अध्याय 10 – उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण प्रथम एवं विशिष्ट तथ्य
Firsts, Superlatives and Distinctive Facts of Uttar Pradesh
प्रथम व्यक्ति | राजनीतिक एवं प्रशासनिक इतिहास | बड़े-छोटे जिले | ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक रिकॉर्ड
Advanced Level Notes 50 Practice MCQs UPPSC • UPSSSC • RO/ARO • ASO/ARO1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि : “प्रथम” तथ्यों को समझने का आधार
उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक इतिहास में कई नाम और पद अलग-अलग समय पर प्रयुक्त हुए। वर्तमान उत्तर प्रदेश का प्रशासनिक इतिहास समझने के लिए उत्तर-पश्चिमी प्रांत, अवध, संयुक्त प्रांत और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक क्रम को ध्यान में रखना चाहिए। इसी कारण “प्रथम मुख्यमंत्री” और “प्रथम प्रीमियर” जैसे प्रश्नों के उत्तर में ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख आवश्यक है।
| वर्ष | ऐतिहासिक स्थिति | महत्त्व |
|---|---|---|
| 1937 | United Provinces में प्रांतीय स्वायत्तता के अंतर्गत मंत्रिमंडल का गठन | प्रांतीय संसदीय शासन का महत्वपूर्ण चरण |
| 3 अप्रैल 1937 | नवाब छतारी ने प्रीमियर के रूप में कार्यभार संभाला | प्रथम प्रीमियर |
| 17 जुलाई 1937 | गोविंद बल्लभ पंत ने प्रीमियर पद संभाला | प्रथम कांग्रेस मंत्रिमंडल के नेता |
| 26 जनवरी 1950 | संविधान लागू; राज्य का नाम उत्तर प्रदेश | नए संवैधानिक राज्य की शुरुआत |
| 8 मार्च 1952 | पहली निर्वाचित विधानसभा का गठन | पहली विधानसभा का कार्यकाल प्रारंभ |
नवाब छतारी – 1937 के प्रथम प्रीमियर।
गोविंद बल्लभ पंत – 1937 में कांग्रेस मंत्रिमंडल के नेता तथा 26 जनवरी 1950 से उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री।
2. उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण प्रथम व्यक्ति एवं पद
2.1 प्रथम मुख्यमंत्री
पंडित गोविंद बल्लभ पंत उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री माने जाते हैं। उन्होंने 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के बाद मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। इससे पहले वे संयुक्त प्रांत के प्रीमियर के रूप में कार्य कर चुके थे। उनका कार्यकाल 20 मई 1952 तक रहा और बाद में उन्होंने पुनः मुख्यमंत्री पद संभाला।
गोविंद बल्लभ पंत का उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान रहा। जमींदारी उन्मूलन, प्रशासनिक पुनर्गठन और स्वतंत्र भारत के शुरुआती शासन की संस्थागत व्यवस्था उनके कार्यकाल के प्रमुख संदर्भ हैं।
2.2 प्रथम प्रीमियर – नवाब छतारी
3 अप्रैल 1937 को नवाब मुहम्मद अहमद सईद खान, जिन्हें नवाब छतारी के नाम से जाना जाता है, संयुक्त प्रांत के प्रीमियर बने। प्रीमियर शब्द का प्रयोग उस समय प्रांतीय सरकार के प्रमुख के लिए किया जाता था। बाद में गोविंद बल्लभ पंत ने 17 जुलाई 1937 को यह पद संभाला।
2.3 प्रथम राज्यपाल और ऐतिहासिक अंतर
राज्यपाल से संबंधित प्रश्नों में समय-सीमा स्पष्ट रखना आवश्यक है। स्वतंत्रता के बाद 15 अगस्त 1947 को सरोजिनी नायडू ने संयुक्त प्रांत की राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभाला। वे स्वतंत्र भारत में किसी राज्य की पहली महिला राज्यपाल भी थीं।
सरोजिनी नायडू का कार्यकाल 2 मार्च 1949 तक रहा। इसके बाद हरमसजी पेरोशा मोदी ने 2 मई 1949 से 1 जून 1952 तक राज्यपाल का पद संभाला। 26 जनवरी 1950 को जब संयुक्त प्रांत का नाम उत्तर प्रदेश हुआ, उस समय राज्यपाल H. P. Modi थे।
सरोजिनी नायडू – स्वतंत्र भारत में संयुक्त प्रांत की प्रथम राज्यपाल तथा भारत की पहली महिला राज्यपाल।
H. P. Modi – 26 जनवरी 1950 को नाम परिवर्तन के समय पद पर कार्यरत राज्यपाल।
इसलिए प्रश्न की भाषा के अनुसार उत्तर चुनें।
2.4 प्रथम महिला मुख्यमंत्री – सुचेता कृपलानी
सुचेता कृपलानी 2 अक्टूबर 1963 को उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं। वे भारत के किसी राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं। उनका कार्यकाल 13 मार्च 1967 तक रहा। वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से भी जुड़ी हुई थीं और संविधान सभा की सदस्य रही थीं।
उनकी नियुक्ति भारतीय राजनीति में महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका का महत्वपूर्ण पड़ाव थी। प्रतियोगी परीक्षाओं में उनसे संबंधित प्रश्न अक्सर प्रथम महिला मुख्यमंत्री, पदभार ग्रहण करने की तिथि और कार्यकाल पर आधारित होते हैं।
2.5 प्रथम विधानसभा अध्यक्ष – राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन
उत्तर प्रदेश की पहली विधानसभा की बैठक 29 जुलाई 1937 को हुई थी। 31 जुलाई 1937 को राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन अध्यक्ष और श्री अब्दुल हकीम उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए। इस प्रकार टंडन उत्तर प्रदेश की प्रांतीय विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष थे।
संविधान लागू होने के बाद 2 फरवरी 1950 को उत्तर प्रदेश की अस्थायी विधानमंडलीय व्यवस्था की पहली बैठक हुई और पुरुषोत्तम दास टंडन को अध्यक्ष के रूप में शपथ दिलाई गई। यह तथ्य 1937 के प्रथम चुनाव और 1950 की संवैधानिक व्यवस्था के बीच अंतर समझने में मदद करता है।
2.6 महत्वपूर्ण प्रथम : एक नजर में
| प्रश्न/पद | व्यक्ति | तिथि/वर्ष |
|---|---|---|
| प्रथम प्रीमियर | नवाब छतारी | 3 अप्रैल 1937 |
| प्रथम कांग्रेस प्रीमियर | गोविंद बल्लभ पंत | 17 जुलाई 1937 |
| उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री | गोविंद बल्लभ पंत | 26 जनवरी 1950 |
| स्वतंत्र भारत में संयुक्त प्रांत की प्रथम राज्यपाल | सरोजिनी नायडू | 15 अगस्त 1947 |
| नाम परिवर्तन के समय राज्यपाल | H. P. Modi | 26 जनवरी 1950 |
| प्रथम महिला मुख्यमंत्री | सुचेता कृपलानी | 2 अक्टूबर 1963 |
| प्रथम विधानसभा अध्यक्ष | राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन | 31 जुलाई 1937 |
| प्रथम उपाध्यक्ष | श्री अब्दुल हकीम | 31 जुलाई 1937 |
3. प्रमुख राजनीतिक एवं प्रशासनिक विशिष्ट तथ्य
3.1 प्रथम गैर-कांग्रेसी सरकार
1967 के विधानसभा चुनावों के बाद उत्तर प्रदेश में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। चौधरी चरण सिंह ने संयुक्त विधायक दल के समर्थन से 3 अप्रैल 1967 को मुख्यमंत्री पद संभाला। यह राज्य की राजनीति में कांग्रेस के लंबे वर्चस्व के बाद एक महत्वपूर्ण परिवर्तन था।
3.2 पहली महिला मुख्यमंत्री और पहली महिला राज्यपाल में अंतर
- सरोजिनी नायडू – स्वतंत्र भारत में किसी राज्य की पहली महिला राज्यपाल।
- सुचेता कृपलानी – भारत के किसी राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री।
- दोनों का संबंध उत्तर प्रदेश/तत्कालीन संयुक्त प्रांत के प्रशासनिक इतिहास से है, लेकिन पद और काल अलग हैं।
3.3 पहली विधानसभा और वर्तमान विधानसभा की संरचना
उत्तर प्रदेश की पहली विधानसभा 8 मार्च 1952 को गठित हुई। वर्तमान विधानसभा में 403 निर्वाचित सदस्य हैं। उत्तर प्रदेश विधानमंडल द्विसदनीय है, अर्थात इसमें विधानसभा और विधान परिषद दोनों हैं। विधान परिषद में 100 सदस्य हैं।
| संस्था | संरचना | विशेष तथ्य |
|---|---|---|
| विधानसभा | 403 निर्वाचित सदस्य | निम्न सदन |
| विधान परिषद | 100 सदस्य | उच्च सदन, स्थायी सदन |
| लोकसभा में उत्तर प्रदेश | 80 सीटें | देश में सर्वाधिक लोकसभा सीटें |
| राज्यसभा में उत्तर प्रदेश | 31 सीटें | राज्यों में सर्वाधिक प्रतिनिधित्व |
3.4 मुख्यमंत्री के कार्यकाल से जुड़े विशिष्ट तथ्य
- गोविंद बल्लभ पंत – उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री।
- सुचेता कृपलानी – भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री।
- चौधरी चरण सिंह – राज्य के प्रथम गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री।
- मायावती – उत्तर प्रदेश की पहली दलित महिला मुख्यमंत्री।
- योगी आदित्यनाथ – 2022 में लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटने वाले उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री, जिन्होंने पूर्ण पाँच वर्षीय कार्यकाल के बाद पुनः सरकार बनाई।
इन तथ्यों में “पहली बार मुख्यमंत्री बनना”, “पहली महिला मुख्यमंत्री होना”, “पहली गैर-कांग्रेसी सरकार” और “पूर्ण कार्यकाल के बाद पुनर्निर्वाचन” अलग-अलग उपलब्धियाँ हैं। इन्हें एक-दूसरे के स्थान पर न लिखें।
4. उत्तर प्रदेश के जिले : क्षेत्रफल एवं जनसंख्या के आधार पर विशिष्ट तथ्य
जिला आधारित प्रश्नों में सबसे अधिक भ्रम क्षेत्रफल और जनसंख्या की अलग-अलग रैंकिंग के कारण होता है। किसी जिले का क्षेत्रफल बड़ा होने का अर्थ यह नहीं कि उसकी जनसंख्या भी सबसे अधिक होगी। इसी प्रकार जनसंख्या के आधार पर सबसे बड़ा जिला और क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ा जिला अलग हो सकते हैं।
4.1 क्षेत्रफल के आधार पर
| विशेषता | जिला | क्षेत्रफल | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| सबसे बड़े जिलों में प्रमुख | लखीमपुर खीरी | लगभग 7,680 वर्ग किमी | तराई क्षेत्र का विस्तृत जिला |
| सबसे छोटे जिलों में प्रमुख | हापुड़ | लगभग 660 वर्ग किमी | वर्तमान जिला प्रशासन की Demography प्रविष्टि |
4.2 जनसंख्या के आधार पर – जनगणना 2011
| विशेषता | जिला | जनसंख्या (लगभग) | संदर्भ |
|---|---|---|---|
| सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला | इलाहाबाद (अब प्रयागराज) | 59.54 लाख | जनगणना 2011 |
| न्यूनतम जनसंख्या वाले जिलों में | महोबा | लगभग 8.76 लाख | जनगणना 2011 |
4.3 जिला विशेषताओं का तुलनात्मक अध्ययन
- लखीमपुर खीरी – तराई क्षेत्र, दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और नेपाल सीमा के निकटता के कारण विशिष्ट।
- प्रयागराज – गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम, कुंभ और उच्च न्यायालय के लिए प्रसिद्ध।
- महोबा – बुंदेलखंड का ऐतिहासिक जिला, चंदेलकालीन धरोहर और वीर आल्हा-ऊदल की परंपरा से संबंधित।
- सोनभद्र – खनिज, ऊर्जा परियोजनाओं और बहुराज्यीय सीमा-स्थिति के कारण महत्वपूर्ण।
- गौतम बुद्ध नगर – नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कारण औद्योगिक, शहरी एवं सूचना प्रौद्योगिकी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र।
5. प्रमुख भौगोलिक एवं प्राकृतिक विशिष्टताएँ
5.1 दुधवा राष्ट्रीय उद्यान
दुधवा राष्ट्रीय उद्यान उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्थित है। यह तराई क्षेत्र के वन, घासभूमि और जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। दुधवा क्षेत्र बाघ, बारहसिंगा, हाथी तथा अनेक पक्षी प्रजातियों के संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह उत्तर प्रदेश के प्रमुख संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्रों में शामिल है।
5.2 सोनभद्र की विशिष्ट स्थिति
सोनभद्र उत्तर प्रदेश का दक्षिण-पूर्वी जिला है। इसकी भौगोलिक स्थिति विशेष है क्योंकि यह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार की सीमाओं से जुड़ता है। इसे उत्तर प्रदेश का बहुराज्यीय सीमा-संपर्क वाला विशिष्ट जिला माना जाता है।
5.3 बुंदेलखंड की भौगोलिक पहचान
झाँसी, जालौन, ललितपुर, हमीरपुर, महोबा, बाँदा और चित्रकूट जैसे जिले बुंदेलखंड क्षेत्र की पहचान बनाते हैं। पठारी धरातल, कठोर चट्टानी संरचना, अपेक्षाकृत कम वर्षा, जल-संकट और ऐतिहासिक दुर्ग इस क्षेत्र की प्रमुख विशेषताएँ हैं।
5.4 तराई क्षेत्र
उत्तर प्रदेश का उत्तरी भाग नेपाल सीमा के निकट तराई क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। यहाँ आर्द्र जलवायु, दलदली भूमि, घास के मैदान और वन्यजीवों की विविधता पाई जाती है। लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और महाराजगंज जैसे जिले इस भौगोलिक पट्टी के महत्वपूर्ण भाग हैं।
5.5 नदियों से जुड़ी विशिष्टताएँ
- गंगा और यमुना का संगम – प्रयागराज।
- गोमती नदी का प्रमुख शहरी तट – लखनऊ।
- घाघरा नदी – पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदी प्रणाली।
- बेतवा और केन – बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ।
- सोन नदी – दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की नदी प्रणाली से संबंधित।
6. ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विशिष्टताएँ
6.1 प्रयागराज का कुंभ मेला
प्रयागराज का कुंभ मेला भारत की प्रमुख धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं में से एक है। UNESCO ने कुंभ मेले को 2017 में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया। UNESCO के विवरण में इसे विशाल शांतिपूर्ण तीर्थ-समागम के रूप में वर्णित किया गया है।
6.2 ताजमहल और आगरा
आगरा का ताजमहल मुगल स्थापत्य कला का विश्वप्रसिद्ध उदाहरण है। इसे UNESCO की विश्व धरोहर सूची में 1983 में शामिल किया गया। आगरा किला और फतेहपुर सीकरी भी उत्तर प्रदेश की प्रमुख विश्व धरोहर संपदाएँ हैं।
6.3 सारनाथ और बौद्ध विरासत
वाराणसी के निकट सारनाथ वह स्थान है जहाँ गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना प्रथम उपदेश दिया था। सारनाथ का अशोक स्तंभ भारतीय इतिहास, बौद्ध कला और राष्ट्रीय प्रतीक के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
6.4 कुशीनगर
कुशीनगर बौद्ध धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल है। बौद्ध परंपरा के अनुसार गौतम बुद्ध ने यहीं महापरिनिर्वाण प्राप्त किया। यह अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन सर्किट का महत्वपूर्ण केंद्र है।
6.5 अयोध्या, मथुरा और वाराणसी
- अयोध्या – रामायण परंपरा और श्रीराम से जुड़ी धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान।
- मथुरा-वृंदावन – श्रीकृष्ण की जन्मभूमि और लीला-स्थल की परंपरा।
- वाराणसी – गंगा तट, काशी विश्वनाथ मंदिर, शिक्षा, संगीत और प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा।
- चित्रकूट – रामायण परंपरा, वनवास प्रसंग और धार्मिक पर्यटन।
6.6 प्रमुख शिल्प एवं सांस्कृतिक पहचान
| क्षेत्र/नगर | प्रमुख विशिष्टता |
|---|---|
| लखनऊ | चिकनकारी, अवधी संस्कृति, तहजीब |
| वाराणसी | बनारसी रेशम, संगीत, घाट और धार्मिक विरासत |
| मुरादाबाद | पीतल उद्योग एवं धातु शिल्प |
| भदोही | कालीन उद्योग |
| फिरोजाबाद | काँच एवं चूड़ी उद्योग |
| कन्नौज | इत्र एवं सुगंध उद्योग |
| आगरा | संगमरमर जड़ाई, चमड़ा एवं पर्यटन |
| सहारनपुर | लकड़ी की नक्काशी |
| अलीगढ़ | ताला उद्योग |
| कानपुर | चमड़ा, वस्त्र एवं औद्योगिक गतिविधियाँ |
7. राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश की विशिष्ट उपलब्धियाँ एवं रिकॉर्ड
7.1 सर्वाधिक लोकसभा सीटें
उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें हैं, जो किसी भी भारतीय राज्य में सर्वाधिक हैं। इसी कारण राष्ट्रीय राजनीति और केंद्र सरकार के गठन में उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण स्थान है।
7.2 सबसे बड़ी विधानमंडलीय संस्थाओं में प्रमुख
उत्तर प्रदेश की विधानसभा में 403 निर्वाचित सदस्य हैं और विधान परिषद में 100 सदस्य हैं। उत्तर प्रदेश विधानमंडल को देश की सबसे बड़ी विधानमंडलीय संस्थाओं में गिना जाता है।
7.3 कुंभ मेला – UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत
कुंभ मेला 2017 में UNESCO की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल हुआ। यह किसी स्मारक या भवन की विश्व धरोहर सूची से अलग श्रेणी है।
7.4 विश्व धरोहर स्थल
उत्तर प्रदेश में स्थित प्रमुख UNESCO विश्व धरोहर संपदाएँ:
- ताजमहल – आगरा।
- आगरा किला – आगरा।
- फतेहपुर सीकरी – आगरा के निकट।
7.5 राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव
दुधवा राष्ट्रीय उद्यान उत्तर प्रदेश का प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान है। इसके अतिरिक्त पीलीभीत, कतर्नियाघाट, किशनपुर और राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य जैसे संरक्षित क्षेत्र जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण हैं। संरक्षित क्षेत्रों की कानूनी श्रेणियों में राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य और टाइगर रिजर्व का अंतर समझना चाहिए।
7.6 महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय उपलब्धियाँ
- उत्तर प्रदेश भारत का सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य है (जनगणना 2011)।
- उत्तर प्रदेश लोकसभा में सर्वाधिक 80 सीटों वाला राज्य है।
- राज्य की विधानसभा में 403 निर्वाचित सदस्य हैं।
- राज्य में हिंदी आधिकारिक भाषा है तथा उर्दू को भी दूसरी आधिकारिक भाषा का दर्जा प्राप्त है।
- कुंभ मेला UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल है।
8. महत्वपूर्ण प्रथम एवं राजनीतिक घटनाओं का कालक्रम
| वर्ष/तिथि | घटना |
|---|---|
| 3 अप्रैल 1937 | नवाब छतारी संयुक्त प्रांत के प्रथम प्रीमियर बने |
| 17 जुलाई 1937 | गोविंद बल्लभ पंत ने प्रीमियर पद संभाला |
| 29 जुलाई 1937 | पहली विधानसभा की बैठक |
| 31 जुलाई 1937 | पुरुषोत्तम दास टंडन प्रथम अध्यक्ष निर्वाचित |
| 15 अगस्त 1947 | सरोजिनी नायडू संयुक्त प्रांत की राज्यपाल बनीं |
| 2 मई 1949 | H. P. Modi ने राज्यपाल पद संभाला |
| 26 जनवरी 1950 | संविधान लागू; राज्य का नाम उत्तर प्रदेश |
| 8 मार्च 1952 | पहली निर्वाचित विधानसभा का गठन |
| 2 अक्टूबर 1963 | सुचेता कृपलानी प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनीं |
| 3 अप्रैल 1967 | चौधरी चरण सिंह प्रथम गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने |
| 2017 | कुंभ मेला UNESCO अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल |
9. Quick Revision – परीक्षा से पहले याद करें
प्रथम मुख्यमंत्री: गोविंद बल्लभ पंत (26 जनवरी 1950)।
स्वतंत्र भारत में संयुक्त प्रांत की प्रथम राज्यपाल: सरोजिनी नायडू।
26 जनवरी 1950 को राज्यपाल: H. P. Modi।
प्रथम महिला मुख्यमंत्री: सुचेता कृपलानी (2 अक्टूबर 1963)।
प्रथम विधानसभा अध्यक्ष: राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन।
प्रथम उपाध्यक्ष: अब्दुल हकीम।
प्रथम गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री: चौधरी चरण सिंह (1967)।
प्रमुख क्षेत्रफल वाला जिला: लखीमपुर खीरी।
2011 में सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला: इलाहाबाद (अब प्रयागराज)।
लोकसभा सीटें: 80।
विधानसभा सदस्य: 403 निर्वाचित सदस्य।
विधान परिषद सदस्य: 100।
UNESCO अमूर्त सांस्कृतिक विरासत: कुंभ मेला (2017)।
विश्व धरोहर स्थल: ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी।
परीक्षा में होने वाली सामान्य गलतियाँ
- नवाब छतारी को 1950 के बाद का मुख्यमंत्री न लिखें; वे 1937 के प्रथम प्रीमियर थे।
- गोविंद बल्लभ पंत को 1937 के पहले प्रीमियर के रूप में न लिखें; वे नवाब छतारी के बाद प्रीमियर बने।
- सरोजिनी नायडू का संदर्भ संयुक्त प्रांत के राज्यपाल और स्वतंत्र भारत की पहली महिला राज्यपाल के रूप में दें।
- H. P. Modi 26 जनवरी 1950 को राज्यपाल थे; यह तथ्य सरोजिनी नायडू के कार्यकाल से अलग है।
- सुचेता कृपलानी भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं।
- पुरुषोत्तम दास टंडन 1937 में प्रथम विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
- जिले की जनसंख्या संबंधी प्रश्न में जनगणना वर्ष अवश्य देखें।
- कुंभ मेला अमूर्त सांस्कृतिक विरासत है, जबकि ताजमहल भौतिक विश्व धरोहर है।
10. 50 महत्वपूर्ण अभ्यास प्रश्न (MCQ)
नीचे दिए गए प्रश्न मौलिक अभ्यास प्रश्न हैं। इन्हें वास्तविक PYQ के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। प्रत्येक प्रश्न के उत्तर के साथ तथ्यात्मक व्याख्या दी गई है।
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26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के बाद गोविंद बल्लभ पंत उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बने।
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नवाब मुहम्मद अहमद सईद खान, जिन्हें नवाब छतारी कहा जाता है, 3 अप्रैल 1937 को संयुक्त प्रांत के प्रथम प्रीमियर बने।
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नवाब छतारी के बाद 17 जुलाई 1937 को गोविंद बल्लभ पंत प्रीमियर बने।
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उन्होंने 15 अगस्त 1947 को संयुक्त प्रांत की राज्यपाल के रूप में पदभार संभाला।
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आधिकारिक राज्यपाल कार्यकाल सूची में सरोजिनी नायडू का कार्यकाल 15 अगस्त 1947 से 2 मार्च 1949 तक दिया गया है।
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हरमसजी पेरोशा मोदी 2 मई 1949 से 1 जून 1952 तक राज्यपाल रहे। 26 जनवरी 1950 को वे पद पर थे।
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सुचेता कृपलानी 2 अक्टूबर 1963 को उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं और भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं।
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उनका कार्यकाल 2 अक्टूबर 1963 से 13 मार्च 1967 तक रहा।
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31 जुलाई 1937 को राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन विधानसभा अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
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विधानसभा का आधिकारिक इतिहास पहली बैठक की तिथि 29 जुलाई 1937 बताता है।
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पहली बैठक 29 जुलाई को हुई और अध्यक्ष का चुनाव 31 जुलाई को हुआ।
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31 जुलाई 1937 को अब्दुल हकीम प्रथम विधानसभा के उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए थे।
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1967 में संयुक्त विधायक दल के समर्थन से चौधरी चरण सिंह मुख्यमंत्री बने। यह उत्तर प्रदेश की पहली गैर-कांग्रेसी सरकार थी।
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उनका पहला मुख्यमंत्री कार्यकाल 3 अप्रैल 1967 से 25 फरवरी 1968 तक था।
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विधानसभा के आधिकारिक अवलोकन में पहली विधानसभा का गठन 8 मार्च 1952 बताया गया है।
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वर्तमान विधानसभा में 403 निर्वाचित सदस्य हैं। पुराने दस्तावेजों में नामित एंग्लो-इंडियन सदस्य सहित 404 का उल्लेख मिलता है।
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उत्तर प्रदेश की विधान परिषद में 100 सदस्य हैं।
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उत्तर प्रदेश 80 लोकसभा सीटों के साथ देश में सर्वाधिक प्रतिनिधित्व वाला राज्य है।
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राज्य में विधानसभा और विधान परिषद दो सदन हैं।
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प्रांतीय स्वायत्तता के लागू होने के बाद 3 अप्रैल 1937 को नवाब छतारी प्रथम प्रीमियर बने।
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लखीमपुर खीरी का क्षेत्रफल लगभग 7,680 वर्ग किमी है। क्षेत्रफल संबंधी प्रश्न में प्रयुक्त प्रशासनिक वर्ष और स्रोत को ध्यान में रखना चाहिए।
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हापुड़ जिला प्रशासन की Demography प्रविष्टि में 660 वर्ग किमी क्षेत्रफल दिया गया है। अलग-अलग सरकारी पृष्ठों में आँकड़ों का अद्यतन अलग समय पर हुआ है।
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2011 में इलाहाबाद जिले की जनसंख्या लगभग 59.54 लाख थी। वर्तमान नाम प्रयागराज है।
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लखीमपुर खीरी नेपाल सीमा के निकट तराई क्षेत्र में स्थित है। यहाँ वन, घासभूमि और आर्द्र पारिस्थितिकी तंत्र मिलते हैं।
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सोनभद्र की सीमाएँ मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार से मिलती हैं।
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दुधवा राष्ट्रीय उद्यान उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में लखीमपुर खीरी जिले में स्थित है।
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UNESCO ने 2017 में कुंभ मेले को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया।
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कुंभ मेला एक जीवित धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा है, इसलिए इसे अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में सूचीबद्ध किया गया।
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ताजमहल आगरा में यमुना नदी के किनारे स्थित मुगलकालीन स्थापत्य स्मारक है।
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ये तीनों आगरा क्षेत्र की प्रमुख भौतिक सांस्कृतिक विश्व धरोहर संपदाएँ हैं।
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गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद सारनाथ में अपना प्रथम उपदेश दिया था।
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बौद्ध परंपरा के अनुसार गौतम बुद्ध ने कुशीनगर में महापरिनिर्वाण प्राप्त किया।
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वाराणसी की बनारसी साड़ी और रेशमी वस्त्र परंपरा राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है।
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कन्नौज पारंपरिक इत्र निर्माण और सुगंध उद्योग का प्रमुख केंद्र है।
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मुरादाबाद को पीतल नगरी के रूप में जाना जाता है। यहाँ धातु शिल्प और निर्यात आधारित उद्योग विकसित हैं।
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भदोही कालीन निर्माण और निर्यात के लिए प्रसिद्ध है।
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फिरोजाबाद काँच और चूड़ी निर्माण का प्रमुख केंद्र है।
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अलीगढ़ ताला निर्माण और धातु आधारित लघु उद्योगों के लिए प्रसिद्ध है।
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सहारनपुर लकड़ी की नक्काशी और हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध है।
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बुंदेलखंड में पठारी संरचना, कठोर चट्टानें और जल-संसाधन की चुनौतियाँ प्रमुख हैं।
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प्रयागराज का त्रिवेणी संगम गंगा, यमुना और धार्मिक परंपरा में अदृश्य सरस्वती से जुड़ा है।
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80 लोकसभा सीटें होने के कारण केंद्रीय संसद में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व सबसे अधिक है।
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लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में स्थित है और नेपाल सीमा से जुड़ा है।
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सुचेता कृपलानी का कार्यकाल 2 अक्टूबर 1963 से 13 मार्च 1967 तक था।
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सुचेता कृपलानी भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं।
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फिरोजाबाद काँच और चूड़ी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। ताला उद्योग की पहचान अलीगढ़ से जुड़ी है।
1. सुचेता कृपलानी मुख्यमंत्री बनीं।
2. नवाब छतारी प्रीमियर बने।
3. उत्तर प्रदेश का नामकरण हुआ।
4. पुरुषोत्तम दास टंडन विधानसभा अध्यक्ष बने।
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1937 में नवाब छतारी प्रीमियर बने, उसी वर्ष टंडन अध्यक्ष निर्वाचित हुए, 1950 में राज्य का नाम उत्तर प्रदेश हुआ और 1963 में सुचेता कृपलानी मुख्यमंत्री बनीं।
1. सरोजिनी नायडू स्वतंत्र भारत में संयुक्त प्रांत की प्रथम राज्यपाल थीं।
2. H. P. Modi 26 जनवरी 1950 को राज्यपाल थे।
3. सुचेता कृपलानी भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं।
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तीनों कथन अलग-अलग ऐतिहासिक पदों और तिथियों पर आधारित हैं।
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प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेला भारतीय धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण आयोजन है। UNESCO ने कुंभ मेले को 2017 में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया।
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ताजमहल भौतिक विश्व धरोहर है, कुंभ मेला अमूर्त सांस्कृतिक विरासत है और दुधवा राष्ट्रीय उद्यान लखीमपुर खीरी में स्थित है।
11. References एवं Data Authentication
इस अध्याय के ऐतिहासिक, राजनीतिक, प्रशासनिक, जनसांख्यिकीय और सांस्कृतिक तथ्यों के सत्यापन के लिए सरकारी एवं अंतरराष्ट्रीय आधिकारिक स्रोतों को आधार बनाया गया है।
- उत्तर प्रदेश विधान सभा – इतिहास एवं प्रथम विधानसभा – पहली बैठक, प्रथम अध्यक्ष और विधानमंडल का ऐतिहासिक विकास।
- उत्तर प्रदेश विधान सभा – मुख्यमंत्री एवं प्रीमियर की सूची – मुख्यमंत्री और प्रीमियर के कार्यकाल।
- उत्तर प्रदेश विधान परिषद – राज्यपालों का कार्यकाल – सरोजिनी नायडू, H. P. Modi और अन्य राज्यपालों की तिथियाँ।
- उत्तर प्रदेश विधान सभा – Overview – विधानसभा, विधान परिषद और सदस्यों की संख्या।
- भारत की जनगणना – A-01 जिला-वार क्षेत्रफल एवं जनसंख्या – जिला तुलना के लिए आधिकारिक आधार।
- जिला प्रयागराज – Demography – जनगणना 2011 के अनुसार जिला जनसंख्या और क्षेत्रफल।
- जिला हापुड़ – Demography – जिला क्षेत्रफल एवं प्रशासनिक विवरण।
- जिला हापुड़ – About District – जिले के गठन और प्रशासनिक इतिहास का विवरण।
- UNESCO – Kumbh Mela – 2017 में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में सम्मिलन।
- UNESCO World Heritage – Taj Mahal – ताजमहल का विश्व धरोहर विवरण।
- UNESCO World Heritage – Agra Fort – आगरा किले का विश्व धरोहर विवरण।
- UNESCO World Heritage – Fatehpur Sikri – फतेहपुर सीकरी का विश्व धरोहर विवरण।
- उत्तर प्रदेश सरकार – State Profile – राज्य की सामान्य एवं प्रशासनिक विशेषताएँ।
12. Noble Exam City – संबंधित अध्ययन सामग्री
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