संज्ञा- (Noun (Sangya) in Hindi) सामान्य हिन्दी

0

 संज्ञा- (Noun (Sangya) in Hindi) सामान्य हिन्दी 


प्रिय विद्यार्थियों इस पोस्ट में हम समास की चर्चा करेंगे। संज्ञा बहुत सी प्रतियोगी परीक्षाओं में हिंदी के टॉपिक में पूछा जाता है। UPSSSC PET, UPSSSC Lekhapal, UP Police, UP Sub-Inspector, UPSCS, SSC Delhi Police etc.



संज्ञा-

किसी जाति, द्रव्य, गुण, भाव, व्यक्ति, स्थान और क्रिया आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं।

जैसे - पशु (जाति), सुन्दरता (गुण), व्यथा (भाव), मोहन (व्यक्ति), दिल्ली (स्थान), मारना (क्रिया)।


यह पाँच प्रकार की होती है --

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा

2. जातिवाचक संज्ञा

3. समूहवाचक संज्ञा

4. द्रव्यवाचक संज्ञा

5. भाववाचक संज्ञा

व्यक्तिवाचक संज्ञा

जिन शब्दों से किसी विशेष व्यक्ति, स्थान अथवा वस्तु के नाम का बोध हो, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं।

यथा- जयपुर, दिल्ली, भारत, रामायण, अमेरिका, राम इत्यादि।

जातिवाचक संज्ञा


जिस शब्द से किसी प्राणी या वस्तु की समस्त जाति का बोध होता है,उन शब्दों को जातिवाचक संज्ञा कहते हैं।

यथा- घोड़ा, फूल, मनुष्य,वृक्ष इत्यादि।

समूहवाचक संज्ञा


जब किसी संज्ञा शब्द से व्यक्ति या वस्तु के समूह का बोध होता है तब उसे समूहवाचक संज्ञा कहते हैं।

यथा- परिवार, कक्षा, सेना, भीड़, पुलिस आदि।

द्रव्यवाचक संज्ञा


जब किसी संज्ञा शब्द से किसी द्रव्य का बोध हो तो उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं।

यथा- पानी, लोहा, तेल, घी, दाल, इत्यादि।

भाववाचक संज्ञा:


जिस संज्ञा शब्द से पदार्थों की अवस्था, गुण-दोष, भाव या दशा, धर्म आदि का बोध हो उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं। यथा- बुढ़ापा, मिठास, बचपन, मोटापा, चढ़ाई, थकावट आदि।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)