगढ़आजमगढ़आजमगढ़, मऊ, बलिया3
17वाराणसीवाराणसीवाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर4
18मिर्जापुर / विंध्याचलमिर्जापुरमिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही3
कुल जिले75
नाम संबंधी सावधानी: पुराने सरकारी दस्तावेजों में प्रयागराज के लिए इलाहाबाद, अयोध्या के लिए फैजाबाद और भदोही के लिए संत रविदास नगर नाम मिल सकते हैं। परीक्षा में वर्तमान आधिकारिक नाम और पुराने ऐतिहासिक नाम के संदर्भ को अलग-अलग समझें। विंध्याचल मंडल को कुछ दस्तावेजों में मिर्जापुर मंडल भी लिखा जाता है।

मंडलवार जिलों की संख्या का त्वरित विश्लेषण

जिलों की संख्यामंडलकुल मंडल
6 जिलेमेरठ, लखनऊ, कानपुर3
5 जिलेमुरादाबाद, अयोध्या2
4 जिलेआगरा, अलीगढ़, बरेली, चित्रकूटधाम, प्रयागराज, देवीपाटन, गोरखपुर, वाराणसी8
3 जिलेसहारनपुर, झाँसी, बस्ती, आजमगढ़, मिर्जापुर/विंध्याचल5

9. उत्तर प्रदेश के जिले एवं उनके मुख्यालय

अधिकांश जिलों के मुख्यालय का नाम जिले के नाम के समान है। लेकिन कुछ जिलों में मुख्यालय का नाम अलग होने के कारण विशेष ध्यान देना चाहिए। परीक्षा में जिला-मुख्यालय मिलान के प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

जिलाजिला मुख्यालयजिलाजिला मुख्यालय
आगराआगराअलीगढ़अलीगढ़
अम्बेडकर नगरअकबरपुरअमेठीगौरीगंज
अमरोहाअमरोहाऔरैयाऔरैया
अयोध्याअयोध्याआजमगढ़आजमगढ़
बागपतबागपतबहराइचबहराइच
बलियाबलियाबलरामपुरबलरामपुर
बाँदाबाँदाबाराबंकीबाराबंकी
बरेलीबरेलीबस्तीबस्ती
भदोहीज्ञानपुरबिजनौरबिजनौर
बदायूँबदायूँबुलंदशहरबुलंदशहर
चंदौलीचंदौलीचित्रकूटकर्वी
देवरियादेवरियाएटाएटा
इटावाइटावाफर्रुखाबादफतेहगढ़
फतेहपुरफतेहपुरफिरोजाबादफिरोजाबाद
गौतम बुद्ध नगरसूरजपुरगाजियाबादगाजियाबाद
गाजीपुरगाजीपुरगोंडागोंडा
गोरखपुरगोरखपुरहमीरपुरहमीरपुर
हापुड़हापुड़हरदोईहरदोई
हाथरसहाथरसजालौनउरई
जौनपुरजौनपुरझाँसीझाँसी
कन्नौजकन्नौजकानपुर देहातमाती/अकबरपुर क्षेत्र
कानपुर नगरकानपुरकासगंजकासगंज
कौशाम्बीमंझनपुरकुशीनगरपडरौना
लखीमपुर खीरीलखीमपुरललितपुरललितपुर
लखनऊलखनऊमहाराजगंजमहाराजगंज
महोबामहोबामैनपुरीमैनपुरी
मथुरामथुरामऊमऊ/घोसी क्षेत्र
मेरठमेरठमिर्जापुरमिर्जापुर
मुरादाबादमुरादाबादमुजफ्फरनगरमुजफ्फरनगर
पीलीभीतपीलीभीतप्रतापगढ़प्रतापगढ़
प्रयागराजप्रयागराजरायबरेलीरायबरेली
रामपुररामपुरसहारनपुरसहारनपुर
संभलबहजोईसंत कबीर नगरखलीलाबाद
शाहजहाँपुरशाहजहाँपुरशामलीशामली
श्रावस्तीभिनगासिद्धार्थनगरनौगढ़
सीतापुरसीतापुरसोनभद्ररॉबर्ट्सगंज
सुल्तानपुरसुल्तानपुरउन्नावउन्नाव
वाराणसीवाराणसी——
मुख्यालय सूची पर विशेष टिप्पणी: जिले का प्रशासनिक मुख्यालय, प्रमुख नगर और जिला नाम हमेशा एक ही नहीं होते। कुछ स्थानों के लिए प्रचलित नाम, तहसील मुख्यालय और जिला मुख्यालय के नाम में अंतर हो सकता है। विशेषकर कानपुर देहात, मऊ और गौतम बुद्ध नगर जैसे मामलों में परीक्षा सामग्री प्रकाशित करने से पहले संबंधित जिला प्रशासन की नवीनतम आधिकारिक वेबसाइट पर नाम की पुष्टि करें। ऊपर दिए गए स्थानों को परीक्षा-अभ्यास हेतु सूचीबद्ध किया गया है।

10. प्रशासनिक पुनर्गठन की प्रक्रिया

प्रशासनिक पुनर्गठन का अर्थ राज्य की प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं, संख्या, नाम या दर्जे में परिवर्तन करना है। जनसंख्या वृद्धि, क्षेत्रफल की विशालता, प्रशासनिक सुविधा, विकास की आवश्यकता, कानून-व्यवस्था तथा नागरिक सेवाओं की पहुँच जैसे कारणों से नए जिले, तहसील, मंडल और नगरीय निकाय बनाए जा सकते हैं।

10.1 नए जिले के गठन के प्रमुख कारण

  • किसी जिले का अत्यधिक बड़ा क्षेत्रफल या जनसंख्या।
  • दूरस्थ क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं की पहुँच बढ़ाना।
  • विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में सुविधा।
  • राजस्व, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं का बेहतर प्रबंधन।
  • स्थानीय प्रशासनिक आवश्यकताएँ एवं राज्य सरकार का नीतिगत निर्णय।

10.2 पुनर्गठन की सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया

  1. प्रस्ताव या प्रशासनिक आवश्यकता की पहचान।
  2. राजस्व, जनसंख्या, क्षेत्रफल और वित्तीय प्रभाव का परीक्षण।
  3. संबंधित विभागों और अधिकारियों से रिपोर्ट/सुझाव प्राप्त करना।
  4. राज्य सरकार द्वारा सक्षम कानूनों के अंतर्गत निर्णय।
  5. आवश्यक अधिसूचना जारी करना और प्रभावी तिथि निर्धारित करना।
  6. सीमाओं, कार्यालयों, अधिकारियों, कर्मचारियों और अभिलेखों का हस्तांतरण।
कानूनी सावधानी: जिला, तहसील या मंडल बनाने की प्रक्रिया को किसी एक सार्वभौमिक संवैधानिक प्रक्रिया के रूप में नहीं समझना चाहिए। राज्य के सक्षम कानून, राजस्व नियम, सरकारी आदेश और अधिसूचना के आधार पर प्रशासनिक पुनर्गठन किया जाता है।

10.3 उत्तर प्रदेश में कुछ प्रमुख जिला गठन एवं परिवर्तन

जिला/इकाईप्रमुख तिथि/वर्षप्रशासनिक संदर्भ
गाजियाबाद14 नवंबर 1976मेरठ जिले से अलग जिला घोषित
कुशीनगर13 मई 1994देवरिया से अलग जिला बना
महोबा9 फरवरी 1995नए जिले के रूप में गठन
अम्बेडकर नगर29 सितंबर 1995नए जिले के रूप में गठन
कौशाम्बी4 अप्रैल 1997प्रयागराज के पूर्ववर्ती इलाहाबाद जिले से अलग
हाथरस6 मई 1997 की अधिसूचनाअलीगढ़ एवं मथुरा क्षेत्र के हिस्सों से गठन
गौतम बुद्ध नगर1997गाजियाबाद एवं बुलंदशहर के क्षेत्रों से गठन
बागपत1997मेरठ से अलग जिला बना
शामली2011मुजफ्फरनगर से अलग जिला बना
हापुड़28 सितंबर 2011गाजियाबाद से अलग जिला बना

10.4 प्रशासनिक सीमाओं में परिवर्तन के उदाहरण

किसी जिले के गठन के बाद भी उसकी तहसीलों, विकासखंडों और अन्य प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, गाजियाबाद जिले के इतिहास में हापुड़, गौतम बुद्ध नगर और अन्य प्रशासनिक इकाइयों के गठन के कारण क्षेत्रीय सीमाओं में परिवर्तन हुआ। इसी प्रकार कौशाम्बी का गठन पूर्ववर्ती इलाहाबाद जिले के क्षेत्र से किया गया।

मंडल की सीमा में बदलाव होने पर संबंधित जिलों को एक मंडल से दूसरे मंडल में स्थानांतरित किया जा सकता है। इसलिए किसी जिले का वर्तमान मंडल और उसका ऐतिहासिक प्रशासनिक संबंध अलग-अलग हो सकता है।

11. प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

विषयमहत्वपूर्ण तथ्य
राज्य की राजधानीलखनऊ
मंडलों की संख्या18
जिलों की संख्या75
मंडल स्तर का प्रमुख अधिकारीमंडलायुक्त
जिला प्रशासन का प्रमुखजिलाधिकारी / जिला मजिस्ट्रेट
तहसील स्तर का प्रमुख राजस्व अधिकारीतहसीलदार
विकासखंड का प्रमुख अधिकारीखंड विकास अधिकारी
ग्राम पंचायत का निर्वाचित प्रमुखग्राम प्रधान
नगर निगम का निर्वाचित प्रमुखमहापौर
नगर निगम का प्रमुख कार्यकारी अधिकारीनगर आयुक्त
नगर पालिका परिषद का निर्वाचित प्रमुखअध्यक्ष
नगर पंचायत का निर्वाचित प्रमुखअध्यक्ष
पंचायतों का संवैधानिक आधार73वाँ संविधान संशोधन, भाग IX
नगरपालिकाओं का संवैधानिक आधार74वाँ संविधान संशोधन, भाग IX-A
पंचायतों से संबंधित अनुसूचीग्यारहवीं अनुसूची – 29 विषय
नगरपालिकाओं से संबंधित अनुसूचीबारहवीं अनुसूची – 18 विषय

12. परीक्षा में बार-बार भ्रमित करने वाले तथ्य

  • मंडल और जिला अलग प्रशासनिक इकाइयाँ हैं।
  • तहसील राजस्व प्रशासन से जुड़ी है, जबकि विकासखंड ग्रामीण विकास से।
  • ग्राम सभा और ग्राम पंचायत समान नहीं हैं।
  • नगर निगम का निर्वाचित प्रमुख महापौर होता है, नगर आयुक्त नहीं।
  • नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत दोनों नगरीय स्थानीय निकाय हैं, लेकिन उनकी क्षेत्रीय प्रकृति अलग है।
  • जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अलग-अलग प्रशासनिक पद हैं।
  • जिले का मुख्यालय और जिले का सबसे बड़ा नगर हमेशा एक ही हो, यह आवश्यक नहीं।
  • नए जिले या तहसील के गठन से मंडलों की संख्या अपने आप नहीं बदलती।
  • नगरीय निकायों की संख्या परिवर्तनशील है; पुराने आँकड़ों को वर्तमान न मानें।

13. Quick Revision – एक नजर में

18 मंडल + 75 जिले
राजस्व क्रम – राज्य → मंडल → जिला → तहसील → राजस्व ग्राम
ग्रामीण विकास क्रम – जिला → विकासखंड → ग्राम पंचायत
पंचायती राज – ग्राम पंचायत → क्षेत्र पंचायत → जिला पंचायत
नगरीय निकाय – नगर निगम → नगर पालिका परिषद → नगर पंचायत (श्रेणियाँ, पदानुक्रम नहीं)
  • मंडल का प्रमुख – मंडलायुक्त।
  • जिले का प्रमुख – जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट।
  • विकासखंड का प्रमुख – खंड विकास अधिकारी।
  • तहसील का प्रमुख राजस्व अधिकारी – तहसीलदार।
  • ग्राम पंचायत का निर्वाचित प्रमुख – ग्राम प्रधान।
  • नगर निगम का निर्वाचित प्रमुख – महापौर।
  • नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत का निर्वाचित प्रमुख – अध्यक्ष।
  • 73वाँ संशोधन – पंचायत।
  • 74वाँ संशोधन – नगरपालिका।
  • ग्यारहवीं अनुसूची – 29 विषय।
  • बारहवीं अनुसूची – 18 विषय।

14. महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न – 50 MCQ

नीचे दिए गए प्रश्न उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक संरचना, मंडल, जिले, राजस्व प्रशासन, पंचायती राज और नगरीय निकायों पर आधारित मौलिक अभ्यास प्रश्न हैं। प्रत्येक प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या दी गई है।

PYQ संबंधी सूचना: इस अध्याय में किसी प्रश्न को वास्तविक Previous Year Question घोषित नहीं किया गया है, क्योंकि प्रश्न-पत्र और वर्ष सहित मूल आधिकारिक प्रश्न का सत्यापन उपलब्ध नहीं है। नीचे दिए गए सभी प्रश्न अभ्यास हेतु तैयार किए गए हैं।
प्रश्न 1. उत्तर प्रदेश में वर्तमान में कितने मंडल हैं?
  1. 16
  2. 17
  3. 18
  4. 19
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सही उत्तर: (C) 18
उत्तर प्रदेश में 18 प्रशासनिक मंडल हैं। प्रत्येक मंडल के अंतर्गत एक से अधिक जिले सम्मिलित हैं। मंडल स्तर पर प्रशासनिक समन्वय मंडलायुक्त करता है।
प्रश्न 2. उत्तर प्रदेश में कुल कितने जिले हैं?
  1. 72
  2. 73
  3. 74
  4. 75
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सही उत्तर: (D) 75
उत्तर प्रदेश में वर्तमान प्रशासनिक संरचना के अनुसार 75 जिले हैं। जिलों को 18 मंडलों में संगठित किया गया है।
प्रश्न 3. मंडल स्तर पर प्रशासन का प्रमुख अधिकारी कौन होता है?
  1. जिलाधिकारी
  2. मंडलायुक्त
  3. तहसीलदार
  4. मुख्य विकास अधिकारी
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सही उत्तर: (B) मंडलायुक्त
मंडलायुक्त मंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों के प्रशासनिक समन्वय और पर्यवेक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रश्न 4. जिले का प्रमुख सामान्य प्रशासनिक अधिकारी कौन होता है?
  1. BDO
  2. तहसीलदार
  3. जिलाधिकारी
  4. ग्राम प्रधान
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सही उत्तर: (C) जिलाधिकारी
जिलाधिकारी जिले के सामान्य प्रशासन, राजस्व प्रशासन और विभिन्न विभागों के समन्वय में प्रमुख भूमिका निभाता है।
प्रश्न 5. तहसील किस प्रकार की प्रमुख प्रशासनिक इकाई है?
  1. न्यायिक इकाई मात्र
  2. राजस्व प्रशासनिक इकाई
  3. नगरीय स्थानीय निकाय
  4. संसदीय निर्वाचन क्षेत्र
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सही उत्तर: (B) राजस्व प्रशासनिक इकाई
तहसील भूमि अभिलेख, राजस्व वसूली, नामांतरण और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों की महत्वपूर्ण इकाई है।
प्रश्न 6. विकासखंड का प्रमुख अधिकारी कौन होता है?
  1. तहसीलदार
  2. BDO
  3. मंडलायुक्त
  4. नगर आयुक्त
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सही उत्तर: (B) BDO
खंड विकास अधिकारी (Block Development Officer) विकासखंड स्तर पर ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और समन्वय में प्रमुख भूमिका निभाता है।
प्रश्न 7. पंचायती राज की त्रिस्तरीय व्यवस्था का सही क्रम क्या है?
  1. ग्राम पंचायत–क्षेत्र पंचायत–जिला पंचायत
  2. तहसील–मंडल–जिला
  3. ग्राम सभा–तहसील–मंडल
  4. नगर पंचायत–नगर पालिका–नगर निगम
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सही उत्तर: (A)
पंचायती राज की त्रिस्तरीय व्यवस्था ग्राम, खंड और जिला स्तर पर क्रमशः ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के रूप में होती है।
प्रश्न 8. ग्राम पंचायत का निर्वाचित प्रमुख कौन होता है?
  1. जिलाधिकारी
  2. ग्राम प्रधान
  3. तहसीलदार
  4. BDO
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सही उत्तर: (B) ग्राम प्रधान
ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत का निर्वाचित प्रमुख होता है। वह पंचायत के कार्यों और बैठकों में निर्धारित भूमिका निभाता है।
प्रश्न 9. ग्राम सभा के सदस्य कौन होते हैं?
  1. केवल ग्राम प्रधान
  2. केवल पंचायत सदस्य
  3. ग्राम पंचायत क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज व्यक्ति
  4. केवल सरकारी कर्मचारी
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सही उत्तर: (C)
ग्राम सभा में संबंधित ग्राम पंचायत क्षेत्र की मतदाता सूची में पंजीकृत सभी व्यक्ति शामिल होते हैं।
प्रश्न 10. नगर निगम का निर्वाचित प्रमुख कौन होता है?
  1. नगर आयुक्त
  2. महापौर
  3. जिलाधिकारी
  4. अधिशासी अधिकारी
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सही उत्तर: (B) महापौर
महापौर नगर निगम का निर्वाचित राजनीतिक/स्थानीय प्रतिनिधि प्रमुख होता है। नगर आयुक्त प्रशासनिक एवं कार्यकारी कार्यों का प्रमुख अधिकारी होता है।
प्रश्न 11. पंचायतों को संवैधानिक आधार किस संशोधन से मिला?
  1. 42वाँ
  2. 44वाँ
  3. 73वाँ
  4. 74वाँ
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सही उत्तर: (C) 73वाँ
73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 ने पंचायतों को संवैधानिक आधार प्रदान किया। यह 24 अप्रैल 1993 से प्रभावी हुआ।
प्रश्न 12. नगरपालिकाओं से संबंधित संविधान संशोधन कौन-सा है?
  1. 52वाँ
  2. 61वाँ
  3. 73वाँ
  4. 74वाँ
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सही उत्तर: (D) 74वाँ
74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 नगरपालिकाओं को संवैधानिक आधार देता है। यह 1 जून 1993 से प्रभावी हुआ।
प्रश्न 13. ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों से संबंधित कितने विषय हैं?
  1. 18
  2. 22
  3. 29
  4. 30
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सही उत्तर: (C) 29
ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों से संबंधित 29 विषय हैं। यह 73वें संविधान संशोधन से जोड़ी गई।
प्रश्न 14. बारहवीं अनुसूची में नगरपालिकाओं से संबंधित कितने विषय हैं?
  1. 18
  2. 20
  3. 25
  4. 29
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सही उत्तर: (A) 18
बारहवीं अनुसूची में नगरपालिकाओं से संबंधित 18 विषय हैं। यह 74वें संविधान संशोधन से संबंधित है।
प्रश्न 15. उत्तर प्रदेश के किस मंडल में छह जिले हैं?
  1. झाँसी
  2. मेरठ
  3. बस्ती
  4. आजमगढ़
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सही उत्तर: (B) मेरठ
मेरठ मंडल में मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और हापुड़ जिले शामिल हैं।
प्रश्न 16. चित्रकूटधाम मंडल का मुख्यालय कहाँ है?
  1. चित्रकूट
  2. महोबा
  3. बाँदा
  4. हमीरपुर
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सही उत्तर: (C) बाँदा
चित्रकूटधाम मंडल का मुख्यालय बाँदा है। इसके अंतर्गत बाँदा, चित्रकूट, हमीरपुर और महोबा जिले आते हैं।
प्रश्न 17. कौशाम्बी जिले का मुख्यालय कहाँ है?
  1. सिराथू
  2. मंझनपुर
  3. करारी
  4. भरवारी
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सही उत्तर: (B) मंझनपुर
कौशाम्बी जिले का मुख्यालय मंझनपुर है। कौशाम्बी का गठन 4 अप्रैल 1997 को पूर्ववर्ती इलाहाबाद जिले से किया गया था।
प्रश्न 18. गौतम बुद्ध नगर जिले का प्रशासनिक मुख्यालय किस स्थान पर है?
  1. नोएडा
  2. दादरी
  3. सूरजपुर
  4. जेवर
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सही उत्तर: (C) सूरजपुर
गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन का मुख्यालय सूरजपुर में स्थित है। नोएडा जिले का प्रमुख नगरीय एवं औद्योगिक केंद्र है, लेकिन जिला मुख्यालय से उसका अंतर समझना चाहिए।
प्रश्न 19. अमेठी जिले का मुख्यालय कहाँ है?
  1. अमेठी नगर
  2. गौरीगंज
  3. सुल्तानपुर
  4. जगदीशपुर
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सही उत्तर: (B) गौरीगंज
अमेठी जिले का जिला मुख्यालय गौरीगंज है। जिले का नाम और प्रशासनिक मुख्यालय का नाम अलग होने के कारण यह परीक्षा उपयोगी तथ्य है।
प्रश्न 20. संत कबीर नगर जिले का मुख्यालय कहाँ है?
  1. बस्ती
  2. मेंहदावल
  3. खलीलाबाद
  4. धनघटा
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सही उत्तर: (C) खलीलाबाद
संत कबीर नगर जिले का मुख्यालय खलीलाबाद है। यह बस्ती मंडल के अंतर्गत आता है।
प्रश्न 21. भदोही जिले का मुख्यालय किस स्थान पर है?
  1. भदोही नगर
  2. ज्ञानपुर
  3. गोपीगंज
  4. मिर्जापुर
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सही उत्तर: (B) ज्ञानपुर
भदोही जिले का मुख्यालय ज्ञानपुर है। पुराने दस्तावेजों में जिले के लिए संत रविदास नगर नाम भी मिलता है।
प्रश्न 22. श्रावस्ती जिले का मुख्यालय कहाँ है?
  1. इकौना
  2. भिनगा
  3. बहराइच
  4. बलरामपुर
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सही उत्तर: (B) भिनगा
श्रावस्ती जिले का मुख्यालय भिनगा है। यह देवीपाटन मंडल का हिस्सा है।
प्रश्न 23. संभल जिले का मुख्यालय कहाँ है?
  1. संभल नगर
  2. चंदौसी
  3. बहजोई
  4. गुन्नौर
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सही उत्तर: (C) बहजोई
संभल जिले का प्रशासनिक मुख्यालय बहजोई है। संभल मुरादाबाद मंडल में आता है।
प्रश्न 24. जालौन जिले का मुख्यालय कौन-सा है?
  1. जालौन
  2. कालपी
  3. उरई
  4. कोंच
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सही उत्तर: (C) उरई
जालौन जिले का मुख्यालय उरई है। यह झाँसी मंडल में स्थित है।
प्रश्न 25. फर्रुखाबाद जिले का मुख्यालय कहाँ है?
  1. फर्रुखाबाद
  2. फतेहगढ़
  3. कायमगंज
  4. कमालगंज
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सही उत्तर: (B) फतेहगढ़
फर्रुखाबाद जिले का प्रशासनिक मुख्यालय फतेहगढ़ है। यह कानपुर मंडल के अंतर्गत आता है।
प्रश्न 26. उत्तर प्रदेश के किस मंडल में केवल तीन जिले हैं?
  1. मेरठ
  2. लखनऊ
  3. झाँसी
  4. कानपुर
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सही उत्तर: (C) झाँसी
झाँसी मंडल में झाँसी, जालौन और ललितपुर जिले हैं। मेरठ, लखनऊ और कानपुर मंडलों में छह-छह जिले हैं।
प्रश्न 27. निम्नलिखित में से कौन-सा जिला देवीपाटन मंडल में शामिल है?
  1. मऊ
  2. श्रावस्ती
  3. जौनपुर
  4. महोबा
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सही उत्तर: (B) श्रावस्ती
देवीपाटन मंडल में गोंडा, बहराइच, बलरामपुर और श्रावस्ती जिले आते हैं।
प्रश्न 28. निम्न में से कौन-सा जिला वाराणसी मंडल में नहीं आता?
  1. गाजीपुर
  2. जौनपुर
  3. चंदौली
  4. मऊ
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सही उत्तर: (D) मऊ
मऊ आजमगढ़ मंडल का हिस्सा है। वाराणसी मंडल में वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर आते हैं।
प्रश्न 29. निम्न में से कौन-सा जिला बस्ती मंडल में शामिल है?
  1. महाराजगंज
  2. सिद्धार्थनगर
  3. कुशीनगर
  4. देवरिया
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सही उत्तर: (B) सिद्धार्थनगर
बस्ती मंडल में बस्ती, संत कबीर नगर और सिद्धार्थनगर जिले शामिल हैं।
प्रश्न 30. निम्न में से कौन-सा जिला गोरखपुर मंडल में शामिल है?
  1. बलिया
  2. महाराजगंज
  3. सिद्धार्थनगर
  4. गाजीपुर
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सही उत्तर: (B) महाराजगंज
गोरखपुर मंडल में गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज जिले शामिल हैं।
प्रश्न 31. कुशीनगर जिला किस जिले से अलग होकर बना?
  1. गोरखपुर
  2. देवरिया
  3. बस्ती
  4. महाराजगंज
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सही उत्तर: (B) देवरिया
कुशीनगर 13 मई 1994 को देवरिया जिले से अलग होकर नया जिला बना। यह गोरखपुर मंडल में आता है।
प्रश्न 32. कौशाम्बी जिले का गठन किस वर्ष हुआ?
  1. 1994
  2. 1995
  3. 1997
  4. 2000
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सही उत्तर: (C) 1997
कौशाम्बी जिले का गठन 4 अप्रैल 1997 को पूर्ववर्ती इलाहाबाद जिले से किया गया था।
प्रश्न 33. गाजियाबाद को जिला कब घोषित किया गया?
  1. 1972
  2. 1976
  3. 1980
  4. 1985
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सही उत्तर: (B) 1976
गाजियाबाद को 14 नवंबर 1976 को मेरठ जिले से अलग जिला घोषित किया गया था।
प्रश्न 34. उत्तर प्रदेश में नगर पंचायत किस प्रकार के क्षेत्र के लिए गठित होती है?
  1. केवल महानगर
  2. ग्रामीण से नगरीय संक्रमणशील क्षेत्र
  3. केवल जिला मुख्यालय
  4. केवल औद्योगिक क्षेत्र
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सही उत्तर: (B)
नगर पंचायत ऐसे संक्रमणशील क्षेत्र के लिए गठित की जाती है जो ग्रामीण क्षेत्र से नगरीय क्षेत्र में परिवर्तित हो रहा हो।
प्रश्न 35. नगर निगम का प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी कौन होता है?
  1. महापौर
  2. नगर आयुक्त
  3. जिलाधिकारी
  4. अध्यक्ष
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सही उत्तर: (B) नगर आयुक्त
नगर आयुक्त नगर निगम के प्रशासनिक और कार्यकारी संचालन का प्रमुख अधिकारी होता है। महापौर निर्वाचित प्रतिनिधि प्रमुख होता है।
प्रश्न 36. उत्तर प्रदेश के नगरीय स्थानीय निकायों में कौन-सी संस्था शामिल नहीं है?
  1. नगर निगम
  2. नगर पालिका परिषद
  3. नगर पंचायत
  4. क्षेत्र पंचायत
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सही उत्तर: (D) क्षेत्र पंचायत
क्षेत्र पंचायत पंचायती राज की ग्रामीण स्थानीय स्वशासन संस्था है। नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत नगरीय निकाय हैं।
प्रश्न 37. जिला पंचायत किस स्तर की पंचायती राज संस्था है?
  1. ग्राम स्तर
  2. खंड स्तर
  3. जिला स्तर
  4. मंडल स्तर
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सही उत्तर: (C) जिला स्तर
जिला पंचायत पंचायती राज व्यवस्था की जिला स्तरीय संस्था है।
प्रश्न 38. निम्नलिखित में से कौन राजस्व प्रशासन से सबसे अधिक संबंधित है?
  1. तहसील
  2. नगर निगम
  3. नगर पंचायत
  4. स्मार्ट सिटी मिशन
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सही उत्तर: (A) तहसील
तहसील भूमि अभिलेख, राजस्व संग्रह और राजस्व मामलों के प्रबंधन की महत्वपूर्ण इकाई है।
प्रश्न 39. भूमि अभिलेखों से संबंधित क्षेत्रीय स्तर पर कार्य करने वाला अधिकारी कौन है?
  1. लेखपाल
  2. महापौर
  3. नगर आयुक्त
  4. क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष
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सही उत्तर: (A) लेखपाल
लेखपाल अपने निर्धारित क्षेत्र में भूमि एवं राजस्व अभिलेखों से संबंधित कार्य करता है।
प्रश्न 40. तहसील स्तर पर राजस्व प्रशासन का प्रमुख अधिकारी कौन है?
  1. तहसीलदार
  2. BDO
  3. नगर आयुक्त
  4. ग्राम प्रधान
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सही उत्तर: (A) तहसीलदार
तहसीलदार तहसील स्तर पर राजस्व प्रशासन का प्रमुख अधिकारी होता है। उपजिलाधिकारी भी अपने वैधानिक अधिकारों के अंतर्गत राजस्व कार्यों का संचालन करता है।
प्रश्न 41. उत्तर प्रदेश का कौन-सा मंडल मुख्यालय बाँदा है?
  1. झाँसी
  2. चित्रकूटधाम
  3. प्रयागराज
  4. कानपुर
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सही उत्तर: (B) चित्रकूटधाम
चित्रकूटधाम मंडल का मुख्यालय बाँदा है। इसके अंतर्गत चार जिले हैं।
प्रश्न 42. निम्नलिखित में से कौन-सा जिला लखनऊ मंडल में शामिल है?
  1. उन्नाव
  2. कन्नौज
  3. फतेहपुर
  4. बदायूँ
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सही उत्तर: (A) उन्नाव
लखनऊ मंडल में लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, सीतापुर, हरदोई और लखीमपुर खीरी जिले शामिल हैं।
प्रश्न 43. निम्न में से कौन-सा जिला मुरादाबाद मंडल में शामिल है?
  1. पीलीभीत
  2. संभल
  3. कासगंज
  4. मैनपुरी
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सही उत्तर: (B) संभल
मुरादाबाद मंडल में मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा और संभल शामिल हैं।
प्रश्न 44. निम्न में से कौन-सा जिला आगरा मंडल में शामिल नहीं है?
  1. मथुरा
  2. मैनपुरी
  3. फिरोजाबाद
  4. एटा
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सही उत्तर: (D) एटा
एटा अलीगढ़ मंडल में आता है। आगरा मंडल में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी शामिल हैं।
प्रश्न 45. उत्तर प्रदेश में नगरीय स्थानीय निकायों के कार्यों का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
  1. केवल भूमि राजस्व वसूली
  2. शहरी नागरिक सुविधाओं का प्रबंधन
  3. केवल पुलिस प्रशासन
  4. केवल न्यायिक कार्य
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सही उत्तर: (B)
नगरीय स्थानीय निकाय पेयजल, सफाई, सड़क, नाली, कूड़ा प्रबंधन और अन्य नागरिक सुविधाओं का प्रबंधन करते हैं।
प्रश्न 46. जिला प्रशासन में विकास कार्यक्रमों के समन्वय की प्रमुख भूमिका किस अधिकारी की होती है?
  1. मुख्य विकास अधिकारी
  2. नगर आयुक्त
  3. तहसीलदार
  4. लेखपाल
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सही उत्तर: (A) मुख्य विकास अधिकारी
मुख्य विकास अधिकारी जिले में ग्रामीण विकास एवं विभिन्न विकास कार्यक्रमों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रश्न 47. उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक पुनर्गठन का एक प्रमुख उद्देश्य क्या है?
  1. प्रशासन को जनता से दूर करना
  2. प्रशासनिक सुविधा और सेवाओं की पहुँच बढ़ाना
  3. सभी जिलों को समाप्त करना
  4. स्थानीय निकायों को समाप्त करना
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सही उत्तर: (B)
नए जिलों, तहसीलों या अन्य इकाइयों का गठन प्रशासनिक सुविधा, बेहतर सेवा वितरण और विकास की आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है।
प्रश्न 48. नगर पालिका परिषद का निर्वाचित प्रमुख सामान्यतः कौन होता है?
  1. महापौर
  2. अध्यक्ष
  3. जिलाधिकारी
  4. मंडलायुक्त
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सही उत्तर: (B) अध्यक्ष
नगर पालिका परिषद का निर्वाचित प्रमुख अध्यक्ष होता है। नगर निगम में निर्वाचित प्रमुख महापौर होता है।
प्रश्न 49. उत्तर प्रदेश में किस मंडल के अंतर्गत बहराइच, बलरामपुर, गोंडा और श्रावस्ती आते हैं?
  1. बस्ती
  2. देवीपाटन
  3. अयोध्या
  4. गोरखपुर
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सही उत्तर: (B) देवीपाटन
देवीपाटन मंडल का मुख्यालय गोंडा है। इसके चार जिले बहराइच, बलरामपुर, गोंडा और श्रावस्ती हैं।
प्रश्न 50. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
  1. तहसील और विकासखंड हमेशा समान क्षेत्र रखते हैं।
  2. नगर आयुक्त नगर निगम का निर्वाचित प्रमुख होता है।
  3. ग्राम सभा में संबंधित क्षेत्र के पंजीकृत मतदाता शामिल होते हैं।
  4. जिला पंचायत नगरीय स्थानीय निकाय है।
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सही उत्तर: (C)
ग्राम सभा में ग्राम पंचायत क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज सभी व्यक्ति शामिल होते हैं। तहसील और विकासखंड अलग प्रशासनिक इकाइयाँ हैं। नगर आयुक्त प्रशासनिक अधिकारी होता है, जबकि महापौर निर्वाचित प्रमुख होता है। जिला पंचायत ग्रामीण पंचायती राज संस्था है।

15. परीक्षा अभ्यास के लिए विशेष मिलान

मंडल और मुख्यालय

मंडलमुख्यालय
देवीपाटनगोंडा
चित्रकूटधामबाँदा
अलीगढ़अलीगढ़
मुरादाबादमुरादाबाद
मिर्जापुर/विंध्याचलमिर्जापुर
बरेलीबरेली
आजमगढ़आजमगढ़
अयोध्याअयोध्या

जिला और विशेष मुख्यालय

जिलामुख्यालय
कौशाम्बीमंझनपुर
अमेठीगौरीगंज
भदोहीज्ञानपुर
श्रावस्तीभिनगा
संभलबहजोई
जालौनउरई
फर्रुखाबादफतेहगढ़
संत कबीर नगरखलीलाबाद
गौतम बुद्ध नगरसूरजपुर

16. References एवं Data Authentication

इस अध्याय में प्रशासनिक ढाँचे, राजस्व व्यवस्था, पंचायती राज, नगरीय निकायों और जिला गठन से संबंधित तथ्यों के सत्यापन के लिए निम्न सरकारी स्रोतों का उपयोग किया गया है।

डेटा अपडेट नीति: मंडल, जिले, तहसील, विकासखंड, ग्राम पंचायत और नगरीय निकायों की संख्या तथा सीमाएँ सरकारी अधिसूचनाओं से बदल सकती हैं। परीक्षा के लिए नवीनतम राज्य सरकार/जिला प्रशासन की अधिसूचना को प्राथमिकता दें। पुराने सरकारी दस्तावेजों में प्रयुक्त नामों और आँकड़ों को वर्तमान स्थिति न समझें।

17. Noble Exam City – अन्य अध्ययन सामग्री

उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए अन्य विषयों के नोट्स, क्विक रिवीजन और मॉक टेस्ट भी पढ़ें।

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