जैव अणु एवं जैव रसायन (Biomolecules) – सम्पूर्ण हिंदी नोट्स, MCQ एवं महत्वपूर्ण प्रश्न

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अध्याय 3. जैव अणु एवं जैव रसायन (Biomolecules)

जीवों का रासायनिक संगठन, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, DNA-RNA, एंजाइम, ATP, विटामिन एवं खनिज तत्वों के सम्पूर्ण हिंदी नोट्स।

प्रारंभिक जीव विज्ञान UP PET एवं UPSSSC SSC एवं Railway Police एवं UP SI RO/ARO एवं UPPSC TGT/PGT

अध्याय की विषय-सूची

  1. जीवों का रासायनिक संगठन
  2. जल एवं खनिज लवणों का महत्त्व
  3. कार्बोहाइड्रेट – प्रकार, स्रोत एवं कार्य
  4. ग्लूकोज, फ्रक्टोज, सुक्रोज, माल्टोज एवं लैक्टोज
  5. स्टार्च, ग्लाइकोजन एवं सेल्यूलोज
  6. प्रोटीन – संरचना एवं कार्य
  7. अमीनो अम्ल एवं पेप्टाइड बंध
  8. वसा एवं लिपिड
  9. संतृप्त एवं असंतृप्त वसा
  10. न्यूक्लिक अम्ल – DNA एवं RNA
  11. एंजाइम – प्रकृति, प्रकार एवं कार्य
  12. हार्मोन का जैव रासायनिक परिचय
  13. ATP – ऊर्जा की मुद्रा
  14. विटामिन – प्रकार, स्रोत एवं कार्य
  15. विटामिन की कमी से होने वाले रोग
  16. खनिज तत्व – कैल्शियम, लोहा, आयोडीन, सोडियम, पोटैशियम आदि
  17. चयापचय – उपचय एवं अपचय
  18. जैविक उत्प्रेरक एवं एंजाइम संबंधी महत्त्वपूर्ण तथ्य

1. जीवों का रासायनिक संगठन (Chemical Composition of Living Organisms)

सभी जीवधारी विभिन्न प्रकार के रासायनिक तत्वों एवं यौगिकों से बने होते हैं। जीवों के शरीर में उपस्थित रासायनिक पदार्थों का अध्ययन जैव रसायन (Biochemistry) कहलाता है। जीवित कोशिका में पाए जाने वाले रासायनिक पदार्थ मुख्य रूप से अकार्बनिक तथा कार्बनिक पदार्थों में विभाजित किए जाते हैं।

अकार्बनिक पदार्थ

जल, खनिज लवण तथा कुछ गैसें अकार्बनिक पदार्थों के उदाहरण हैं। ये पदार्थ कोशिका की संरचना, परासरण, अम्ल-क्षार संतुलन, तंत्रिका आवेग और विभिन्न जैविक क्रियाओं के संचालन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्बनिक पदार्थ

कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, लिपिड, न्यूक्लिक अम्ल तथा विटामिन प्रमुख कार्बनिक जैव अणु हैं। ये ऊर्जा प्रदान करने, शरीर का निर्माण एवं मरम्मत करने, आनुवंशिक सूचना सुरक्षित रखने तथा जैव रासायनिक क्रियाओं को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं।

जैव अणुमुख्य निर्माण इकाई / घटकप्रमुख कार्य
कार्बोहाइड्रेटमोनोसैकराइडऊर्जा एवं ऊर्जा का संचय
प्रोटीनअमीनो अम्लसंरचना, एंजाइम, परिवहन एवं रक्षा
लिपिडवसीय अम्ल एवं ग्लिसरॉल (अनेक सामान्य वसाओं में)ऊर्जा संचय एवं कोशिका झिल्ली
न्यूक्लिक अम्लन्यूक्लियोटाइडआनुवंशिक सूचना का संग्रह एवं अभिव्यक्ति
परीक्षा तथ्य: प्रोटीन की एकलक इकाई अमीनो अम्ल, न्यूक्लिक अम्ल की इकाई न्यूक्लियोटाइड तथा अनेक पॉलीसैकराइड की इकाई मोनोसैकराइड होती है।

प्रमुख जैविक तत्व

जीवों में कार्बन (C), हाइड्रोजन (H), ऑक्सीजन (O), नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P) और सल्फर (S) प्रमुख तत्व हैं। इन्हें प्रायः CHNOPS समूह के रूप में याद किया जाता है। कार्बन की चार संयोजकता और लंबी शृंखलाएँ बनाने की क्षमता के कारण यह जैविक अणुओं का आधार है।

2. जल एवं खनिज लवणों का महत्त्व

जल जीवों के शरीर का अत्यंत महत्त्वपूर्ण घटक है। अधिकांश कोशिकीय जैव रासायनिक क्रियाएँ जलीय माध्यम में होती हैं। जल की ध्रुवीय प्रकृति के कारण यह अनेक आयनिक एवं ध्रुवीय पदार्थों को घोल सकता है।

जल के प्रमुख कार्य

  • यह कोशिका में अनेक रासायनिक अभिक्रियाओं का माध्यम है।
  • पोषक पदार्थों, गैसों और अपशिष्ट पदार्थों के परिवहन में सहायक है।
  • पसीने एवं वाष्पीकरण के माध्यम से शरीर का तापमान नियंत्रित करता है।
  • जल अपघटन (Hydrolysis) जैसी अभिक्रियाओं में भाग लेता है।
  • रक्त, कोशिका द्रव्य तथा अन्य शारीरिक द्रवों का महत्त्वपूर्ण घटक है।
  • पौधों में कोशिकाओं की स्फीति (Turgidity) बनाए रखने में सहायक है।

खनिज लवण

खनिज तत्व शरीर को ऊर्जा सीधे प्रदान नहीं करते, लेकिन शरीर की सामान्य वृद्धि, एंजाइम क्रिया, रक्त निर्माण, हड्डियों, दाँतों तथा तंत्रिका-मांसपेशी कार्यों के लिए आवश्यक हैं। कुछ खनिज अधिक मात्रा में और कुछ अत्यंत कम मात्रा में चाहिए होते हैं।

खनिजमुख्य कार्यकमी का प्रमुख प्रभाव
कैल्शियमहड्डियाँ, दाँत, रक्त का थक्का, मांसपेशी संकुचनहड्डियों का कमजोर होना; बच्चों में रिकेट्स से संबंध
लोहा (Iron)हीमोग्लोबिन निर्माणरक्ताल्पता (एनीमिया)
आयोडीनथायरॉइड हार्मोन निर्माणघेंघा (Goitre), विकास संबंधी समस्याएँ
सोडियमद्रव संतुलन, तंत्रिका आवेगअल्प-सोडियमता (Hyponatremia)
पोटैशियमकोशिका कार्य, हृदय एवं मांसपेशी क्रियाहाइपोकैलेमिया, कमजोरी
फॉस्फोरसहड्डियाँ, ATP, DNA और RNAहड्डियों एवं ऊर्जा चयापचय पर प्रभाव
मैग्नीशियमकई एंजाइमों का सहकारक, मांसपेशी एवं तंत्रिका कार्यऐंठन एवं तंत्रिका संबंधी लक्षण
जिंकएंजाइम, प्रतिरक्षा, घाव भरनावृद्धि एवं घाव भरने में बाधा
ध्यान दें: किसी खनिज की कमी के लक्षण अनेक कारणों से हो सकते हैं। परीक्षा में दिए गए सामान्य संबंधों को याद रखें, लेकिन हर रोग को केवल एक ही कारण से जोड़ना सही नहीं है।

3. कार्बोहाइड्रेट – प्रकार, स्रोत एवं कार्य

कार्बोहाइड्रेट कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से बने कार्बनिक यौगिक हैं। रासायनिक रूप से इन्हें सामान्यतः बहुहाइड्रॉक्सी एल्डिहाइड या कीटोन अथवा ऐसे पदार्थों के रूप में परिभाषित किया जाता है जो जल अपघटन पर ऐसे अणु देते हैं। ये शरीर के लिए ऊर्जा का प्रमुख आहार स्रोत हैं।

कार्बोहाइड्रेट के प्रकार

1. मोनोसैकराइड (Monosaccharides)

ये सबसे सरल कार्बोहाइड्रेट हैं। इनका जल अपघटन करके छोटे कार्बोहाइड्रेट में विभाजित नहीं किया जा सकता। उदाहरण – ग्लूकोज, फ्रक्टोज और गैलेक्टोज।

2. ओलिगोसैकराइड (Oligosaccharides)

इनमें सामान्यतः 2 से 10 मोनोसैकराइड इकाइयाँ जुड़ी होती हैं। डाइसैकराइड इसके प्रमुख उदाहरण हैं। सुक्रोज, माल्टोज और लैक्टोज डाइसैकराइड हैं।

3. पॉलीसैकराइड (Polysaccharides)

ये अनेक मोनोसैकराइड इकाइयों से बने जटिल कार्बोहाइड्रेट हैं। स्टार्च, ग्लाइकोजन और सेल्यूलोज इसके उदाहरण हैं।

प्रकारउदाहरणमुख्य विशेषता
मोनोसैकराइडग्लूकोज, फ्रक्टोज, गैलेक्टोजएक शर्करा इकाई
डाइसैकराइडसुक्रोज, माल्टोज, लैक्टोजदो मोनोसैकराइड इकाइयाँ
पॉलीसैकराइडस्टार्च, ग्लाइकोजन, सेल्यूलोजअनेक शर्करा इकाइयाँ

कार्बोहाइड्रेट के कार्य

  • ग्लूकोज कोशिकीय श्वसन में ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है।
  • पौधों में स्टार्च तथा जन्तुओं में ग्लाइकोजन ऊर्जा के संचय का कार्य करते हैं।
  • सेल्यूलोज पौधों की कोशिका भित्ति का प्रमुख संरचनात्मक घटक है।
  • राइबोज और डीऑक्सीराइबोज क्रमशः RNA और DNA में पाए जाने वाले शर्करा घटक हैं।
  • कुछ कार्बोहाइड्रेट कोशिका पहचान एवं कोशिका-संचार में भी भूमिका निभाते हैं।
महत्त्वपूर्ण: एक ग्राम कार्बोहाइड्रेट के पूर्ण ऑक्सीकरण से लगभग 4 किलो कैलोरी ऊर्जा प्राप्त होती है।

4. ग्लूकोज, फ्रक्टोज, सुक्रोज, माल्टोज एवं लैक्टोज

शर्कराओं में ग्लूकोज, फ्रक्टोज, सुक्रोज, माल्टोज और लैक्टोज विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण हैं। इनमें कुछ मोनोसैकराइड तथा कुछ डाइसैकराइड हैं।

शर्कराप्रकारसूत्रप्रमुख स्रोत / विशेषता
ग्लूकोजमोनोसैकराइडC₆H₁₂O₆रक्त में पाई जाने वाली प्रमुख शर्करा; कोशिकाओं का ऊर्जा स्रोत
फ्रक्टोजमोनोसैकराइडC₆H₁₂O₆फलों एवं शहद में; सामान्य शर्कराओं में अत्यधिक मीठी
सुक्रोजडाइसैकराइडC₁₂H₂₂O₁₁गन्ना एवं चुकंदर की चीनी; ग्लूकोज + फ्रक्टोज
माल्टोजडाइसैकराइडC₁₂H₂₂O₁₁अंकुरित अनाज; ग्लूकोज + ग्लूकोज
लैक्टोजडाइसैकराइडC₁₂H₂₂O₁₁दूध की शर्करा; ग्लूकोज + गैलेक्टोज

अपचायक एवं अनअपचायक शर्करा

ग्लूकोज, फ्रक्टोज, माल्टोज और लैक्टोज सामान्यतः अपचायक शर्कराएँ हैं। सुक्रोज अनअपचायक शर्करा है, क्योंकि इसके दोनों मोनोसैकराइड घटकों के अपचायक कार्बन आपस में ग्लाइकोसिडिक बंध में जुड़े रहते हैं।

याद रखें: सुक्रोज = ग्लूकोज + फ्रक्टोज; माल्टोज = ग्लूकोज + ग्लूकोज; लैक्टोज = ग्लूकोज + गैलेक्टोज।

5. स्टार्च, ग्लाइकोजन एवं सेल्यूलोज

स्टार्च, ग्लाइकोजन और सेल्यूलोज तीनों पॉलीसैकराइड हैं। ये ग्लूकोज इकाइयों से बने होते हैं, लेकिन इनके बंधों और संरचना में अंतर होने के कारण इनके कार्य अलग-अलग हैं।

विशेषतास्टार्चग्लाइकोजनसेल्यूलोज
मुख्य स्रोतपौधेजन्तु एवं कवकपौधे
मुख्य कार्यऊर्जा संचयऊर्जा संचयसंरचनात्मक सहारा
ग्लूकोज का प्रकारअल्फा-D-ग्लूकोजअल्फा-D-ग्लूकोजबीटा-D-ग्लूकोज
संरचनाएमाइलोज एवं एमाइलोपेक्टिनअत्यधिक शाखितलंबी, सीधी शृंखलाएँ
मानव पाचनपचता हैपचता हैमानव में सेल्युलेज एंजाइम न होने से नहीं पचता

स्टार्च

स्टार्च पौधों में भोजन का प्रमुख भंडारण रूप है। यह मुख्यतः एमाइलोज और एमाइलोपेक्टिन से बना होता है। आलू, चावल, गेहूँ, मक्का आदि स्टार्च के प्रमुख स्रोत हैं। आयोडीन विलयन के संपर्क में स्टार्च नीला-काला रंग देता है।

ग्लाइकोजन

ग्लाइकोजन जन्तुओं में ग्लूकोज के संचय का प्रमुख रूप है। यह मुख्यतः यकृत और कंकालीय मांसपेशियों में संग्रहित रहता है। यकृत का ग्लाइकोजन रक्त ग्लूकोज के स्तर को बनाए रखने में सहायता करता है, जबकि मांसपेशियों का ग्लाइकोजन मुख्यतः मांसपेशियों की अपनी ऊर्जा आवश्यकता के लिए उपयोग होता है।

सेल्यूलोज

सेल्यूलोज पौधों की कोशिका भित्ति का प्रमुख घटक है। मनुष्य इसे पचा नहीं सकता, लेकिन आहार रेशा (Dietary Fibre) के रूप में यह पाचन तंत्र के सामान्य कार्य में सहायता करता है।

परीक्षा में भ्रम न करें: स्टार्च और ग्लाइकोजन ऊर्जा भंडारण करते हैं, जबकि सेल्यूलोज मुख्यतः संरचनात्मक कार्य करता है।

6. प्रोटीन – संरचना एवं कार्य

प्रोटीन नाइट्रोजन युक्त जटिल कार्बनिक अणु हैं। ये अमीनो अम्लों की लंबी शृंखलाओं से बने होते हैं। कुछ प्रोटीन में सल्फर भी पाया जाता है। शरीर की वृद्धि, ऊतकों की मरम्मत, एंजाइम, हार्मोन, प्रतिरक्षा तथा पदार्थों के परिवहन में इनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है।

प्रोटीन के चार संरचनात्मक स्तर

  1. प्राथमिक संरचना: पॉलीपेप्टाइड शृंखला में अमीनो अम्लों का विशिष्ट क्रम।
  2. द्वितीयक संरचना: हाइड्रोजन बंधों से स्थिर अल्फा-हेलिक्स और बीटा-प्लीटेड शीट जैसी संरचनाएँ।
  3. तृतीयक संरचना: एक पॉलीपेप्टाइड शृंखला का त्रिविमीय मुड़ाव।
  4. चतुर्थक संरचना: दो या अधिक पॉलीपेप्टाइड उपइकाइयों से बना क्रियाशील प्रोटीन।

प्रोटीन के प्रमुख कार्य

  • संरचनात्मक: कोलेजन त्वचा, अस्थि एवं संयोजी ऊतकों में; केराटिन बाल और नाखून में।
  • एंजाइमीय: अनेक एंजाइम प्रोटीन प्रकृति के होते हैं और जैव रासायनिक अभिक्रियाओं की गति बढ़ाते हैं।
  • परिवहन: हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन के परिवहन में सहायक है।
  • रक्षा: एंटीबॉडी प्रतिरक्षा में भूमिका निभाती हैं।
  • गति: एक्टिन और मायोसिन मांसपेशियों के संकुचन में सहायक हैं।
  • नियमन: कुछ हार्मोन प्रोटीन या पेप्टाइड प्रकृति के होते हैं, जैसे इंसुलिन।
परीक्षा तथ्य: प्रोटीन की मूल निर्माण इकाई अमीनो अम्ल है। हीमोग्लोबिन एक संयुग्मी प्रोटीन है, जिसमें ग्लोबिन प्रोटीन भाग और हीम समूह होता है।

7. अमीनो अम्ल एवं पेप्टाइड बंध

अमीनो अम्ल प्रोटीन के निर्माण खंड हैं। एक सामान्य अल्फा-अमीनो अम्ल में केंद्रीय कार्बन से अमीनो समूह (-NH₂), कार्बोक्सिल समूह (-COOH), हाइड्रोजन तथा एक परिवर्ती पार्श्व समूह (R समूह) जुड़े होते हैं। R समूह के बदलने से विभिन्न अमीनो अम्ल बनते हैं।

सामान्य संरचना: NH₂ – CH(R) – COOH

आवश्यक एवं अनावश्यक अमीनो अम्ल

आवश्यक अमीनो अम्ल वे हैं जिन्हें मानव शरीर पर्याप्त मात्रा में स्वयं नहीं बना सकता और जिन्हें भोजन से प्राप्त करना आवश्यक होता है। अनावश्यक अमीनो अम्ल शरीर में बन सकते हैं। कुछ अमीनो अम्ल विशेष परिस्थितियों में सशर्त आवश्यक हो सकते हैं।

पेप्टाइड बंध

एक अमीनो अम्ल के कार्बोक्सिल समूह और दूसरे अमीनो अम्ल के अमीनो समूह के बीच जल के एक अणु के निकलने से बनने वाला सहसंयोजक बंध पेप्टाइड बंध कहलाता है। अनेक अमीनो अम्ल पेप्टाइड बंधों से जुड़कर पॉलीपेप्टाइड शृंखला बनाते हैं।

याद रखें: दो अमीनो अम्लों से डाइपेप्टाइड, तीन से ट्राइपेप्टाइड और अनेक अमीनो अम्लों से पॉलीपेप्टाइड बनता है।

8. वसा एवं लिपिड (Fats and Lipids)

लिपिड जैविक अणुओं का एक विविध समूह है। ये सामान्यतः जल में अघुलनशील तथा ईथर, क्लोरोफॉर्म जैसे कुछ कार्बनिक विलायकों में घुलनशील होते हैं। वसा लिपिड का एक प्रमुख वर्ग है। वसा का सामान्य ट्राइग्लिसराइड अणु एक ग्लिसरॉल और तीन वसीय अम्लों से बना होता है।

लिपिड के प्रमुख प्रकार

  • ट्राइग्लिसराइड: ऊर्जा संचय करने वाली सामान्य वसा एवं तेल।
  • फॉस्फोलिपिड: कोशिका झिल्ली का प्रमुख घटक।
  • स्टेरॉयड: कोलेस्ट्रॉल तथा कई स्टेरॉयड हार्मोन इसके उदाहरण हैं।
  • वैक्स: पौधों की पत्तियों और कुछ जन्तुओं में जलरोधी परत बनाने में सहायक।

लिपिड के कार्य

  • एक ग्राम वसा के पूर्ण ऑक्सीकरण से लगभग 9 किलो कैलोरी ऊर्जा मिलती है।
  • यह शरीर में ऊर्जा का सघन भंडार है।
  • आंतरिक अंगों को यांत्रिक सुरक्षा और ऊष्मीय इन्सुलेशन देता है।
  • कोशिका झिल्ली के निर्माण में फॉस्फोलिपिड महत्त्वपूर्ण हैं।
  • वसा में घुलनशील विटामिन A, D, E और K के अवशोषण में आहार वसा सहायक होती है।
महत्त्वपूर्ण अंतर: सभी लिपिड ट्राइग्लिसराइड नहीं होते। फॉस्फोलिपिड और स्टेरॉयड भी लिपिड वर्ग में आते हैं।

9. संतृप्त एवं असंतृप्त वसा

वसीय अम्लों की कार्बन शृंखला में उपस्थित कार्बन-कार्बन द्विबंधों की संख्या के आधार पर उन्हें संतृप्त और असंतृप्त वसीय अम्लों में बाँटा जाता है।

आधारसंतृप्त वसाअसंतृप्त वसा
रासायनिक बंधकार्बन शृंखला में द्विबंध नहींएक या अधिक द्विबंध
सामान्य अवस्थाअक्सर कमरे के ताप पर ठोसअक्सर कमरे के ताप पर तरल
सामान्य स्रोतघी, मक्खन, पशु वसावनस्पति तेल, मछली का तेल
उदाहरणपामिटिक एवं स्टीयरिक अम्लओलिक, लिनोलिक एवं लिनोलेनिक अम्ल

असंतृप्त वसा में एक द्विबंध होने पर उसे मोनो-असंतृप्त तथा एक से अधिक द्विबंध होने पर पॉली-असंतृप्त वसा कहा जाता है। ओमेगा-3 और ओमेगा-6 पॉली-असंतृप्त वसीय अम्लों के महत्त्वपूर्ण समूह हैं।

परीक्षा तथ्य: लिनोलिक अम्ल और अल्फा-लिनोलेनिक अम्ल मानव के लिए आवश्यक वसीय अम्ल हैं।

10. न्यूक्लिक अम्ल – DNA एवं RNA

न्यूक्लिक अम्ल ऐसे जैव अणु हैं जो आनुवंशिक सूचना के संग्रह, संचरण और अभिव्यक्ति में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके दो प्रमुख प्रकार DNA (डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल) और RNA (राइबोन्यूक्लिक अम्ल) हैं। न्यूक्लिक अम्ल न्यूक्लियोटाइड नामक इकाइयों से बने होते हैं।

न्यूक्लियोटाइड की संरचना

एक न्यूक्लियोटाइड में तीन घटक होते हैं – नाइट्रोजनी क्षारक, पाँच-कार्बन वाली पेंटोज शर्करा तथा फॉस्फेट समूह। केवल नाइट्रोजनी क्षारक और शर्करा से बना अणु न्यूक्लियोसाइड कहलाता है।

DNA

  • DNA का पूरा नाम Deoxyribonucleic Acid है।
  • अधिकांश जीवों में DNA सामान्यतः द्विकुंडलित (Double Helix) संरचना वाला होता है।
  • इसमें एडेनिन (A), ग्वानिन (G), साइटोसिन (C) और थाइमिन (T) क्षारक पाए जाते हैं।
  • DNA में एडेनिन थाइमिन के साथ तथा ग्वानिन साइटोसिन के साथ युग्म बनाता है।
  • यूकेरियोटिक कोशिकाओं में DNA मुख्यतः केंद्रक में पाया जाता है; माइटोकॉन्ड्रिया और पौधों के क्लोरोप्लास्ट में भी DNA होता है।

RNA

  • RNA का पूरा नाम Ribonucleic Acid है।
  • इसमें राइबोज शर्करा तथा एडेनिन, ग्वानिन, साइटोसिन और यूरेसिल क्षारक होते हैं।
  • अधिकांश कोशिकीय RNA एकल शृंखलित होता है, हालांकि यह मुड़कर जटिल संरचना बना सकता है।
  • प्रोटीन संश्लेषण में RNA की प्रमुख भूमिका होती है।

RNA के प्रमुख प्रकार

RNAपूरा नामकार्य
mRNAMessenger RNADNA से आनुवंशिक संदेश राइबोसोम तक पहुँचाता है।
tRNATransfer RNAप्रोटीन संश्लेषण के समय अमीनो अम्ल राइबोसोम तक लाता है।
rRNARibosomal RNAराइबोसोम का संरचनात्मक एवं क्रियात्मक घटक है।

DNA एवं RNA में अंतर

आधारDNARNA
शर्कराडीऑक्सीराइबोजराइबोज
विशिष्ट क्षारकथाइमिनयूरेसिल
सामान्य संरचनाद्विशृंखलितअधिकांशतः एकल शृंखला
मुख्य भूमिकाआनुवंशिक सूचना का संग्रहआनुवंशिक सूचना की अभिव्यक्ति एवं प्रोटीन संश्लेषण
महत्त्वपूर्ण: DNA में A=T और G=C का नियम सामान्य द्विशृंखलित DNA में चार्गाफ के नियम के रूप में जाना जाता है।

11. एंजाइम – प्रकृति, प्रकार एवं कार्य

एंजाइम जैविक उत्प्रेरक हैं जो जीवों में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं की गति बढ़ाते हैं। अधिकांश एंजाइम प्रोटीन होते हैं, लेकिन कुछ RNA अणु भी उत्प्रेरक की तरह कार्य कर सकते हैं। ऐसे RNA उत्प्रेरकों को राइबोजाइम (Ribozyme) कहा जाता है।

एंजाइम की विशेषताएँ

  • एंजाइम अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) कम करते हैं।
  • ये अभिक्रिया के अंत में सामान्यतः स्वयं स्थायी रूप से खर्च नहीं होते।
  • इनकी क्रिया सामान्यतः विशिष्ट सब्सट्रेट या अभिक्रिया पर होती है।
  • तापमान और pH इनके कार्य को प्रभावित करते हैं।
  • अत्यधिक तापमान या अनुपयुक्त pH से एंजाइम की संरचना बिगड़ सकती है, जिसे विकृतिकरण (Denaturation) कहते हैं।
  • कुछ एंजाइमों को कार्य करने के लिए सहकारक (Cofactor) की आवश्यकता होती है।

एंजाइम के प्रमुख प्रकार

वर्गकार्यउदाहरण
ऑक्सीडोरिडक्टेजऑक्सीकरण-अपचयन अभिक्रियाएँडिहाइड्रोजनेज
ट्रांसफरेजएक अणु से दूसरे में समूह का स्थानांतरणकिनेज
हाइड्रोलेजजल की सहायता से बंधों का टूटनाएमाइलेज, लाइपेज, प्रोटीएज
लायेजजल अपघटन या ऑक्सीकरण के बिना समूह जोड़ना/हटानाडिकार्बोक्सिलेज
आइसोमरेजअणु के भीतर संरचनात्मक पुनर्व्यवस्थाफॉस्फोग्लूकोज आइसोमरेज
लाइगेजऊर्जा की सहायता से दो अणुओं को जोड़नाDNA लाइगेज

पाचन में प्रमुख एंजाइम

एंजाइमस्राव / स्थानमुख्य कार्य
लार एमाइलेज (टायलिन)लार ग्रंथियाँस्टार्च का आंशिक पाचन
पेप्सिनआमाशयप्रोटीन का छोटे पेप्टाइड में पाचन
ट्रिप्सिनअग्न्याशय से स्रावित, छोटी आँत में सक्रियप्रोटीन/पेप्टाइड का पाचन
लाइपेजमुख्यतः अग्न्याशयी रसवसा का पाचन
माल्टेजछोटी आँत की सतहमाल्टोज को ग्लूकोज में तोड़ना
लैक्टेजछोटी आँत की सतहलैक्टोज को ग्लूकोज एवं गैलेक्टोज में तोड़ना
सुक्रेजछोटी आँत की सतहसुक्रोज को ग्लूकोज एवं फ्रक्टोज में तोड़ना
परीक्षा तथ्य: एंजाइम अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा घटाते हैं, लेकिन अभिक्रिया के संतुलन (Equilibrium) को नहीं बदलते।

12. हार्मोन का जैव रासायनिक परिचय

हार्मोन शरीर में अंतःस्रावी ग्रंथियों या विशेष कोशिकाओं द्वारा स्रावित रासायनिक संदेशवाहक हैं। ये रक्त या ऊतक द्रव के माध्यम से लक्ष्य कोशिकाओं तक पहुँचकर शरीर की वृद्धि, उपापचय, प्रजनन, जल संतुलन और अन्य कार्यों को नियंत्रित करते हैं।

रासायनिक प्रकृति के आधार पर हार्मोन

प्रकारउदाहरणसंबंधित ग्रंथि / स्रोत
पेप्टाइड / प्रोटीनइंसुलिन, ग्लूकागॉन, वृद्धि हार्मोनअग्न्याशय, पीयूष ग्रंथि
स्टेरॉयडटेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन, कोर्टिसोलजनन ग्रंथियाँ, अधिवृक्क प्रांतस्था
अमीनो अम्ल व्युत्पन्नथायरॉक्सिन, एड्रेनालिनथायरॉइड, अधिवृक्क मज्जा

कुछ प्रमुख हार्मोन एवं कार्य

  • इंसुलिन: अग्न्याशय की बीटा कोशिकाओं से स्रावित; रक्त ग्लूकोज कम करने में सहायक।
  • ग्लूकागॉन: अग्न्याशय की अल्फा कोशिकाओं से स्रावित; रक्त ग्लूकोज बढ़ाने में सहायक।
  • थायरॉक्सिन (T4): थायरॉइड ग्रंथि से स्रावित; शरीर की चयापचय दर एवं वृद्धि को प्रभावित करता है।
  • एड्रेनालिन: आपातकालीन परिस्थितियों में शरीर की प्रतिक्रिया को तैयार करता है।
  • वृद्धि हार्मोन: शरीर की वृद्धि एवं ऊतकों के विकास में सहायक।
  • ADH: गुर्दों में जल के पुनःअवशोषण को नियंत्रित करता है।
याद रखें: सभी हार्मोन प्रोटीन नहीं होते। इंसुलिन पेप्टाइड हार्मोन है, जबकि टेस्टोस्टेरोन और एस्ट्रोजन स्टेरॉयड हार्मोन हैं।

13. ATP – ऊर्जा की मुद्रा (Energy Currency)

ATP का पूरा नाम एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (Adenosine Triphosphate) है। यह कोशिका में ऊर्जा के तात्कालिक हस्तांतरण का प्रमुख अणु है। इसलिए इसे कोशिका की ऊर्जा मुद्रा कहा जाता है।

ATP की संरचना

ATP में एडेनिन नामक नाइट्रोजनी क्षारक, राइबोज शर्करा और तीन फॉस्फेट समूह होते हैं। एडेनिन और राइबोज मिलकर एडेनोसिन बनाते हैं।

ATP → ADP + Pi + ऊर्जा

ATP के अंतिम फॉस्फेट समूह के हटने पर ADP (Adenosine Diphosphate) और अकार्बनिक फॉस्फेट (Pi) बनते हैं तथा ऊर्जा उपलब्ध होती है। कोशिका इस ऊर्जा का उपयोग मांसपेशी संकुचन, सक्रिय परिवहन, जैव संश्लेषण और अन्य कार्यों में करती है।

ATP का निर्माण

  • कोशिकीय श्वसन में ग्लाइकोलाइसिस, क्रेब्स चक्र तथा ऑक्सीडेटिव फॉस्फोराइलेशन से ATP बनता है।
  • प्रकाश संश्लेषण के प्रकाश अभिक्रिया चरण में पौधों के क्लोरोप्लास्ट में ATP बनता है।
  • ATP का निर्माण ADP और अकार्बनिक फॉस्फेट से भी होता है।
महत्त्वपूर्ण: ATP ऊर्जा का दीर्घकालीन भंडार नहीं है। शरीर में वसा और ग्लाइकोजन जैसे पदार्थ ऊर्जा का संचय करते हैं, जबकि ATP ऊर्जा के तात्कालिक उपयोग और हस्तांतरण में प्रमुख है।

14. विटामिन – प्रकार, स्रोत एवं कार्य

विटामिन ऐसे कार्बनिक सूक्ष्म पोषक तत्व हैं जिनकी शरीर को सामान्य वृद्धि, विकास और चयापचय के लिए कम मात्रा में आवश्यकता होती है। अधिकांश विटामिन शरीर में पर्याप्त मात्रा में नहीं बनते, इसलिए इन्हें भोजन से प्राप्त करना आवश्यक होता है।

विटामिन के प्रकार

घुलनशीलता के आधार पर विटामिन दो समूहों में बाँटे जाते हैं – वसा में घुलनशील और जल में घुलनशील।

1. वसा में घुलनशील विटामिन

विटामिन A, D, E और K वसा में घुलनशील हैं। इनका अवशोषण आहार वसा के साथ होता है और शरीर में इनका कुछ भंडारण हो सकता है।

विटामिनप्रमुख स्रोतमुख्य कार्य
A (रेटिनॉल)गाजर, शकरकंद, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, दूध, अंडे, यकृतदृष्टि, त्वचा एवं प्रतिरक्षा
D (कैल्सीफेरॉल)सूर्य प्रकाश की सहायता से त्वचा में निर्माण, वसायुक्त मछली, अंडे की जर्दी, फोर्टिफाइड खाद्यकैल्शियम एवं फॉस्फेट का अवशोषण, हड्डियाँ
E (टोकोफेरॉल)वनस्पति तेल, मेवे, बीजएंटीऑक्सिडेंट सुरक्षा
K (फाइलोक्विनोन आदि)हरी पत्तेदार सब्जियाँ, कुछ आंतों के जीवाणुरक्त का थक्का जमाने वाले प्रोटीनों के निर्माण में सहायक

2. जल में घुलनशील विटामिन

विटामिन B समूह और विटामिन C जल में घुलनशील हैं। अधिकांश जल में घुलनशील विटामिन शरीर में बहुत कम मात्रा में संग्रहित होते हैं। विटामिन B12 इसका महत्त्वपूर्ण अपवाद है, जिसका भंडारण यकृत में हो सकता है।

विटामिनप्रचलित नाममुख्य स्रोत / कार्य
B1थायमिनसाबुत अनाज, दालें; ऊर्जा चयापचय एवं तंत्रिका कार्य
B2राइबोफ्लेविनदूध, अंडे, हरी सब्जियाँ; ऊर्जा चयापचय
B3नियासिनमांस, मछली, अनाज, मूँगफली; NAD और NADP का घटक
B5पैंटोथेनिक अम्ललगभग सभी खाद्य पदार्थ; कोएंजाइम-A का घटक
B6पाइरिडॉक्सिनदालें, मांस, अनाज; अमीनो अम्ल चयापचय
B7बायोटिनअंडे की जर्दी, मेवे; कार्बोक्सिलेशन अभिक्रियाएँ
B9फोलेट / फोलिक अम्लहरी पत्तेदार सब्जियाँ, दालें; DNA निर्माण एवं लाल रक्त कोशिका निर्माण
B12कोबालामिनमुख्यतः पशु-आधारित खाद्य एवं फोर्टिफाइड खाद्य; तंत्रिका एवं रक्त कोशिका कार्य
Cएस्कॉर्बिक अम्लआँवला, अमरूद, नींबू, संतरा; कोलेजन निर्माण एवं एंटीऑक्सिडेंट
परीक्षा तथ्य: विटामिन A, D, E, K वसा में घुलनशील हैं; B समूह और C जल में घुलनशील हैं।

15. विटामिन की कमी से होने वाले रोग

विटामिनकमी से होने वाला प्रमुख रोग / लक्षणमुख्य प्रभाव
Aरतौंधी (Night Blindness), गंभीर कमी में जेरोफ्थैल्मियारात में देखने में कठिनाई एवं आँखों को क्षति
B1बेरी-बेरीतंत्रिका एवं हृदय संबंधी समस्याएँ
B2अराइबोफ्लेविनोसिसहोंठों के कोनों में दरार, जीभ एवं त्वचा संबंधी लक्षण
B3पेलाग्राडर्मेटाइटिस, डायरिया, डिमेंशिया; गंभीर स्थिति में मृत्यु
B6कमी से एनीमिया एवं तंत्रिका संबंधी लक्षणरक्त एवं तंत्रिका तंत्र प्रभावित
B9मेगालोब्लास्टिक एनीमियालाल रक्त कोशिकाओं का असामान्य निर्माण; गर्भस्थ शिशु में न्यूरल ट्यूब दोष का जोखिम
B12मेगालोब्लास्टिक एनीमिया एवं तंत्रिका क्षतिरक्त निर्माण और तंत्रिका तंत्र प्रभावित
Cस्कर्वीमसूड़ों से रक्तस्राव, घाव भरने में देरी
Dबच्चों में रिकेट्स, वयस्कों में ऑस्टियोमलेशियाहड्डियों का कमजोर एवं मुलायम होना
Eदुर्लभ कमी में तंत्रिका एवं मांसपेशी संबंधी समस्याएँतंत्रिका एवं लाल रक्त कोशिका प्रभावित हो सकती हैं
Kरक्तस्राव की प्रवृत्तिरक्त का थक्का जमने में कठिनाई
बहुत महत्त्वपूर्ण रोग-विटामिन संबंध: रतौंधी–A, बेरी-बेरी–B1, पेलाग्रा–B3, स्कर्वी–C, रिकेट्स–D, रक्त का थक्का जमने में समस्या–K।
सावधानी: विटामिन की अत्यधिक मात्रा भी हानिकारक हो सकती है, विशेषकर वसा में घुलनशील विटामिन A और D। बिना चिकित्सकीय सलाह के उच्च मात्रा में सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है।

16. खनिज तत्व – कैल्शियम, लोहा, आयोडीन, सोडियम, पोटैशियम आदि

खनिज तत्व अकार्बनिक पोषक पदार्थ हैं। शरीर को इनकी आवश्यकता अलग-अलग मात्रा में होती है। प्रमुख खनिजों में कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, सोडियम, पोटैशियम और क्लोराइड शामिल हैं। लौह, जिंक, आयोडीन, सेलेनियम और कॉपर जैसे तत्व कम मात्रा में आवश्यक होते हैं।

तत्वप्रमुख जैविक भूमिकाप्रमुख खाद्य स्रोत
कैल्शियमहड्डी एवं दाँत, मांसपेशी संकुचन, रक्त जमनादूध, दही, तिल, कुछ हरी सब्जियाँ
लोहाहीमोग्लोबिन एवं ऑक्सीजन परिवहनमांस, दालें, हरी पत्तेदार सब्जियाँ
आयोडीनथायरॉइड हार्मोन निर्माणआयोडीन युक्त नमक, समुद्री खाद्य
सोडियमबाह्य कोशिकीय द्रव संतुलन, तंत्रिका आवेगनमक एवं कई खाद्य पदार्थ
पोटैशियमअंतःकोशिकीय द्रव संतुलन, हृदय एवं मांसपेशी कार्यदालें, फल, सब्जियाँ
फॉस्फोरसATP, DNA, RNA, हड्डियाँ एवं दाँतदूध, दालें, मांस, मेवे
मैग्नीशियमएंजाइम क्रिया, तंत्रिका एवं मांसपेशी कार्यमेवे, साबुत अनाज, हरी सब्जियाँ
जिंकप्रतिरक्षा, वृद्धि, घाव भरना, एंजाइममांस, दालें, बीज, मेवे
फ्लोराइडदाँतों के इनेमल को मजबूत करने में सहायकपेयजल एवं कुछ खाद्य पदार्थ
सेलेनियमएंटीऑक्सिडेंट एंजाइमों का घटकमछली, अंडे, अनाज, मेवे

मैक्रो एवं माइक्रो खनिज

जिन खनिजों की शरीर को अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है, उन्हें मैक्रो खनिज कहते हैं। कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, सोडियम, पोटैशियम और क्लोराइड इसके उदाहरण हैं। जिनकी आवश्यकता कम मात्रा में होती है, वे सूक्ष्म या ट्रेस खनिज कहलाते हैं, जैसे लोहा, जिंक, आयोडीन, कॉपर और सेलेनियम।

याद रखने योग्य: हीमोग्लोबिन में लोहा, थायरॉइड हार्मोन में आयोडीन तथा ATP में फॉस्फेट समूह महत्त्वपूर्ण है।

17. चयापचय – उपचय एवं अपचय (Metabolism)

जीवों की कोशिकाओं में लगातार होने वाली सभी रासायनिक अभिक्रियाओं के कुल योग को चयापचय (Metabolism) कहते हैं। इसके दो प्रमुख भाग हैं – उपचय और अपचय।

उपचय (Anabolism)

सरल अणुओं से जटिल अणुओं के निर्माण की प्रक्रिया उपचय कहलाती है। इसमें सामान्यतः ऊर्जा की आवश्यकता होती है। उदाहरण के लिए अमीनो अम्लों से प्रोटीन का निर्माण, ग्लूकोज से ग्लाइकोजन का निर्माण तथा पौधों में प्रकाश संश्लेषण के दौरान कार्बोहाइड्रेट का निर्माण।

अपचय (Catabolism)

जटिल अणुओं के टूटकर सरल अणुओं में बदलने की प्रक्रिया अपचय कहलाती है। इसमें सामान्यतः ऊर्जा मुक्त होती है। उदाहरण – कोशिकीय श्वसन में ग्लूकोज का विघटन तथा पाचन के दौरान भोजन के बड़े अणुओं का छोटे अणुओं में टूटना।

आधारउपचय (Anabolism)अपचय (Catabolism)
प्रकृतिनिर्माणात्मकविघटनात्मक
मुख्य प्रक्रियाछोटे अणुओं से बड़े अणु बननाबड़े अणुओं का छोटे अणुओं में टूटना
ऊर्जासामान्यतः ऊर्जा की आवश्यकतासामान्यतः ऊर्जा मुक्त
उदाहरणप्रोटीन संश्लेषण, प्रकाश संश्लेषणकोशिकीय श्वसन, पाचन
परीक्षा तथ्य: चयापचय में उपचय और अपचय दोनों प्रक्रियाएँ एक साथ चलती हैं। शरीर की वृद्धि, मरम्मत और ऊर्जा संतुलन इन्हीं पर निर्भर करता है।

18. जैविक उत्प्रेरक एवं एंजाइम संबंधी महत्त्वपूर्ण तथ्य

जैविक उत्प्रेरक वे पदार्थ हैं जो जीवों में रासायनिक अभिक्रियाओं की गति बढ़ाते हैं। एंजाइम इनके सबसे प्रमुख उदाहरण हैं। अधिकांश एंजाइम प्रोटीन होते हैं, जबकि कुछ RNA अणु भी उत्प्रेरक गतिविधि दिखाते हैं। एंजाइमों की क्रियाशीलता उनके सक्रिय स्थल (Active Site), सब्सट्रेट, तापमान, pH और सहकारकों पर निर्भर करती है।

एंजाइम से संबंधित प्रमुख शब्द

  • सब्सट्रेट (Substrate): वह पदार्थ जिस पर एंजाइम कार्य करता है।
  • सक्रिय स्थल (Active Site): एंजाइम का वह विशिष्ट क्षेत्र जहाँ सब्सट्रेट जुड़ता है।
  • सहकारक (Cofactor): एंजाइम की क्रिया के लिए आवश्यक गैर-प्रोटीन घटक, जैसे धातु आयन।
  • कोएंजाइम (Coenzyme): कार्बनिक सहकारक; कई कोएंजाइम विटामिन से व्युत्पन्न होते हैं।
  • एपोएंजाइम (Apoenzyme): एंजाइम का प्रोटीन भाग, जो आवश्यक सहकारक के बिना निष्क्रिय हो सकता है।
  • होलोएंजाइम (Holoenzyme): सक्रिय पूर्ण एंजाइम, जिसमें एपोएंजाइम और आवश्यक सहकारक शामिल होते हैं।
  • राइबोजाइम: उत्प्रेरक कार्य करने वाला RNA अणु।
  • डिनैचुरेशन: ताप या pH आदि के कारण प्रोटीन की प्राकृतिक संरचना और क्रियाशीलता का बिगड़ना।

एंजाइम संबंधी महत्त्वपूर्ण तथ्य

  • एंजाइम अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा कम करते हैं।
  • एंजाइम अभिक्रिया के संतुलन स्थिरांक को नहीं बदलते।
  • प्रत्येक एंजाइम का एक उपयुक्त तापमान एवं pH क्षेत्र होता है।
  • मानव शरीर के अनेक एंजाइम लगभग 37°C के आसपास अच्छी तरह कार्य करते हैं, लेकिन सभी एंजाइमों का सर्वोत्तम तापमान समान नहीं होता।
  • पेप्सिन आमाशय के अम्लीय वातावरण में सक्रिय रहता है।
  • ट्रिप्सिन छोटी आँत के क्षारीय वातावरण में सक्रिय रहता है।
  • कुछ एंजाइमों के लिए Mg²⁺, Zn²⁺, Fe²⁺ जैसे धातु आयन आवश्यक होते हैं।
  • एंजाइम का नाम अक्सर -ase पर समाप्त होता है, जैसे एमाइलेज, लाइपेज, प्रोटीएज।
विशेष तथ्य: सभी जैविक उत्प्रेरक प्रोटीन नहीं होते। राइबोजाइम RNA प्रकृति के उत्प्रेरक हैं।

परीक्षा के लिए अति महत्त्वपूर्ण एक-पंक्ति तथ्य

  • जैव रसायन (Biochemistry) में जीवों के रासायनिक संगठन एवं अभिक्रियाओं का अध्ययन किया जाता है।
  • कार्बोहाइड्रेट शरीर का प्रमुख तात्कालिक ऊर्जा स्रोत है।
  • ग्लूकोज का रासायनिक सूत्र C₆H₁₂O₆ है।
  • सुक्रोज को सामान्यतः गन्ने की चीनी कहा जाता है।
  • लैक्टोज दूध में पाई जाने वाली शर्करा है।
  • माल्टोज को माल्ट शर्करा भी कहते हैं।
  • स्टार्च पौधों में भोजन का भंडारण रूप है।
  • ग्लाइकोजन जन्तुओं में ग्लूकोज का प्रमुख भंडारण रूप है।
  • सेल्यूलोज पौधों की कोशिका भित्ति का प्रमुख घटक है।
  • प्रोटीन की मूल इकाई अमीनो अम्ल है।
  • अमीनो अम्लों को जोड़ने वाला बंध पेप्टाइड बंध है।
  • एक ग्राम वसा से लगभग 9 किलो कैलोरी ऊर्जा मिलती है।
  • DNA में थाइमिन तथा RNA में यूरेसिल पाया जाता है।
  • DNA और RNA दोनों न्यूक्लियोटाइड से बने होते हैं।
  • ATP को कोशिका की ऊर्जा मुद्रा कहा जाता है।
  • अधिकांश एंजाइम प्रोटीन प्रकृति के होते हैं।
  • RNA के उत्प्रेरक रूप को राइबोजाइम कहते हैं।
  • इंसुलिन रक्त ग्लूकोज को कम करने में सहायक है।
  • थायरॉक्सिन के निर्माण के लिए आयोडीन आवश्यक है।
  • विटामिन A की कमी से रतौंधी हो सकती है।
  • विटामिन B1 की कमी से बेरी-बेरी होता है।
  • विटामिन B3 की कमी से पेलाग्रा होता है।
  • विटामिन C की कमी से स्कर्वी होता है।
  • विटामिन D की कमी से बच्चों में रिकेट्स होता है।
  • विटामिन K रक्त के थक्के बनने में सहायक है।
  • हीमोग्लोबिन में लोहा पाया जाता है।
  • उपचय निर्माणात्मक तथा अपचय विघटनात्मक प्रक्रिया है।

अभ्यास प्रश्न (MCQs) – 50 महत्त्वपूर्ण प्रश्न

निम्न प्रश्न UP PET, UPSSSC, SSC, Railway, Police, UP SI, Lekhpal, RO/ARO, UPPSC तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के स्तर को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न के नीचे उत्तर एवं संक्षिप्त व्याख्या दी गई है।

प्रश्न 1. प्रोटीन की मूल निर्माण इकाई (Monomer) क्या है?

(A) ग्लूकोज
(B) न्यूक्लियोटाइड
(C) अमीनो अम्ल
(D) वसीय अम्ल
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) अमीनो अम्ल।
प्रोटीन अनेक अमीनो अम्लों से बने होते हैं, जो पेप्टाइड बंधों द्वारा जुड़े रहते हैं। यह प्रश्न UPSSSC PET 2026, 30 अक्टूबर, द्वितीय पाली के प्रश्नपत्र में पूछा गया था।

प्रश्न 2. कोशिका की ऊर्जा मुद्रा किसे कहा जाता है?

(A) DNA
(B) ATP
(C) RNA
(D) ADP
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) ATP।
ATP कोशिका में ऊर्जा के तात्कालिक हस्तांतरण का प्रमुख अणु है।

प्रश्न 3. दूध में पाई जाने वाली प्रमुख शर्करा कौन-सी है?

(A) माल्टोज
(B) फ्रक्टोज
(C) लैक्टोज
(D) सुक्रोज
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) लैक्टोज।
लैक्टोज दूध की शर्करा है। यह ग्लूकोज और गैलेक्टोज से मिलकर बनती है।

प्रश्न 4. पौधों में भोजन का प्रमुख भंडारण रूप क्या है?

(A) ग्लाइकोजन
(B) स्टार्च
(C) ग्लूकोज
(D) सेल्यूलोज
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) स्टार्च।
पौधे अतिरिक्त ग्लूकोज को मुख्यतः स्टार्च के रूप में संचित करते हैं।

प्रश्न 5. जन्तुओं में ग्लूकोज का प्रमुख भंडारण रूप क्या है?

(A) सेल्यूलोज
(B) स्टार्च
(C) ग्लाइकोजन
(D) सुक्रोज
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) ग्लाइकोजन।
ग्लाइकोजन मुख्यतः यकृत और कंकालीय मांसपेशियों में संचित होता है।

प्रश्न 6. पौधों की कोशिका भित्ति का प्रमुख घटक कौन-सा है?

(A) ग्लाइकोजन
(B) सेल्यूलोज
(C) लैक्टोज
(D) माल्टोज
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) सेल्यूलोज।
सेल्यूलोज एक संरचनात्मक पॉलीसैकराइड है जो पौधों की कोशिका भित्ति को मजबूती देता है।

प्रश्न 7. सुक्रोज किन दो मोनोसैकराइड से मिलकर बनता है?

(A) ग्लूकोज + ग्लूकोज
(B) ग्लूकोज + फ्रक्टोज
(C) ग्लूकोज + गैलेक्टोज
(D) फ्रक्टोज + गैलेक्टोज
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) ग्लूकोज + फ्रक्टोज।
सुक्रोज एक डाइसैकराइड है।

प्रश्न 8. माल्टोज के जल अपघटन से क्या प्राप्त होता है?

(A) ग्लूकोज + ग्लूकोज
(B) ग्लूकोज + फ्रक्टोज
(C) ग्लूकोज + गैलेक्टोज
(D) फ्रक्टोज + फ्रक्टोज
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) ग्लूकोज + ग्लूकोज।
माल्टोज दो ग्लूकोज इकाइयों से बना डाइसैकराइड है।

प्रश्न 9. निम्नलिखित में से कौन-सी अनअपचायक शर्करा है?

(A) ग्लूकोज
(B) फ्रक्टोज
(C) सुक्रोज
(D) माल्टोज
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) सुक्रोज।
सुक्रोज में दोनों शर्करा इकाइयों के अपचायक कार्बन ग्लाइकोसिडिक बंध में शामिल होते हैं।

प्रश्न 10. एक ग्राम वसा से लगभग कितनी ऊर्जा प्राप्त होती है?

(A) 4 किलो कैलोरी
(B) 7 किलो कैलोरी
(C) 9 किलो कैलोरी
(D) 2 किलो कैलोरी
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) 9 किलो कैलोरी।
कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन से लगभग 4 किलो कैलोरी प्रति ग्राम, जबकि वसा से लगभग 9 किलो कैलोरी प्रति ग्राम ऊर्जा मिलती है।

प्रश्न 11. DNA में कौन-सा नाइट्रोजनी क्षारक पाया जाता है, जो RNA में सामान्यतः नहीं पाया जाता?

(A) यूरेसिल
(B) थाइमिन
(C) एडेनिन
(D) ग्वानिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) थाइमिन।
DNA में थाइमिन तथा RNA में इसके स्थान पर यूरेसिल पाया जाता है।

प्रश्न 12. RNA में कौन-सी शर्करा पाई जाती है?

(A) ग्लूकोज
(B) फ्रक्टोज
(C) राइबोज
(D) डीऑक्सीराइबोज
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) राइबोज।
RNA में राइबोज तथा DNA में डीऑक्सीराइबोज शर्करा पाई जाती है।

प्रश्न 13. DNA एवं RNA की निर्माण इकाई क्या है?

(A) अमीनो अम्ल
(B) न्यूक्लियोटाइड
(C) ग्लूकोज
(D) ग्लिसरॉल
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) न्यूक्लियोटाइड।
न्यूक्लियोटाइड में नाइट्रोजनी क्षारक, पेंटोज शर्करा और फॉस्फेट समूह होते हैं।

प्रश्न 14. प्रोटीन में अमीनो अम्लों को जोड़ने वाला बंध क्या कहलाता है?

(A) ग्लाइकोसिडिक बंध
(B) पेप्टाइड बंध
(C) हाइड्रोजन बंध
(D) फॉस्फोडाइएस्टर बंध
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) पेप्टाइड बंध।
एक अमीनो अम्ल के कार्बोक्सिल समूह और दूसरे के अमीनो समूह के बीच पेप्टाइड बंध बनता है।

प्रश्न 15. निम्नलिखित में से कौन-सा विटामिन वसा में घुलनशील है?

(A) विटामिन C
(B) विटामिन B1
(C) विटामिन B12
(D) विटामिन D
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) विटामिन D।
A, D, E और K वसा में घुलनशील विटामिन हैं।

प्रश्न 16. विटामिन C की कमी से कौन-सा रोग होता है?

(A) रिकेट्स
(B) स्कर्वी
(C) बेरी-बेरी
(D) पेलाग्रा
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) स्कर्वी।
विटामिन C की कमी से कोलेजन निर्माण प्रभावित होता है और स्कर्वी हो सकता है।

प्रश्न 17. बेरी-बेरी रोग किस विटामिन की कमी से होता है?

(A) B1
(B) B2
(C) B6
(D) B12
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) विटामिन B1।
थायमिन की कमी से बेरी-बेरी रोग होता है।

प्रश्न 18. पेलाग्रा रोग किस विटामिन की कमी से होता है?

(A) B1
(B) B3
(C) B12
(D) C
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) विटामिन B3।
नियासिन की कमी से पेलाग्रा होता है। इसके प्रमुख लक्षण डर्मेटाइटिस, डायरिया और डिमेंशिया हैं।

प्रश्न 19. बच्चों में रिकेट्स रोग किस विटामिन की कमी से होता है?

(A) A
(B) C
(C) D
(D) K
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) विटामिन D।
विटामिन D की कमी से कैल्शियम और फॉस्फेट का संतुलन प्रभावित होता है, जिससे बच्चों की हड्डियाँ कमजोर हो सकती हैं।

प्रश्न 20. रक्त का थक्का जमने में कौन-सा विटामिन महत्त्वपूर्ण है?

(A) A
(B) D
(C) E
(D) K
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) विटामिन K।
विटामिन K रक्त के थक्के बनने वाले कुछ प्रोटीनों के सामान्य कार्य के लिए आवश्यक है।

प्रश्न 21. रतौंधी किस विटामिन की कमी से होती है?

(A) विटामिन A
(B) विटामिन B1
(C) विटामिन C
(D) विटामिन E
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) विटामिन A।
विटामिन A दृष्टि चक्र में महत्त्वपूर्ण है। इसकी कमी से रतौंधी हो सकती है।

प्रश्न 22. हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए कौन-सा खनिज आवश्यक है?

(A) कैल्शियम
(B) लोहा
(C) आयोडीन
(D) सोडियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) लोहा।
हीमोग्लोबिन के हीम समूह में लौह तत्व उपस्थित होता है, जो ऑक्सीजन परिवहन में सहायक है।

प्रश्न 23. घेंघा (Goitre) रोग मुख्यतः किस तत्व की कमी से संबंधित है?

(A) लोहा
(B) कैल्शियम
(C) आयोडीन
(D) पोटैशियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) आयोडीन।
आयोडीन थायरॉइड हार्मोन के निर्माण के लिए आवश्यक है। इसकी कमी से घेंघा हो सकता है।

प्रश्न 24. मानव शरीर में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला खनिज तत्व कौन-सा है?

(A) लोहा
(B) कैल्शियम
(C) आयोडीन
(D) जिंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) कैल्शियम।
मानव शरीर में कैल्शियम सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला खनिज है। इसका अधिकांश भाग हड्डियों और दाँतों में होता है।

प्रश्न 25. निम्नलिखित में से कौन-सा एंजाइम स्टार्च के पाचन में सहायता करता है?

(A) लाइपेज
(B) पेप्सिन
(C) एमाइलेज
(D) ट्रिप्सिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) एमाइलेज।
एमाइलेज स्टार्च को छोटे कार्बोहाइड्रेट में तोड़ता है। यह लार और अग्न्याशयी रस में पाया जाता है।

प्रश्न 26. प्रोटीन के पाचन में आमाशय का प्रमुख एंजाइम कौन-सा है?

(A) पेप्सिन
(B) एमाइलेज
(C) माल्टेज
(D) लाइपेज
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) पेप्सिन।
पेप्सिन आमाशय के अम्लीय वातावरण में प्रोटीन का आंशिक पाचन करता है।

प्रश्न 27. वसा के पाचन में कौन-सा एंजाइम प्रमुख भूमिका निभाता है?

(A) पेप्सिन
(B) लाइपेज
(C) एमाइलेज
(D) माल्टेज
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) लाइपेज।
लाइपेज वसा को वसीय अम्लों और मोनोग्लिसराइड जैसे उत्पादों में तोड़ने में सहायक है।

प्रश्न 28. एंजाइम किस प्रकार कार्य करते हैं?

(A) सक्रियण ऊर्जा बढ़ाकर
(B) सक्रियण ऊर्जा घटाकर
(C) अभिक्रिया का संतुलन बदलकर
(D) उत्पाद को नष्ट करके
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) सक्रियण ऊर्जा घटाकर।
एंजाइम वैकल्पिक कम सक्रियण ऊर्जा वाला मार्ग उपलब्ध कराकर अभिक्रिया की गति बढ़ाते हैं।

प्रश्न 29. RNA के किस प्रकार का मुख्य कार्य अमीनो अम्लों को राइबोसोम तक लाना है?

(A) mRNA
(B) rRNA
(C) tRNA
(D) miRNA
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) tRNA।
ट्रांसफर RNA प्रोटीन संश्लेषण के दौरान उपयुक्त अमीनो अम्ल राइबोसोम तक पहुँचाता है।

प्रश्न 30. निम्नलिखित में से कौन-सा हार्मोन रक्त में ग्लूकोज का स्तर कम करता है?

(A) ग्लूकागॉन
(B) इंसुलिन
(C) एड्रेनालिन
(D) थायरॉक्सिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) इंसुलिन।
इंसुलिन कोशिकाओं द्वारा ग्लूकोज ग्रहण एवं उसके उपयोग/भंडारण को बढ़ाकर रक्त ग्लूकोज कम करने में मदद करता है।

प्रश्न 31. निम्नलिखित में से कौन-सा स्टेरॉयड हार्मोन है?

(A) इंसुलिन
(B) ग्लूकागॉन
(C) टेस्टोस्टेरोन
(D) वृद्धि हार्मोन
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) टेस्टोस्टेरोन।
टेस्टोस्टेरोन कोलेस्ट्रॉल से बनने वाला स्टेरॉयड हार्मोन है।

प्रश्न 32. ATP में कितने फॉस्फेट समूह होते हैं?

(A) एक
(B) दो
(C) तीन
(D) चार
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) तीन।
ATP में एडेनिन, राइबोज और तीन फॉस्फेट समूह होते हैं।

प्रश्न 33. निम्नलिखित में से कौन-सा जल में घुलनशील विटामिन है?

(A) विटामिन A
(B) विटामिन D
(C) विटामिन E
(D) विटामिन C
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) विटामिन C।
विटामिन C और B समूह जल में घुलनशील हैं।

प्रश्न 34. निम्नलिखित में से कौन-सा आवश्यक वसीय अम्ल है?

(A) पामिटिक अम्ल
(B) लिनोलिक अम्ल
(C) स्टीयरिक अम्ल
(D) ब्यूटिरिक अम्ल
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) लिनोलिक अम्ल।
लिनोलिक अम्ल एक आवश्यक ओमेगा-6 पॉली-असंतृप्त वसीय अम्ल है।

प्रश्न 35. निम्नलिखित में से कौन-सा पॉलीसैकराइड है?

(A) ग्लूकोज
(B) फ्रक्टोज
(C) स्टार्च
(D) राइबोज
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) स्टार्च।
स्टार्च अनेक ग्लूकोज इकाइयों से बना पॉलीसैकराइड है।

प्रश्न 36. मानव शरीर में विटामिन B12 का अवशोषण मुख्यतः कहाँ होता है?

(A) आमाशय
(B) ग्रहणी
(C) छोटी आँत का अंतिम भाग (इलियम)
(D) बड़ी आँत
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) छोटी आँत का अंतिम भाग (इलियम)।
विटामिन B12 आंतरिक कारक (Intrinsic Factor) के साथ मिलकर मुख्यतः टर्मिनल इलियम में अवशोषित होता है।

प्रश्न 37. निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ न्यूक्लियोसाइड का घटक नहीं है?

(A) नाइट्रोजनी क्षारक
(B) पेंटोज शर्करा
(C) फॉस्फेट समूह
(D) (A) और (B) दोनों
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) फॉस्फेट समूह।
न्यूक्लियोसाइड में नाइट्रोजनी क्षारक और पेंटोज शर्करा होती है। फॉस्फेट जुड़ने पर न्यूक्लियोटाइड बनता है।

प्रश्न 38. DNA की द्विकुंडलित संरचना का प्रसिद्ध मॉडल किसने प्रस्तुत किया?

(A) डार्विन एवं लैमार्क
(B) वाटसन एवं क्रिक
(C) मेंडल एवं मॉर्गन
(D) पाश्चर एवं कोच
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) वाटसन एवं क्रिक।
जेम्स वाटसन और फ्रांसिस क्रिक ने 1953 में DNA की द्विकुंडलित संरचना का मॉडल प्रस्तुत किया। इस कार्य में रोजालिंड फ्रैंकलिन और मॉरिस विल्किन्स के प्रयोगात्मक योगदान का भी महत्त्वपूर्ण स्थान था।

प्रश्न 39. कोशिका झिल्ली का प्रमुख लिपिड घटक कौन-सा है?

(A) फॉस्फोलिपिड
(B) ग्लाइकोजन
(C) सेल्यूलोज
(D) स्टार्च
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) फॉस्फोलिपिड।
फॉस्फोलिपिड द्विपरत कोशिका झिल्ली का प्रमुख आधार बनाते हैं।

प्रश्न 40. निम्नलिखित में से कौन-सा विटामिन कोलेजन निर्माण में सहायक है?

(A) विटामिन A
(B) विटामिन C
(C) विटामिन D
(D) विटामिन K
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) विटामिन C।
विटामिन C कोलेजन के निर्माण में आवश्यक एंजाइमों के लिए सहायक है।

प्रश्न 41. उपचय (Anabolism) का सही उदाहरण कौन-सा है?

(A) ग्लूकोज का श्वसन द्वारा विघटन
(B) प्रोटीन का पाचन
(C) अमीनो अम्लों से प्रोटीन का निर्माण
(D) वसा का विघटन
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) अमीनो अम्लों से प्रोटीन का निर्माण।
सरल अणुओं से जटिल अणुओं का निर्माण उपचय कहलाता है।

प्रश्न 42. अपचय (Catabolism) की प्रक्रिया में सामान्यतः क्या होता है?

(A) ऊर्जा की खपत
(B) जटिल अणुओं का विघटन
(C) केवल प्रोटीन निर्माण
(D) केवल DNA निर्माण
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) जटिल अणुओं का विघटन।
अपचय में जटिल पदार्थ सरल पदार्थों में टूटते हैं और सामान्यतः ऊर्जा मुक्त होती है।

प्रश्न 43. निम्नलिखित में से कौन-सा एंजाइम नहीं, बल्कि हार्मोन है?

(A) पेप्सिन
(B) एमाइलेज
(C) इंसुलिन
(D) लाइपेज
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) इंसुलिन।
इंसुलिन अग्न्याशय से स्रावित हार्मोन है, जबकि अन्य विकल्प पाचन एंजाइम हैं।

प्रश्न 44. निम्नलिखित में से कौन-सा एंजाइम RNA प्रकृति का उत्प्रेरक है?

(A) राइबोजाइम
(B) पेप्सिन
(C) ट्रिप्सिन
(D) लाइपेज
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) राइबोजाइम।
राइबोजाइम उत्प्रेरक गतिविधि वाला RNA अणु है।

प्रश्न 45. निम्नलिखित में से किस विटामिन की कमी से मेगालोब्लास्टिक एनीमिया हो सकता है?

(A) B9
(B) C
(C) D
(D) K
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) विटामिन B9।
फोलेट की कमी से DNA संश्लेषण प्रभावित होता है और मेगालोब्लास्टिक एनीमिया हो सकता है। B12 की कमी से भी ऐसा एनीमिया होता है।

प्रश्न 46. थायरॉइड हार्मोन के निर्माण के लिए कौन-सा तत्व आवश्यक है?

(A) लोहा
(B) आयोडीन
(C) सोडियम
(D) कैल्शियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) आयोडीन।
थायरॉक्सिन (T4) और ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3) में आयोडीन उपस्थित होता है।

प्रश्न 47. निम्नलिखित में से कौन-सा असंतृप्त वसीय अम्ल का उदाहरण है?

(A) स्टीयरिक अम्ल
(B) पामिटिक अम्ल
(C) ओलिक अम्ल
(D) ब्यूटिरिक अम्ल
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) ओलिक अम्ल।
ओलिक अम्ल एक मोनो-असंतृप्त वसीय अम्ल है।

प्रश्न 48. निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ मानव शरीर में ऊर्जा का सघन भंडार है?

(A) वसा
(B) जल
(C) विटामिन C
(D) खनिज लवण
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) वसा।
वसा प्रति ग्राम लगभग 9 किलो कैलोरी ऊर्जा प्रदान करती है और शरीर में ऊर्जा का सघन भंडारण करती है।

प्रश्न 49. निम्नलिखित में से कौन-सा विटामिन एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करता है?

(A) विटामिन E
(B) विटामिन K
(C) विटामिन B1
(D) विटामिन B12
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) विटामिन E।
विटामिन E कोशिका झिल्लियों में लिपिड के ऑक्सीकरण से सुरक्षा देने वाला प्रमुख एंटीऑक्सिडेंट है।

प्रश्न 50. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

(A) सभी एंजाइम लिपिड होते हैं
(B) सभी हार्मोन प्रोटीन होते हैं
(C) अधिकांश एंजाइम प्रोटीन होते हैं, लेकिन कुछ RNA भी उत्प्रेरक होते हैं
(D) DNA में यूरेसिल पाया जाता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C)।
अधिकांश एंजाइम प्रोटीन प्रकृति के होते हैं, लेकिन राइबोजाइम नामक RNA अणु भी उत्प्रेरक कार्य कर सकते हैं।

त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)

  • कार्बोहाइड्रेट: प्रमुख ऊर्जा स्रोत; ग्लूकोज इसकी महत्त्वपूर्ण इकाई।
  • प्रोटीन: अमीनो अम्लों से निर्मित; पेप्टाइड बंध द्वारा जुड़ते हैं।
  • लिपिड: ऊर्जा संचय; कोशिका झिल्ली में फॉस्फोलिपिड महत्त्वपूर्ण।
  • DNA: डीऑक्सीराइबोज शर्करा और थाइमिन युक्त आनुवंशिक पदार्थ।
  • RNA: राइबोज शर्करा और यूरेसिल युक्त न्यूक्लिक अम्ल।
  • ATP: कोशिका की ऊर्जा मुद्रा।
  • एंजाइम: जैविक उत्प्रेरक; सक्रियण ऊर्जा कम करते हैं।
  • इंसुलिन: रक्त ग्लूकोज कम करता है।
  • विटामिन A: दृष्टि; कमी से रतौंधी।
  • विटामिन B1: थायमिन; कमी से बेरी-बेरी।
  • विटामिन B3: नियासिन; कमी से पेलाग्रा।
  • विटामिन C: एस्कॉर्बिक अम्ल; कमी से स्कर्वी।
  • विटामिन D: कैल्शियम अवशोषण; कमी से रिकेट्स।
  • विटामिन K: रक्त का थक्का जमाने में सहायक।
  • लोहा: हीमोग्लोबिन का घटक।
  • आयोडीन: थायरॉइड हार्मोन के लिए आवश्यक।
  • उपचय: निर्माणात्मक प्रक्रिया; ऊर्जा की आवश्यकता।
  • अपचय: विघटनात्मक प्रक्रिया; सामान्यतः ऊर्जा मुक्त।

संदर्भ एवं अध्ययन सामग्री

इस अध्याय की वैज्ञानिक अवधारणाओं एवं तथ्यों के अध्ययन और सत्यापन के लिए निम्नलिखित शैक्षणिक तथा सरकारी स्रोत उपयोगी हैं।

प्रश्नों के संबंध में: UPSSSC PET 2026 के 30 अक्टूबर, द्वितीय पाली में प्रोटीन की एकलक इकाई पर पूछा गया प्रश्न वास्तविक परीक्षा प्रश्न के रूप में चिह्नित है। अन्य प्रश्न अध्याय की अवधारणाओं पर आधारित अभ्यास प्रश्न हैं; उन्हें किसी विशिष्ट परीक्षा का वास्तविक PYQ न माना जाए।

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